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पश्चिम रेलवे की 9 जोड़ी गाड़ियाँ सितंबर से चल पड़ेंगी

1: वडोदरा भिलड वडोदरा के बीच चलनेवाली 22930/29 एक्सप्रेस को 09137/37 इस क्रमांक से वड़ोदरा डहाणू रोड के बीच दिनांक 03 सितम्बर से प्रतिदिन चलाया जाएगा। यह गाड़ी भिलाड से डहाणू रोड के बीच विस्तारित हुई है, जो यात्रिओंके लिए बहुत सुविधाजनक हुवा है। ज्ञात रहे, यह गाड़ी सम्पूर्ण आरक्षित रहेगी।

2: 59297/28 पोरबन्दर सोमनाथ पोरबन्दर सवारी गाड़ी जिसे 09529/30 क्रमांक से मेल/एक्सप्रेस अनारक्षित प्रतिदिन विशेष कर दिनांक 03 सितम्बर से दोनों दिशाओं से चलाया जाएगा।

3: ओखा राजकोट ओखा के बीच चलनेवाली 59552/51 सवारी गाड़ी को 09480/79 को अनारक्षित सवारी विशेष कर दिनांक 03 सितम्बर से ओखा से और 04 सितम्बर से राजकोट से प्रतिदिन शुरू किया जा रहा है।

4: वडोदरा अहमदाबाद के बीच चलनेवाली 59549/50 संकल्प फास्ट सवारी को नए क्रमांक 09495/96 अनारक्षित सवारी विशेष कर दिनांक 03 सितम्बर से प्रतिदिन शुरू किया जा रहा है।

5: वीरमगाम मेहसाणा जे बीच चलनेवाली 59510/09 सवारी गाड़ी को 09488/87 इस क्रमांक से दिनांक 03 सितम्बर से सवारी विशेष कर प्रतिदिन शुरू किया जा रहा है।

6: वीरमगाम मेहसाणा जे बीच चलनेवाली 59512/11 सवारी गाड़ी को 09492/91 इस क्रमांक से दिनांक 03 सितम्बर से सवारी विशेष कर प्रतिदिन शुरू किया जा रहा है।

7: डॉ आंबेडकर नगर रतलाम के बीच चलनेवाली 79305/06 डेमू गाड़ी को 09535/36 अनारक्षित सवारी विशेष कर दिनांक 03 सितम्बर से प्रतिदिन चलाया जाएगा।

8: डॉ आंबेडकर नगर रतलाम के बीच चलनेवाली 79317/18 डेमू गाड़ी को 09547/48 अनारक्षित सवारी विशेष कर दिनांक 03 सितम्बर से प्रतिदिन चलाया जाएगा।

9: यह पश्चिम रेलवे की सबसे आश्चर्यकारक उपलब्धि ओंकारेश्वर डॉ आंबेडकर नगर के बीच छोटी लाइन की गाड़ी को पुनर्स्थापित करना।

ओंकारेश्वर डॉ आंबेडकर नगर के बीच चलनेवाली 52974/73 मीटर गेज सवारी गाड़ी को 09174/73 क्रमांक से दिनांक 03 सितम्बर से ड़ॉ अंबेडकर नगर से और दिनांक 04 सितम्बर से ओंकारेश्वर से प्रतिदिन अनारक्षित सवारी विशेष कर शुरू किया जा रहा है।

09441/44 वाँकानेर मोरबी के बीच चलनेवाली विशेष मेल/एक्सप्रेस को दिनांक 03 सितम्बर से अनारक्षित सवारी विशेष में बदला जा रहा है।

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रेल यात्रियोंमे नए समयसारणी की उत्सुकता कम और भय ज्यादा है।

भारतीय रेल की समयसारणी वर्ष मे एक बार जुलाई मे प्रकाशित की जाती है और जिसमे सर्वांकश बदलाव अंतर्भूत किए जाते है। संक्रमण काल मे न तो यात्री गाड़िया चल रही थी और न ही कोई समयसारणी निकाली गई। आजतक जो भी गाडियाँ चलाई जा रही है वह सब के सब विशेष गाड़िया बन चल रही है। जिसकी कोई नियमित समयसारणी नही है, बस एक परिपत्रक निकाला जाता है और गाड़ी पटरी पर चलने लगती है। यात्री को कुछ जानना हो तो रेल्वे की वेबसाइट या हेल्पलाइन से जान ले। प्रकाशित सामग्री कुछ नही। मगर अब उत्तर रेल्वे ने समयसारणी को लेकर भाष्य करना शुरू कर दिया है और उससे यात्रीओंके मन मे नए समयसारणी के लिए उत्सुकता कम और डर ज्यादा दिखाई दे रहा है।

