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मध्य रेल CR के भुसावल मण्डल में, चालीसगांव स्टेशन पर रेल ब्लॉक; कुछ गाड़ियोंका परिचालन रहेगा बाधित

चालीसगांव स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज गर्डर के निर्माण के कारण रेल ब्लॉक लिया जा रहा है। निम्नलिखित गाड़ियोंका परिचालन बाधित रहेगा।

रद्द गाड़ियाँ :-

गाड़ी संख्या 11120 भुसावल-इगतपुरी मेमू ट्रेन 18.10.22 और ट्रेन नंबर 11119 इगतपुरी-भुसावल 19.10.22 को रद्द कर दिया गया है.

निम्नलिखित गाड़ियोंको नियंत्रित किया जाएगा

भुसावल से मनमाड़ की ओर जानेवाली गाड़ियाँ :-

1) 11078 (जम्मूतावी-पुणे) वाघली स्टेशन पर 08.15 से 11.25 तक
2) 12142 (पाटलिपुत्र- एलटीटी) कजगांव स्टेशन पर 08.30 बजे से 11.25 बजे तक।
3) 15065 (गोरखपुर – पनवेल) गालन स्टेशन पर 08.40 से 11.25 बजे तक।
4) 11056 (गोरखपुर-एलटीटी) पचोरा स्टेशन पर 08.45 से 11.25 बजे तक।
5) 12780 (निजामुद्दीन-वास्को) माहेजी स्टेशन पर 09.50 बजे से 11.25 बजे तक।

6) 15018 (गोरखपुर-एलटीटी) शिरसोली स्टेशन पर 10.25 से 11.25 बजे।
7) 15646 (गुवाहाटी-एलटीटी) जलगांव स्टेशन पर सुबह 10.40 बजे से 11.25 बजे तक।

मनमाड़ से भुसावल की ओर आनेवाली गाड़ियाँ

1) 20103 (एलटीटी-गोरखपुर) हीरापुर स्टेशन पर 10.35 से 11.25 बजे तक।

  1. 22129 (एलटीटी-प्रयागराज) नायडोंगरी स्टेशन पर 10.40 से 11.25 बजे।
  2. 12859 (सीएसएमटी-हावड़ा) पिम्परखेड़ स्टेशन पर 10.50 से 11.25 बजे तक।
  3. 12779 (वास्को निजामुद्दीन) नांदगांव स्टेशन पर 11.00 बजे से 11.25 बजे तक।
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4 जोड़ी गाड़ियोंके टर्मिनल्स में बदलाव! मगर यात्रिओंपर संकट नही।

उपरोक्त परिपत्रक देखिए, 19167/68 साबरमती एक्सप्रेस सप्ताह में 4 दीन और जोधपुर – वाराणसी के बीच चलनेवाली मरुधर बहने इन 4 जोड़ी गाड़ियोंको वाराणसी जंक्शन की जगह अब वाराणसी सिटी स्टेशनपर टर्मिनेट करने का निर्णय लिया गया है।

गौरतलब यह है, की यह सारी गाड़ियाँ वाराणसी जं. से वाराणसी सिटी तक विस्तारित हो जाएगी। अर्थात अब वाराणसी जंक्शन पर ठहराव लेकर आगे बढ़ेगी। हम, रेल प्रशासन के इस तरह के टर्मिनल्स बदलाव के निर्णय की प्रशंसा करते है। मध्य रेल या इतर रेल्वेज में टर्मिनल्स बदलाव के वक्त मुख्य स्टेशन की सेवा खण्डित हो कर उसे पूर्व स्टेशनपर ही टर्मिनेट करने का निर्णय लिया जाता है। कुछ उदाहरण देखते है।

मध्य रेलवे का नागपुर स्टेशन। नागपुर जंक्शन के दोनों ओर टर्मिनलों का प्रावधान है। मध्य रेल का अजनी टर्मिनल और दूसरी ओर दपुमरे का इतवारी टर्मिनल। दपुमरे की गाड़ियाँ नागपुर आने से पहले ही इतवारी में टर्मिनेट हो जाती है और मध्य रेल की अजनी में। दोनोंही ओर के यात्री नागपुर जैसे अत्यंत सुविधाजनक जंक्शन सेवा से वंचित रह जाते है। खैर यहाँपर नागपुर के दोनों टर्मिनल स्टेशन अलग अलग क्षेत्रीय रेलवे के है। मगर पुणे में ऐसा नही है।

