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द पु म रे SECR की दुर्ग निजामुद्दीन दुर्ग द्विसाप्ताहिक हमसफ़र बदलावोंके साथ शुरू हो रही है।

संक्रमण पूर्व काल मे 22867/68 गाड़ी क्रमांक से चलाई जानेवाली द्विसाप्ताहिक हमसफ़र एक्सप्रेस नए विशेष क्रमांक 08223/24 से शुरू की जा रही है।

08223 दुर्ग हज़रत निजामुद्दीन द्विसाप्ताहिक हमसफ़र विशेष दिनांक 28 सितम्बर से प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को दुर्ग से चलेगी और वापसीमे 08224 हज़रत निजामुद्दीन दुर्ग द्विसाप्ताहिक हमसफ़र दिनांक 29 सितम्बर से प्रत्येक बुधवार एवं रविवार को हज़रत निजामुद्दीन से रवाना की जाएगी। आइए समयसारणी का बदलाव भी समझ लेते है।

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दुनिया का सबसे छोटा रेलवे नेटवर्क

दुनिया मे जहाँ सबसे बड़े रेल नेटवर्क की बात होती है तो यूनाइटेड स्टेस्टस ऑफ अमेरिका, जिनका 2,50,000 किलोमीटर लम्बा नेटवर्क है। दूसरा चीन, जिसके पास 1,00,000 किलोमीटर, रशिया 85,500 और चौथे क्रमांक पर हम, भारत 65,000 किलोमीटर रेल नेटवर्क है। आज हम सबसे छोटे रेल नेटवर्क की बात कर रहे है। वह है वैटिकन सिटी रेल नेटवर्क।

वेटिकन रेलवे को 1934 में वैटिकन सिटी और इसके एकमात्र रेलवे स्टेशन, सीट डे वैतिकानो Citt del Vaticano की सेवा के लिए खोला गया था।  मुख्य रेल पटरियां स्टैण्डर्ड गेज याने 1435mm, 4 फिट 8.5 इंच का है और 300 मीटर जी हाँ केवल 300 मीटर लंबी रेल लाइन हैं। जिसमें दो फ्रेट साइडिंग हैं, जो इसे दुनिया की सबसे छोटी राष्ट्रीय रेलवे प्रणाली बनाती है। 

इतने छोटे से रेल नेटवर्क पर कभी कोई यात्री गाड़ी नही चलती थी केवल कुछ माल गाड़ियोंका वह भी कभी कभार परिचालन किया जाता रहा मगर वर्ष 2015 से प्रत्येक शनिवार की सुबह एक यात्री सेवा Castel Gandolfo के लिए यात्रियों के साथ चलती है। अधिकांश अन्य रेल यातायात में आने वाली माल ढुलाई होती है। हालांकि आमतौर पर प्रतीकात्मक या किसी औपचारिक विशेष कारणों के चलते कभी कभी अन्य यात्रियों को ले जाया है।

रेल गाड़ी इटालियन स्टेट रेल्वेज की है, बस कुछ माल डिब्बे वैटिकन रेल्वेज के है, मगर हैरत की बात यह है की वैटिकन रेलवे के पास खुद का कोई भी कर्मचारी पास नही है।

आइए इस छोटे से 300 मीटर के रेलवे नेटवर्क की तस्वीरें देखते है।

वैटिकन सिटी रेल नेटवर्क मैप
वैटिकन सिटी रेलवे की शुरूआत। इसमें दरवाजे लगे है।
वैटिकन रेलवे के एकमात्र स्टेशन होली सी में दाखिल होती रेलगाड़ी
चूँकि इनके पास कोई लोको नही है, स्टेशन एंड पर ट्रैक्टर रखा है जो शंटिंग लिए उपयोग में लाया जाता है।
रेलवे प्लेटफॉर्म
माल डिब्बे

सभी जानकारी एवं तस्वीरें wikipedia.org से साभार।

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उत्तर मध्य रेल NCR में झाँसी कानपुर खण्ड पर रेल दोहरीकरण के कार्य के चलते रेल यातायात बाधित रहेगी

