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पहली अगस्त से रेल आरक्षण तत्काल बुकिंग बदलाव हो रहा है।

30 जुलाई 2026, गुरुवार, श्रावण, कृष्ण पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083

मित्रों, शीर्षक देख कर चौंक गए न? क्योंकि यह हमारा स्टाइल, हमारी पद्धति नही है। अच्छे बड़े नाम है मगर इस तरह शीर्षक डालकर अपनी वेबसाइटों पर फुटफॉल बढ़वाया जाता है।

दरअसल एक अगस्त से तत्काल बुकिंग के लिए PRS याने रेल आरक्षण काउंटर्स पर जो टोकन बंटते है, उसके समय मे कुछ बदलाव किया जा रहा है। PRS काउंटर्स पर तत्काल टिकट के लिए और अग्रिम आरक्षण शुरू होने का पहला दिन अर्थात यात्रा के 60 दिन पहले वाली तिथि के लिए अनेक यात्री कतार लगाकर खड़े रहते है। इन आरक्षण के खुलने के समय तय रहते है। जैसे 60 दिन पहले वाला सुबह 8:00 बजे, वातानुकूलित यान में आरक्षण सुबह 10:00 बजे और गैर-वातानुकूलित यानों में आरक्षण सुबह 11:00 शुरू होता है। मुम्बई और मुम्बई उपनगरों में यात्री कई बार पहली रात से ही कतार बनाकर खड़े हो जाते है। इनके लिए टोकन बंटते है और इसके समय मे कुछ बदलाव किया गया है। आरक्षण शुरू होने के समय में किसी तरह का कोई बदलाव नही हुवा है और न ही होने जा रहा है।

अब रेल आरक्षण पर बात चली ही है, तो कुछ सामान्य बाते भी साँझा कर लेते है। अग्रिम आरक्षण गाड़ी के प्रारंभिक स्टेशन से चलने की तिथि से 60 दिन पहले मिलना शुरू होता है। गाड़ी लम्बी दूरी तय करके आ रही है तो कुछ स्टेशनोंसे यह तिथि 61 या 62 दिन पहले भी पड़ सकती है। अतः ध्यान रहे की गाड़ी के प्रारंभिक स्टेशन से चलने की तिथि से 60 दिन गिनना है। ठीक इसी तरह से तत्काल टिकट की तिथि में भी गड़बड़ी होती है। तत्काल टिकट के लिए, गाड़ी के प्रारंभिक स्टेशन से चलने की तिथि से एक दिन पहले तत्काल टिकट मिलना शुरू हो जाता है।

रेल विभाग अपनी समयसारणी के लिए 24 घण्टे की घड़ी का उपयोग करता है। इससे AM/PM या सुबह/शाम वाली कन्फ्यूजन नही रहती 6:00 याने सुबह की 6 और 18:00 याने शाम की 6। अब रात की 12 बजे के लिए दो समय अंकित किए जा सकते है। 24:00 और 0:00। गाड़ी के आने का समय 23:55 है और जाने का 24:00 तो उसकी परिचालन तिथि जो आने की है वही छूटने की भी रहेगी। यही तिथि अगला दिन होना है तो आने का समय 23:55 और जाने का समय 0:00 रहेगा। अब यह यात्रिओंमें, तिथियोंका कन्फ्यूजन दूर करने के लिए रेल विभाग 23:55 और 0:01 ऐसे समय अंकित कर देता है। ध्यान रहे, आरक्षण या यात्रा की तिथि गाड़ी के छूटने के समय से निश्चित की जाती है। अर्थात 23:55 सोमवार को आई गाड़ी 0:01 मंगलवार को रवाना हो रही है।

कई बार गाड़ी संरचना लिखते वक्त गाड़ी के कोच LHB है, इसका विशेष उल्लेख किया रहता है। इसका कारण यह है, पारंपरिक ICF कोच से LHB कोच की यात्री क्षमता 10% ज्यादा रहती है।  यदि आपको अपनी गाड़ी LHB है या नही यह जानना हो तो उसके स्लिपर कोच की बर्थ संख्या देखकर समझा जा सकता है। ICF में प्रत्येक 8 बर्थ की 9 कैबिन याने 72 बर्थ तो LHB में प्रत्येक 8 बर्थ की 10 कैबिन याने 80 बर्थ रहती है। यही एक एक अतिरिक्त कैबिन का फर्क वातानुकूलित यानों में भी रहता है। और एक तरीका है, यदि गाड़ी में वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी कोच लगा है, तो गाड़ी पक्की LHB है। चूँकि पुराने ICF संरचना में यह कोच बने ही नही थे। यह LHB की ही जनरेशन है। 😊

चलिए, आशा करते है, आज हमने आपके रेल विषयक ज्ञान में वृद्धि करवाई होंगी। आपकी और भी कोई जिज्ञासा हो तो हमे जरूर पूछिएगा, हम प्रयत्न करेंगे आपके लिए सटीक उत्तर  लाने का।

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