Uncategorised

लोकमान्य तिलक टर्मिनस – बलिया के बीच त्रिसाप्ताहिक होली विशेष गाड़ी चलेगी।

01001 लोकमान्य तिलक टर्मिनस बलिया विशेष दिनांक 07 मार्च से 30 मार्च तक प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को चलेगी और 01002 बलिया लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष दिनांक 09 मार्च से 01 अप्रैल तक प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार एवं रविवार को चलेगी। यात्रीगण ध्यान रहे, इस गाड़ीमे केवल आरक्षित यात्री ही यात्रा कर पाएंगे।

गाड़ी की डिब्बा संरचना इस प्रकार है, 1 वातानुकूलित टू टियर, 6 वातानुकूलित थ्री टियर, 11 शयनयान स्लिपर, 5 द्वितीय श्रेणी सिटिंग 2S

समयसारणी निम्नलिखित है,

Uncategorised

पश्चिम रेल WR ने जारी की अपने अनारक्षित द्वितीय श्रेणी कोचेस की सूची ; 01 जुलाई से लागू होंगी व्यवस्था

दिनांक 28 फरवरी को रेल प्रशासन द्वारा जारी किए गए परिपत्रक पर हमने लगातार अपनी पोस्ट बनाई थी, उसमे 120 दिनोंके बाद अर्थात 29/30 जुन से देश भर की बहुतांश मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमे अनारक्षित टिकटें जारी की जा सकती है यह कहा गया था। एक तरह से यह बात सिद्ध हो गयी है। पश्चिम रेलवे ने 01 जुलाई से अनारक्षित कोचेस की सूची जारी कर दी है।

अहमदाबाद मण्डल से चलनेवाली मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमे अनारक्षित कोच की सूची : –

मुम्बई मण्डल से चलनेवाली मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमे अनारक्षित कोच की सूची : –

वडोदरा मण्डल से चलनेवाली मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमे अनारक्षित कोच की सूची : –

भावनगर मण्डल से चलनेवाली मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमे अनारक्षित कोच की सूची : –

राजकोट मण्डल से चलनेवाली मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमे अनारक्षित कोच की सूची : –

रतलाम मण्डल से चलनेवाली मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमे अनारक्षित कोच की सूची : –

इसके अलावा क्षेत्र से चलनेवाली जनसाधारण एवं अंत्योदय गाड़ियाँ भी 01 जुलाई से पुर्णतयः अनारक्षित कर दी जाएगी, PRS सिस्टम से निकाल दी जाएगीउन गाड़ियोंमे अब संक्रमणपूर्व काल के भांति अग्रिम आरक्षण नही किया जाएगा।

Uncategorised

16382/81 कन्याकुमारी पुणे कन्याकुमारी प्रतिदिन एक्सप्रेस दिनांक 31 मार्च कन्याकुमारी से और 01 अप्रैल पुणे से नए LHB अवतार में चल पड़ेगी।

संक्रमणपूर्व काल मे यह गाड़ी मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और कन्याकुमारी स्टेशन के बीच चलाई जा रही थी। शून्याधारित समयसारणी के प्रस्तावानुसार अब इसे पुणे – कन्याकुमारी के बीच चलाया जाएगा। 16381 गाड़ी समय परिवर्तन के साथ लगभग 4 घंटे 45 मिनिट स्पीड अप की गई है। 16382 गाड़ी में समय का बदलाव तो है मगर गति में कोई विशेष फर्क नही हुवा है।

Uncategorised

भारतीय रेल के परिचालनमे आने वाले आमूलचूल बदलाव, क्या सर्वसामान्य रेल यात्री इसके लिए तैयार है?

एक ‘इंफ्रास्टोरी’ नामक ट्विटर अकाउंट है, यहाँ से कल रेलवे कोच प्रोडक्शन सम्बन्ध में निम्नलिखित ट्वीट देखने मिले।