झाँसी मण्डल के झाँसी से कानपुर के बीच रेल दोहरीकरण का काम चल रहा है। यह दोहरीकरण चौराह – पोखरायन – मलासा ऐसे कुल 19 किलोमीटर का काम है। इस काम के दौरान 9 गाड़ियाँ रद्द और 15 गाड़ियोंका मार्ग परिवर्तन किया जाएगा।

पुर्णतयः रद्द गाड़ियाँ

09465 अहमदाबाद दरभंगा साप्ताहिक विशेष वाया रतलाम, झांसी दिनांक 24 सितम्बर, शुक्रवार को अहमदाबाद से दरभंगा के लिए नही चलेगी। ठीक उसी तरह वापसीमे 09466 दरभंगा अहमदाबाद साप्ताहिक विशेष दिनांक 27 सितम्बर, सोमवार को दरभंगा से अहमदाबाद के लिए नही चलेगी।

01803/04 झाँसी लखनऊ झाँसी प्रतिदिन विशेष दिनांक 28 सितम्बर मंगलवार को अपने दोनोंही ओरसे याने झाँसी और लखनऊ के बीच नही चलाई जाएगी।

02575 हैदराबाद गोरखपुर साप्ताहिक विशेष दिनांक 24 सितम्बर, शुक्रवार को हैदराबाद से गोरखपुर के लिए नही चलेगी। ठीक उसी तरह वापसीमे 02576 गोरखपुर हैदराबाद साप्ताहिक विशेष दिनांक 26 सितम्बर, रविवार को गोरखपुर से हैदराबाद के लिए नही चलेगी।

05101 छपरा लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक विशेष दिनांक 21 सितम्बर, मंगलवार को छपरा से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए नही चलेगी।05102 लोकमान्य तिलक टर्मिनस छपरा साप्ताहिक विशेष दिनांक 23 सितम्बर, गुरुवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से छपरा के लिए नही चलेगी।

02598 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस गोरखपुर साप्ताहिक विशेष के दो फेरे रद्द किए जा रहे है। दिनांक 22 और 29 सितम्बर, बुधवार को यह गाड़ी मुम्बई से गोरखपुर की ओर रवाना नही की जाएगी।

मार्ग परिवर्तन कर चलनेवाली गाड़ियाँ

1: 02107 लोकमान्य तिलक टर्मिनस लखनऊ त्रिसाप्ताहिक विशेष जो प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शनिवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलती है और मंगलवार, गुरुवार और रविवार को झाँसी, कानपुर लखनऊ को पहुंचती है, दिनांक 18, 20, 22, 25 और 27 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलनेवाली गाड़ी अपने नियमित मार्ग भुसावल, भोपाल से झाँसी पहुंचने के बाद झाँसी से लखनऊ के बीच नियमित मार्ग औराई होकर न चलते हुए आग्रा कैंट, टूण्डला होकर कानपुर लखनऊ जाएगी। इस दौरान औराई स्टेशन छूट रहा है।

2: 05024 यशवंतपुर गोरखपुर साप्ताहिक विशेष जो प्रत्येक गुरुवार को यशवंतपुर से चलती है और शनिवार को झाँसी, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर को पहुंचती है, दिनांक 16 एवं 23 सितम्बर को अपने नियमित मार्ग से झाँसी पहुंचने के बाद आगे झाँसी, ग्वालियर, भिण्ड, इटावा होकर कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर जाएगी। इस दौरान औराई स्टेशन छूट रहा है।

3: 05023 गोरखपुर यशवंतपुर साप्ताहिक विशेष जो गोरखपुर से प्रत्येक मंगलवार को निकलती है, दिनांक 28 सितम्बर को गोरखपुर से निकलने के बाद कानपुर से आगे औराई होकर न जाते हुए कानपुर, इटावा, भिण्ड, ग्वालियर होकर झाँसी पहुचेंगी और आगे अपने नियमित मार्ग से चलकर यशवंतपुर को जाएगी।

