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सारे जुगाड़ू, ‘तत्काल’ के सामने चीत!

04 जून 2025, बुधवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, नवमी, विक्रम संवत 2082

इस सुपरफास्ट टेक्नोलॉजी के युग मे दुनिया मे कोई काम मुश्किल नही सिवाय एक के, और जिसपर हर कोई सहमत होगा वह है, भारतीय रेल का तत्काल टिकट बुक करना, वह भी खास कर के ई-टिकट प्रणाली पर। चूँकि PRS, टिकट खिड़की पर लम्बी लाइन में लगना सर्वसाधारण यात्री के बस का नही होता।

एक अग्रगण्य दैनिक में, देश के जानेमाने पैथोलॉजी कम्पनी के प्रमुख की ‘तत्काल बुकिंग’ पर ट्विटर पर की गई टिप्पणी पर लेख छपा है। वही बात लिखी गई है, बिल्कुल वही अनुभव उकेरा गया है, जिसे हम, आप और प्रत्येक यात्री आईआरसीटीसी के वेब या ऍप पर ई-टिकिटिंग वाला तत्काल बुकिंग करते समय अनुभूति पाता है। बिकट अनुभव प्राप्ति के पश्चात  टिकट बुकिंग कम्पनी को कुछ सलाहें दी गई है, कुछ सहयोग प्रदान करने की मंशा भी जताई गई है। ट्विटर पर, अनेकों उपभोगकर्ताओंने अलग अलग सलाहें, मशविरे दिए है। यहाँ उनका उल्लेख कर कुछ सफल प्राप्ति नही होने जा रही है, अतः हम उन बातों को वहीं छोड़ते है।

एक बहुत साधारण सी बात है, प्रत्येक यात्री गाड़ी के कुल आसन संख्या से लगभग 30% आसन तत्काल बुकिंग्ज के लिए रोके जाते है और उसकी बुकिंग गाड़ी के प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान के एक दिन पहले खोली जाती है। इसमे भी श्रेणियोंका वर्गीकरण कर लिया गया है। अभी वातानुकूलित वर्गों की तत्काल बुकिंग सुबह 10:00 बजे और ग़ैरवातानुकूलित वर्गों की बुकिंग 11:00 बजे शुरू की जाती है।

गाड़ियोंमे कोच संरचना के मानकीकरण के बाद 04 अनारक्षित और 01 एसएलआर, 01 जनरेटर वैन छोड़े तो अमूमन 6, 7 वातानुकूलित और 7 से 8 ग़ैरवातानुकूलित कोच आरक्षण के लिए उपलब्ध रहते है। जिसमे वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में तत्काल टिकट उपलब्ध नही कराया जाता।  वातानुकूलित टू टियर की 16 और वातानुकूलित थ्री टियर की 84 बर्थ और स्लिपर के लिए 192 बर्थ तत्काल के लिए उपलब्ध की जाती है। यह हमने वातानुकूलित टू टियर 1 कोच, वातानुकूलित थ्री टियर के 4 कोच और स्लिपर के 8 कोच की संरचना के निर्धारण से अनुमान लगाया है।

अब मजे की बात और आगे है। अमूमन प्रत्येक मेल/एक्सप्रेस और सुपरफास्ट गाड़ियोंमे कुल तत्काल आसनोंसे आधे अर्थात 50% आसन ‘प्रीमियम तत्काल’ के लिए रखे जाते है। जिसके लिए 50% टिकट के बाद, डायनामिक किराए लगने शुरू हो जाते है। गाड़ियोंके सम्पूर्ण मार्ग में प्रमुख स्टेशनोंके लिए जनरल GNWL, पुलिंग PQWL और रिमोट लोकेशन RLWL प्रकार के कोटे निर्धारित रहते है। अतः तत्काल आसनों के लिए जो जनरल एवं पुलिंग कोटे के स्टेशनों का गुट होता है उनके लिए तत्काल और प्रीमियम तत्काल दोनों तरह की बुकिंग्ज उपलब्ध होती है और रिमोट लोकेशन कोटे के स्टेशनोंके लिए केवल तत्काल टिकट बुकिंग उपलब्ध रहती है। हालाँकि गाड़ी से सम्बंधित क्षेत्रीय रेलवे तत्काल और प्रीमियम तत्काल आसनोंकी संख्या का निर्धारण करता है। कई सर्वसाधारण एक्सप्रेस गाड़ियोंमे प्रीमियम तत्काल बन्द कर सारे निर्धारित आसन तत्काल के लिए रखे जाते है तो कुछ गाड़ियोंमे तत्काल बुकिंग भी बन्द किया रहता है। आम तौर पर सभी विशेष गाड़ियोंमे तत्काल बुकिंग उपलब्ध नही रहता क्योंकि उनकी आम बुकिंग ही तत्काल दर से कराई जाती है।

