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चल टिकट परीक्षक TTE के हैंड हेल्ड टर्मिनल मे किया जा रहा है अपडेट ; TTE यों की परेशानी होगी दूर

यूँ तो रेल विभाग की कई बातें तकनीक सबंधित होती है और रेल यात्रिओंका उससे कोई सीधा सम्बन्ध नही रहता। आज का लेख भी लगभग वही है। TTE के पास की हैण्ड हेल्ड टर्मिनल जिससे आजकल यात्री चार्ट्स डिजिटली ऑपरेट किए जा रहे है। चूँकि इन HHT का चलन भारतीय रेल में हाल ही में शुरू किया गया है तो उपयोग करते वक्त आनेवाली बाधाओंके निपटान हेतु मशीन के सॉफ्टवेयर अपडेट्स लाये जाते है। यह परिपत्र उसी संदर्भ में है। आम यात्री केवल यह समझ सकता है, की TTE अपना काम करते वक्त किस समस्याओं से जूझ रहा है और रेलवे उसका समाधान किस तरह कर रही है।

उपरोक्त के संदर्भ में सूचित किया जाता है कि क्रिस ने एचएचटी एप्लिकेशन में एक नया संस्करण (2.7.2) विकसित किया है। ऑनलाइन सर्वर में सक्षम करने से पहले ऑन बोर्ड टेस्टिंग की आवश्यकता होती है। संशोधनों का विवरण इस प्रकार है।

नई कार्यक्षमता

1: टीटीई को प्रतिबंधित करने की सुविधा ताकी वह केवल अपनी बीट के यात्रियों की ही जांच कर सके।

2: आरक्षित वर्ग मे यूटीएस टिकट वाले यात्रियों का ईएफटी एक्स्ट्रा फेअर टिकट तैयार करने की सुविधा।

3: अनारक्षित कोचों में ईएफटी तैयार करने की सुविधा।

4: डिवाइस में बेहतरी के लिए बिना लॉगिन के होम पेज पर डिवाइस आईडी और यूयूआईडी दिखाना

5: आरएसी फिल्टर के साथ चार्ट व्यू पेज में आरएसी यात्रियों को दिखाने की सुविधा।

6: चार्ट पेज में यात्री का डी-बोर्डिंग फ़िल्टर जोड़ा गया

कंप्यूटर प्रोग्राम या प्रणाली में बग को दूर करना

1: वास्तविक समय पर कभी-कभी आरएसी यात्रिओंको आबंटन के लिए, बीच के स्टेशनोंसे नहीं आने वाले यात्रियों की खाली बर्थ, हैण्ड हेल्ड मशीन में दिखाई नही देती हैं।

2 ईएफ़टी फॉर्म इनपुट में दृश्यता समस्या: कभी-कभी ईएफ़टी मॉड्यूल में इनपुट मूल्य दिखाई नहीं देता है।

3 ऐप स्प्लैश स्क्रीन पर हैंग हो जाता है।

4: TTEs की असीमित प्रतीक्षा को अनदेखा करने के लिए सिंक्रनाइज़ेशन के सभी लेन-देन के समय को सीमित करता है।

5: यदि यात्री को मध्यवर्ती स्टेशन पर बर्थ पुन: आबंटित करते हैं तो आबंटन पर दोहरी प्रविष्टि दिखाना।

6 RAC, WL और NOSB ( कोई सीट/बर्थ नही ली गयी, बच्चा का आधा किराया टिकट ) यात्रियों की शिफ्टिंग को अक्षम करना।

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पश्चिम रेल WR भी LHB करण मे करेगा यात्री रैक का मानकीकरण, ग़ैरवातानुकूल कोचोंपर गिरेगी गाज़

मध्य रेल CR की LHB करण वाली सूची हाल ही में आपने देखी है, अब WR पश्चिम रेल की सूची भी आ गयी है। यह भी ठीक उसी रास्ते चल रही है। प रे प्रशासन में भी ग़ैरवातानुकूल अर्थात स्लीपर और द्वितीय श्रेणी कोच घट कर 2 – 2 रह जाएंगे। सर्वसाधारण यात्री की रेल यात्रा बड़ी साँसत में है।

अब यह किस तरह होगा यह समझने के लिए आम यात्री को रेल कोच के कोड पता होना जरूरी है। सूची में प्रेजेंट कॉम्पोजिशन में पुराने ICF कोचेज के कोड है और प्लान्ड कॉम्पोजिशन में नए LHB के कोच कोड दिए है। GS माने द्वितीय श्रेणी और GSZ माने स्लीपर। LHB के कोड में AC अक्षर आये की वह कोच AC के हुए। LHB में स्लीपर को LCN और द्वितीय को LS कहा गया है। बदली संरचना में आपको स्लीपर और द्वितीय के कोड के सामने बहुतांश जगहोंपर 2 कोच ही दिखाई देंगे और यही आम यात्री का दुर्भाग्य है।