4: 05066 पनवेल गोरखपुर सप्ताह में 5 दिन चलनेवाली विशेष गाड़ी, जो पनवेल से प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार एवं शनिवार को निकलती है, दिनांक 17, 18, 20, 21, 22, 24, 25 एवं 27 सितम्बर को पनवेल से निकल कर नियमित मार्ग भुसावल, भोपाल से झाँसी पहुंचने के बाद झाँसी से लखनऊ के बीच नियमित मार्ग औराई, होकर न चलते हुए आग्रा कैंट, टूण्डला होकर कानपुर लखनऊ जाएगी। इस दौरान औराई स्टेशन छूट रहा है।

5: 05065 गोरखपुर पनवेल सप्ताह में 5 दिन चलनेवाली विशेष गाड़ी दिनांक 28 सितम्बर मंगलवार को गोरखपुर से चलने के बाद कानपुर तक आकर अपने नियमित मार्ग औराई होकर न चलते हुए, कानपुर से टूण्डला, ग्वालियर होकर झाँसी पहुंचेगी और आगे अपने नियमित मार्ग से चलकर पनवेल को जाएगी।

6: 01408 लखनऊ पुणे साप्ताहिक विशेष गाड़ी दिनांक 23 सितम्बर गुरुवार को लखनऊ से चलने के बाद कानपुर आकर अपने नियमित मार्ग औराई होकर न चलते हुए, कानपुर से टूण्डला, ग्वालियर होकर झाँसी पहुंचेगी और आगे अपने नियमित मार्ग से चलकर पुणे को जाएगी।

7: 01079 लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोरखपुर साप्ताहिक विशेष गाड़ी जो प्रत्येक गुरुवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलकर शुक्रवार को झाँसी, कानपुर, लखनऊ और शनिवार को गोरखपुर पहुंचाती है, दिनांक 23 सितम्बर को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से नियमित मार्ग भुसावल, भोपाल से झाँसी पहुंचने के बाद झाँसी से लखनऊ के बीच नियमित मार्ग औराई होकर न चलते हुए आग्रा कैंट, टूण्डला होकर कानपुर लखनऊ होकर आगे नियमित मार्ग से गोरखपुर जाएगी। इस दौरान औराई स्टेशन छूट रहा है।

8: 02099 पुणे लखनऊ साप्ताहिक विशेष जो प्रत्येक मंगलवार को पुणे से चलती है और बुधवार को झांसी, कानपुर लखनऊ को पहुंचती है दिनांक 21 सितम्बर को पुणे से निकल कर झाँसी के आगे झाँसी, ग्वालियर, भिण्ड, इटावा होकर कानपुर, लखनऊ जाएगी। इस दौरान औराई स्टेशन छूट रहा है।

9: 02100 लखनऊ पुणे साप्ताहिक विशेष गाड़ी दिनांक 22 सितम्बर को कानपुर से आगे औराई होकर न जाते हुए कानपुर, इटावा, भिण्ड, ग्वालियर होकर झाँसी पहुचेंगी और आगे अपने नियमित मार्ग से चलकर पुणे पहुंचेगी।

10: 02521 बरौनी एर्नाकुलम साप्ताहिक विशेष दिनांक 27 सितम्बर सोमवार को बरौनी से निकल कर मंगलवार को अपने नियमित मार्ग की जगह कानपुर से आगे कानपुर, टूण्डला, आग्रा कैंट, होकर झांसी पहुँचेंगी और आगे नियमित मार्ग से चलकर एर्नाकुलम पहुचेंगी।

11: 05030 पुणे गोरखपुर साप्ताहिक विशेष जो प्रत्येक शनिवार को पुणे से चलती है और रविवार को झांसी, कानपुर लखनऊ, गोरखपुर को पहुंचती है दिनांक 18 एवं 25 सितम्बर को पुणे से निकल कर झाँसी के आगे झाँसी, आग्रा कैंट, टूण्डला होकर कानपुर, लखनऊ जाएगी। इस दौरान औराई स्टेशन छूट रहा है।

