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आनेवाले टाइमटेबल में यह गाड़ियाँ होंगी परावर्तित।

ज़ीरो बेस टाइमटेबलींग के चलते रेल प्रशासन ने निम्नलिखित 50 जोड़ी गाड़ियोंका मार्ग परावर्तित करने का निर्णय लिया है। ऐसे तो यह मार्ग परिवर्तन सम्बंधित मार्ग पर हमेशा यात्रा करनेवालोंको तुरन्त समझ आता है, लेकिन हमने आपको यह परावर्तित मार्ग को मैप के जरिए समझाने का प्रयास किया है। इन मैप्स के लिए हम इण्डिया रेल इन्फो को आभारी है।

निम्नलिखित परीपत्रक 6 पृष्ठ का है, और उसपर एक एक जोड़ी गाड़ी के नम्बर के साथ उनका कहाँ से कहाँ तक चलती है, नियमित मार्ग, नियोजित मार्ग, नियमित स्टापेजेस का रद्द होना और नियोजित मार्ग के नए स्टापेजेस इस प्रकार रचना है। इस पूरे 6 पेज के परीपत्रक के आगे, हमने आपकी सहायता हेतु प्रत्येक गाड़ी का नियमित मार्ग का मैप दे रहे है और साथ ही परावर्तित, नियोजित मार्ग के बारे में विवरण। आशा है, यह आपको रेल के रूट्स, मार्ग समझने बेहद मददगार साबित होगा।

परीपत्रक में आइटम नम्बर 4 से गाड़ियोंकी लिस्ट शुरू हुई है।

1: 19419/20 अहमदाबाद चेन्नई अहमदाबाद द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस

2: 22919/29 अहमदाबाद चेन्नई अहमदाबाद हमसफ़र साप्ताहिक एक्सप्रेस

3: 82653/54 यसवंतपुर जयपुर यसवंतपुर साप्ताहिक सुविधा एक्सप्रेस

यह तीनों गाड़ियाँ वसई रोड़ से आगे नियमित पनवेल होकर जाने की बजाय कल्याण स्टेशन से होकर कर्जत जाएगी।

4: 15705/06 कटिहार दिल्ली कटिहार चंपारण सत्याग्रह द्विसाप्ताहिक हमसफ़र एक्सप्रेस यह गाड़ी कटिहार से रुसैरा घाट तक पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया होकर चलती है, जिसे नौगाचिया होकर चलाया जाएगा। आइए मैप से समझते है।

5: 12253/54 यसवंतपुर भागलपुर यसवंतपुर साप्ताहिक अंग एक्सप्रेस

6: 12507/08 सिल्चर तिरुवनंतपुरम सिल्चर साप्ताहिक अरुणौई एक्सप्रेस

7: 12509/10 गौहाटी बेंगालुरु कैंट गौहाटी त्रै साप्ताहिक एक्सप्रेस

8: 12513/14 गौहाटी सिकन्दराबाद गौहाटी साप्ताहिक एक्सप्रेस

9: 12515/16 सिल्चर तिरुवनंतपुरम सिल्चर साप्ताहिक एक्सप्रेस

10: 15227/28 मुजफ्फरपुर यसवंतपुर मुझफ़रपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस

11: 22501/02 न्यू तिनसुकिया बेंगालुरु न्यू तिनसुकिया साप्ताहिक एक्सप्रेस

12: 22511/12 कामाख्या लोकमान्य तिलक टर्मिनस कामाख्या साप्ताहिक एक्सप्रेस

यह आठों जोड़ी गाड़ियाँ अब हावड़ा, सांतरागाछी स्टेशन होकर नही जाएंगी, भट्टनगर होकर निकल जाएगी। कृपया मैप पे जान ले।

13: 55007/08 गोरखपुर पाटलिपुत्र गोरखपुर सवारी गाड़ी कप्तानगंज, थावे, सिवान के बजाय थावे के बाद गोपालगंज, मसरख होते हुए छपरा की ओर जाएगी।

14: 13149/50 अलीपुरद्वार सिलड़ाह अलीपुरद्वार कंचनकन्या डेली एक्सप्रेस

15: 13245/46 न्यू जलपाईगुड़ी राजेन्द्रनगर न्यू जलपाईगुड़ी त्रै साप्ताहिक कैपिटल एक्सप्रेस

