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Railway relaxes refund rules for PRS counter generated tickets.

RELAXATION IN REFUND RULES TO AVOID CROWDING

PASSENGERS ARE ADVISED TO AVAIL THE FACILITY AND AVOID COMING TO RAILWAY STATION DURING THE SPREAD OF VIRUS.

Govt. Advisory in wake of Covid -19 to avoid crowding and practice social distancing. Indian Railways relaxes Refund Rules for PRS counter generated tickets.

All rules for e-ticket remain the same as passenger does not need to come to Station for refund of ticket.

This relaxation for PRS Counter Generated tickets is for journey period from 21st March – 15 April 2020.

1) CASE 1- Train cancelled by Railways for journey period 21 March – 15 April 2020.

• Refund across counter can be taken on submission of Ticket upto 45 days from date of journey. (Instead of extant rule of 3 hours/72 hours)

CASE 2: Train NOT cancelled. Passenger does NOT want to perform journey.

• TDR ( Ticket Deposit Receipt) can be filed within 30 days from date of journey at the station. (Instead of extant rule of 3 days)

• TDR can be submitted to CCO/ CCM Claims office for getting the refund within 60 days of filing of TDR subject to verification from Train chart. (Instead of extant rule of 10 days)

• for passengers who want cancel ticket through 139 can get refund across the counter within 30 days from date of journey. (Instead of extant rule of upto scheduled departure of the train.)

PASSENGERS ARE ADVISED TO AVAIL THE FACILITY AND AVOID COMING TO RAILWAY STATION DURING THE SPREAD OF VIRUS.

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पुणे रेलवे स्टेशन : आज की स्थिति

पुणे शहर न सिर्फ महाराष्ट्र बल्की देशभर में शैक्षणिक राजधानी कहलाता है। कोरोना संक्रमण के चलते पुणे के सारे शैक्षणिक संस्थान, क्लासेस को 31 तारीख तक बन्द किया गया है। पुणे और पुणे के ही उपनगर पिम्परी, चिंचवड़ में लॉक डाउन की स्थितियां है।

पुणे शहर से हजारों विद्यार्थी और सम्बंधित लोग अपने घरोंको लौट रहे है। पुणे स्टेशन पर यात्रिओंकी बेदम भीड़ का हुजूम है। यात्रिओंसे निवेदन है, स्टेशनपर भीड़ करने के बजाय ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर के ही स्टेशन की ओर जाए। रेल प्रशासन ने यात्रिओंकी सुविधा के लिए विशेष गाड़ियोंका प्रबंध किया है।

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22 मार्च जनता कर्फ्यू : भारतीय रेल की करीबन 3700 गाड़ियाँ होंगी रद्द।

रेल प्रशासन ने 22 मार्च के जनता कर्फ्यू में अपनी सारी सर्विसेज याने रेल गाड़ियाँ रेग्युलेट किए जाने की घोषणा की है। चूँकि जनता कर्फ्यू रविवार याने पब्लिक हॉलिडे के दिन रहेगा और पूर्वसूचना होने से यात्री भी रेल गाड़ियोंमे नही के बराबर ही रहने का अनुमान है। इसके मद्देनजर रेलगाड़ियां रेग्युलेट की जाएगी। अब यह किस तरह होगा इसके लिए प्रशासन ने कुछ गाइडलाइंस जारी की है।

उपनगरीय सेवाएं : मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और सिकंदराबाद में आम तौर पर रविवार को कम ही  सेवाए चलाई जाती है उसे और भी कम याने अत्यावश्यक रूपसे जितनी जरूरी है केवल उतनी ही गाड़ियाँ चलाना है और इसका जिम्मा सम्बंधित ज़ोनल रेलवे के अधिकारी करेंगे।

सवारी गाड़ियाँ : दिनांक 21 को रात 12 बजे से 22 की रात 10 बजे तक याने करीबन 24 घंटोंमे शुरू होने वाली सवारी गाड़ियाँ नही चलाई जाएगी। ( जो की करीबन 2400 गाड़ियाँ है। ) जो गाड़ियाँ उपरोक्त समय से पहले चल पड़ी है और सुबह 7 बजे भी चलती जा रही है, उन्हें उनके गंतव्य स्टेशन तक की यात्रा पूरी करवाई जाएगी, और यदि यह गाड़ियाँ भी बिना किसी यात्री के चल रही है तो उन गाड़ियोंको भी शार्ट टर्मिनेट किया जा सकता है यह निर्णय सम्बंधित डिवीजन ले सकेगा।