12: 04185 ग्वालियर बरौनी विशेष प्रतिदिन मेल दिनांक 18 से 28 सितंबर तक ग्वालियर से मार्ग परिवर्तन कर इटावा होकर कानपुर से आगे बरौनी जाएगी ठीक उसी तरह वापसीमे 04185 बरौनी ग्वालियर प्रतिदिन विशेष मेल गाड़ी दिनांक 19 से 27 सितम्बर तक कानपुर से आगे अपना मार्ग परिवर्तन कर इटावा होकर ग्वालियर पहुंचेगी। इस दौरान दोनोंही दिशामे डबरा, दातिया, झाँसी, औराई, कालपी, पोखरायन स्टेशन पर नही जाएगी।

14: 05016 यशवंतपुर गोरखपुर साप्ताहिक विशेष जो प्रत्येक बुधवार को यशवंतपुर से चलती है और शुक्रवार को झाँसी, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर को पहुंचती है, दिनांक 15 एवं 22 सितम्बर को अपने नियमित मार्ग से झाँसी पहुंचने के बाद आगे झाँसी, आग्रा कैंट, टूण्डला होकर कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर जाएगी। इस दौरान औराई स्टेशन छूट रहा है।

15: 02576 गोरखपुर हैदराबाद साप्ताहिक विशेष दिनांक 19 सितम्बर रविवार को गोरखपुर से चलने के बाद कानपुर तक आकर अपने नियमित मार्ग औराई होकर न चलते हुए, कानपुर से टूण्डला, ग्वालियर होकर झाँसी पहुंचेगी और आगे अपने नियमित मार्ग से चलकर हैदराबाद को जाएगी।

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उत्तर रेलवे NR में रेल के तकनीकी कार्यके चलते रेल सेवा बाधित रहेगी

उत्तर रेलवे के मोरादाबाद मण्डलमे, रामपुर स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के कार्य किए जा रहे है। इस तकनीकी कार्य के चलते रामपुर स्टेशन से गुजरने वाली रेल यातायात दिनांक 20 से 24 सितम्बर तक बाधित रहेंगी। 16 गाड़ियाँ इस अवधि में रद्द की जा रही है तो 18 गाड़ियाँ मार्ग परिवर्तन कर चलाई जाएगी। 3 गाड़ियोंके परिचालन को करीबन 60 से 240 मिनिट तक नियंत्रित किया जाएगा। आइए परीपत्रक देख लेते है।

निम्नलिखित सूची में 16 गाड़ियाँ बताए गए तिथि को अपने आरम्भ के स्टेशन से ( JCO ) नही चलेगी।

18 गाड़ियाँ अपने नियमित मार्ग की जगह परावर्तित मार्ग से चलाई जाएगी। सूची में परावर्तित मार्ग और कौनसे स्टेशन होकर नही जाएगी यह दिया गया है। यात्रीगण गाड़ियोंकी तिथि पर ध्यान दें। निर्देशित तिथि (JCO) याने गाड़ी के प्रारंभिक स्टेशन से छूटने की तिथि है।

निम्नलिखित गाड़ियोंके परिचालन को नियंत्रित किया जाएगा।

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भारत सरकार, भारतीय रेलवे की बड़ी इकाइयों को सुव्यवस्थित करने का प्रस्ताव दिया है, जिन में CRIS, CORE, COFMOW, RAILTEL आदि को भारतीय रेल की इतर कम्पनियोंमे समाहित कर उनका स्वतंत्र अस्तित्व खत्म कर सकती हैं।

भारत सरकार ने रेल मंत्रालय के तहत संचालित कई भारतीय रेलवे इकाइयों को सुव्यवस्थित और युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव दिया है। धमाका काफी बड़ा है और कई प्रस्थापितोंके नींव को झझकोर कर रख देने वाला है।

वित्त मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव में, भारतीय रेलवे की गैर-प्रमुख इकाइयों जैसे लोको कारखाने, पुल निर्माण, रेलवे स्कूल, रेलवे अस्पताल, रेल प्रशिक्षण संस्थानों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को युक्तिसंगत बनाने, बंद करने या अन्य इकाइयों के साथ विलय के प्रस्ताव दिए गए है।

