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संक्रमण पूर्व काल मे चलनेवाली सारी गाड़ियोंमे से 90% गाड़ियाँ शुरू की जाएगी।

निम्नलिखित परीपत्रक देखिए, यह परीपत्रक उत्तर रेलवे मुख्यालय का है और अपने मण्डल को भेजा गया है। पत्र में संदर्भ रेलवे बोर्ड के उस आदेश का दिया गया है, जो यह कहता है, संक्रमण काल के पूर्व जितनी भी गाड़ियाँ चलाई जा रही थी, उनमें से 10 अप्रैल तक, 90% गाड़ियाँ शुरू करवा दी जाए और उसके लिए आवश्यक चल स्टॉक को तैयार रखा जाए।

तो है न मित्रों अफवाह फैलाने वालो के लिए चांटा? हमेशा रेलवे की अधिकृत वेबसाइट्स, ऍप और हेल्पलाइन नम्बर 139 से ही जानकारी प्राप्त करें।

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02925 बांद्रा अमृतसर विशेष (पश्चिम एक्स) के समयसारणी में दिनांक 22 मार्च से बदलाव

02925 बांद्रा टर्मिनस से अमृतसर को जानेवाली प्रतिदिन विशेष के समयसारणी में 22 मार्च से बांद्रा टर्मिनस से नागदा तक, बदलाव किया जा रहा है। यह गाड़ी अब दोपहर 12:00 के बजाय आधे घण्टे पहले यानी 11:30 को बांद्रा टर्मिनस से निकलेगी। अंधेरी स्टेशन का स्टॉपेज दोनों दिशाओंके याने 02925 बांद्रा से अमृतसर और 02926 अमृतसर से बांद्रा की ओर, परिचालन में रद्द किया जा रहा है।

बांद्रा से नागदा तक, इस गाडीसे यात्रा करने वाले सभी यात्रीगण समयसारणी पर विशेष ध्यान दीजिएगा, क्योंकि 22 मार्च से गाड़ी अपनी नियमित समयसारणी से करीबन 30 मिनट पहले परिचालित की जा रही है। वही 02926 अमृतसर बांद्रा विशेष में एक अंधेरी स्टापेज रद्द के सिवा और कोई बदलाव नही किया गया है।

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बाते, रेल अर्थसंकल्प पर बहस की!

जमाना ऐसा चल रहा है, हर किसी को बोलने, अपनी बात रखने का हक़ है, “राइट टु स्पीक,” अभिव्यक्ति स्वातंत्र्य जो है। बात कहने का हक़ है, मगर मनवाने का? भाई, ऐसा कोई हक़ नही होता। 😄

फिर उसके लिए एक अलग नीति अपनाई जाती है, जिसे हमारे देश मे चाणक्य नीति कहा जाता है। साम, दाम, दण्ड और भेद यह वे चार सूत्र है जो चाणक्य नीति के तहत आते है, लेकिन आजकल सभी को यह सूत्र समझ आ गए है, अतः इससे भी काम सफल कराने में दिक्कतें आती है तब एक और अस्त्र बाहर निकलता है, वह है भावना, सहानुभूति बटोरने वाला अस्त्र। यह ऐसा अस्त्र है, इससे काम बनें या ना बनें लेकिन यह बात तो सिद्ध हो जाती है, की काम कराने के लिए घुटने तक टेक दिए गए है।

चर्चा का विषय यह है, रेल अर्थसंकल्प पर देशभर के विविध जनप्रतिनिधियों द्वारा रेल मन्त्री के सन्मुख, अपने क्षेत्र की बात रखी जा रही है। ऐसा है, किसी घर मे चार बेटे है, जो कुछ करना है वह “घर” के लिए करना है, मगर हर एक बेटा यह समझता है, उसे कुछ नही मिला, जो कुछ किया जा रहा है उसका फायदा उसके दूसरे भाई को ही मिलेगा। अब, वह ये क्यों नही समझता, जो कुछ हो रहा है वह “घर” को सुदृढ बनाने के लिए किया जा रहा है न की किसी एक को फायदा पहुँचाने। हमारा देश, हमारा घर है और हम वह चार बेटे है, जो दूसरे बेटे की थाली में घी ज्यादा परोसा जा रहा है इस पर ही नजरें गड़ाए रहते है।