16: 13247/48 कामाख्या राजेन्द्रनगर कामाख्या कैपिटल एक्सप्रेस सप्ताह में चार दिन

17: 15483/84 अलीपुरद्वार दिल्ली अलीपुरद्वार सिक्किम महानंदा डेली एक्सप्रेस

यह चार जोड़ी गाड़ियाँ बागडोगरा होकर जाएगी, 3 जोड़ी गाड़ियोंमे तो न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन बाईपास हो रहा है।

18: 15929/30 डिब्रूगढ़ ताम्बाराम डिब्रूगढ़ साप्ताहिक एक्सप्रेस यह गाड़ी नए बने बोगिबिल रेल ब्रिज से धेमाजी होकर गुजरेगी। इस वजह से लमडिंग, गौहाटी जैसे स्टेशन इस गाड़ी के मार्ग से स्किप हो रहे है।

21: 12715/16 हुजुरसाहिब नान्देड अमृतसर हुजुरसाहिब नान्देड सचखण्ड डेली एक्सप्रेस

24: 14011/12 दिल्ली होशियारपुर दिल्ली डेली एक्सप्रेस

26: 14609/10 हृषिकेश श्री माता वैष्णो देवी कटरा हृषिकेश हेमकुण्ट डेली एक्सप्रेस

27: 14631/32 देहरादून अमृतसर देहरादून लाहौरी डेली एक्सप्रेस

31: 18101/02 राउरकेला जम्मूतवी राउरकेला डेली एक्सप्रेस

यह पाँच जोड़ी गाड़िया अब अम्बाला से सरहिन्द होते हुए सनेहवाल जाती थी जो अब अम्बाला से चंडीगढ़ होते हुए सनेहवाल जाएगी। इससे चंड़ीगढ़ की कनेक्टिविटी काफी बढ़ रही है।

20: 12237/38 वाराणसी जम्मूतवी वाराणसी बेगमपुरा डेली एक्सप्रेस

22: 13009/10 हावड़ा देहरादून हावड़ा दून डेली एक्सप्रेस

23: 13307/08 धनबाद फिरोजपुर धनबाद गंगा सतलज डेली एक्सप्रेस

30: 15667/68 गांधीधाम कामख्या गांधीधाम साप्ताहिक एक्सप्रेस

यह चार जोड़ी गाड़ियाँ वाराणसी से लखनऊ के बीच जफराबाद, फैज़ाबाद, बाराबंकी मार्ग के बजाए प्रतापगढ़, रायबरेली होकर चलेगी।

25: 14307/08 बरेली प्रयागराज संगम बरेली डेली एक्सप्रेस लखनऊ से प्रयाग के बीच रायबरेली, प्रतापगढ़, फाफामऊ होकर जाने के बजाए लखनऊ रायबरेली से ऊंचाहार होकर फाफामऊ और प्रयाग जाएगी।

28: 14649/50 और 29: 14673/74 जयनगर अमृतसर जयनगर शाहिद एक्सप्रेस मोरादाबाद से दिल्ली होते हुए अम्बाला की ओर निकलती थी। नए परावर्तित मार्ग में यह दोनों गाड़ियाँ दिल्ली नही जाएगी बल्कि मोरादाबाद से नजीबाबाद, सहारनपुर होते हुए अम्बाला जाएगी।

32: 19307/08 इन्दौर चंडीगढ़ इंदौर साप्ताहिक एक्सप्रेस हज़रत निजामुद्दीन, नई दिल्ली, पानीपत, अम्बाला होकर चलती थी जिसे अब हज़रत निजामुद्दीन से मेरठ सिटी होकर गाज़ियाबाद से अम्बाला परावर्तित किया जा रहा है।

33: 19805/06 कोटा उधमपुर कोटा साप्ताहिक एक्सप्रेस नई दिल्ली, अम्बाला राजपुरा होते हुए लुधियाना होकर जा रही थी जिसे काफी अलग मार्ग से परावर्तित किया जा रहा है। यह गाड़ी अब नई दिल्ली से रोहतक, जाखल, धुरी होते हुए लुधियाना और फिर आगे उधमपुर की ओर बढ़ेगी।

34: 54075/76 सीतापुर दिल्ली सीतापुर सवारी रायबरेली मार्ग के बजाय चंदौसी होकर चलाई जाएगी।