समान कार्य कर रहे सीपीएसयू सेंट्रल पब्लिक सेक्टर अंडर टेकिंग का विलय
संजीव सान्याल प्रस्ताव में रेल मंत्रालय के तहत संचालित कई सीपीएसयू में सुधार की मांग की गई है।

आरवीएनएल RVNL का इरकॉन IRCON में विलय
प्रमुख सिफारिशों में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) का इरकॉन के साथ विलय है। RVNL बेहतर परियोजना निष्पादन के लिए गठित एक विशेष प्रयोजन वाहन है। प्रस्ताव के अनुसार इरकॉन एक ‘विशेषज्ञ बुनियादी ढांचा निर्माण संगठन’ भी है और इसकी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भी है। चूँकि RVNL के पास कोई विशेष शक्ति नहीं है और वह केवल भारतीय रेलवे से नामांकन के आधार पर परियोजनाएं प्राप्त करता है। प्रस्ताव के अनुसार, यह दोनों कम्पनियाँ एक ही तरह का काम करती है अतः प्रस्तावित विलय के लिए यह पर्याप्त कारण है।

ब्रेथवेट एंड कंपनी का राइट्स RITES में टेकओवर
एक बीमार पब्लिक अंडर टेकिंग कम्पनी, जिसे हाल ही में शुरू किया गया है। ब्रेथवेट एंड कंपनी को भारतीय रेलवे द्वारा संचालित तकनीकी सलाहकार RITES द्वारा अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित किया गया है। भारत सरकार के प्रस्ताव ने अधिग्रहण के औचित्य के रूप में दोनों को ‘कार्य की समान प्रकृति’ के रूप में पहचाना है।

भारतीय रेलवे इकाइयों के युक्तिकरण के प्रस्ताव का हिस्सा : क्रिस CRIS को बंद करें, रेलटेल RAILTEL को आईआरसीटीसी IRCTC के साथ मिलाए।

भारत सरकार ने रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) को बंद करने का प्रस्ताव दिया है। क्रिस भारतीय रेलवे के लिए सॉफ्टवेयर बनाने का काम करती है। यात्री टिकट, रेल गाड़ियोंका समय नियोजन, रेलवे माल लदान की रसीदें, परिचालन विभाग में चल स्टॉक का नियोजन ई. काम सॉफ्टवेयर के जरिए CRIS के जिम्मे है। इसे भारतीय रेलवे की एक कम्पनी आईआरसीटीसी को सौंपने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, भारत सरकार का मानना है कि रेलटेल जिसका रेलवे टेलिकॉम में जबरदस्त बड़ा ऑप्टिकल फाइबर टेलिकॉम केबलिंग का नेटवर्क बिछा है उसे भी आईआरसीटीसी को ही सौंपने की बात की जा रही है। रेलवे यह सोचती है CRIS और RAILTEL दोनों के ही कार्य IRCTC के समान कार्य हैं और इस प्रकार इनका विलय IRCTC में किया जाना चाहिए।

सभी उत्पादन इकाइयों को एक सीपीएसई सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज में स्थानांतरित करें
भारत सरकार के प्रस्ताव ने सभी आठ भारतीय रेलवे उत्पादन इकाइयों को एक नए सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम में स्थानांतरित करने की भी सिफारिश की है। आठ इकाइयां हैं जिसमे 3 रेल कोच निर्माण कारखाने है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) चेन्नई, रेल कोच फैक्ट्री (RCF) कपूरथला, मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) रायबरेली, 3 लोको निर्माण कारखाने, चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW), बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) वाराणसी, डीजल मॉडर्नाइजेशन वर्क्स ( DMW) पटियाला, और दो रेल चक्का व धुरी कारखाने बेंगलुरु येलहंका में रेल व्हील फैक्ट्री और बेला, बिहार के कारखाने सम्मिलित है।