जब बात प्रतिनिधित्व निभाने की है, तो यह साबित करना भी जरूरी है, की जनता की मांग सामने तक पोहोंचायी गयी है या नही? अतः माँगे तो रखी जाती ही है। चाहे वह पूरी कीये जाने के लिए योग्य हो या ना हो। फिर ऐसी विशिष्ट माँगोंके लिए सर्वेक्षण किया जाता है। जिसमे प्रोजेक्ट निर्माण की लागत और पूरा होने के बाद उससे मिलनेवाली कमाई इसका तालमेल लगाया जाता है। इस आधारपर प्रोजेक्ट का भविष्य तय होता है। कई बार जनप्रतिनिधियों के समाधान के लिए ही सर्वेक्षण करा जाता है, जिसके बारे में पहले ही पता होता है कि प्रोजेक्ट फिजिबल नही है।

एक बात विशेष तौर पर समझने की है, जब कहा जाता है, सड़क निर्माण की घोषणा, रेल मार्ग के मुकाबले फटाफट हो जाती है। उसके लिए धनार्जन भी हो जाता है, कार्य भी जल्द शुरू हो जाते है। साहब, यही तो मुख्य अन्तर है, सड़क और रेल मार्ग के बीच। सड़क मार्ग में कई उद्योग, व्यापार, जमीनदार, रसूखदार के हीत जुड़े होते है। किसी को फैक्ट्री के पास से सड़क गुजरने का फायदा मिलता है, किसी को खेती का मूल्यांकन बढ़कर मिलता है। दूसरा सड़क मार्ग ऐसा है, आपके पास ट्रक है, कार है, ट्रैक्टर है या बैलगाड़ी आप उस सड़क का उपयोग कभी भी, कहीं भी, कैसे भी कर सकते है, इसके लिए आपको न ही किसी विशेष वाहन या ही किसी विशेष अनुमति की जरूरत है। लेकिन रेल मार्ग का ऐसा नही है। रेल मार्ग पर चलने के लिए रेल गाड़ी ही चाहिए। याने रेल मार्ग बनाने के लिए खर्च, फिर उसपर चलाने के लिए विशिष्ट संरचनाओं से युक्त वाहन, उसकी देखभाल के लिए तन्त्रज्ञ, याने एक पूरी की पूरी यंत्रणा इसके लिए कायम स्वरूप में लगनी ही है। निर्माण, संचालन और देखभाल हरदम हर वक्त करना ही है। ऐसा नही की कच्ची पक्की कैसी भी सड़क है, वाहन तो चल ही जाएगा। याने रेल मार्ग के लिए फंडिंग करना, सड़क मार्ग की फंडिंग से कहीं मुश्किल है। दूसरा फर्क घाट, पहाड़ी, नदी, दर्रे इसका भी है, सड़क मार्ग के लिए शार्प टर्न, खड़ी चढ़ाई को एडजस्ट करना मुमकिन है, यह रेल मार्ग को आसानी से सम्भव नही है। रेल मार्ग के निर्माण का खर्च बढ़ता चला जाता है।

दूसरा, लम्बी लम्बी अन्तरोंकी गाड़ियोंकी माँग की जाती है, आम जनता को हर दिन पास के शहरों में जाने के लिए ज्यादा कनेक्टिविटी की जरूरतें है, न की दूर दूर के तीर्थक्षेत्रोंको जानेकी। वहीं बात इन्ही लम्बी दूरीक़े गाड़ियोंके स्टापेजेस के माँग की। भाई, वह रेल गाड़ी है, न की गांवों में चलने वाली कोई रोड़वेज बस, के हाथ दिखाया और रुक गयी, या अपना घर यहांसे पास पड़ता है, हम यही उतरेंगे। रेल गाड़ियोंके स्टापेजेस में रेलवे उसका खर्चा गिनती है और नही रोके जाने से फायदा। जब कमाई और खर्च का तालमेल दिखाई नही देता तब ही स्टापेजेस हटाए जाते है। रेल विभाग का स्टापेजेस कम करने में कोई निजी हित है ऐसा क़दापी नही सोचना चाहिए, ऐसी हर बात पर, तकनीकी आधार ले कर ही ऐसे निर्णय लिए जाते है।

