भुसावल यह मध्य रेलवे का एक डिवीजन और मुख्य जंक्शन स्टेशन है। यहाँसे इटारसी और नागपुर के लिए गाड़ियोंका मार्ग बदलता है।
भुसावल स्टेशनपर कुल आठ प्लेटफॉर्म है और पूरे चौबीस घंटोंमे 200 से भी अधिक गाड़ियाँ यहाँसे आना जाना करती है। ऐसेमें भुसावल स्टेशन का दिनांक 24 को रेलवे बोर्ड की PAC पेसेंजर एमिनिटीज कमिटी याने यात्री सुविधा समिती का निरीक्षण होने जा रहा है। यह कमिटी प्लेटफॉर्म्स पर यात्रिओंकी सुविधाओंपर निरीक्षण कर रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को पेश करती है और रेलवे बोर्ड इस पर विचार कर आगे उपयुक्त निर्णय लेता है। इसके मद्देनजर हमारे प्रतिनिधि उदय जोशी, रवि वर्मा ने, स्टेशन पर मौजूद यात्रिओंसे बात चीत की और स्टेशन सुविधाओंका लेखाजोखा लिया।
शुरुवात स्टेशन के दक्षिण प्रवेश से करते है। स्टेशन का प्रवेशद्वार काफी सुन्दर अजन्ता कलाकृतियों से सजाया गया है। बाहर के अहाते में, मनोहर बाग़ीचेमे, 100 फिट पोल पर राष्ट्रध्वज तिरंगा लहराता है।



स्टेशन की लाउंज में प्रवेश करने के बाद समयरारिणी लगी हुई है, जो की त्रुटिपूर्ण है और सुधार की आवश्यकता है। आरक्षण कार्यालय, टिकट खिड़कियां, पूछताछ आदि सब यथास्थित है। आगे FOB पादचारी पल जिसे एस्केलेटर लगा हुवा है जो करीबन 1 वर्ष से निर्माणाधीन अवस्थामे बन्द है और उसके चलते एस्कलेटर भी बैरीकेट्स लगाकर बन्द किया गया है।
आगे प्लेटफॉर्मोंपर की स्थिति कुछ इस प्रकार दिखाई दी।
नवनिर्मित प्लेटफार्म क्रमांक 1 और 2 पर आने जाने के लिए केवल 1 पादचारी पुल है और कोईभी लिफ्ट या एस्कलेटर नही है। पब्लिक टॉयलेट प्लेटफॉर्म के दोनों ही एन्ड पर है। पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है लेकिन वॉटर कूलर नही है, भुसावलमें गर्मियों दिनोंमें 45 डिग्री के ऊपर तापमान रहता है। अतः पिने के लिए शीतल जल आवश्यक है। खानपान के स्टॉल्स भी न के बराबर है।
3 और 4 क्रमांक के प्लेटफार्म पर दोनोंही एन्ड पर कोई पब्लिक टॉयलेट नही है। प्रथम श्रेणी के महिला एवं पुरुषों के प्रतीक्षालय तो है लेकिन आम यात्रिओंका क्या? वे तो इन प्रतीक्षालयों का उपयोग नही कर सकते। बाकी सारी यात्री सुविधा जैसे शीतल जल के लिए वॉटर कूलर, फूड स्टॉल, स्टेशनरी स्टॉल खानपान फ़लोंके स्टॉल अच्छी अवस्थामे है। प्लेटफॉर्मोंका सौदर्यीकरण मिनी गार्डन भी काफी सुन्दर तरीकेसे किया गया है।

प्लेटफार्म क्रमांक 5 / 5 अ / 6 पर केवल मुम्बई एन्ड पर ही एक पब्लिक टॉयलेट है जो की यात्रिओंके व्यवस्था में कम है। इन प्लेटफॉर्मोंपर भी बाकी सारी यात्री सुविधाएं यथोचित है। प्लेटफार्म क्रमांक 7/8 पर भी एक पब्लिक टॉयलेट केवल मुम्बई एन्ड पर ही है।
जब प्लेटफार्म शेडिंग की बात आती है तो प्लेटफार्म क्र 1,2,3,4 पर पूरा शेड नही है, काफी डिब्बे बिना शेड के रह जाते है और प्लेटफार्म क्र 5 पर नागपुर एन्ड बिना शेड का है।
यात्रिओंकी जरूरतें
यात्रिओंसे जब बातचीत की गई तो यात्री काफी उत्साहित दिखे। उनके कई सारी सूचनाएं थी। दक्षिण दिशा और उत्तर के दोनों लाउन्ज में मल्टीकलर ट्रेन नेम डिस्प्ले लगाना चाहिए। वैसे ही सभी प्लेटफार्म पर भी ट्रेन इंडिकेटर और डिब्बा इंडीकेटर मल्टीकलर डिस्प्ले लगाए जा सकते है।
पब्लिक टॉयलेट्स सामान्य यात्रिओंके सुविधा हेतु हर प्लेटफॉर्म्स के दोनों सिरोंपर अत्यावश्यक है।
गाड़ियाँ रुकनेपर कोचेस, डिस्प्ले से अलग ही रहते है, आजकल गाड़ियाँ स्टेशनोंपर कम ही रुकती है अतः कोच डिस्प्ले गाड़ियोंके डिब्बोंसे सही सही होना चाहिए।
यात्रिओंके लिए जो बैटरी कार चलाई जा रही है वह फिलहाल रैम्पसे चलाई जा रही है जिसे रैम्प के बजाय प्लेटफॉर्म्स के एन्ड पर बने पथसे चले तो रैम्प पर चलने वाले यात्रिओंको असुविधा नही रहेगी।
यात्रिओंके सुविधाके लिए क्लॉक रूम स्टेशनपर किसी भी प्रवेश के पास ही होना चाहिए फिलहाल यह सुविधा स्टेशन एरिया से काफी दुर है।
GRP पुलिस थाने में जाने के लिए रेलवे के आहातेसे से रास्ता होना चाहिए जो मौजूदा स्थिति में काफी घुमाकर जाना पड़ता है।
दोनों प्रवेशद्वारपर लगी समयसारिणी तृटिपूर्ण है, स्टेशनके नाम, गाड़ियोंके नाम, नम्बर विचित्र तरीकेसे गलत लिखे गए है।
दक्षिण प्रवेश के पास एक होम कम आइलैंड प्लेटफॉर्म बनाया जा सकता है, जो स्थानिक यात्रिओंके लिए उपयुक्त रहेगा।
हर प्लेटफॉर्मोंपर लिफ्ट / एस्कलेटर सुविधा लगायी जाए। फिलहाल एक FOB एस्कलेटर से जुड़ा है जिसमे प्लेटफार्म पर चढ़ने उतरने की यांत्रिक सुविधा नही तो दूसरे FOB पर प्लेटफार्म पर लिफ्ट लगे है लेकिन दोनों सिरे पे यांत्रिक सुविधा नही है।
इसी तरह कुछ छोटी बड़ी मांगे और सुविधाएं हमारे संवाददाताओने यात्रिओंसे बातचीत करके जानी है। आशा है, रेलवे बोर्ड की PAC कमिटी इस पर विचार करेंगी।



