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रेल मार्ग पर दो दिनोंमें घटित दो दुर्घटनाएं

05 नवम्बर 2025, बुधवार, कार्तिक, शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा, विक्रम संवत 2082

कल दोपहर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्टेशन के निकट गेवरा रोड बिलासपुर मेमू गाड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई। इस भीषण हादसे में अब तक ग्यारह यात्रिओंकी मृत्यु और बीस यात्री घायल बताए जा रहे है।

दूसरा हादसा आज सुबह मिर्जापुर के पास चुनार स्टेशन पर हुवा। कार्तिक पूर्णिमा निमित्त स्नान करने हेतु चुनार स्टेशन पर पहुँचने के लिए 13309 चोपन प्रयागराज एक्सप्रेस में यात्रिओंकी बड़ी भीड़ थी। स्टेशनपर ऊपरी पैदल पुल होने के बावजूद, बजाय प्लेटफ़ॉर्म पर उतर कर स्टेशनसे बाहर निकलने के कुछ लोग गाड़ी के दूसरी बाजू से पटरी पर उतरे। सामने की पटरी पर चुनार स्टेशन पर न रुकने वाली 12311 नेताजी एक्सप्रेस बड़ी तेजी से आ रही थी। पुरुष यात्री तो आननफानन में पटरी पार कर सामने के प्लेटफ़ॉर्म पर चढ़ गए मगर महिला यात्री यह नही कर पाई और दौड़ती हुई रेल के चपेट में आ गई। इस हादसे में करीबन छह यात्रिओंकी मृत्यु हो गई।

छत्तीसगढ़ के रेल हादसे के कारण जानने के लिए रेल विभाग से जाँच समिति बिठाई जाएगी। क्या यह कोई तकनीकी खामी थी या मानवीय भूल यह जाँच के बाद ही पता चलेगा। मगर चुनार हादसे में यात्रिओंकी लापरवाही सीधी ही उजागर होती है।

यात्रिओंसे नम्र निवेदन है, गाड़ी में चढ़ना, उतरना केवल प्लेटफ़ॉर्म से ही करना चाहिए। पटरी पर उतरना, चलना, उसे पार करना रेल कानून में अपराध बताया गया है और ऐसी सूरत में पकड़े जाने पर यात्री को दण्डित भी किया जाता है।

रेल विभाग को भी चाहिए की वह रेलवे स्टेशनोंके आसपास के सभी चोर मार्ग फैंसिंग लगाकर बन्द करें। यात्री ऊपरी पैदल पुलिया पर जाने का समय और श्रम बचाने के लिए अपनी जान को जोख़िम में डालकर ऐसे ‘शॉर्ट कट’ वाले हथकण्डे अपनाता है। हालाँकि यह रास्ता कितना भारी पड़ता है, आप सोच सकते है।

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देशभर में 20 शहरों के रेलवे स्टेशनोंकी क्षमता लगभग तीन गुना बढाई जाएगी

03 नवम्बर 2025, सोमवार, कार्तिक, शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, विक्रम संवत 2082

देशभर में करीब 20 ऐसे शहर हैं, जहाँ पहुँचने की और गाड़ियों की बहुत ज़्यादा डिमांड रहती है। ऐसे 20 शहरों की क्षमता को दोगुना करने का काम हाथ में लिया गया है, और इस काम में सबसे बड़ा फ़ैक्टर रहेगा मेगा कोचिंग टर्मिनल।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहमदाबाद में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का मुवायना करते वक्त उपस्थित पत्रकारोंसे बात करते हुए कहा।

तस्वीर : PIB से साभार

अहमदाबाद के वटवा में बनेगा मेगा टर्मिनल। जहाँ अभी 45 ट्रेनें अहमदाबाद से चलती हैं, वहीं आने वाले समय में 150 ट्रेनें यहां से शुरू हो सकेंगी। इसी तरह दिल्ली, लखनऊ, पटना, हावड़ा, चेन्नई, बंगलुरू, सूरत, पुणे ऐसे करीबन 20 रेलवे स्टेशन्स रेलवे के नज़र में है जहाँ यात्रिओंकी नई सेवा शुरू करवाने की ज्यादातर माँग रहती है।

इन निर्देशित स्टेशनोंपर टर्मिनेटिंग गाड़ियोंके रखरखाव के लिए पिट लाइन्स और अतिरिक्त सेटेलाइट टर्मिनलों का निर्माण कर ज्यादा प्लेटफार्म बनाने का निर्णय रेल प्रशासन के विचाराधीन है।