खैर, बहुत सारी तकनीकी बातें है। अब आप बताए कश्मीर में दुनिया का सबसे ऊंचा पुल रेल मार्ग के लिए बनाया जा रहा है, रामेश्वरम में समुंदर के बीच अत्याधुनिक रेल पुलिया बनने जा रहा है, दिल्ली, कोलकाता की मैट्रो, रोहतक का हवाई रेल मार्ग, देश भर में वर्ष 2023 तक पूर्णतयः विद्युतीकरण, करोड़ो रूपये लगाकर बनाए जा रहे रेलवे के समर्पित मालवहन गलियारे, पटरियोंपर 130-160 किलोमीटर प्रति घण्टे से दौड़ लगाने वाली हमारे भारतीय रेल की अत्याधुनिक रेल गाड़ियाँ क्या यह हमारे लिए गौरव की बात नही? बेशक! यह सब हमारे लिए ही है, हम भारतियोंके लिए है।

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उत्तराखण्ड : उल्टी दिशामे बे-लगाम, दिल्ली से टनकपुर को जानेवाली पूर्णगिरी जनशताब्दी विशेष एक्सप्रेस के साथ विचित्र हादसा!

दिल्ली से टनकपुर आ रही पूर्णागिरि जन शताब्दी एक्सप्रेस (05326) टनकपुर स्टेशन पर पहुंचने से पहले होम सिग्नल नंबर तीन के पास अचानक विपरीत दिशा में चलने लगी। जिससे रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। वहीं, ट्रेन को उल्टा चलता देख यात्रियों में भी हड़कंप मच गया।

बताया जा रह है कि शाम करीब चार बजे होम सिग्नल के पास एक पशु के ट्रेन की चपेट में आकर कटने के बाद यह घटना हई। सूचना पर आनन-फानन क्रॉसिंग गेटों को बंद करने के आदेश दिए गए। बनबसा में पत्थर लगाकर ट्रेन रोकने की कोशिश की गई, लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। 

बताया जा रहा कि खटीमा-चकरपुर के बीच गेट संख्या 35 के पास ट्रेन को रोकने में सफलता मिली। सही समय पर ट्रेन रुक गई वरना बड़ा हादसा हो सकता था।  बनबसा रेलवे स्टेशन अधीक्षक अमरेंद्र सिंह ने बताया कि इंजन के बैक होने की कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही बनबसा और फागपुर में रेलवे कॉसिंग गेट बंद करा दिए गए थे। सभी यात्री सुरक्षित हैं। गाड़ी के कोचों के बीच का प्रेशर पाइप लीक होने से गाड़ी के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया था। जिस वजह से गाड़ी खटीमा की तरफ ढलान होने के कारण वापस चलने लगी। रेलवे द्वारा घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

इज्जतनगर मण्डल के पीआरओ राजेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन ए ग्रेड ऑफिसरों की टीम गठित की गई है। जांच में घटना के लिए दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कारवाई की जाएगी।

उपरोक्त खबर, अमर उजाला टनकपुर (चम्पावत) से साभार

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भुसावल मण्डल से गुजरने वाली 30 विशेष गाड़ियोंका परिचालन, जून माह तक बढ़ा।

विशेष गाडी की सेवा में विस्तार

रेल द्वारा विशेष गाडीयों की सेवा मे विस्तार, जून तक किया गया है विवरण निम्नलिखित है,

1)गाडी क्रमांक – 02812 अप हटिया -लोकमान्य टिळक टर्मिनस साप्ताहिक (प्रत्येक शुक्रवार ) की सेवा को दिनाँक 02.04.2021 से 25.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

2)गाडी क्रमांक – 02811 डाऊन लोकमान्य टिळक टर्मिनस-हटिया साप्ताहिक (प्रत्येक रविवार ) की सेवा को दिनाँक 04.04.2021 से 27.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

