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जनवरी से दक्षिण एक्सप्रेस की लिंक नही जाएगी विशाखापत्तनम।

निजामुद्दीन हैदराबाद के बीच 12721 / 12722 दक्षिण एक्सप्रेस चलती है और काज़िपेट में इसका विभाजन होकर 12861 /12862 नामक दक्षिण लिंक एक्सप्रेस विशाखापत्तनम के लिए जाती है।
रेल प्रशासन ने इस विभाजन को बंद कर 12721 /12722 दक्षिण एक्सप्रेस को सीधे हैदराबाद और निजामुद्दीन के बीच चलते रखने का नियोजन किया है और 12861 /12862 लिंक एक्सप्रेस को बंद करते हुए उसके स्थान पर दिनांक 26 जनवरीसे 18561 विशाखापत्तनम से काचेगुड़ा और 18562 काचेगुड़ा से विशाखापत्तनम के बीच एक नयी डेली, रोजाना गाड़ी चलाई जाएगी और उसी प्रकार 27 जनवरीसे 18562 काचेगुड़ा से विशाखापत्तनम के लिए चलेगी।
इससे इस मार्ग के यात्रिओंको ज्यादा सहूलियत रहेगी।

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खुशखबर : नागपुर छिंदवाड़ा रेल संपर्क नवम्बर में शुरू होगा, जबलपुर गोंदिया गेज कन्वर्जन का काम भी अंतिम चरणोंमें।

नागपुर से छिंदवाड़ा के बीच बड़ी रेल लाइन निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। भण्डारकुण्ड और भिमालगोंदी के बीच की 20 km लाइन का काम ही बाकी था वह भी पूरा हो चुका है। नवम्बर के पहले या दूसरे सप्ताह में CRS इंस्पेक्शन करवाया जाएगा और उसके बाद यात्री गाड़ी चलाई जाने की संभावना है।

उसी प्रकार बहुचर्चित, बहुप्रतीक्षित जबलपुर गोंदिया का गेज कन्वर्जन का कार्य भी अंतिम चरणोंमें है। जबलपुर से नैनपुर का कार्य पूर्ण हो चुका है, और गोंदिया की ओरसे पादरीगंज तक का काम पूरा हो गया है बस नैनपुर से पादरीगंज का काम बचा है। जब यह पर मार्ग ट्रैफिक के लिए खुलेगा तो शुरू दिन से ही इलेट्रीफाइड रेल मार्ग उपलब्ध रहेगा।

जबलपुर से गोंदिया रेल मार्ग कुल 229 km का है और गोंदिया से बल्हारशहा 249 km याने जबलपुर से बल्हारशहा वाया गोंदिया 478 km पड़ता है। जिसमे 2 बड़े और व्यस्ततम जंक्शन इटारसी और नागपुर बाईपास होते है। फिलहाल जबलपुर से बल्हारशहा 751 km है, याने उत्तर से दक्षिण मार्ग पर सीधी 273 km की बचत हो गई।

इस मार्गपर कुल 16 गाड़ियाँ चलती है जिसमे केवल 2 गाड़ियाँ रोजाना है। इस मार्ग के नैनपुर, मंडला, बालाघाट के लोगोंको तो कमसे कम 6 नई या डाइवर्ट की गई, उत्तर में दिल्ली, इलाहाबाद, वाराणसी को दक्षिण भारत के बंगलुरू, तिरुवनंतपुरम को जोड़ने वाली गाड़ियोंकी अपेक्षा है। जबलपुर से मंडुआडीह और दिल्ली जानेवाली महाकौशल एक्सप्रेस को बालाघाट से चलाए जाने की कोशिशें शुरू हो गयी है।

यह भारतीय रेल के उत्तर दक्षिण कॉरिडोर का महत्वकांक्षी गेज कन्वर्जन साबित होंने जा रहा है।

फोटो मैप और जानकारी : इंडिया रेल इन्फो से साभार

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दिवाली और छठ पूजा पर्व पर रेलवे की विशेष गाड़ियाँ।

दिवाली और छठ पूजा पर्व पर रेलवे की विशेष गाड़ियाँ।
नई दिल्ली दरभंगा नई दिल्ली, नई दिल्ली सहरसा नई दिल्ली, आनंद विहार जोगबनी आनंद विहार, कानपुर दुराई कानपुर, इलाहाबाद आनंद विहार इलाहाबाद, हबीबगंज रीवा हबीबगंज, यसवंतपुर बेलगावी यसवंतपुर, मैसूरु विजयपुरा मैसूरु।

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हरिद्वार की ओर जाने वाले यात्री कृपया ध्यान दे।

हरिद्वार की यात्रा करना कठिन होने वाला है, चूँकी उत्तर रेलवे के मोरादाबाद विभाग में रेलवे के अनुरक्षण कार्य चलाए जा रहे है, इसलिए कई गाड़ियाँ पुर्णतया रद्द तो कुछ हरिद्वार के पहले ही रद्द की जा रही है।

पश्चिम रेलवे की 19565/19566 ओखा देहरादून ओखा एक्सप्रेस दिनांक 15 नवम्बर से 02 फरवरी तक पुर्णतया रद्द रहेगी।

19031 /19032 अहमदाबाद हरिद्वार अहमदाबाद एक्सप्रेस 09 नवम्बर से 07 फरवरी तक मेरठ सिटी तक ही जाएगी और वहींसे अहमदाबाद के लिए रवाना हो जाएगी। यह गाड़ी मेरठ सिटी और हरिद्वार के बीच रद रहेगी।