लम्बी दूरीकी मेल / एक्सप्रेस और इन्टरसिटी गाड़ियाँ : जितनी भी लम्बी दूरी के लिए चलनेवाली मे/एक्स/इन्टरसिटी गाड़ियाँ जो दिनांक 22 मार्च को सुबह 4 बजे से लेकर रात 10 बजे तक अपने स्टार्टिंग स्टेशन से रवाना होती है, नही चलाई जाएगी। ( यह करीबन 1300 गाड़ियाँ रहेगी ) जो गाड़ियाँ 22 तारीख को सुबह 7 बजे अपने मार्गोंपर चल रही है, उन्हें चलाए रखा जाएगा और अपने गंतव्य तक पोहोंचाया जाएगा।

जो भी गाड़ियाँ उपरोक्त सूचनाओंके तहत रद्द की जाएगी, यात्रिओंको उनके टिकटोंके रिफण्ड नियमानुसार दिया जाएगा।

जो यात्री 22 तारीख को अपनी यात्रा सम्पन्न कर किसी स्टेशनपर उतरते है और जनता कर्फ्यू के चलते स्टेशनपर ही रुकना चाहे तो वह रेलवे के विश्रामालय, सम्बंधित स्टेशन अथॉरिटी की निगरानीमें रुक सकते है।

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कोरोना संक्रमण के विपदा मे भी डटे है रेल कर्मी, निभा रहे है कर्तव्य।

जनता कर्फ्यू : दिनांक 22 की रात 0.00 से दिनांक 22 की 24.00 तक याने पूरे 24 घंटे भारतीय रेलवे सेवा पूर्णतया बन्द रहेगी।

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जो पाबन्दियाँ रेल प्रशासन लगाती जा रही है, उससे संक्रमण रोकने में और यात्रिओंकी भीड़ कम करने का जो उद्देश्य है वह काफी हद तक कामयाब हो रहा है। दिन ब दिन रेलगाड़ियों में यात्रिओंकी संख्या घटते जा रही है और उस हिसाबसे रेल प्रशासन अपनी गाड़ियोंके फेरे कम कम करते जा रही है।

यात्रिओंको अनावश्यक रेल यात्रा से हतोत्साहित करने के लिए रेलवे ने अपनी सारी रेल टिकटोंमे दी जाने वाली रियायतोंको अगली सूचना मिलने तक रद्द कर दिया है। इसमें दिव्यांग और विविध आरोग्य अवस्थासे पीडितोंकी रेल किरायोंमे दी जाने वाली रियायत जारी रहेगी। साथ ही अनावश्यक रूपसे रेल प्लेटफॉर्म्स पर आने वाले आगंतुकों को रोकने के लिए भी RPF और कर्मशियल स्टाफ़ मुस्तैदी से जुटा हुवा है। प्लेटफार्म टिकट की कीमत ₹50/- कर दी गयी है। कुछ यात्री आसपास के स्टेशनका सवारी गाड़ी का टिकट ₹10/- वाला लेकर प्लेटफॉर्म्स पर घुस तो जाते है लेकिन वापसी में पकड़े जा रहे है। यात्रिओंसे नम्र निवेदन है, रेलवे प्रशासन को सहकार्य करें। रेल प्रशासन की मंशा समझें, वे लोग आपसे पैसा कमाने के लिए ऐसा नही कर रहे है बल्कि आपको भीड़ से, कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए यह सब कर रहे है।

गाड़ियोंके परिचालन कम करने से सभी वर्ग के रेल कर्मचारियोमे के उपस्थितिमें भी कमी लायी जा रही है। लोंको पायलट, गार्ड, कमर्शियल स्टाफ़, मेंटेनेन्स स्टाफ़ जरूरत के हिसाब से कम किया जा रहा है। वैसे भी रेलवे सर्विसेज अत्यावश्यक श्रेणी में आती है। रेलवे के अधिकारी अपने सारे कर्मचारीओंके साथ यथोचित सावधानियां बरतते हुए काम में जुटे हुए है।

जिस तरह देश की सीमापर जवान डटे रहते है, ठीक उसी तरह आज हमारे देश मे डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ, सभी यातायात सम्बंधित स्टाफ़ जिसमे सार्वजनिक परिवहन बसेस, मेट्रो रेलवे, रेलवे सेवाएं हवाई सेवाएं संभालने वाले अधिकारी एवं कर्मचारीगण इतने संक्रमण भरे वातावरण में अपना फर्ज निभा रहे है।

आइये, इन सारे कर्मियोंका हम सन्मान करते है, उनका आभार प्रकट करके, उनके फर्ज निभानेके हौसलोंको बुलंद करते है। हमे भी इनके इस जद्दोजहद में साथ दे सकते है, अनावश्यक भीड़ न करते हुए अपने घरोंमें रहकर, अपने सारे काम ऑनलाईन पेमेंट्स के जरिए, अपनी मेलजोल VDO कॉलिंग करते हुए हम सहयोग कर सकते है।