समयसारणी से डर? जी हाँ जिस तरह उत्तर रेल्वे ने अपनी जाहिरातों मे एक एक घोषणा की है कई यात्री सहम गए है, अब यात्रीओंको पिछले वर्ष के शून्याधारित समयसारणी के विषय मे चली चर्चा याद या रही है। 500 से ज्यादा गाड़िया रद्द, 10000 स्टॉपजेस खत्म, लंबी दूरी की गाडियाँ 200 किलोमीटर के रन मे एक स्टोपेज लेंगी, जिन गाड़ियोंकी एवरेज यात्री संख्या अपनी क्षमता से 50% रहेंगी उन्हे या तो रद्द किया जाएगा या मार्ग की किसी गाड़ी मे जोड़ दिया जाएगा। इस तरह का खाका खींचा जा चुका है। और यह सब नए समयसारणी के साथ लागू होना तय है।

क्या है यह शून्याधारित समयसारणी, कैसे और क्यों बनाई जा रही है? मित्रों ऐसे कई सवाल आपके मन मे होंगे। वर्षों से यात्री गाड़िया चल रही है, मार्ग विद्युतीकृत और तीव्र गति योग्य किए जा रहे है, कहीं दोहरीकरण तो कहीं 3, 4 रेल लाइनें बीछ गई है। कई नई गाड़ीयाँ नए और पुराने पारंपारिक मार्गों पर चलाई गई है, लेकिन जो गाड़ियाँ पहले से चल रही थी उनके वही समय है और उन्हीं मे से खाली जगहों को ढूँढ ढूँढ कर नई गाड़ियों को बस टाइम स्लॉट मे घुसाते चले गए। अब दिक्कतें यूँ या रही है की ट्रैक के रखरखाव के लिए अलगसे कोई स्लॉट ही नही बचा। जे किसी गाड़ी को हिलावों तो बाकी गाड़ियों के समय भी हिलते है। इस समस्या का एक ही हल था की सब गाड़ियाँ बन्द कर उनकी पुनर्रचना की जाए याने समयसारणी को शून्य मे लाकर एक एक गाड़ी को टाइम स्लॉट मे बीठा कर चलाया जाए यही है शून्याधारित समयसारणी।

अनायास संक्रमण काल मे सभी यात्री गाड़िया बन्द हुई और रेल्वे को अपना शून्याधारित समयसारणी का कार्यक्रम निश्चित करने का सुअवसर मिला। जैसे जैसे रचना होती गई, गाडियाँ पटरियों पर आने लगी। जिन गाड़ियों मे ज्यादा फेरफार नहीं था जैसे की राजधानी गाड़िया, लंबी दूरी की गाडियाँ वह पहले चलने लगी और बादमे कम अंतर वाली गाड़िया चलाई जा रही है। इन सब मे रेल प्रशासन अपनी पॉलिसी मे जो बदलाव चाहती थी वह भी लाया जा रहा है। जैसे विद्युतीकरण कर के गाडियाँ चलवाना, सभी सवारी गाड़ियों को मेमू/डेमू मे बदलना, गाड़ियों का LHB करण करना, रखरखाव के लिए अलग से टाइम स्लॉट बनाना, समयाधारित पार्सल मालगाड़ियाँ चलाना, मालभाड़े पर दृष्टि केंद्रित करना, निजी यात्री गाड़ियों की संभावना तलाशना इत्यादि

अब यात्रियों को यह समझ कर चलना है की जब नई समयसारणी आएगी तो वह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार ही आएगी। शून्याधारित समयसारणी के बदलावों के साथ आएगी। मित्रों यह पूरा नियोजित और बड़ा ही जटिल कार्य है जो रेल प्रशासन लागू करने जा रही है। क्या आपको लगता है, की फलाँ गाड़ीका मार्ग परिवर्तन हुवा है या स्टेशनोके स्टोपेज रद्द किए है या फिर गाडियाँ रद्द की जानी है वह फिर से किसी प्रस्ताव से पुनर्स्थापित करना इतना आसान है? सोचिए, की कितना जटिल कार्य है और फिर कोई दरख्वास्त लगाइए।

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और यह हो गया लिंक एक्सप्रेस का अस्तित्व ख़तम!!

