04640 अमृतसर नान्देड़ विशेष दिनांक 22 और 23 दिसम्बर को रवाना होगी और वापसी में 04639 नान्देड़ अमृतसर विशेष दिनांक 23 और 24 दिसम्बर को रवाना होगी।
गाड़ी की डिब्बा संरचना में द्वितीय श्रेणी स्लीपर, वातानुकूल तृतीय और द्वितीय श्रेणी अनारक्षित इस तरह के वर्ग के कुल 20 कोचेस रहेंगे।
श्रीगंगानगर – नान्देड़ के बीच विशेष गाड़ी का एक फेरा भी प्रस्तावित है और आशा है की ‘वीर बाल दिवस’ के उपलक्ष में चलाई जानेवाली इस विशेष को अनुमति मिल जाएगी।
04737 श्रीगंगानगर नान्देड़ विशेष दिनांक 23 दिसंबर को रवाना होगी और वापसी में 04738 नान्देड़ श्रीगंगानगर विशेष दिनांक 27 दिसंबर को रवाना की जाएगी। गाड़ी की डिब्बा संरचना में द्वितीय श्रेणी स्लीपर, वातानुकूल तृतीय और द्वितीय श्रेणी अनारक्षित इस तरह के वर्ग के कुल 20 कोचेस रहेंगे।
महाराष्ट्र के 20 सांसदों ने रेलवे समिति से इस्तीफा दिया, कारण यह कहा जा रहा है की महाराष्ट्र में रेल परियोजनाओं को बैक ट्रैक और उपेक्षित किया गया है।
महाराष्ट्र के पुणे, सोलापुर मण्डल के साँसदोंकी बैठक में पीछे भी काफी हंगामे की खबर थी। दरअसल साँसद नई गाड़ियाँ, नए ठहराव की मांग करते है जो की मण्डल अधिकारी के कार्यक्षेत्र में नही आते। मण्डल अधिकारी महज मण्डल के स्टेशनोंपर सुविधाओं का उन्नयन करा सकते है। स्टॉपेज या गाड़ियाँ शुरू करवाने का प्रस्ताव रेल बोर्ड को भेजा जाता है और वह उसपर निर्णय कर उसे कार्यान्वित करने का आदेश जारी करते है।
चूंकि लोकप्रतिनिधि पर जनता का सीधा दबाव रहता है। खास कर संक्रमण के बाद रद्द की गई गाड़ियाँ, रद्द किए गए ठहरावों और शून्याधारित समयसारणी के तहत बदले गए गाड़ियोंके समय से रेल संगठन खासे परेशानी में है। रेल संगठन में अक्सर रोजाना अप डाउन करनेवाले यात्री होते है। अब इनकी रोजमर्रा की गाड़ियोंके समय बदल जाने से इन्हें अपने ड्यूटी पर जाने आने के समय बदलने पड़े है।
दूसरा विषय प्रोजेक्ट्स का है, उसमे देरी का विषय राज्योंके निधि से या अन्य जमीनी कार्रवाई से प्रलंबित हो सकता है। कुल मिलाकर मण्डल अधिकारी इन प्रश्नों पर उचित हल निकालने में असमर्थ रहते है और लोकप्रतिनिधि उनके उत्तर सुनकर असहज हो जाते है।
आगे चर्चा यह भी सुनने में है, रेल मंत्री खुद इस विषयपर संज्ञान ले कर साँसदोंकी समझाईश करेंगे।
09326/25 डॉ आंबेडकर नगर महू बांद्रा डॉ आंबेडकर नगर महू साप्ताहिक विशेष
09562/61 ओखा बांद्रा ओखा साप्ताहिक विशेष
इसके अलावा,
बीकानेर-बान्द्रा टर्मिनस- बीकानेर साप्ताहिक स्पेशल (06 ट्रिप) रेलसेवा का संचालन वाया चूरू, सीकर, जयपुर, कोटा, रतलाम चलेगीरेलवे द्वारा सर्दियों के मौसम में अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए यात्रियों की सुविधा हेतु बीकानेर-बान्द्रा टर्मिनस- बीकानेर साप्ताहिक स्पेशल (06 ट्रिप) रेलसेवा का संचालन किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार गाडी संख्या 04711, बीकानेर-बान्द्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल दिनांक 24.12.22 से 28.01.23 तक (06 ट्रिप) बीकानेर से प्रत्येक शनिवार को 12.15 बजे रवाना होकर रविवार को 15.50 बजे बान्द्रा टर्मिनस पहुॅचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 