अब हम मुख्य मुद्दे पर आते है। किसी एक गाड़ी के तत्काल बुकिंग की बात करते है तो सभी वातानुकूलित कोच में कुल मिला कर 100 बर्थ है। जिसमे अमूमन 40, 50 बर्थ प्रीमियम कोटे की निकल गई तो बची हुई मात्र 50 बर्थ के लिए ठीक 10:00 बजे लाखों यात्री टिकट बुक करने की कोशिश करते है। आईआरसीटीसी की बुकिंग्ज साइट पर एक मिनट में लगभग चौबीस हजार टिकट बुक होती है। अब आप खुद अपने टिकट बुक होने की सम्भावना जाँच लीजिए की मात्र 50 बर्थ और उस निर्धारित मिनट में 24000 टिकट छपने है। मान लीजिए, किसी एक मार्ग पर निर्धारित दिन के लिए दस गाड़ियाँ चल रही है। फिर भी 500 बर्थ और एक मिनट में 24000 हिट। समझ लीजिए कितना मुश्किल टास्क है, कन्फ़र्म टिकट का बुक हो जाना! जिसमे देश भर से लाखों PRS पर से भी उसी वक़्त और उतनी ही सीटों के लिए जद्दोजहद लगी रहती है।

मित्रों, चाहे बुकिंग्ज में कुछ गड़बड़ी होती है, भ्रष्टाचार है, कुछ और भी बाईपास मार्ग निकाल टिकट बुकिंग्ज चलती है, फिर भी ‘एक अनार और सौ बीमार’ वाली गती है, यह बात निश्चित है। जिसमे रेल प्रशासन हमेशा गैरकानूनी टिकट दलालोँ पर कार्रवाई करते रहता है।

दरअसल यह परेशानी अपार यात्री संख्या और उस अनुपात में गाड़ियोंकी कम उपलब्धता, रेल किराए इतने सस्ते की यात्री प्रीमियम तत्काल के डायनामिक रेट्स से भी नही हिचकता। क्योंकि परिवहन व्यवस्था में रेलवे ही सबसे सस्ता और सुरक्षित, आरामदायक परिवाहन है। कई समान मार्गोंपर चलने वाली बसेस के किराए इतने महंगे है कि रेलवे के डायनामिक प्रीमियम तत्काल के किरायों से मेल खाते है। इससे टिकट बुकिंग एजेन्ट्स, फर्जी दलालों की पौ बारह होती है। टिकटों की गारण्टी के मद्देनजर यात्री इन गैरकानूनी दलालों की तरफ मुड़ता है या जाली टिकट बुकिंग पर यात्रा करने पर उतारू हो जाता है। निर्धारित टिकट मूल्य से कई अतिरिक्त मूल्य देने के लिए भी तैयार हो जाता है।

इन सारी विद्यमान परिस्थितियों को देखते हुए इस बिकट तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था का तुरन्त हल निकलना बहुत मुश्किल है। जब परिवाहन साधनों, बुनियादी निर्माणों में बढ़ोतरी होगी और यात्री गाड़ियाँ बढ़ेंगी तभी इसका कुछ हल निकल पाएगा। आधुनिक भारत तीव्र गति से सड़कों का निर्माण कर रहा है। रेल मार्ग इकहरे से दोहरे, तिहरे और चौपदरी किए जा रहे है। रेलवे के कमाऊं पूत, मालगाड़ियों के लिए समर्पित मार्ग अलगसे बनाए जा रहे है ताकि यात्री गाड़ियाँ बढाई जा सके। हवाई क्षेत्र के परिवाहन में भी यात्री संख्या के नए कीर्तिमान बन रहे है। हर तरह के परिवाहन व्यवस्था को चाकचौबंद करने की तमाम कोशिशें की जा रही है। मगर इनको जितना वक़्त लगना है, जरूर लगेगा और तब तक ‘तत्काल टिकट’ मिलना एक तरह की लॉटरी ही रहेगी।