400 वन्देभारत गाडियोंकी घोषणा की जा चुकी है, जिनमे 75 गाड़ियोंकी बात मा. प्रधानमंत्री जी ने लाल किले से की थी। अब हमारे मुख्य विषय, इस ट्वीट पर आते है, भारतीय रेल कोच उत्पादन कार्यक्रम वर्ष 2022-23 में ICF इंटेग्रल कोच फैक्टरी, पैराम्बूर को 880, RCF रेल कोच फैक्टरी कपूरथला को 160 एवं MCF मॉडर्न कोच फैक्टरी रायबरेली को 160 वन्देभारत कोच बनाने होंगे। यह हुई वन्देभारत गाड़ियोंकी बात, आगे 1812 थ्री टियर वातानुकूलित इकोनॉमी, 1508 थ्री टियर वातानुकूलित नियमित, 220 तेजस कोच और 70 विस्ताडोम कोच ऐसे कुल 3610 अन्दाजन सभी वातानुकूलित कोच निर्मिती का लक्ष्य दिया गया है और 550 ग़ैरवातानुकूलित, नॉन एसी स्लिपर कोच भी इस लक्ष्य में जोड़े गए है। अर्थात 4160 कोचमे केवल 13 फीसदी नॉन एसी कोचेस है।

बहुत आश्चर्य की बात है इस कोच प्रोडक्शन सूची की, 87% कोच प्रोडक्शन सिर्फ और सिर्फ वातानुकूलित डिब्बों का किया जा रहा है, कुछ समझे? मित्रों क्या भारतीय रेल मे संपूर्ण वातानुकूलित गाडियोंका दौर आने जा रहा है?

जब देशभर के कोने कोने तक के सारे रेल मार्गोंका विद्युतीकरण प्रगतिपथ पर है, सेल्फ प्रपोल्शन अर्थात लोको समाहित वाली गाड़ियाँ लायी जा रही है, पुरानी शंटिंग कर डिब्बे डिब्बे जोड़कर बनने वाली गाड़ियाँ हटाकर सेल्फ प्रपोल्शन मेमू/डेमू लायी जा रही है। गाड़ियोंकी गति 130/160/200 kmph होने जा रही है। मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंको LHB किया जा रहा है, साथ ही उसमे लगने वाले डीजल के जनरटरोंको हटाकर कोचेस में OHE से बिजली सप्लाई की तकनीक अपनायी जा रही है। तेज गति में अवरोध उत्पन्न करने वाले समपार फाटक हटाकर RUB/ROB ऊपरी पुल/ सुरंग निर्माण किया जा रहा है। सिग्नल व्यवस्था अद्ययावत की जा रही है। यह बदलाव बुनियादी सुविधाओं में है।

अब परिचालनिक बदलाव देखिए, शून्याधारित समयसारणी लागू करने की जोरदार कवायदें चल रही है, इसी चक्कर मे 23-24 महीनोंसे नियमित समयसारणी प्रकाशित नही की गई। कई यात्री गाड़ियोंके छोटे स्टेशनोंके स्टापेजेस हटाये गए है। सवारी गाड़ियाँ, त्वरित तीव्र गति लेने वाली डेमू/मेमू में बदली गयी है। मुम्बई उपनगरीय क्षेत्र में लगातार वातानुकूलित EMU गाड़ियोंके रैक बढाए जा रहे और यात्रिओंके लिए उनके किरायों को भी सुसंगत करने की बात हो रही है।

यह सारी बाते हमे यह दर्शाती है, भारतीय रेलों में आनेवाले 2-4 वर्षोंमें आमूलचूल बदलाव होने जा रहा है। लम्बी दूरीकी की सारी गाड़ियाँ तेज गति, कम ठहराव और वातानुकूलित की जा सकती है। 400-500 किलोमीटर के रेंज में चलने वाली गाड़ियोंके लिए मेमू/डेमू रैक वाली गाड़ियाँ इंटरसिटी स्वरूप में लायी जा सकती है।

मित्रों, शून्याधारित समयसारणी और उपरोक्त सारी गतिविधियों से यात्रीगण और यात्री संगठनों ने भी यह बात समझ लेनी चाहिए की वह जिस तरह से पुराने स्टापेजेस और पुरानी गाड़ियोंको पुनर्स्थापित करने का आग्रह करते जा रहे है, बजाय उसके अपने मार्गोंपर अपने क्षेत्र के यात्रिओंके लिए उपयोगी डेमू/मेमू/इंटरसिटी गाड़ियोंकी मांग करनी चाहिए। ठीक यही बात लम्बी दूरी की मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंके द्वितीय श्रेणी सामान्य कोच की है। बिल्कुल शुरू के स्टेशन से ही भीड़ भरे कोचमे, बीच के स्टेशनोंसे चढ़ने वाले यात्रिओंको टिकट दिलवाने का आग्रह किस कदर किया जा रहा है यह भी समझ के परे है। यदि रेल प्रशासन के निर्धारण में गाड़ियाँ सम्पूर्णतयः वातानुकूलित की जाती है (वातानुकूलित सिटिंग कोच के निर्माण की भी चर्चाएँ है), तो यह द्वितीय श्रेणी सामान्य टिकट सीमित गाड़ियों भर के लिए रह जायेगा।