3) गाडी क्रमांक – 02102 अप हावडा -लोकमान्य टिळक टर्मिनस द्विसाप्ताहिक (प्रत्येक रविवार,गुरुवार ) की सेवा को दिनाँक 04.04.2021 से 01.07.2021तक बढ़ाया गया है।

4)गाडी क्रमांक – 02101 डाऊन लोकमान्य टिळक टर्मिनस- हावडा द्विसाप्ताहिक (प्रत्येक शुक्रवार,मंगळवार ) की सेवा को दिनाँक 02.04.2021 से 29.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

5)गाडी क्रमांक – 02880 अप भुवनेश्वर -लोकमान्य टिळक टर्मिनस द्विसाप्ताहिक (प्रत्येक सोमवार, गुरुवार ) की सेवा को दिनाँक 01.04.2021 से 28.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

6) गाडी क्रमांक – 02879 डाऊन लोकमान्य टिळक टर्मिनस-भुवनेश्वर द्विसाप्ताहिक (प्रत्येक बुधवार,शनिवार ) की सेवा को दिनाँक 03.04.2021से 30.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

7)गाडी क्रमांक – 02866 अप पुरी -लोकमान्य टिळक टर्मिनस साप्ताहिक (प्रत्येक मंगलवार ) की सेवा को दिनाँक 06.04.2021से 29.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

8)गाडी क्रमांक – 02865 डाऊन लोकमान्य टिळक टर्मिनस -पुरी साप्ताहिक (प्रत्येक गुरुवार) की सेवा को दिनाँक 08.04.2021 से 01.07.2021 तक बढ़ाया गया है।

9) गाडी क्रमांक – 02857 अप विशाखापट्टणम -लोकमान्य टिळक टर्मिनस साप्ताहिक (प्रत्येक रविवार) की सेवा को दिनाँक 04.04.2021 से 27.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

10)गाडी क्रमांक – 02858 डाऊन लोकमान्य टिळक टर्मिनस – विशाखापट्टणम साप्ताहिक (प्रत्येक मंगळवार) की सेवा को दिनाँक 06.04.2021 से 29.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

11)गाडी क्रमांक – 08501 अप विशाखापट्टणम -गांधीधाम साप्ताहिक (प्रत्येक गुरुवार) की सेवा को दिनाँक 01.04.2021 से 24.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

12)गाडी क्रमांक – 08502 डाऊन गांधीधाम-विशाखापट्टणम साप्ताहिक (प्रत्येक रविवार) की सेवा को दिनाँक 04.04.2021 से 27.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

13) गाडी क्रमांक – 02818 डाऊन पुणे संतरागाची साप्ताहिक (प्रत्येक सोमवार) की सेवा को दिनाँक 05.04.2021 से 28.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

14) गाडी क्रमांक – 02817 अप संतरागाची-पुणे साप्ताहिक (प्रत्येक शनिवार) की सेवा को दिनाँक 03.04.2021 से 28.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

15) गाड़ी क्रमांक 01033 डाउन पुणे दरभंगा साप्ताहिक (प्रत्येक बुधवार) की सेवा को दिनाँक 07.04.2021 से 30.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

16)गाड़ी क्रमांक 01034 अप दरभंगा पुणे साप्ताहिक (प्रत्येक शुक्रवार ) की सेवा को दिनाँक 09.04.2021 से 02.07.2021 तक बढ़ाया गया है।

17) गाड़ी क्रमांक 01407 डाउन पुणे लखनऊ साप्ताहिक (प्रत्येक मंगलवार ) की सेवा को दिनाँक 06.04.2021 से 29.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

18) गाड़ी क्रमांक 01408 अप लखनऊ पुणे साप्ताहिक (प्रत्येक गुरुवार ) की सेवा को दिनाँक 08.04.2021 से 01.07.2021 तक बढ़ाया गया है।

19) गाड़ी क्रमांक 02107 डाउन लोकमान्य टिळक टर्मिनस लखनऊ त्रिसाप्ताहिक (प्रत्येक सोम ,बुध ,शनि ) की सेवा को दिनाँक 03.04.2021 से 30.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