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नई गाड़ी; मदनमहल (जबलपुर) – रायपुर प्रतिदिन इण्टरसिटी की संक्षिप्त समयसारणी

31 मई 2025, शनिवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2082

11701/02 मदनमहल रायपुर मदनमहल प्रतिदिन इण्टरसिटी एक्सप्रेस

नई घोषित 11701 इण्टरसिटी एक्सप्रेस प्रतिदिन मदनमहल से प्रातः 6:10 को निकल दोपहर 13:30 को रायपुर पहुँचेंगी। वापसी में 11702 एक्सप्रेस रायपुर से दोपहर 14:45 को रवाना होकर रात 22:30 को मदनमहल पहुँचेंगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित कुर्सी यान, 04 आरक्षित द्वितीय श्रेणी कुर्सी यान, 08 द्वितीय साधारण जनरल, 01 एसएलआर, 01 जनरेटर कार कुल 15 LHB कोच

चूँकि इस गाड़ी की विस्तृत समयसारणी अभी बननी है। केवल मदनमहल यही स्टेशन पश्चिम मध्य रेल क्षेत्र में पड़ता है, गाड़ी पमरे की ही है और इससे आगे कछपुरा जंक्शन से रायपुर जंक्शन तक यह गाड़ी दपुमरे क्षेत्र में चली जाएगी अतः हमें विस्तृत समयसारणी की प्रतीक्षा करनी होगी। आशा करते है, जल्द ही विस्तृत समयसारणी का परिपत्रक जारी किया जाएगा और उसके साथ आपके सामने उपस्थित होंगे।

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नई गाड़ी; रीवा – पुणे – रीवा की संक्षिप्त समयसारणी

31 मई 2025, शनिवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2082

20152/51 रीवा – पुणे – रीवा साप्ताहिक सुपरफास्ट

20152 सुपरफास्ट रीवा से प्रत्येक बुधवार को सुबह 6:45 को रवाना होकर गुरुवार को सुबह 9:45 को पुणे पहुँचेंगी वापसी में 20151 सुपरफास्ट प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 15:15 को पुणे से रवाना हो कर शुक्रवार को शाम 17:30 को रीवा पहुँचेंगी।

कोच संरचना : 02 वातानुकूलित टू टियर, 03 वातानुकूलित थ्री टियर, 03 वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी, 06 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण जनरल, 01 एसएलआर, 01 जनरेटर वैन कुल 20 LHB कोच

स्टोपेजेस : रीवा, सतना, कटनी, जबलपुर, नैनपुर, बालाघाट, गोन्दिया, नागपुर, वर्धा, भुसावल, मनमाड़, कोपरगाँव, अहमदनगर, दौंड कॉर्ड, पुणे

संक्षिप्त समयसारणी :

यह गाड़ी जल्द ही यात्रिओंकी सेवा में प्रस्तुत होगी।

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महाराष्ट्र एक्सप्रेस का 01 जून से ‘कायाकल्प’

30 मई 2025, शुक्रवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2082

11040/39 गोन्दिया छत्रपति शाहू महाराज टर्मिनस कोल्हापुर गोन्दिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस का दिनांक 01 जून 2025 से कोल्हापुर से और 03 जून 2025 से गोन्दिया से LHB कोच के रैक से कायाकल्प होने जा रहा है।

कुल 20 कोच की संरचना वाली महाराष्ट्र एक्सप्रेस इस LHB संरचना में 18 कोच की हो जाएगी। जिसमें 01 जनरेटर वैन, 01 एसएलआर, 04 द्वितीय साधारण जनरल, 07 स्लिपर, 04 वातानुकूलित थ्री टियर और 01 वातानुकूलित टू टियर ऐसे कुल 18 LHB कोच की संरचना रहेगी। चूँकि प्रत्येक LHB कोच में 10% आसन व्यवस्था बढ़ती है अतः इस LHB करण में रेल प्रशासन ने 10 प्रतिशत का फायदा महाराष्ट्र एक्सप्रेस को नही मिलने दिया। 20 नियमित ICF कोच हटाकर 18 कोच LHB की गाड़ी चलवाई जा रही है।

