मध्य रेलवे की प्रतिष्ठित, देश की पहली पुश-पुल तरीकेसे चलाई गई यात्री गाड़ी, राजधानी दिनांक 25 से मुम्बई से एवं 26 से हज़रत निजामुद्दीन से, सप्ताह में चार दिन चलने के लिए तैयार हो गयी है। यात्रीगण कृपया गाड़ी क्रमांक और शेड्यूल पर ध्यान दे।

मध्य रेलवे की प्रतिष्ठित, देश की पहली पुश-पुल तरीकेसे चलाई गई यात्री गाड़ी, राजधानी दिनांक 25 से मुम्बई से एवं 26 से हज़रत निजामुद्दीन से, सप्ताह में चार दिन चलने के लिए तैयार हो गयी है। यात्रीगण कृपया गाड़ी क्रमांक और शेड्यूल पर ध्यान दे।

आज प्रातःकाल में मनमाड़ दौंड रेल मार्ग पर एक मालगाड़ी के 7 डिब्बे पटरी से उतर गए और इससे यह रेल मार्ग अवरुद्ध हो गया है। मार्ग की तमाम रेल गाड़ियाँ मनमाड़ इगतपुरी कल्याण कर्जत होकर पुणे की ओर चलाई जा रही है। मध्य रेलवे ने इसके लिए खास बुलेटिन निकाले है।
02779 वास्को निजामुद्दीन गोवा एक्सप्रेस, 01039 कोल्हापुर गोंदिया महाराष्ट्र यह पुणे से भुसावल की ओर आनेवाली गाड़ियाँ पुणे से कर्जत, कल्याण, इगतपुरी, मनमाड़ होकर आएंगी। भुसावल से पुणे की ओर जानेवाली 06524 निजामुद्दीन यशवंतपुर, 06501 अहमदाबाद यशवंतपुर, 01078 जम्मूतवी पुणे झेलम, 02780 निजामुद्दीन वास्को गोवा और 02224 अजनी पुणे वातानुकूलित एक्सप्रेस मनमाड़ से आगे इगतपुरी, कल्याण, कर्जत होकर पुणे जाएगी।
06229 मैसूरु वाराणसी जो कि 22 तारीख को मैसूरु से चली है, दौंड के बाद पुणे कर्जत कल्याण इगतपुरी होकर मनमाड़ भुसावल आएगी।
06527 बेंगालुरु नई दिल्ली कर्णाटक एक्सप्रेस जो कि 22 तारीख को बेंगालुरु से चली है अब वाड़ीसे परावर्तित मार्ग, सिकन्दराबाद, बल्हारशहा, नागपुर, इटारसी आकर आगे नई दिल्ली जाएगी।
मनमाड़ दौड मार्ग की खबर और देते रहेंगे।



08233/34 इन्दौर बिलासपुर इन्दौर 26 दिसम्बर से चलनेवाली है।

06519/20 बेंगालुरु नान्देड बेंगालुरु हम्पी एक्सप्रेस प्रतिदिन, अब बदले समयोंनुसार चलेगी। ज्ञात रहे, गाडीके यशवंतपुर स्टापेजेस रद्द किए गए है।

07687/88 मनमाड़ धर्माबाद मनमाड़ हाइकोर्ट एक्सप्रेस प्रतिदिन 24 दिसम्बर से शुरू की जा रही है।

पूर्व तटीय (ECoR) रेलवे ने अपनी निम्नलिखित त्यौहार विशेष गाड़ियोंकी अवधि बढाई है।