35: 54471/72 दिल्ली हृषिकेश सवारी और 36: 54475/76 दिल्ली हरिद्वार दिल्ली सवारी यह दोनों गाड़ियाँ अब सहारनपुर बाईपास होकर टपरी जंक्शन होकर चलेगी।

37: 11301/02 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस बेंगालुरु छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस उद्यान डेली एक्सप्रेस गुंटकल के बाद गुटी होते हुए धर्मावरम बेंगालुरु निकलती थी जिसे गुंटकल से गुति की बजाय गुलापल्यामु कालुरु धर्मावरम होते हुए बेंगालुरु चलाया जाएगा।

38: 12783/84 सिकन्दराबाद विसाखापट्टनम सिकन्दराबाद AC एक्सप्रेस काजीपेट, विजयवाड़ा होकर चलाया जा रहा था अब सिकन्दराबाद से छूटने के बाद यह गाड़ी पगिदीपल्ली कैबिन से नालगोण्डा, नदिकूड़ी, गुंटूर, विजयवाड़ा होकर परावर्तित मार्ग से आगे जाएगी।

39: 18111/12 यसवंतपुर टाटानगर यसवंतपुर यह गाड़ी अब गुंटकल बाईपास कर के चलेगी।

40: 18561/62 विसाखापट्टनम काचेगुड़ा विसाखापट्टनम डेली एक्सप्रेस अब विजयवाड़ा बाईपास करते हुए रायनापाडु कैबिन से निकल जाएगी।

41: 56503/04 बेंगालुरु कैंट विजयवाड़ा बेंगालुरु कैंट सवारी गुंटकल बाईपास करते चलेगी।

42: 12295/96 बेंगालुरु दानापुर बेंगालुरु संघमित्रा डेली एक्सप्रेस और 43: 12687/88 मदुराई देहरादून मदुराई द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस पैरामबुर होते हुए चेन्नई सेंट्रल स्टेशन को बाईपास करते निकलेगी।

44: 22659/60 कोचुवेली देहरादून कोचुवेली साप्ताहिक एक्सप्रेस अब अलेप्पी होकर चलाई जाएगी।

अब पांच जोड़ी गाड़ियाँ है, जो की भोपाल स्टेशन को बाईपास कर, संत हिरदाराम नगर स्टेशन से निशातपुरा होते हुए विदिशा की ओर निकल जाएगी।

45: 14319/20 बरेली इन्दौर बरेली एक्सप्रेस

46: 19313/14 इन्दौर राजेन्द्रनगर इन्दौर एक्सप्रेस

47: 19321/22 इन्दौर राजेन्द्रनगर इन्दौर एक्सप्रेस

48: 19413/14 अहमदाबाद कोलकाता अहमदाबाद एक्सप्रेस

49: 22911/12 इन्दौर हावड़ा इन्दौर क्षिप्रा एक्सप्रेस

50: 12959/60 दादर भुज दादर यह गाड़ी अहमदाबाद आने के बाद चांदोलिया खोडियार होकर भुज के लिए आगे बढ़ती थी, जिसे अब अहमदाबाद, साबरमती खोडियार भुज ऐसा सीधा परावर्तित किया जा रहा है।

मित्रों, हमने लगभग सारे परावर्तित मार्ग के मैप यहाँपर दिए है। जो डार्क लाइन है वह गाड़ी का नियमित मार्ग है, उसकी के पास का मार्ग परावर्तित मार्ग है।

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तय हुवा CRS प्रोग्राम

इस CRS से महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित नागपुर छिंदवाड़ा का मार्ग भी खुलेगा। साथ ही जबलपुर गोंदिया मार्ग पर भी निरीक्षण होगा।

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भाँप के इंजिन गए, अब बारी डीजल लोको की….