आर्थिक वर्ष 2023 – 24 में LHB मानकीकरण की जाने वाली गाड़ियोंकी सूची

आर्थिक वर्ष 2023 – 24 में LHB मानकीकरण की जाने वाली गाड़ियोंकी सूची

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भारतीय रेल के सभी मार्ग की गति का निर्धारण किया गया है।

सभी रेल मार्गोंको 6 वर्गोंमे बाँटा गया है। यह वर्ग A से E तक है, जिसमे A वर्ग की गति सीमा 160 किलोमीटर प्रति घण्टे से लेकर वर्गानुसार कम होते जाएगी।

वर्ग A : अधिकतम गति सीमा 160 KMPH

वर्ग B : अधिकतम गति सीमा 130 KMPH

वर्ग C : इस वर्ग में मुम्बई, दिल्ली, चेन्नई एवं कोलकाता की उपनगरीय रेल्वेज आएगी।

वर्ग D : अधिकतम गति सीमा 110 KMPH

इसके अलावा जो भी रेल मार्ग बचते है, उन्हें वर्ग E में लिया जाएगा और उनकी अधिकतम गति सीमा 100 kmph रहेगी।

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दुर्घटना : मध्य रेल CR के बल्हारशहा मे फुट ओवर ब्रिज FOB पैदल पुल का स्लैब गिरा

मध्य रेल के नागपुर मण्डल, बल्हारशहा मे रेलवे स्टेशन पर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर यात्रिओंको जाने आने के लिए लगा, लगभग 50 वर्ष पुराना, फुट ओवर ब्रिज FOB पैदल पुल का स्लैब गिरा। कहा जा रहा है, अंदाज़न 20 यात्री स्लैब पर गढ्ढा गिरनेसे सीधे नीचे पटरी पर आ गिरे और उन्हें चोटें आईं। उन मे से 4 यात्री गम्भीर रूप से घायल है। याद रहे, कुछ दिन ही पूर्व, नागपुर मण्डल में ही बैतूल के पास पाँचवैली एक्सप्रेस के खाली रैक के 3 डिब्बे आग में झुलस गए थे। हालाँकि तब कोई यात्री के जान माल का नुकसान नही हुवा था।

टूटा हुवा FOB
(courtsey : http://www.RailPost.in)
वीडियो ANI के सहयोग से
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रेल लोको, उसके कोचेस, मालगाड़ी के डिब्बे उनका निर्मिती मूल्य

कई बार हमारे पढ़ने में ऐसी खबरें आती है, आन्दोलनकारीयोने गाडी फूँक दी, कोचोंको आग के हवाले कर दिया, रेलवे का करोड़ोका नुकसान हुवा। क्या आप जानते है, जिन कोचेस में आप यात्रा करते है, जो इंजिन आप की गाड़ी को खींचता है उसकी कीमत कितनी होती है? मित्रों, रेलवे कोई सर्वसाधारण यातायात व्यवस्था नही है, करोडो रूपए की सम्पत्ति पटरियोंपर यात्री सेवा में लगी पड़ी है। रेल विभाग की गिट्टी, पत्थर से लेकर उसके कोचेस तक हरेक वस्तु मूल्यवान है। आइए, आपको उसके कोचेस, मालडिब्बों और लोको की निर्मिती मूल्य से अवगत कराते है।

सारे आँकड़े लाख रुपये के मूल्य में है, केवल RWF और RWP कारखानों के सामने दिए गए मूल्य यूनिट्स में है। उपरोक्त मूल्य वर्ष 2021-22 का निर्धारण है।

CLW चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स, BLW बनारस लोकोमोटिव वर्क्स, RWF रेल व्हील फैक्टरी

ICF इंटीग्रल कोच फैक्टरी पेरंबूर चेन्नई, RWP रेल व्हील प्लान्ट बेला छपरा

RCF रेल कोच फैक्टरी कपूरथला पंजाब, MCF मॉडर्न कोच फैक्टरी रायबरेली, PLW पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स पंजाब,

लातूर महाराष्ट्र के कोच फैक्टरी में अभी निर्माण शुरू होने को है, अतः वहाँ का निर्मिती मूल्य सूची में मौजूद नही है।