20) गाड़ी क्रमांक 02108 अप लखनऊ लोकमान्य टिळक टर्मिनस त्रिसाप्ताहिक (प्रत्येक मंगल गुरु, रवि) की सेवा को दिनाँक 04.04.2021 से 01.07.2021 तक बढ़ाया गया है।

21) गाड़ी क्रमांक 02165 डाउन लोकमान्य टिळक टर्मिनस गोरखपुर द्विसाप्ताहिक (प्रत्येक गुरु,सोम ) की सेवा को दिनाँक 01.04.2021 से 28.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

22) गाड़ी क्रमांक 02166 अप गोरखपुर लोकमान्य टिळक टर्मिनस द्विसाप्ताहिक (प्रत्येक शुक्र,मंगल ) की सेवा को दिनाँक 02.04.2021 से 29.06.2021 पर्यंत वाढविण्यात आला आहे.

23) गाड़ी क्रमांक 02031 डाउन पुणे गोरखपुर द्विसाप्ताहिक (प्रत्येक मंगल,शनि ) की सेवा को दिनाँक 03.04.2021 से 29.06.2021 तक बढ़ाया गया है।

24) गाड़ी क्रमांक 02032 अप गोरखपुर पुणे द्विसाप्ताहिक (प्रत्येक गुरु,सोम ) की सेवा को दिनाँक 05.04.2021 से 01.07.2021 तक बढ़ाया गया है।

25) गाड़ी क्रमांक 01079 डाउन लोकमान्य टिळक टर्मिनस गोरखपुर साप्ताहिक (प्रत्येक गुरु) की सेवा को दिनाँक 01.04.2021 से 01.07.2021 तक बढ़ाया गया है।

26) गाड़ी क्रमांक 01080 अप गोरखपुर लोकमान्य टिळक टर्मिनस साप्ताहिक (प्रत्येक शनि) की सेवा को दिनाँक 03.04.2021 से 03.07.2021 तक बढ़ाया गया है।

27) गाड़ी क्रमांक 01115 डाउन पुणे गोरखपुर साप्ताहिक (प्रत्येक गुरु) की सेवा को दिनाँक 01.04.2021 पासून 01.07.2021 तक बढ़ाया गया है।

28) गाड़ी क्रमांक 01116 अप गोरखपुर पुणे साप्ताहिक (प्रत्येक शनि ) की सेवा को दिनाँक 03.04.2021 से 03.07.2021 तक बढ़ाया गया है।

29) गाड़ी क्रमांक 02135 डाउन पुणे मंडुआडीह साप्ताहिक (प्रत्येक सोम) की सेवा को दिनाँक 05.04.2021 से 28 .06.2021 तक बढ़ाया गया है।

30) गाड़ी क्रमांक 01116 अप मंडुआडीह पुणे साप्ताहिक (प्रत्येक बुध) की सेवा को दिनाँक 07.04.2021 से 30 .06.2021 तक बढ़ाया गया है।

आरक्षण: सभी गाड़ियाँ पूरी तरह से आरक्षित रहेगी। सुपरफास्ट विशेष ट्रेन संख्या. 02811, 02818, 01033, 01407, 02107, 02165, 02031, 01079, 01115, 02135, 02879, 02865, और 02858 के लिए बुकिंग सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों पर और वेबसाइट http://www.irctc.co.in पर दिनांक 18.3.2021 से आरंभ होगी।

*विशेष का समय, हाल्ट और संरचना में कोई परिवर्तन नहीं है यानि कि वैसी रहेगी।

*इस विशेष ट्रेन के हाल्ट एवं विस्तृत समय के लिए कृपया http://www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।

*इन विशेष ट्रेनों में केवल कन्फर्म यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति है।

*यात्रियों को बोर्डिंग, यात्रा और गंतव्य पर यात्रा के दौरान COVID19 से संबंधित सभी मानदंडों, एसओपी का पालन करने की सलाह दी जाती है।

भुसावल मंडल

दिनांक- 17.03.2021

PR/2021/03/23