यात्रीगण हम आशा करते है, भारतीय रेल में आनेवाले क्रांतिकारी बदलावों के लिए आप सब लोग अपनी मानसिकता बना चुके होंगे।

लेख में प्रगट किये गए विचार, लेखक के सद्य स्थितियां देख कर बनाये गए अनुमान है। लेख में प्रकाशित ट्वीट के लिए @marinbharat और twitter.com का सादर आभार

Uncategorised

नियमित मेल/एक्सप्रेस के ‘द्वितीय श्रेणी साधारण’ कोच मे क्या आज से ही अनारक्षित टिकटें मिल रही है?

कई अखबारों की खबरों से और सोशल मीडिया के अर्धज्ञानी संस्थानों ने रेल यात्रियों को भ्रम की स्थिति में डाल दिया है। बहुत से यात्री रेलवे स्टेशनोंपर साधारण टिकट को लेकर बहस करते नजर आ रहे है। अभी तुरन्त मेल/एक्सप्रेस के जनरल टिकट/द्वितीय श्रेणी साधारण मिलने लग जाएंगे ऐसा कदापि नही है। कृपया रेल प्रशासन के परिपत्रक को समझिए,

रेल प्रशासन ने अपने 28 फरवरी के परिपत्रक मे, स्पष्ट शब्दोंमें कहा है, संक्रमणपूर्व काल मे जो आसन व्यवस्था थी उसे पुनर्स्थापित किया जा रहा है। इसमें जो गाड़ियाँ अब नियमित गाड़ी क्रमांक से चलना शुरू हो चुकी है, अर्थात 0 क्रमांक के बजाय नियमित पांच आकड़ोंके गाड़ी क्रमांक से चल रही है, उनमें पूर्वकालीन अनारक्षित द्वितीय साधारण श्रेणी शुरू की जा सकती है। परंतु रेलवे की ARP 120 दिनोंकी है, मतलब 120 दिनोंतक कई यात्रिओंने अपने टिकट 2S में आरक्षित कर रखे है तब अनारक्षित सेवा शुरू होने के लिए बिना आरक्षित 2S की प्रतीक्षा करना स्वाभाविक है।

रेल प्रशासन को दिनांक 28 फरवरी से 2S की ARP अर्थात अग्रिम आरक्षण बुकिंग बन्द करनी होगी और इसके पश्चात बहुतांश मेल/एक्सप्रेस के द्वितीय श्रेणी साधारण यानों में 2S की कोई बुकिंग नही रहेगी और उसी दिन से जनरल टिकटें मिलना शुरू होंगी। 28 फरवरी से 120 दिन मतलब 29/30 जून यह तिथि बैठती है। आप IRCTC की बुकिंग ऍप देख लीजिए, आपके सबूत मिल जाएंगे। कई गाड़ियोंमे उपरोक्त तिथि के बाद 2S बुकिंग में “क्लास डज नॉट एक्जिस्ट” लिख कर आता है।

जो गाड़ियाँ हॉलीडे स्पेशल, होली या अन्य त्यौहार विशेष रूप में परिचालित की जाएगी और जिनके गाड़ी क्रमांक ‘0’ से शुरू हो रहे होंगे, ऐसी गाड़ियोंके टिकट आरक्षित/अनारक्षित रहेंगे इसकी घोषणा उन गाड़ियोंके कार्यक्रम के साथ, सम्बंधित क्षेत्रीय रेलवे द्वारा ही की जाएगी। गौरतलब यह है, यदि कोई गाड़ी नियमित क्रमांक से पुनर्स्थापित हो रही है तो उसके द्वितीय श्रेणी कोच सीधे ही अनारक्षित आसन व्यवस्था में उपलब्ध कराए जा सकते है, चूँकि उन गाड़ियोंमे पहले से कोई आरक्षित यात्री की अग्रिम टिकटें न होने से उनमे 120 दिन रुकने की आवश्यकता नही रहेगी। बशर्ते, सम्बंधित क्षेत्रीय रेलवे उसमे अलग से 2S वर्ग की घोषणा न कर दे।

तो यात्रीगण मेल/एक्सप्रेस की द्वितीय श्रेणी साधारण टिकटों के लिए 29 जून के बाद की रेल यात्रा उपलब्ध होगी।