14712 /14711 श्रीगंगानगर हरिद्वार श्रीगंगानगर एक्सप्रेस 10 नवम्बर से 07 फरवरी तक अम्बाला तक ही जाएगी और वहींसे श्रीगंगानगर के लिए रवाना हो जाएगी। यह गाड़ी अम्बाला और हरिद्वार के बीच रद रहेगी।

परिपत्रक

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रिजर्व क्लास में अनाधिकृत यात्री

कल रेलदुनिया पर ‘ प्राइवेटाइजेशन, रेलवे की हतबलता ‘ इस शीर्षक से एक आर्टिकल प्रकाशित किया गया था। उसी थ्रेड को आज आगे बढाते है।

कल के आर्टिकल के साथ तेजस एक्सप्रेस में मांगनेवाले की फोटो थी और हमने रिजर्व डब्बोंमे अनाधिकृत प्रवेश का विषय छेड़ा था। रिजर्व क्लास में AC के फर्स्ट क्लास , 2 टियर, 3 टियर, चेयर कार, 2S और स्लिपर क्लास के डिब्बे आते है। इन सबमे, सबसे ज्यादा परेशानी स्लिपर क्लास के कन्फर्म टिकट धारकोंको होती है।

रोजाना अप डाउन करनेवाले MST पास, सीजन टिकट धारक, वेटिंग लिस्ट के PRS टिकट धारी यात्री, अनाधिकृत विक्रेता, तृतीयपंथी, मांगने वाले, और तो और सेकंड क्लास के टिकट धारी यात्री यह सब लोग स्लिपर क्लास के डिब्बामे चलते रहते है। यह अधिकृत यात्रिओंके लिए बहोत बड़ी समस्या है, जिसपर नाही रेल मंत्री और नाही प्रशासन गौर करना चाहते है।

ह्यूमिनिटी ग्राउंड या कहें मानवता के आधार पर प्रतिक्षासूची के यात्री स्लिपर क्लास में अधिकृत यात्रिओंके साथ, उनकी अप्पर बर्थपर या पैसेज में बैठ कर सफर करते रहते है। तकलीफ यह है की PRS की टिकट वेटिंग रहने के बावजूद ऑटोमेटिक कैंसल नही होती और एक कन्फर्म टिकट जितना ही किराया दे चुके यात्री किसी हालात में स्लिपर डिब्बा छोड़ने को तैयार नही रहते। किसी न किसी मजबूरी में, इमरजेंसी में व्यक्ति को यात्रा के लिए निकलना पड़ता है। कोई नही सोचता की उसे वेटिंग टिकट पे यात्रा करनी पड़े। जब टिकट चार्टिंग के बाद भी वेटिंग रह जाए तो वह भी क्या करे? और कन्फर्म यात्री भी कभी न कभी इस दौर से गुजरा होता है, इसी ख़ातिर यह सब 72 और LHB में 81 व्यक्तियोंकी क्षमता के डिब्बो में दुगुने लोग डिब्बेके फर्श पर, पैसेजेस में, यहाँ तक की बर्थ के नीचे घुसकर अपनी यात्रा किसी तरह पूरी करते है।

प्रशासन की समस्या यह है, PRS में वेटिंग लिस्ट रहने वाले कितने लोग अपना टिकट कैसल करेंगे यह उन्हें पता नही रहता। याने गाड़ी में निश्चित रूपसे कन्फर्म यात्रिओंके साथमे और कितने सेकंड क्लास के यात्री, वेटिंग लिस्ट के यात्री सफर कर रहे है। जनरल डिब्बे में भी क्षमता से कितनेही ज्यादा लोग सफर करते रहते है, इसकी कोई भी निश्चित ख़बर रेल प्रशासन को है ही नही। सुनने में ही कितना भयावह लगता है?

मानवता के आधार पर सोचें तो, प्रतिक्षासूची के और सेकेंड क्लास के यात्रिओंने क्या रेलवे में बैठ कर जाने का, या शांति से सफर करने का सोचनाही नही चाहिए?और MST/QST धारक तो रेलवे के अग्रिम किराया दे चुके यात्री है, एखाद दो घंटे का सफर करते है, क्या इनके बैठ के जाने का कोई हक नही है?

इसके लिए कुछ हल, हम प्रस्तुत करने का प्रयत्न कर रहे है।

1) सर्व प्रथम PRS सिस्टम को पूर्णतया e टिकट में बदलने की जरूरत है, ताकी वेटिंग लिस्ट टिकट चार्टिंग के बाद अपनेआप रद्द हो जाए और रद्द हुवा टिकट धारी यात्री अपनी यात्रा की कोई दूसरी व्यवस्था की ओर ध्यान दे।

2) MST धारकोंको लिए विशेष डिब्बे का प्रावधान हो, ताकी वह इधर उधर बैठनेकी खड़ा होने की कोशिश न करके केवल अपने डिब्बे में ही सफर करेंगे।

3) अनाधिकृत विक्रेता, भीख मांगनेवाले और तृतीयपंथी से निपटने के लिए RPF कृतिदल बनाया जाए।

यह सब शीघ्रतासे बदलने की जरूरत है। आज इस लेख के माध्यम से हम रेल मंत्रीजी से गुजारिश करते है, उपरोक्त समस्योंमे दख़ल दे और इसका निराकरण अग्रक्रम से करें।