Uncategorised

आखिर रेल प्रशासन 11053/54 आजमगढ़ एक्सप्रेस गाड़ी का करना क्या चाहता है…

किसी भी रेल गाड़ी को चलने के लिए उसमे यात्री संख्या कितनी है या यात्रीओं का कितना झुकाव है यह देखा जाता है, और उसपर उस गाड़ी के फेरे बढ़ाने पर विचार किया जाता है। मगर 11053/54 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से आजमगढ़ के बीच चलने वाली इस साप्ताहिक एक्स्प्रेस गाड़ी पर रेल प्रशासन शायद बिल्कुल ही ध्यान नहीं दे रही है। संक्रमण काल मे जो बन्द की गई लगभग सारी गाडियाँ पुनर्स्थापित कर दी गई है और जो कुछ गिनीचुनी गाडियाँ चलने की बच गई है उनमेसे 11053/54 यह एक गाड़ी भी है।

वर्ष 2014 से चल रही इस आज़मगढ़ गाड़ी की लोकप्रियता आप नीचे दिए गए ‘टिकट बुकिंग ऑक्युपेनसी’ से सहज ही समझ सकते है। यह आँकड़े वर्ष 2016 से 2020 तक के है और यह साबित करते है की यह गाड़ी यात्रीओं मे बेहद लोकप्रिय है। ऐसा होते हुए भी रेल प्रशासन ने ना ही इस गाड़ी के फेरे बढ़ाने के लिए कोई प्रयत्न किए और ना ही इसे अब संक्रमण काल के बाद पुनर्स्थापित करने की कोई हलचल। पहले यह गाड़ी 12143/44 लोकमान्य तिलक टर्मिनस सुल्तानपुर एक्स्प्रेस के साथ RSA अर्थात रैक शेयरिंग कर चलती थी। अब 12143/44 यह साप्ताहिक गाड़ी तो चल पड़ी है मगर 11053/54 इस लोकप्रिय गाड़ी का शुरू होने का नामोनिशान नहीं है।

मुम्बई से आजमगढ़ के बीच केवल गोदान एक्स्प्रेस चलती है जो वर्ष के बाराही महीनों फूल रहती है। सूरत से छपरा के बीच चलनेवाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के जरिए भुसावल से आजमगढ़ की सेवा प्राप्त की जा सकती है मगर यह गाड़ी सप्ताह मे 5 दिन ही चलती है और सूरत से ही यात्रीओं से खचाखच भर कर चलती है। रेल प्रशासन से यात्रीओं का नम्र निवेदन है, 11053/54 इस गाड़ी को यथाशीघ्र सेवा मे ले आए और हो सके तो इसके फेरे भी बढ़ाने पर निर्णय ले।

2 thoughts on “आखिर रेल प्रशासन 11053/54 आजमगढ़ एक्सप्रेस गाड़ी का करना क्या चाहता है…”

  1. बगैर पूछे आप ये फोटो कैसे प्रयोग कर सकते है??

    Like

    1. राशिद साहब,
      यदि इस लेख में फोटो का आना आपको दुरूपयोग लगता है, तो हमे बेहद खेद है और आपको लगता है की हमने आपकी बात को ही ट्विटर, फेसबुक, वर्डप्रेस, इंडिया रेल इन्फो और कु के जरिए हजारों लोगोंके सामने लाया है तो आप हमें प्रोत्साहित करें।
      दरअसल हमारे फॉलोअर्स हमे ट्वीट के जरिए यह जानकारी दिए और आजमगढ़ एक्सप्रेस को पुनर्स्थापित करवाने के लिए लेख लिखने कह रहे थे।

      Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s