उत्तर रेलवे के परीपत्रक ने लिंक एक्सप्रेस के अस्तित्वके प्रश्न पर आखरी कील ठोंक दी है। पहले आप यह परीपत्रक देख लीजिए।

Courtesy : indiarailinfo.com

परीपत्रक में ‘डायवर्शन ऑफ ट्रेन्स’ के कॉलम में 19019/20 बान्द्रा देहरादून बान्द्रा प्रतिदिन एक्सप्रेस के मार्ग बदलाव की बात कही है। यह गाड़ी अब रतलाम से आगे नागदा, कोटा मार्ग की बजाए चित्तौड़गढ़ होकर चलेगी और उसके अगले कॉलम 29019/20 मन्दसौर मेरठ लिंक एक्सप्रेस और 22925/26 अंबाला कालका लिंक एक्सप्रेस को डिस्कन्टीन्यू याने बन्द कराए जाने की बात लिखी है। यह बदलाव नियमित समयसारणी आने के बाद होंगे यह भी लिखा गया है। साथ ही टनकपुर सिंगरौली और टनकपुर शक्तिनगर यह लिंक गाड़ियाँ भी आगे टनकपुर के बजाय चोपन तक ही चलाई जाएगी।

अकबर बीरबल की कहानी है, एक बार अकबर का पसन्दीदा तोता बीमार पड़ा और मर गया। अब यह खबर राजा को देना और अपनी मौत को दावत न्यौतना एक बराबर था। अतः यह प्रश्न बीरबल ने अपनी चतुराई से सम्भाला। उन्होंने राजा अकबर को तोता हिलडुल नही रह है, बोल नही रहा है ऐसी जानकारी घूम घूम कर देना शुरू किया तो राजा अकबर खुद ही बोल पड़े, अरे, तो क्या वह मर गया? तब बीरबल ने सिर्फ कहा, जी हाँ।

अब आप कहोगे, हमारे रेल ब्लॉग में यह अकबर बीरबल तोता कहाँसे आ गए? तो भईयाँ, अब तक यही तो चल रहा था। ZBTT शून्याधारित समयसारणी की घोषणा के साथ ही लिंक एक्सप्रेस के समापन की तारीख़ लिख गयी थी। नए टाइमटेबल के साथ लिंक एक्सप्रेस गाड़ियाँ खत्म होना तय किया गया था और आज उत्तर रेल्वे के इस परीपत्रक ने इन गाड़ियों को पटरी से निकाल यार्ड का रास्ता बता ही दिया है। केवल नियमित समयसारणी के आने की देर भर है। बड़े बड़े रेल ग्रुप, फैन क्लब और नेतागण बस यही कहते रह गए, हम लिंक एक्सप्रेस बन्द नही होने देंगे, बताइए अब क्या?

रेल प्रशासन ने मन्दसौर मेरठ लिंक बन्द कर के मुख्य गाड़ी को मन्दसौर कोटा से घुमा दिया मगर रतलाम से कोटा के बीच के स्टेशन्स के ठहराव का क्या? कुल 18 स्टेशन्स है जिन्हें इस गाड़ी से वंचित होना होगा। और इसमें ट्विस्ट बचा है, की यह गाड़ी अब सहारनपुर स्टेशन को भी बाईपास करते हुए टपरी जंक्शन होकर निकलेंगी।

मित्रों, शून्याधारित समयसारणी सभी यात्रिओंको जोर के झटके देने वाली है और उत्तर रेलवे ने यह बात परीपत्रक निकाल कर जाहिर कर दी है।

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“वातानुकूल इकोनॉमी” की गाज़ गिरेगी शयनयान स्लिपर पर

हमारे देश मे जितना बड़ा तबक़ा मध्यम वर्ग का है, उछलता भी वह उतना ही है। जैसे ही सोशल मीडिया में वातानुकूलित इकोनॉमी 3 टियर कोचेस की खबरें क्या आई, यात्रिओंको लगने लगा की बस! गरीबरथ जैसे ही सस्ते किराए में अब आधुनिक वातानुकूलित कोचेस में रेल यात्रा की जा सकेगी। तस्वीरें देखते और सोशल मीडिया में चर्चे करते। भाई, हमारे क्षेत्र की फलाँ गाड़ीमे लगेंगे यह कोच।

मन मे लड्डू फुट रहे थे, और जल्द ही किराए का मिथक टूटा! वातानुकूल इकोनॉमी वर्ग के किराए और नियमित 3 टियर वातानुकूल के किरायोंके फर्क नजरोंमें भरने जैसे नही थे, मामूली से ही थे, जो बड़ी अपेक्षाएं थी उनके अनुरूप तो क़दापी नही थे। वैसे भी भी मिडल क्लास व्यक्ति अपने परिवार को कही ले जाता तब ही वातानुकूल 3 टियर की टिकटें देखता था, अकेले यात्रा तो स्लिपर और 2-4 घंटोंकी यात्रा के लिए द्वितीय श्रेणी ही अपनाता था। “वातानुकूल इकोनॉमी” को वह समझ गया की यह उसकी नही रेल विभाग की इकोनॉमी है।