“झुक झुक गाड़ी” कुछ याद आया? अरे भाई, बचपन मे हम लोग रेल गाड़ी को यही तो बोलते थे। आजकल हमारे नाती-पोते हमसे पूछते है, आप रेल्वेज को झुक झुक गाड़ी क्यों बोलते थे? तब उनको हम लोग भाँप से चलने वाले इंजिनोंकी गाड़ियोंके चित्र या पुराने व्हिडियो दिखाते है और स्टीम लोको की झुक झुक आवाज, उसकी कुsssक बजने वाली सिटी की आवाज मुँह से निकालकर समझाते है। बहुतें स्टीम इंजिन रेलवे के बड़े दफ़्तरोंकी शोभा बढाने उनके कार्यालयोंके, या स्टेशनोंके बाहर सजाए रखे है। कभी कभार कोई जोनल रेलवे अपने क्षेत्र में भाँप वाले इंजिन हैरिटेज रन में चलाते है।

जो हाल भाँप के इंजिनोंका हुवा क्या डीजल लोको भी हैरिटेज श्रेणी में चला जाएगा? परिस्थतियाँ तेजी से बदल रही है। रेल मंत्रालय ने रेलवे बोर्ड को हिदायत दी है, वर्ष 2022 तक रेलवे की पटरी से डीजल लोको हटाए जाने है। भारतीय रेलवे में सभी रेल मार्ग पर विद्युतीकरण का काम जोरशोर से चल रहा है। यहाँतक की पुराने इलेक्ट्रिक लोको भी अपग्रेड, उन्नत किए जाएंगे। सभी इलेक्ट्रिक लोको 10 से 12 हजार हॉर्सपावर क्षमता के होने चाहिए ऐसा लक्ष्य निर्धारित किया जा रहा है। ऐसा होनेपर ही मालगाड़ियाँ 100-120 और यात्री गाड़ियाँ 160-200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल पाएगी।

शुरू में DLW वाराणसी जहाँ पर यह डीजल के लोको का निर्माण होता है, उन्हे इलेक्ट्रिक लोको में परावर्तित करने की व्यवस्था की गई थी, काम भी शुरू हो गया था पर जो खर्च कन्वर्शन में लग रहा है, उससे तो नए इलेक्ट्रिक लोको निर्माण करना ज्यादा फायदेमंद नजर आ रहा है। अब परेशानी यह है की आज की तारीख में भारतीय रेलवे के बेड़े में करीबन 5500 डीजल इंजिन कार्यरत है और इनको निवृत्त किए जाने की अवस्था भी दूर दूर तक नही है। वहीं करीबन 7000 इलेक्ट्रिक लोको है और हर वर्ष नए 700 लोको बनाए जा रहे है।

DLW में डीजल इंजिन को इलेक्ट्रिक में परावर्तित किया गया
जनरल इलेक्ट्रिक के सहयोग से बना डीजल इंजिन

ऐसी अवस्थामें इन डीजल लोको का क्या किया जाए यह पेच भारतीय रेल के सामने पड़ा है। अब इन्हें बेचे, भंगार में डाल दे, या किसी दूसरे देश को निर्यात करे, बड़ा संकट है। हाल ही में 10 डीजल लोको बांग्ला देश की रेलवे को भेजे गए। और तो और 4500 हजार नए डीजल इंजिन मेक इन इंडिया की योजना के तहत बिहार में जनरल इलेक्ट्रिक कम्पनी के अनुबंध में बनाए जा रहे, जो कुछ ही वर्षोंमें भारतीय रेलवे के गले पड़ने वाले है। हाल यह है, की विदेशोंमें भी रेलवे की ब्रॉड गेज लाइनें काफी सीमित है। याने अपने ही खप नही रहे और नया माल बनकर आ रहा है।

जब इलेक्ट्रिक इंजिन के फ़ायदोंको देखते है तो इन डीजल इंजिनोंका रखरखाव करना भी चुभता है। पूरे देशभर में 42 से ज्यादा डीजल लोको शेड्स बने हुए है। कुल मिलाकर परिस्थितियां बिकट होती जानेवाली है।

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क्या यह उचित है?

आज रेलवे से थोड़ा हटके।

कोरोना महामारी का क्या कहर हमारे देश मे और विदेशोमे भी बरपा है यह समझाने की शायद ही किसी को जरूरत हो। जिन लोगोंने इस महामारी को पास से देखा है, भुगता है या किसी अपने को खोया है वह तो इसके नाम से तक नफ़रत करता होगा।

लेकिन यह कितने दुर्भाग्य की बात है, केवल हर किसी की जुबाँ पर, कानोंमें इसी महामारी का नाम फैला है। हर तरह की मीडिया की 75% खबर आजकल इसी नाम से जुड़ी है तो क्या आप उस नाम से खाने की डिश बना लोगे?