दरअसल यह सारा वाक़या बरात के पीछे घोड़ा चलाने के अंदाज़ में लगता है। आज की ही यह हालत है, नियमित गाड़ियोंके लेने के लिए प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध नही होते और गाड़ियाँ घंटो बड़े स्टेशनोंके बाहर अपना सारा समय बिता देती है। ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम्स लग गई, गाड़ियाँ LHB होकर 130 kmph की गति से दौड़ने लग गई मगर समयपर या समयसे पहले चलती गाड़ी को लाकर खड़ा करने के लिए प्लेटफ़ॉर्म ही उपलब्ध नही रहता। नई गाड़ियाँ माँग कहे या राजनीतिक दबाव कहिए शुरू कर दी जाती है। हजारों की संख्या में विशेष गाड़ियाँ चलाई जाती है, मगर उनका परिचालन देखेंगे तो कोफ़्त होंगी इतना भयंकर है। हाल ही में एक विशेष 05559 रक्सौल उधना गाड़ी तकरीबन 55 घण्टे देरी से चल रही है।

अमूमन सभी त्यौहार विशेष  गाड़ियाँ कमसे कम 3,4 घण्टे  देरी से चल रही है। इसमे ज्यादातर टर्मिनल स्टेशन्स की दिक्कतें है। वहाँपर आनेवाली गाड़ी थोड़ी भी देरी से चलती हो तो, उक्त गाड़ियोंको, उनकी वापसी यात्रा शुरू होने के समय पर ही गन्तव्य स्टेशन पर स्वीकारा जाता  है और उस चक्कर मे गाड़ी बेइंतहा लेट हो जाती है। दूसरा नियमित गाड़ियोंके परिचालन को रेल कंट्रोल विभाग थोड़ा भी हिलने नही देना चाहता चूँकि उन्ही गाड़ियोंसे उनका समयपालन, पंक्चुअलिटी चार्ट बनाया जाता है।

ऐसे लगता है, यह सारी विशेष गाड़ियाँ रेल परिचालन विभाग पर बोझ सी बन जाती है। जिस तरह बोझ असहनीय हो जाता है, बढ़ जाता है, तब कोई भी उसकी परवाह नही करता ओर उस गाड़ी का परिचालन भगवान भरोसे होते चला जाता है। यहाँतक की गाड़ी रेल इन्क्वायरी सिस्टम में दिखना तक बन्द हो जाती है।

किसी एक नई वन्देभारत जैसी गाड़ी को रेल परिचालन व्यवस्था में जोड़ने में उक्त मार्ग की कमसे कम दस जोड़ी नियमित गाड़ियोंके समयसारणी को डिस्टर्ब करना पड़ता है, बदलना पड़ता है। और यह सैकड़ों, हजारों विशेष गाड़ियाँ जब घोषित होती है तो नियमित गाड़ियोंके क्या हाल होते होंगे और जो नियमित गाड़ियोंको व्यवस्थित रखते है तो उन अतिरिक्त चलने वाली विशेष गाड़ियोंकी व्यवस्था कितनी बदतर होती होंगी, आप सहज ही समझ रहे होंगे।

ऊपर हमने कहा, बारात के पीछे घोड़ा, उसकी वजह यही है। नियोजन बादमे करने की कोशिशें होती है और गाड़ियाँ पहले चला दी जाती है। शायद ही कोई ऐसा त्यौहारी अवसर अब तक गया हो की सभी विशेष गाड़ियाँ समयपर चली हो। बताइए, क्या आपने देखा है?

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नई वन्देभारत गाड़ियाँ घोषित होने का दौर जारी है, अब वाराणसी – खजुराहो, लखनऊ – सहारनपुर के बीच भी चलेगी वन्देभारत एक्सप्रेस

01 नवम्बर 2025, शनिवार, कार्तिक, शुक्ल पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2082

26422/21 वाराणसी खजुराहो वाराणसी वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिवसीय

26422 वन्देभारत एक्सप्रेस वाराणसी से सप्ताह में छह दिन प्रत्येक गुरुवार छोड़कर प्रातः 5:25 को रवाना होकर दोपहर 13:10 पर खजुराहो पहुँचेंगी। वापसी में 26421 वन्देभारत एक्सप्रेस खजुराहो से सप्ताह में छह दिन प्रत्येक गुरुवार छोड़कर दोपहर 15:20 को चलकर रात 23:00 बजे वाराणसी पहुँचेंगी। यह गाड़ी पर्यटकों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।

स्टोपेजेस : वाराणसी, विंध्याचल, प्रयागराज छिंवकी, चित्रकूट धाम, बाँदा, महोबा, खजुराहो

26504/03 लखनऊ सहारनपुर लखनऊ वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिवसीय

26504 वन्देभारत एक्सप्रेस लखनऊ से सप्ताह में छह दिन प्रत्येक सोमवार छोड़कर प्रातः 5:00 को रवाना होकर दोपहर 12:45 पर सहारनपुर पहुँचेंगी। वापसी में 26503 वन्देभारत एक्सप्रेस सहारनपुर से सप्ताह में छह दिन प्रत्येक सोमवार छोड़कर दोपहर 15:00 को चलकर रात 23:00 बजे लखनऊ पहुँचेंगी।

स्टोपेजेस : लखनऊ जंक्शन, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मोरादाबाद, नजीबाबाद, रुड़की, सहारनपुर

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एक और नई वन्देभारत; फिरोजपुर दिल्ली के बीच घोषित!

