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जी, अब तो समझ लीजिए साहब, यह किसकी ‘इकोनॉमी’ है? नियमित वातानुकूल थ्री टियर और नए वातानुकूल इकोनॉमी कोच के यात्री किराये में बहुत ही मामूली अन्तर है और इतनी कम इकोनॉमी (रियायत) में यात्री को लुभाकर उसकी चद्दरें, कम्बल यदि छीन ली जाए, हाथ पैर पसारने की जगह भी कस दी जाए तो क्या वह सचमुच ‘इकोनॉमी’ कोच की तरफ आकर्षित होगा? हमे तो नही लगता, आगे ‘इकोनॉमी’ का लाभ लेने वाले यात्री ही जाने।
दिल्ली – चेन्नई रेल मार्ग को ग्रैण्ड ट्रंक रेल मार्ग कहा जाता है। इस मार्ग में उत्तर रेलवे, उत्तर मध्य रेल, पश्चिम मध्य रेल, मध्य रेल, दक्षिण मध्य रेल और दक्षिण रेल ऐसे क्षेत्रीय रेलवे विभाग पड़ते है। इन सारे क्षेत्रीय रेल्वेज में मध्य रेल को छोड़ कर बाकी सभी के रेल मार्ग स्पीड अप याने 130 kmph क्षमता जे हो चुके है।
मध्य रेलवे का नागपुर मण्डल का इटारसी – नागपुर – बल्हारशहा यह रेल मार्ग पर जिसमें 7 जोड़ी अर्थात 14 गाड़ियोंको 130 kmph की गति से चलने के लिए चुना गया है। ज्ञात रहे यह सारी गाड़ियाँ आधुनिक LHB कोच से सुसज्जित की गई है और निम्नलिखित परिपत्रक के अनुसार आज/कल से चलना शुरू दी गई है।

यह 7 जोड़ी गाड़ियाँ है,
12213/14 यशवंतपुर दिल्ली सराय रोहिल्ला यशवंतपुर साप्ताहिक दुरंतो
12433/34 एम जी आर चेन्नई सेन्ट्रल हज़रत निजामुद्दीन एम जी आर चेन्नई सेंट्रल द्विसाप्ताहिक राजधानी
12437/38 सिकन्दराबाद हज़रत निजामुद्दीन सिकन्दराबाद साप्ताहिक राजधानी
12441/42 बिलासपुर नई दिल्ली बिलासपुर द्विसाप्ताहिक राजधानी
12269/70 एम जी आर चेन्नई सेन्ट्रल हज़रत निजामुद्दीन एम जी आर चेन्नई सेंट्रल द्विसाप्ताहिक दूरन्तो
12285/86 सिकन्दराबाद हज़रत निजामुद्दीन सिकन्दराबाद द्विसाप्ताहिक दुरंतो
22691/92 के एस आर बेंगलुरु हज़रत निजामुद्दीन के एस आर बेंगलुरु प्रतिदिन राजधानी
मित्रों, हम मध्य रेल को, यात्रिओंद्वारा बहुप्रतीक्षित उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते है और आशा करते है जल्द ही इस मार्ग चलनेवाली सारी गाड़ियाँ अपनी उच्चतम गती से दौड़ना शुरू कर दे और ना सिर्फ नागपुर मण्डल का ग्रैंड ट्रंक ही नही इतर मण्डल के इतर मार्ग भी उच्च गति के लिए अनुज्ञप्ति प्राप्त कर ले।
संक्रमण काल मे रेल यात्रा करने में बड़े निर्बंध लगाए गए थे। सारी यात्री गाड़ियाँ आरक्षित और आरक्षण फॉर्म में भी यात्री को अपने गंतव्य रेलवे स्टेशन के साथ वह कहाँ उतरने वाला है, अर्थात उसके गन्तव्य का पता लिखना भी अनिवार्य था।चूँकि 31 मार्च से इन निर्बन्धों मे काफी छूट दी गयी है, अतः रेल प्रशासन ने आरक्षण मांग पत्र से गन्तव्य का पता लिखने की अनिवार्यता को बन्द करने का निर्णय लिया है। इस सबन्धी जारी पत्र में रेल्वे के सारे PRS एवं IRCTC रेलवे की ई-टिकट सेवा को गन्तव्य स्टेशन का यात्री के उतरने, ठहरने का पता लिखने के कॉलम हटाने को कहा गया है।