उसका जो भरम था, वह सही मायने में अब टूटेगा। जरा आप भी यह परीपत्रक देख ले।

यह उत्तर मध्य रेलवे की 02403/04 प्रयागराज जयपुर के बीच प्रतिदिन एक लोकप्रिय गाड़ी में डिब्बा संरचना बदलने के बारे में परीपत्रक जारी किया गया है। दिनांक 06 सितम्बर से प्रयागराज से और दिनांक 06 सितम्बर से जयपुर से इस गाड़ी में वातानुकूलित इकोनॉमी के 2 कोच लगाए जाएंगे। अब गौर करिएगा, LWSCN के कोच 7 की जगह 5 रह जाएंगे। याने LWSCN मतलब शयनयान स्लिपर के 2 कोच कम कर के उनके स्थान पर यह “नयी इकोनॉमी” का संचार किया जाएगा। वाह! वाह री इकोनॉमी!!

कुल हिसाब इस तरह समझिए, वातानुकूल 3 टियर में बेसिक किराया ₹1030, ₹ 40 आरक्षण के, ₹45 सुपरफास्ट के और GST लगेगा ₹56 कुल किराया राउण्ड ऑफ करके होगा ₹1175/-

वातानुकूलित इकोनॉमी में, बेसिक किराया लगेगा ₹944, आरक्षण और सुपरफास्ट के ₹85/- और GST लगेगा ₹52 तो लगभग होंगे कुल ₹1085/- चूँकि यह किराया गणित करके निकाला है तो 5-10 रुपयों का फर्क नियमित टिकट शुल्क में हो सकता है।

जो 2 स्लिपर कोच कम कीए जा रहे उनका कुल किराया प्रतिव्यक्ति होता है, ₹445/-

अब बताइए, इकोनॉमी किसकी और कैसी?

स्लिपर के कोच में 81 शायिका रहती है और वातानुकूल इकोनॉमी में 83। स्लिपर का किराया 445 और इकोनॉमी का 1085। आम आदमी के 81×2 = 162 शायिका कम हो गयी और वातानुकूल इकोनॉमी की 83×2=166 शायिका बढ़ेगी।

अब आप जोड़िए, किसे क्या मिला और इकोनॉमी कैसे बुलन्द हुई।

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आईआरसीटीसी रेलवे टिकट बुकिंग रहेगी लगभग 26 घण्टे बाधित

आईआरसीटीसी याने भारतीय रेल की कम्प्यूटराइज्ड आरक्षण की टिकट बुकिंग सेवा। यह सेवा अविरत चलते रहती है, केवल रात 23:45 से 0:20 इतने 35 मिनट छोड़ दे तो यात्री कभी भी अपनी रेल टिकट बुक करना या रद्द करना करा सकता है।

आईआरसीटीसी के 5 शहरोंमें डेटा सेंटर कार्यान्वित है, नई दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई और सिकन्दराबाद। इन मे से चेन्नई डेटा सेंटर जो की द प रेल SWR, द म रेल SCR और द रेल SR इन क्षेत्रीय रेलवे को सेवा देते रहता है दिनांक 28 अगस्त रात 23:45 से 30 अगस्त की अल-सुबह 2:00 तक पुर्णतयः बन्द रहेगा। इस क्षेत्र के यात्रिओंको टिकट बुकिंग सेवा में कुछ परेशानी महसूस हो सकती है।

हालाँकि सिकन्दराबाद डेटा सेंटर से सेवा मुहैया करवाई जाएगी मगर वह भी 28 अगस्त के 23:45 से 29 अगस्त के 2:00 और 29 अगस्त के 23:45 से 30 अगस्त के 2:00 ऐसे दो रातोंके सवा दो घण्टे पुर्णतयः बन्द रहेगी। इन समय के अलावा बाकी समय मे रेलवे के PRS काउंटर्स उनके निर्धारित समयोपर और आईआरसीटीसी की टिकट बुकिंग साइट चलती रहेगी। UTS सेवा पूरे समय अबाधित रहेगी, उसका इस अपग्रेडेशन से कोई सम्बंध नही है।

चेन्नई के डेटा सेंटर की सेवा 30 अगस्त सुबह 8:00 से पूर्ववत हो जायेगी।