सान्याल प्रस्ताव की सिफारिश है कि इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाए। इसी तरह के प्रस्तावों को लागू करने के प्रयासों को पहले आंतरिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है।

कोर CORE और कॉफमो COFMOW को बन्द किया जाए
सान्याल के प्रस्ताव के अनुसार, सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फॉर रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन (कोर) और सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फॉर मॉडर्नाइजेशन ऑफ वर्कशॉप (कॉफमो) को बंद कर दिया जाना चाहिए। इसका कारण यह है कि पूर्ण विद्युतीकरण के साथ कुछ वर्षों में कोर ज्यादातर बेमानी हो जाएगा, जबकि कॉफमो पहले ही प्रासंगिकता खो चुका है। बहुतांश कार्य के निजी ठेके दिए जाते है, जिसमे विविध कम्पनियाँ इंजीनियरिंग और निर्माण के काम करती है।

आरएलडीए RLDA और आईआरएसडीसी IRSDC के बीच चुनें
रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) और भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (IRSDC) से संबंधित एक अन्य प्रमुख प्रस्ताव जिसका स्टेशन पुनर्विकास के लिए महत्वपूर्ण परिणाम हो सकता है। दोनों वर्तमान में स्टेशन के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और भारतीय रेलवे की भूमि के मुद्रीकरण पर काम कर रहे हैं। आईआरएसडीसी प्रमुख भारतीय रेलवे स्टेशनों के लिए बड़े स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हालांकि, प्रस्ताव के मुताबिक, आईआरएसडीसी समयसीमा और लागत के अनुसार परियोजनाओं को लागू करने में असमर्थ रहा है। फिर भी दोनों कम्पनियोंके कार्य मे समानता है। अतः सान्याल प्रस्ताव इस काम की पूरी जिम्मेदारी आरएलडीए या आईआरएसडीसी में से किसी एक को सौंपने की सिफारिश करता है।

रेलवे बोर्ड निदेशालयों को युक्तिसंगत बनाना
रेलवे बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या को 250 से घटाकर 100 किया जाना चाहिए और निदेशालयों की संख्या को मौजूदा 52 से कम किया जाना चाहिए।प्रस्ताव के अनुसार समान कार्यों वाले कई निदेशालयों का विलय किया जाना चाहिए। इसलिए यातायात परिवहन और यातायात वाणिज्यिक निदेशालय, सांख्यिकी और अर्थशास्त्र के साथ अर्थशास्त्र, विरासत के साथ पर्यटन और खानपान निदेशालय, भूमि और सुविधाएं निदेशालय के साथ बुनियादी ढांचे के विलय की सिफारिश की जाती है।

वित्तीय मामलों से जुड़े कई निदेशालयों का भी विलय करने का प्रस्ताव है। इसका अर्थ है लेखा, लेखा सुधार, वित्त, वित्त (बजट) और वित्त (व्यय) का एक ही वित्त और लेखा निदेशालय में विलय किया जाना चाहिए।

भर्ती परीक्षा आयोजित करने के लिए एनटीए NTA काफी है, आरआरबी RRB को बंद करें।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने बजाय अलग अलग 21 रेलवे भर्ती बोर्डों की आवश्यकता को समाप्त करते हुए, सभी भारतीय रेलवे भर्ती परीक्षाओं का एक छत्र आयोजन करना चाहिए। यह भी सिफारिश की जाती है कि एनटीए NTA, RRB के बुनियादी ढांचे को अपने हाथ में ले ले। भारतीय रेलवे को चाहिए की, परीक्षा गतिविधियों पर एनटीए के साथ समन्वय करने के लिए एक अलगसे कार्यालय स्थापित करें।

NRTE नैशनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट एक केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाएं, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों को मिलाएं, प्रति जोन एक ZRTE रहे।
सान्याल प्रस्ताव ने राष्ट्रीय रेल परिवहन संस्थान, सात केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों, क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों आदि के लिए कई बदलावों की सिफारिश की है।