01 नवम्बर 2025, शनिवार, कार्तिक, शुक्ल पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2082

भारतीय रेल में एक और नई वन्देभारत गाड़ी शुरू करने जा रही है। रेल प्रशासन ने फिरोजपुर कैंट – दिल्ली के बीच सप्ताह में छह दिवसीय वन्देभारत परिचालित करने का परिपत्र जारी किया है। सम्बंधित क्षेत्रीय रेल जल्द ही इसके शुभारम्भ की तिथी जारी करेंगी।

26462/61 फिरोजपुर कैंट दिल्ली फिरोजपुर कैंट वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन

26462 फिरोजपुर कैंट दिल्ली जंक्शन वन्देभारत एक्सप्रेस फिरोजपुर कैंट से सप्ताह में छह दिन प्रत्येक बुधवार को छोड़कर सुबह 7:55 पर रवाना होकर दोपहर 14:35 पर दिल्ली जंक्शन पहुँचेंगी वापसी में 26461 दिल्ली जंक्शन फिरोजपुर कैंट वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन प्रत्येक बुधवार को छोड़कर दोपहर 16:00 को दिल्ली जंक्शन से रवाना होकर रात 22:35 बजे फिरोजपुर कैंट पहुँचेंगी।

स्टोपेजेस : फिरोजपुर कैंट, फ़रीदकोट, बठिंडा, धुरी, पटियाला, अम्बाला कैंट, कुरुक्षेत्र, पानीपत, दिल्ली जंक्शन

इस विभाग में एक और विकास की सूचना है। 22485/86 नई दिल्ली मोगा नई दिल्ली इन्टरसिटी एक्सप्रेस का फिरोजपुर कैंट तक विस्तार किया जा रहा है। निम्नलिखित परिपत्र देखिए,

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नई गाड़ी : बंगलुरू एर्नाकुलम बंगलुरू वन्देभारत

01 नवम्बर 2025, शनिवार, कार्तिक, शुक्ल पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2082

भारतीय रेल में एक और नई वन्देभारत गाड़ी की वृद्धि होने जा रही है। रेल प्रशासन ने बंगलुरू – एर्नाकुलम के बीच सप्ताह में छह दिवसीय वन्देभारत परिचालित करने का परिपत्र जारी किया है। सम्बंधित क्षेत्रीय रेल जल्द ही इसके शुभारम्भ की तिथी जारी करेंगी। गौरतलब यह है, बेंगलुरु के लिए यह सातवीं वन्देभारत गाड़ी है। इससे पूर्व बंगलुरू से चेन्नई, कोयम्बटूर, धारवाड़, मदुरै, हैदराबाद एवं कलबुर्गी के लिए वन्देभारत गाड़ियाँ चल रही है। वहीं एर्नाकुलम के लिए यह दूसरी वन्देभारत गाड़ी रहेंगी। मंगलुरु से तिरुवनंतपुरम के बीच चलनेवाली वन्देभारत गाड़ी एर्नाकुलम होकर चलती है।

26651/52 क्रांतिवीर सांगोळी रायन्ना बंगलुरू – एर्नाकुलम – क्रांतिवीर सांगोळी रायन्ना बंगलुरू वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन

26651 बंगलुरू एर्नाकुलम वन्देभारत एक्सप्रेस बंगलुरू से सप्ताह में छह दिन प्रत्येक बुधवार को छोड़कर प्रातः 5:10 पर रवाना होकर दोपहर 13:50 पर एर्नाकुलम पहुँचेंगी वापसी में 26652 एर्नाकुलम बंगलुरू वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन प्रत्येक बुधवार को छोड़कर दोपहर 14:20 को एर्नाकुलम से रवाना होकर रात 23:00 बजे बंगलुरू पहुँचेंगी।

स्टोपेजेस : क्रांतिवीर सांगोळी रायन्ना बंगलुरू, कृष्णराजापुरम, सालेम, इरोड, तिरुप्पुर, कोयम्बटूर, पालक्कड़, थ्रिशुर, एर्नाकुलम