आइए, पुणे जंक्शन की व्यवस्था देखते है। ठीक इसी तरह कुछ पुणे जंक्शन के नवनिर्मित टर्मिनल की भी कथा है। पुणे के लिए हड़पसर टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है। यदि कोई लम्बी दूर की गाड़ी हड़पसर में टर्मिनेट होती है तो यात्री को पुणे जाने के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था की तरफ देखना पड़ता है। मुम्बई से पुणे रेल यात्रा के दौरान खड़की, शिवाजीनगर स्टेशन को भी टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। रेल विभाग को चाहिए की, मुम्बई से पुणे की इन्टरसिटी गाड़ियोंको पुणे जंक्शन पर 5 मिनट का स्टोपेज दे कर हड़पसर में टर्मिनेट करे और दौंड से पुणे की ओर आने वाली गाड़ियोंको शिवाजीनगर, खड़की में टर्मिनेट करने की व्यवस्था करें। यह मुख्य जंक्शन की कनेक्टिविटी को कायम करने के लिए बेहद जरूरी है, अन्यथा उस जंक्शन स्टेशन का क्या उपयोग जिसपर गाड़ियाँ पहुंचने से पहले ही टर्मिनेट हो जाती है?

इसी तरह अहमदाबाद का साबरमती टर्मिनल, जोधपुर का भगत की कोठी टर्मिनल, भोपाल का रानी कमलापति टर्मिनल सूची में आ जाते है। यह कथा उन सारे मुख्य रेल मार्ग के बीच मे पड़ने वाले जंक्शन स्टेशन की है, जो अब बड़े शहर होने के कारण रेल टर्मिनल बनते गए और व्यस्तता के कारण उनके 5/10 किलोमीटर अगलबगल में नए टर्मिनल का विकास किया जा रहा है। रेल प्रशासन को चाहिए की ऐसे स्टेशनोंपर 2 अप/डाउन प्लेटफार्म ऐसे हो जिसपर गाड़ी आए, 5 मिनट रूके और किसी अगले स्टेशनपर जाकर टर्मिनेट की जाए। इसके लिए चाहे तो उपरोक्त जंक्शन स्टेशन के यार्ड/पिटलाइन/ लोको शेड का भी स्थानांतरण किया जा सकता है।

जंक्शन स्टेशन को जंक्शन की तरह उपयोग में लाए जाने के लिए इस तरह के निर्णय रेल प्रशासन को लेना नितांत आवश्यक है।

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मध्य रेलवे CR की दीपावली विशेष गाड़ियाँ मुम्बई से मंगलुरु, मडगांव और पुणे से अजनी के बीच

1) 01185/86 लोकमान्य तिलक टर्मिनस मंगलुरु जंक्शन लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक 21 अक्टूबर से 12 नवम्बर तक 4 फेरे लगाएगी।

2) 01187/88 लोकमान्य तिलक टर्मिनस मडगांव लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक 16 अक्टूबर से 14 नवम्बर तक 5 फेरे लगाएगी।

3) 01189/90 पुणे अजनी पुणे वातानुकूलित साप्ताहिक 18 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक 7 फेरे लगाएगी।

उपरोक्त सभी गाड़ियोंकी बुकिंग 16 अक्टूबर से खुलने जा रही है। विशेष गाड़ियोंको विशेष अतिरिक्त किराया दर से चलाया जा रहा है। गाड़ियोंकी संरचना में GS और SLR कोच अनारक्षित रहेंगे।

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4 जोड़ी गाड़ियाँ अगले महीनेसे सुपरफास्ट बन जाएगी

दक्षिण भारतमे, SWR रेल क्षेत्र में चलनेवाली 4 जोड़ी गाड़ियाँ मेल/एक्सप्रेस की श्रेणी बदलकर सुपरफास्ट श्रेणी में तब्दील होने जा रही है। यात्रीगण कृपया बदलें गाड़ी क्रमांक पर ध्यान दीजिएगा। गाड़ियोंमे समय बदलाव की फिलहाल कोई खबर नही है।

1) 16501/02 अहमदाबाद यशवंतपुर अहमदाबाद साप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 17 नवम्बर/15 नवम्बर से नए क्रमांक 22689/22690 से चलेंगी।

2) 16229/39 मैसुरु वाराणसी मैसूरु द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 12 नवम्बर/14 नवम्बर से नए क्रमांक 22687/22688 से चलेंगी।

3) 11065/66 मैसुरु रेनिगुंटा मैसूरु साप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 13 नवम्बर/14 नवम्बर से नए क्रमांक 22135/22136 से चलेंगी।