एनआरटीआई को एक स्वायत्त केंद्रीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय महत्व के संस्थान में बदलना।

सभी सात केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों का एनआरटीआई में विलय।

एनआरटीआई के तहत अपरेंटिस योजना को फिर से शुरू करें।

इंस्टिट्यूट ऑफ़ रेल ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट एंड गवर्निंग काउंसिल से रेलवे बोर्ड और मंत्रालय को वापस लें

एनआरटीआई के साथ रेलवे खातों के लिए केंद्रीकृत प्रशिक्षण अकादमी का विलय।

जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों की संख्या घटाकर एक प्रति जोन कर दें।

गैर रेलवे कर्मचारियों के लिए खुले ZRTI

इसके अलावा, प्रस्ताव में सभी भारतीय रेलवे अस्पतालों के उन्नयन अपग्रेडेशन की भी सिफारिश की गई है, जिसमें निजी भागीदारी के माध्यम से जहां आवश्यक हो अपग्रेड किया जाए। सान्याल यह भी सिफारिश करते हैं की भारतीय रेलवे के अधिकारी भारतीय रेलवे कल्याण संगठन प्रबंधन से हट जाएं और इसे निजी तौर पर संचालित संगठन के रूप में मानें।

सान्याल ने सभी रेलवे स्कूलों को केंद्रीय विद्यालय, राज्य सरकार या निजी ऑपरेटरों के तहत रेलवे कर्मचारियों के लिए कोटा के साथ लाने की भी सिफारिश की। यह भारतीय रेल प्रबंधन को महत्वपूर्ण रूप से मुक्त करेगा जो अन्यथा ही इन स्कूलों के संचालन में जाता रहता है, जिसका भारतीय रेल के मुख्य कार्योंसे कतई सम्बन्ध नही है।

प्रस्तावों का कार्यान्वयन
प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है, और भारत सरकार मासिक अपडेट चाहता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कौन सी सिफारिशों को लागू किया जाएगा और किस तरह समयसीमा रहेगी।

COFMOW और CORE जैसे कई संगठनों ने अपनी उपयोगिता को समाप्त कर दिया है और उन्हें बंद करने का समय आ सकता है। आईआरडब्ल्यूओ IRWO और अन्य गैर-प्रमुख व्यर्थ गतिविधियों के प्रशासन से दूर रहने से भारतीय रेल प्रबंधन को उन समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों को एक अलग इकाई में बंद करने की सिफारिश कई विशेषज्ञों द्वारा की गई है और यह लंबे समय से प्रलंबित है।

हालांकि इस तरह के प्रस्तावोंकी हमेशासे सुगबुगाहट होती आ रही है, मगर इस बार न सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व बल्कि रेल मंत्रालय भी इन प्रस्ताओंपर और उनके द्वारा प्रस्तुत कारणोंकी समीक्षा कर रहा है। जिस तरह इंडियन रेलवे ऑर्गनाइजेशन फ़ॉर अल्टरनेटिव फ्यूल नामक कम्पनी को हाल ही में याने 7 सितम्बर 2021 में बन्द कर दिया गया, यह दिखाई देता है की भारत सरकार इन प्रस्ताओंपर पर काफी गम्भीरता से काम कर रही है।

एक बात और कही जा सकती है। IRCTC जैसी कम्पनी सोने का चम्मच मुँह में लेकर जन्मी है। जो कम्पनी सिर्फ रेलवे के कैटरिंग और पर्यटन व्यवसाय को संभालने वाली थी जिसे अब CRIS जैसी रेलवे की सम्पूर्ण तैयार सॉफ्टवेयर कम्पनी और RAILTEL जैसी भारत की प्रमुख ऑप्टिकल फाइबर केबल इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार ऐसी कम्पनियाँ खुले हाथों मिलने जा रही है। एक तरह से रेलवे का टिकट व्यवसाय उसके सॉफ्टवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पूरा की पूरा IRCTC के हाथों चला जाएगा

उपरोक्त लेख RailPost.in से मिली जानकारी से उधृत है।