भारतीय रेल के रोजमर्रा के कार्यकलापोंपर आधारित बेहद भावस्पर्शी लघु चित्र।
Stories/ News Alerts
भुसावल रेल मंडल ने मनाया गांधी जयंती का राष्ट्रीय त्यौहार।
इस वर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती का त्यौहार रेल प्रशासन सफाई पखवाड़े के रूप में मना रहा है।भुसावल स्टेशन पर, उत्तर प्रवेशद्वार पर, रेलवे द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष में यात्रिओंकी, सफाई के प्रति जागृति बढ़े इस हेतुसे गीत संगीत का आयोजन किया गया है। लीजिए एक छोटीसी झलक।
Puja special trains by western railway and south eastern railway.






पुणे से नागपुर और गोरखपुर के लिए सुविधा स्पेशल, बुकिंग 04 से शुरू।


IRCTC ई-टिकट का रिफण्ड लेने में परेशानी? यह वजह हो सकती है।
आजकल IRCTC के e-टिकट का रिफंड मिलनेमे यात्रिओंको खासी परेशानी उठानी पड़ रही है, कइयों को महीने बीत गए लेकिन रिफण्ड नही मिल रहा। आइए इसकी वजह जानते है।
ऑन लाइन टिकिट बुकिंग करने वालों को रिफंड हेतु, अब ओटीपी OTP दर्ज करना होगा। इसी के बाद उनकी जमा राशि वापस दी जाएगी।
ट्रेन से ऑनलाइन रिजर्वेशन लेने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। आईआरसीटीसी ने ऑनलाइन टिकट रिफंड के नियमों में नए बदलाव किए हैं। इन नियम के मुताबिक ऑनलाइन रिजर्वेशन करने या कराने वाले यात्री को टिकट रिफंड लेने के लिए दर्ज मोबाइल नंबर पर आने वाला ओटीपी दर्ज करना होगा, तभी बैंक खाते में टिकट की शेष राशि वापस आएगी। दरअसल अभी तक ऐसा नहीं था। ऑनलाइन टिकट रिफंड की प्रक्रिया में टिकट रद्द करते ही रिफंड सीधे खाते में आ जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
17 सितंबर से ओटीपी हुवा अनिवार्य
आईआरसीटीसी ने नए नियम को 17 सितम्बर से लागू कर दिया है, लेकिन इसकी जानकारी यात्रियों को नहीं है, जिससे सैकड़ों यात्रियों का ऑनलाइन रिजर्वेशन का रिफंड फंस गया है। दरअसल, ऑनलाइन रिजर्वेशन के दौरान सही मोबाइल नंबर दर्ज न करने या फिर दूसरे का मोबाइल नंबर डालने से ओटीपी की जानकारी ही यात्रियों को नहीं लग रही है। वहीं कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिसमें यात्रियों ने अपना मोबाइल नंबर तो दर्ज किया, लेकिन उसमें ओटीपी ही नहीं आया।
एजेंट से कराई टिकट, रिफंड मुश्किल
यात्री ज्यादातर ऑनलाइन रिजर्वेशन टिकट एजेंट के माध्यम से कराते हैं। कई बार टिकट पर यात्रा न करने, वेटिंग टिकट होने या फिर ट्रेन छूटने जैसे मामलों में टिकट रिफंड कराई जाती है। अधिकांश यात्रियों को ओटीपी की अनिवार्यता की जानकारी नहीं है। जिन्हें है तो उनके दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी ही नहीं आ रहा है। वहीं यात्रा के दौरान मोबाइल में नेटवर्क न होने की वजह ओटीपी नहीं आ रहा है, जिस वजह से यात्री, एजेंट को ओटीपी नहीं दे पा रहा है।
यह है नियम
– नए नियम में ऑनलाइन टिकट लेते वक्त यात्री को अपना सही मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
– दर्ज मोबाइल नंबर पर आईआरसीटीसी, ओटीपी और टिकट संबंधित जानकारी भेजेगा।
– टिकट, एप की मदद से ली गई हो या फिर एजेंट से दोनों में ही रिफंड नियम एक ही होंगे।
– रिफंड लेते वक्त यात्री के दर्ज मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज करना होगा।
– इसके बाद ही रिफंड की प्रक्रिया स्वीकृत होगी और संबंधित खाते में शेष राशि आएगी।
