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कालका – शिमला रेल में लगेंगे आरामदायी आधुनिक विस्टाडोम कोच

11 जून 2023, रविवार, आषाढ, कृष्ण पक्ष, अष्टमी, विक्रम संवत 2080

कालका – शिमला रेल मार्ग, उत्तर रेलवे NR के तहत आता है। यह 2 फ़ीट 6 इंच नैरो-गेज रेलवे है, जो कालका से शिमला तक ज़्यादातर पहाड़ी मार्ग से होकर चलती है। ब्रिटिश राज के दौरान भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला को शेष भारतीय रेल प्रणाली से जोड़ने के लिए 1898 और 1903 के बीच हर्बर्ट सेप्टिमस हैरिंगटन के निर्देशन में इस रेलवे का निर्माण किया गया था।

यह रेल मार्ग समुद्री सतह 656 मीटर की ऊंचाई से हिमालय की शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में कालका, धर्मपुर, सोलन, कंडाघाट, तारादेवी, बड़ोग, सलोगरा, तोतू और समरहिल से 2,075 मीटर की ऊंचाई पर शिमला तक जाता है। इस रेल मार्ग को यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड हैरिटेज का दर्जा मिला है।

रेल फैक्ट्री कपूरथला ने इस रेल गाड़ी के लिए आधुनिक विस्टाडोम कोचेस बनाए है, ताकि यात्री रेल गाड़ी मे यात्रा करते हुए प्राकृतिक नज़ारोंका आनन्द ले सकें। कुल चार नैरो गेज पैनोरमिक कोच बनाये गए है, जिनमे वातानुकूलित एग्जीक्यूटिव चेयर कार, वातानुकूलित चेयर कार, साधारण चेयर कार और लगेज कम पार्सल वैन है। आइए, देखते है इन सुन्दर रेल गाड़ी के नए आधुनिक कोचेस को!

कोच का बाहरी दृश्य
नॉन एसी चेयर कार (30 सीटर)
एसी चेयर कार (24 सीटर)
एसी एग्जीक्यूटिव चेयर कार (12 सीटर)
जेनरेटर कार/सामान वैन

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