महाराष्ट्र राज्य शासन के आपदा नियंत्रण समिति के निर्बन्धोंमें छूट मिलने को भी सप्ताह से ज्यादा दिन बीत गए, मध्य रेल में कोई हलचल ही नही के गैर-उपनगरीय खण्डों पर सवारी गाड़ियाँ, डेमू, मेमू चलवानी है, इंटरसिटी टाइप गाड़ियोंमे अनारक्षित सेवा शुरू करनी है, UTS शुरू करने है, MST शुरू करनी है। क्या मध्य रेलवे मुम्बई और उसके उपनगरों के अलावा अपने किसी भी कार्यक्षेत्र में यात्री समस्या पर ध्यान ही देना नही चाहती? मध्य रेल प्रशासन को आम यात्री की गुहार है, विशेष गाड़ियोंके ही स्वरूप में क्यों न हो, मगर अब तो मेमू/सवारी गाड़ियाँ चलवा दीजिए। रेल गाड़ियोंमे आरक्षण न मिले तो महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम की बसें आम यात्रिओंके लिए एक विकल्प थी, लेकिन बसोंके हड़ताल के कारण वह पर्याय भी बन्द हो चुका है। आम आदमी बेचारा जाए तो कहाँ जाए और कैसे जाएं?