निम्नलिखित गाड़ियों के समय में संशोधन किया गया है:-
१) 01235 नागपुर-मडगाँव विशेष अब कल्याण 04.42 बजे और पनवेल 05.45 बजे आयेगी।हाल्ट: वर्धा, बडनेरा, अकोला, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण, पनवेल, रोहा मनगांव, खेड़, चिपलून, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरि, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, कंकवली, सिंधुदुर्ग, कुडाल, सावंतवाड़ी रोड, थिविम, करमली।
२) 02165 एलटीटी-गोरखपुर विशेष अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 06.00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 11.25 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।02166 गोरखपुर-एलटीटी विशेष अब गोरखपुर 15.45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 20.50 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।
हाल्ट: ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, मनमाड, जलगाँव, भुसावल, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, प्रयागराज जंक्शन, जंघई, भदोही, वाराणसी, मऊ, देवरिया सदर।
3) 02167 एलटीटी-मंडुवाडीह विशेष अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 22.45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 01.55 बजे मंडवाडीह पहुंचेगी।02168 मंडुवाडीह-एलटीटी विशेष अब मंडुवाडीह से 10.10 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 12.30 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।
हाल्ट: कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, वाराणसी
4) 01015 एलटीटी-गोरखपुर दैनिक विशेष लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दिनाँक 1.1.2021 से 8.4.2021 तक 23.29 बजे प्रस्थान करेगीऔर तीसरे दिन 07.05 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।
01016 गोरखपुर- LTT दैनिक विशेष दिनाँक 3.1.2021 से 10.4.2021 तक गोरखपुर से 17.45 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 00.10 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।
हाल्ट: ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, मनमाड, चालीसगाँव, पचोरा, जलगाँव, भुसावल, रावेर, बुरहानपुर और खंडवा, खिरकिया, हरदा, टिमरनी, इटारसी, होशंगाबाद, भोपाल, विदिशा, गंजबासौदा, बीना, ललितपुर, झाँसी , ओरई, कानपुर, उन्नाव, ऐशबाग, बादशाहनगर, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बभनान, बस्ती, खलीलाबाद।
01235 नागपुर-मडगाँव (शुक्रवार) 8.1.2021 से 29.1.2021 तक
01236 मडगाँव-नागपुर (शनिवार) 9.1.2021 से 30.1.2021 तक
आरक्षण: लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पुणे, नागपुर से छूटने वाली पूरी तरह से आरक्षित विशेष गाड़ियों की विस्तारित ट्रिप के लिए बुकिंग सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों और वेबसाइट www.irctc.co.in पर दिनांक 23.12.2020 को आरंभ होगा।
सभी गाड़ियोंके बदले समय ntes या irctc के ऐप या रेलवे की वेबसाईट पर उपलब्ध है।
railpost.in की सौजन्यता से
राष्ट्रीय रेल योजना, भविष्य की विकास योजनाओं का मार्गदर्शन करेगी राष्ट्रीय रेल योजना को अवसंरचना संबंधी क्षमता को बढ़ाने तथा रेलवे और व्यापार की औसत हिस्सेदारी में वृद्धि करने की रणनीतियों के लिहाज से तैयार किया गया है इस योजना का उद्देश्य 2030 तक ऐसी क्षमता का निर्माण करना है, जो मांग से अधिक रहे तथा 2050 तक की मांग में वृद्धि संबंधी जरूरतों को पूरा करे राष्ट्रीय रेल योजना के एक हिस्से के रूप में, 2024 तक कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए विज़न 2024 को लॉन्च किया गया है 2024 के बाद, भविष्य की परियोजनाओं के लिए दोनों ही क्षेत्रों – ट्रैक और सिग्नलिंग की पहचान की गयी है और इसके कार्यान्वयन के लिए निश्चित समय सीमा भी निर्धारित की गयी है निर्धारित समयसीमा के साथ ईस्ट कोस्ट, ईस्ट – वेस्ट और नार्थ- साउथ नाम के तीन समर्पित फ्रेट कॉरिडोर की पहचान की गई है, पीईटीएस सर्वेक्षण का कार्य पहले से ही चल रहा है कई नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की भी पहचान की गई है, दिल्ली और वाराणसी के बीच हाई स्पीड रेल से संबंधित सर्वेक्षण कार्य जारी है
क्षमता संबंधी कमियों को दूर करने और देश के माल ढुलाई (फ्रेट) इकोसिस्टम में अपनी औसत हिस्सेदारी को बढ़ाने के प्रयास के तहत, भारतीय रेल ने राष्ट्रीय रेल योजना का मसौदा पेश किया है।
राष्ट्रीय रेल योजना नाम की इस दीर्घकालिक योजना को अवसंरचना संबंधी क्षमता को बढ़ाने तथा रेलवे और व्यापार की औसत हिस्सेदारी में वृद्धि करने की रणनीतियों के लिहाज से तैयार किया गया है। राष्ट्रीय रेल योजना, रेलवे की भविष्य की सभी अवसंरचनात्मक, व्यवसाय और वित्तीय योजना के लिए एक साझा मंच होगी। इस योजना के मसौदे को अब विभिन्न मंत्रालयों के पास उनके विचार जानने के लिए भेजा जा रहा है। रेलवे ने इस योजना को जनवरी 2021 तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस योजना का उद्देश्य है:
राष्ट्रीय रेल योजना के एक अंग के रूप में, 2024 तक कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं, जैसे 100% विद्युतीकरण, भीड़भाड़ वाले मार्गों की मल्टी ट्रैकिंग, दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई मार्गों पर गति को 160 किलोमीटर प्रतिघंटा तक बढ़ाना, अन्य सभी स्वर्णिम चतुर्भुज-स्वर्णिम विकर्ण (जीक्यू / जीडी) मार्गों पर गति का 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक उन्नयन और सभी जीक्यू / जीडी मार्गों पर सभी स्तर के क्रॉसिंग को समाप्त करना आदि, के त्वरित कार्यान्वयन के लिए विज़न 2024 शुरू किया गया है।
व्यावहारिक रूप से, राष्ट्रीय रेल योजना में मांग से अधिक क्षमता के निर्माण और माल ढुलाई में रेलवे की औसत हिस्सेदारी को 45% तक बढ़ाने के लिए 2030 तक पूंजी निवेश में प्रारंभिक वृद्धि की परिकल्पना की गई है।
2030 के बाद अर्जित राजस्व अधिशेष, भविष्य के पूंजी निवेश के वित्त पोषण और पहले से निवेश की गई पूंजी के ऋण अनुपात का बोझ भी उठाने के लिए पर्याप्त होगा। रेल परियोजनाओं को राजकोष से वित्त पोषण की जरुरत नहीं होगी।
Pin.nic.in के सहयोग से