04712, बान्द्रा टर्मिनस- बीकानेर साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा दिनांक 25.12.22 से 29.01.23 तक (06 ट्रिप) बान्द्रा टर्मिनस से प्रत्येक रविवार को 19.25 बजे से रवाना होकर मंगलवार को 00.05 बजे बीकानेर पहुॅचेगी। यह रेलसेवा मार्ग में श्रीडूंगरगढ, राजलदेसर, रतनगढ, चूरू, फतेहपुर शेखावाटी, लक्ष्मणगढ सीकर, सीकर, रींगस, जयपुर, दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, कोटा, नागदा, रतलाम, वडोदरा, सूरत व बोरीवली स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
मित्रों, फरवरी 2023 से मुम्बई हैदराबाद मुम्बई हुसैन सागर और हैदराबाद मुम्बई हैदराबाद एक्सप्रेस के रैक मानकीकृत LHB होंगे। रैक मानकीकरण के नाम पर फिर से ग़ैरवातानुकूल कोचों की अमानवीय कटौती की जा रही है। यूँ तो फ़िलहाल इन दोनोंही गाड़ियोंकी कोच संरचना 01 वातानुकूल टू टियर, 03 वातानुकूल थ्री टियर, 10 स्लीपर, 03 द्वितीय श्रेणी और 02 एसएलआर ऐसे कुल 19 डिब्बों की है। जिसे LHB मानकीकरण के साथ फरवरी के प्रथम सप्ताह से मात्र 16 कोच का किया जा रहा है। और तो और गाड़ियोंकी मानकीकृत कोच संरचना 03 वातानुकूल टू टियर, 07 वातानुकूल थ्री टियर, 02 स्लीपर, 02 द्वितीय श्रेणी और 01 एसएलआर/ 01 पॉवर कार ऐसे कुल 16 डिब्बों की है।
जहाँ 01 AC टू टियर था उसे तिगुना याने 03 कोच, 03 AC थ्री टियर थे उसे 10 कोच याने 07 कोच बढ़ाये और स्लीपर के 10 कोचोंकी जगहकेवल 02 कोचऔर द्वितीय श्रेणी के 03 कोच में भी कटौती हो कर 02 कोच, 02 एसएलआर की जगह 01 एसएलआर
आम यात्रिओंकी पूछे तो, हताशा भरे स्वर में कहते है, रेल प्रशासन स्लीपर और द्वितीय श्रेणी की जगह वातानुकूल कोच बढ़ा रही है इससे बेहतर तो पूरी गाड़ी ही संक्रमण काल मे चल रही थी उस प्रकार में आरक्षित कर चला दें। कमसे कम यात्री बिना आरक्षण, स्टेशनोंपर ही न आये।
वहीं परिपत्रक की मद 2. देखिए, 12791/92 सिकंदराबाद दानापुर सिकंदराबाद प्रतिदिन और 17005/06 हैदराबाद रक्सौल हैदराबाद साप्ताहिक एक्सप्रेस की कोच संरचना का भी LHB मानकीकरण अप्रैल 2023 से करने की बात बताई गई है। यहॉं विषेश बात यह है, इनकी ग़ैरवातानुकूल या वातानुकूल कोचोंकी संख्या में कोई खासा बदलाव नही किया गया है। फिलहाल 9/10 स्लीपर कोच के साथ चलनेवाली यह गाड़ियाँ मानकीकरण के बाद 08 स्लीपर कोच और 02 द्वितीय श्रेणी कोच के साथ चलाई जायेंगी।
खैर, एक बात मन मे आयी सोचता हूँ आपसे साँझा कर ही लूँ, यह रैक मानकीकरण में वातानुकूल कोच की संख्या घटाना/बढाना इस तरह के अभ्यासपूर्ण (?) निर्णय के लिए रेल प्रशासन कौनसी समिति गठित करता है?
चित्रकूट प्रतिदिन चलनेवाली एक्सप्रेस को जबलपुर से आगे सप्ताह में 3 दिन नैनपुर होते हुए मण्डला फोर्ट और सप्ताह में 3 दिन नैनपुर होते हुए छिंदवाड़ा तक चलाने का प्रस्ताव दपुमरे SECR द्वारा भेजा गया है।
यह है, लखनऊ – जबलपुर – मण्डला फोर्ट – जबलपुर – लखनऊ त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस का प्रस्ताव
और यह है, लखनऊ – जबलपुर – सिवनी – छिंदवाड़ा – सिवनी – जबलपुर – लखनऊ सप्ताह में चार दिन एक्सप्रेस का प्रस्ताव
प्रस्ताव तो उक्त मार्ग के यात्रिओंके लिए बढ़िया है, देखना यह है, अनुमति कब तक मिलती है!