हमारे पाठकों को ज्ञात होगा, 06 जून 2021 को ‘महाराष्ट्र एक्सप्रेस का रीवा तक विस्तार’ ऐसा एक लेख रेल दुनिया ब्लॉग में आया था। यह रेल प्रशासन की बालाघाट क्षेत्र के लिए सम्पर्कता बढाने का प्रयास था मगर गोन्दिया के यात्री संघटन एवं नेता गण को इस विस्तार को लेकर भरकस विरोध किया था। शायद इसी के चलते महाराष्ट्र एक्सप्रेस को यथावत रखकर ‘रीवा – पुणे’ वाया जबलपुर, बालाघाट, गोन्दिया ऐसी नई साप्ताहिक एक्सप्रेस की घोषणा की गई है। खैर, महाराष्ट्र एक्सप्रेस का रीवा विस्तार तो टल गया मगर होता तो यह प्रतिदिन सम्पर्कता प्रदान करनेवाला होता।

एक बात और विशेष है, महाराष्ट्र एक्सप्रेस के रैक से ही संचालित 01023/24 कोल्हापुर पुणे कोल्हापुर सह्याद्री विशेष गाड़ी चलाई जाती है। इस LHB करण में इस विशेष गाड़ी की रैक लिंक पुणे मण्डल ने यथावत रखते हुए इसे फिर से महाराष्ट्र के रैक से ही संचालित करने का निर्णय जारी रखा है। जब की महाराष्ट्र एक्सप्रेस का पुराना ICF रैक अब ‘फ्री’ होने से यह विशेष गाड़ी बजाए कोल्हापुर – पुणे चलें, कोल्हापुर से मुम्बई के बीच चलाई जा सकती थी और यात्रिओंको अपनी पुरानी सह्याद्री एक्सप्रेस मिल जाती। आशा है, रेल प्रशासन इस बात पर गौर करें।

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मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात : नई लाइन, चौपदरी करण और तीन नई यात्री गाड़ियोंके जरिए बड़े शहरोंसे ज्यादा सम्पर्कता

29 मई 2025, गुरुवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, तृतीया, विक्रम संवत 2082

रतलाम – नागदा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना से रेल गाड़ियोंकी भीड़ कम होने को खासी मदत मिलेगी। अंतर्देशीय क्षेत्रों से बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

41.4 किलोमीटर लंबे रतलाम – नागदा खंड को चार लेन का बनाने के लिए 1,018 करोड़ रुपये मंजूर; परियोजना से पहले वर्ष में 38 करोड़ किलोग्राम कार्बन CO2 और 7.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है

रेल मंत्रालय ने सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की तैयारियां शुरू की। सुगम यात्रा सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं की अपेक्षित भारी भीड़ को पूरा करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकों की योजना बनाई गई।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने के लिए रीवा – पुणे, जबलपुर – रायपुर और ग्वालियर – बेंगलुरु के बीच, 3 नई यात्री सेवाओं के शुरुआत की घोषणा की। दो महीने के भीतर इनका परिचालन शुरू हो जाएगा।

केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली स्थित रेल भवन में मीडिया से बातचीत की। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा हाल ही में रतलाम और नागदा के बीच स्वीकृत तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना के बारे में मुख्य विवरण साझा करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने परियोजना के प्रमुख पहलुओं और मौजूदा रेल लाइनों पर भीड़भाड़ कम करने, माल ढुलाई और यात्री यातायात दक्षता बढ़ाने, महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारों में कनेक्टिविटी मजबूत करने तथा इसके पूरा होने की लक्षित समयसीमा पर प्रकाश डाला।

मीडिया को संबोधित करते हुए, अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना के रणनीतिक महत्व और व्यापक लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि उच्च घनत्व नेटवर्क का हिस्सा 41.4 किलोमीटर का खंड ₹1,018 करोड़ की लागत से चार-लाइन वाला होगा, जिससे लाइन क्षमता उपयोग 116% से घटकर 65% रह जाएगा। रतलाम जंक्शन, यह नागदा (उत्तर), वडोदरा (दक्षिण), इंदौर (पूर्व) और चित्तौड़गढ़ (पश्चिम) जैसे प्रमुख जंक्शनों को जोड़ेगा, जो क्षेत्रीय और राष्ट्रीय संपर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह परियोजना मध्य प्रदेश से कांडला, मुंद्रा, पिपावाव, हजीरा, दहेज, जेएनपीए और प्रस्तावित वधावन बंदरगाह जैसे प्रमुख पश्चिमी तट बंदरगाहों तक माल की आवाजाही को बढ़ाएगी, जिससे मध्य और उत्तरी आर्थिक क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ इंदौर एसईजेड, छिंदवाड़ा एसईजेड, एमएमपीएल इंदौर, एमएमएलपी भोपाल, दिल्ली – मुंबई औद्योगिक गलियारा और नागदा थर्मल पावर प्लांट जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों और रतलाम क्षेत्र में संबंधित विस्कोस और रासायनिक उद्योगों को होगा।