आज मीडिया में एक पोस्ट पर नजर गयी तो हमसे रहा नही गया और हमने विषयांतर करते हुए यह पोस्ट जारी की।

मास्क के आकार की नान और कोरोना विषाणु जिसका आकार हमे मिडियाने दिखाया, उसी आकार में बनाई गई सब्जी। नाम कोरोना करी विथ मास्क नान। ताज्जुब की बात और है यह कोरोना विषाणु सब्जी कहते है कि शुद्ध शाकाहारी डिश है और मास्कनुमा रोटी के साथ खाने के लिए परोसा जाता है।

कैसा बेहूदापन है? परमात्मा, इस चीज का निर्माण करनेवाले, इसको बनानेवाले और इसको खाने वालोंके सोच में कुछ सकारात्मक सामाजिक विचार निर्माण करने की कृपा करें ऐसी सच्चे मन से प्रार्थना।

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महामारी काल की मार, रेलवे प्रोजेक्ट्स होंगे बेहाल

रेल बजट में रेलवे के सभी क्षेत्रीय कार्यालय अपने अपने क्षेत्रोंके आवश्यक, अतिआवश्यक कार्य के लिए रेलवे बोर्ड से अपनी मांगे रखते है और रेलवे बोर्ड उसे आवश्यकता नुसार मंत्रालय को सौपता है। अर्थ मंत्रालय कुल राशि रेल मंत्रालय को सम्मत करता है। सम्मति प्राप्त राशि रेल मंत्रालय जरूरत के अनुसार क्षेत्रोंको आबंटित करता है, तदनुसार रेलवे के विकास और अनुरक्षण याने रखरखाव के काम किए जाते है। यह जो भी आबंटन का ब्यौरा है उसे रेलवे की पिंक बुक कहा जाता है। ज्ञात रहे, वर्ष 2020-21 के सभी झोन, क्षेत्र के पिंक बुक हमने रेल दुनिया के पाठकोंको उपलब्ध कराए थे।

लेकिन इस महामारी के काल मे रेलवे की सभी यात्री गाड़ियाँ मार्च 22 से 12 मई तक बिल्कुल बन्द थी।उसके बाद 12 मई से 30 राजधानी गाड़ियाँ ढेरों बन्धन के साथ शुरू की गई, 1 जून से 200 मेल एक्सप्रेस गाड़ियाँ उसी प्रकार शुरू की गई। हाल यह है, की 4 – 5 राज्योने अपने राज्योंसे गुजरने वाली गाड़ियोंको मनाही कर रखी है। छिटपुट पार्सल गाड़ियाँ चल रही है, इन सबसे होनेवाली जो आय है, वह तो ऊँट के मुँह में जीरा। ऐसे में रेलवे का विकासकाम तो दूर कर्मचारियोंके वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियोंकी पेंशन देने के लिए भी निधि कम पड़ सकता है।

रेल प्रशासन का एक पत्र हम आपको दिखा रहे है जिसमे पिंक बुक 2020 – 21 में शामिल किए गए नए कार्यों / अम्ब्रेला कार्यों को ठंडे बस्ते में रखा जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, वे काम जो ट्रेनों के सुरक्षित चलने पर प्रभाव डालते हैं और जिन्हें आवश्यक माना जाता है और अपरिहार्य को मंजूरी के लिए माना जाता है। ऐसे कार्यों की अनिवार्यता की जांच संबंधित अतिरिक्त सदस्य, अतिरिक्त सदस्य / निर्माण और अतिरिक्त सदस्य / राजस्व द्वारा की जाएगी। जिन कार्यों को 2019-20 तक अनुमोदित किया गया है, लेकिन महत्वपूर्ण भौतिक प्रगति को आगे के आदेशों तक स्थिर रखा जाएगा, सिवाय उन लोगों को छोड़कर, जिन्हें आवश्यक रूप से ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक है। 2018 – 19 – 20 और 2020 – 21 के अम्ब्रेला वर्क्स का अप्रयुक्त प्रावधान, यदि कोई हो, निलंबित किया जा सकता है। क्षेत्रीय रेलवे / पीयू के जीएम उनके द्वारा पहले से स्वीकृत कार्यों की समीक्षा कर सकते हैं। आवश्यक और अपरिहार्य माने जाने वाले कार्यों की स्वीकृति के लिए छूट वित्त मंत्रालय से प्राप्त की जाएगी।

तो मित्रों महामारी की मार रेलवे के विकास पर तगड़ी पड़ी है।