4) 16543/44 यशवंतपुर हुब्बाली यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 18 नवम्बर/19 नवम्बर से नए क्रमांक 20655/20656 से चलेंगी।

हम यात्रिओंसे निवेदन करते है, गाड़ियोंके अद्यायावत समयसारणी के लिए भारतीय रेल के अधिकृत ऐप, वेबसाइट से जानकारी लेकर ही अपनी रेल यात्रा का नियोजन करें।

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‘वन्देभारत’ का ट्रेनसेट, जो भारतीय रेल के एक दृष्टिकोण मे बहुउपयोगी होनेवाला है।

आज देश की चौथी वन्देभारत, अम्ब अंदौरा – नई दिल्ली एक्सप्रेस का उद्धाटन माननीय प्रधानमंत्री जी करने जा रहे है।

अब तक वन्देभारत एक्सप्रेस के तमाम फ़ायदे उसके आधुनिक विशेषताओं के साथ हम सभी को लगभग याद हो गए है। यह देश मे निर्मित सेमी हाई स्पीड ट्रेनसेट है।

हम पहले ट्रेनसेट का औचित्य समझते है। ट्रेनसेट मतलब कहीं भी शंटिंग, अर्थात डिब्बा या लोको की जोड़-तोड़ करने की जरूरत नही। यह गाड़ी दोनोंही दिशाओंसे, जरूरत के मुताबिक ऑपरेट की जा सकती है। इसका अर्थ यह की गाड़ी की परिचालन क्षमता पुरेपुर उपयोग किया जा सकता है।

इस ट्रेनसेट का सबसे बड़ा वैशिष्ट्य यह है की निम्नतम समय मे तीव्रतम गति लेना और कमसे कम समय मे गाड़ी की गति को नियंत्रण में लाना। क्या आप समझ रहे, इसका भारतीय रेल किस तरह उपयोग कर सकती है? सेमी हाई स्पीड अर्थात 200 kmph की उच्चतम गतिसीमा की गाड़ी औसत 75-80 की गति में चलाई जा रही है, कई क्षेत्र में अभी पटरियां भी उच्च क्षमता गति के काबिल नही है वहाँपर भी यह ट्रेनसेट लॉन्च किये जा रहे है? इसका अर्थ यह है, रेल विभाग वन्देभारत ट्रेनसेट का उपयोग उसके वैशिष्ट्य के अनुसार करेंगी।

और यदि इस तरह से उपयोग होने जा रहा है तो मानकर चलिए, भारतीय रेल की कई इन्टरसिटी/मेल/एक्सप्रेस/सुपरफास्ट ऐसी समयसारणी से चलती है, जिनके लगभग प्रत्येक 25/50 किलोमीटर पर स्टोपेजेस पड़ते है। आज हर दूसरा स्टेशन अपने यहाँ स्टोपेज की माँग लेकर खड़ा है और क्यों न करे, आखिर प्रगती का मार्ग यातायात की गति, सुविधाओं से जो जुड़ा है। ऐसी अवस्था मे देश की रेलवे, छोटे मझौले स्टेशनोंके लिए एक नया अवसर उपलब्ध करा सकती है।

वैसे भी वन्देभारत यह अत्याधुनिक, वातानुकूलित ट्रेनसेट है और फिर यह नई शुरू की गई मेमू/डेमू क्या है? 😊 जी, सही समझे! वह भी ट्रेनसेट ही है और वन्देभारत के ट्रेनसेट में और उनमें केवल लग्जरी का ही फर्क है। वातानुकूल नही है, आलीशान आसन नही है, और इसी तरह के थोड़े लग्जरी आइटम्स कम होंगे मगर परिचालन क्षमता सब वही की वही है।

मतलब जो भविष्य ट्रेनसेट का आनेवाला है, उसमे वन्देभारत का मूल नाम T18 के नए नए सुधारित अवतार सामने आते जाएंगे। स्लीपर वर्जन आ सकता है, सेमी लग्जरी भी आ सकता है। रेलवे के साधारण वर्ग के लिए मेमू/डेमू ट्रेनसेट तो आ ही गए है जिनका परीक्षण एक्सप्रेस के तौर पर देशभर में चल निकला है।

बस, थोडासा इंतजार कीजिये! जैसे ही वन्देभारत के ट्रेनसेट का उत्पादन बढ़ेगा, हमारी नियमित मेल/एक्सप्रेस भी ट्रेनसेट में बदली जानेवाली है।