रेल मंत्री ने आगे बताया की इस बुनियादी ढांचे के उन्नयन से कृषि वस्तुओं, कोयले, कंटेनरों और पेट्रोलियम उत्पादों का तेज़ और अधिक कुशल परिवहन होगा। खजुराहो, ग्वालियर, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, सांची स्तूप, उज्जैन, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, अमरकंटक और भीम जन्मभूमि जैसे विरासत और धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच के साथ मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

इस परियोजना से 28 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की उम्मीद है और पहले वर्ष में 38 करोड़ किलोग्राम कार्बन CO2 की बचत करके पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान मिलेगा – जो 1.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है – और 11वें वर्ष तक 16.5 करोड़ से अधिक पेड़ों की बचत होगी। इसके अतिरिक्त, 7.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी। वधावन बंदरगाह के चालू होने के बाद, माल यातायात पहले वर्ष में 7 MTPA से बढ़कर 11वें वर्ष तक 76.4 MTPA हो जाने का अनुमान है, जिससे भारत की रसद और औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें उन्नत यात्री सुविधाएं, बेहतर सौंदर्य और आधुनिक सुविधाएं होंगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए बजटीय आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और राज्य सरकार के साथ निकट समन्वय में परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। रेलवे अगले एक से दो वर्षों के भीतर राज्य में सभी प्रमुख रेलवे परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास पर परिवर्तनकारी प्रभाव सुनिश्चित होगा।

डॉ. अंबेडकर नगर-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस की भारी मांग और लंबी प्रतीक्षा सूची के जवाब में, श्री वैष्णव ने बढ़ते यात्री भार को संबोधित करने के लिए तीन नई यात्री सेवाओं की शुरुआत की घोषणा की। नई सेवाओं में रीवा से पुणे तक जबलपुर और सतना होते हुए एक ट्रेन, जबलपुर से रायपुर तक नैनपुर, बालाघाट और गोंदिया होते हुए एक और ट्रेन और ग्वालियर से बेंगलुरु तक गुना और भोपाल होते हुए एक तीसरी ट्रेन शामिल होगी। इन ट्रेनों का संचालन अगले दो महीनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश की रेल कनेक्टिविटी को मजबूती देने वाली रतलाम-नागदा मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना न सिर्फ मालवा अंचल बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को पन्ना से वर्चुअल रूप से जुड़ते हुए प्रेसवार्ता में इस निर्णय का स्वागत किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।

रीवा – पुणे एक्सप्रेस: रीवा से जबलपुर, बालाघाट, गोंदिया, नागपुर, भुसावल, मनमाड़ होते हुए पुणे तक — विंध्य से महाराष्ट्र के लिए सीधा रेल सम्पर्क

जबलपुर – रायपुर एक्सप्रेस: जबलपुर से रायपुर, वाया नैनपुर, गोंदिया होते हुए महाकौशल से छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी मजबूत।

ग्वालियर – केएसआर बेंगलुरु सिटी एक्सप्रेस: ग्वालियर से गुना, भोपाल, नागपुर, बल्हारशहा, काचेगुड़ा, धर्मावरम, बेंगलुरु तक — दक्षिण भारत से सीधा जुड़ाव।

784 गांवों के 20 लाख से ज्यादा नागरिक होंगे लाभान्वित रतलाम-नागदा मल्टी ट्रैकिंग परियोजना के साथ महाराष्ट्र में वर्धा से बल्हारशाह के बीच चौथी लाइन बिछाने की योजना को भी स्वीकृति दी गई है। करीब 3,399 करोड़ रुपए की लागत वाली इन परियोजनाओं से दो राज्यों के लगभग 20 लाख लोग लाभान्वित होंगे और भारतीय रेलवे नेटवर्क का 176 किलोमीटर तक विस्तार होगा। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, केंद्रीय मंत्री चैतन्य काश्यप, सांसद विष्णुदत्त शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी वर्चुअली उपस्थित रहे।