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रेलवे तैयार कर रही है कमाऊ पूत

आप भारतीय संयुक्त परिवार से है तो कमाऊं पूत इस शब्द की परिभाषा से भलीभाँति परिचित होंगे। किसी परिवार में एक से ज्यादा बेटे होते है, उनमेसे एक बेटा धन कमाने में अव्वल होता है जो भर भर के कमाई घर लाता है तो उसकी पूरे परिवार में पूछपरख बड़े अच्छे तरीके से होती है। उसे कमाऊ पूत कहते है।

अब आप सोच रहे होंगे हमारे रेल्वेवाले ब्लॉग में यह कौनसी सामाजिक कहानी शुरू हो गयी? भाईसाहब, यह किसी कहानी का हिस्सा नही, तमाम दुनिया का किस्सा है, हक़ीकत है। जो कमाता है, उसीका रौब चलता है। भारतीय रेलवे ने जब निजी गाड़ियाँ चलाने की बात कर ही दी है, तो आपको बताते है की कैसे यह गाड़ियाँ कमाऊ पूत बनने वाली है और कैसे बाकी रेग्युलर गाड़ियोंसे इनकी प्रायॉरिटी, तवज्जों ज्यादा रहने वाली है।

इससे पहले की हम इनके कमाई की बाजु देखे, इनको पटरी पर आने से पहले ही रेलवे को क्या क्या देना है, इनको पटरी पर उतारने के पीछे रेल प्रशासन की मंशा क्या है, यह देखते है।

भारतीय रेलवे के 68000 किलोमीटर मार्ग पर वर्ष 2018-19 में करीबन 9 करोड़ प्रतीक्षा सूची वाले यात्री अपनी यात्रा नही कर पाए और उन्हें अपनी टिकट रद्द करनी पड़ी। गाड़ियोंमे जगह की कमी के चलते यह सब हुवा। कई सारे यात्रिओंको हवाई सफर या रोडवेज से यात्रा करनी पड़ी। हालाँकि इसके और भी कारण हो सकते है, लेकिन रेल प्रशासन ऐसा सोचती है, यदि उनके पास अधिक गति, ज्यादा आरामदायक और सूटेबल टाइमिंग्ज वाली गाड़ियाँ रहती तो यात्रिओंकी पहली पसंद रेलवे ही रहती। यह सब हक़ीकत में लाने के लिए रेलवे खुद इतना धन अपने व्यवस्था में डाले इससे बेहतर है की निजी क्षेत्र को लीज पर अपनी व्यवस्था के साथ तुरंत ही गाड़ियाँ शुरू करवा दे।

रेल प्रशासन के पास जो मार्ग याने पटरियां उपलब्ध है वह तो पहले से ही अपनी ट्रैफिक क्षमता से सवा और डेढ़ गुना काम कर रही है। लेकिन DFC के कॉरिडोर वर्ष 2021 से उपलब्ध होनेवाले है और उसीको मद्देनजर रखते हुए रेल्वेज ने यह कदम उठाने की सोची है। उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा इस तरीकेसे लिया जा सकता है।

अब निजी ट्रेनोके ऑपरेटर यात्रिओंको किस तरह चार्ज कर सकते है और रेल प्रशासन किन चिजोंमे अपना हिस्सा ले सकेगी यह देखते है। 1) यात्री टिकट पर छपा किराया, 2) यात्री को पसंदीदा सीट के लिए अतिरिक्त प्रीमियम, यात्री का अतिरिक्त लगेज, पार्सल का लदान 3) अतिरिक्त सेवाएं जैसे खानपान, बेडिंग या वाईफ़ाई से इंटरनेट सुविधा 4) विज्ञापन, ब्रांडिंग या नामकरण सुविधा इसके बाद स्टेशन के इस्तेमाल किए जाने के शुल्क, और लगाए जाने वाले राजस्व भी हिसाब में शामिल रहेंगे।

इन निजी ट्रेन संचालन के लिए करीबन 100 से ज्यादा स्टेशन्स निर्धारित किए गए है और उन्हें 12 क्लस्टर और हर क्लस्टर में करीबन 12 जोड़ी गाड़ियाँ में विभाजित किया गया है। ऑपरेटर को चाहिए कि वह हर एक क्लस्टर के लिए अलग से अर्जी दाखिल करे। रेल प्रशासन निजी ऑपरेटर को यह सहूलियत देगी की उसके दिए गए समय के 60 मिनिट के दायरे में अपनी उन्ही स्टेशनोंके बीच चलनेवाली कोई ट्रेन नही चलाएगी।

निजी ऑपरेटर को चाहिए कि उसकी ट्रेन उन स्टेशनोंके बीच चलाई जाने वाली सबसे तेज ट्रेन हो। निजी ट्रेन में कमसे कम 16 डिब्बे होना जरूरी होगा और ज्यादा से ज्यादा उस मार्ग पर चलने वाली रेल प्रशासन की ट्रेनों जितने डिब्बे वह जोड़ सकता है। निजी संचालक अपनी गाड़ियोंकी देखभाल खुद करेगा जिसके लिए सारे टेक्नीशियन भी उसीके रहेंगे। इसके लिए लगने वाली जगह, मेंटेनेंस एरिया या डिपो रेल प्रशासन उपलब्ध कराएगा।

निजी गाड़ियोंके क्रू याने लोको पायलट और गार्ड रेलवे के कर्मचारी ही रहेंगे। यदि निजी संचालकोंको अपनी गाड़ी ऑपरेट करवाने के लिए इनको अलगसे ट्रेनिंग देनी पड़े तो उसकी व्यवस्था भी करनी होगी। निजी गाड़ियोंके चल स्टॉक भारतीय रेलवे के सुरक्षा मानकोंके अनुसार ही रहना चाहिए।

निजी संचालकोंके साथ रेल प्रशासन का करार जारी होने की तारीख से 35 वर्ष का रहेगा।

निजी गाड़ियोंको चलाने की गति अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित की गई है।

निजी संचालकोंको अपनी गाड़ियोंका किराया तय करने की सहूलियत दी जाती है।

निजी संचालकोंको रेल प्रशासन के हाउलेज चार्ज याने ढुलाई खर्च और एनर्जी यूज चार्जेस अलग से देना होगा।

निजी संचालक यदि किसी सेवा देने में चूक करता है तो जुर्माने के लिए बाध्य रहेगा यह बात रेल प्रशासन के लिए भी निजी संचालक के हित मे लागू रहेगी।

निजी संचालक अपनी टिकट बुकिंग के लिए रेल्वेज की विद्यमान आरक्षण बुकिंग प्रणाली का उपयोग करेगा।

निजी संचालक अपना चल स्टॉक याने लोको इंजिन और डिब्बे अपनी पसंद के अनुसार जहाँ से चाहे ला सकता है, बशर्ते वह भारतीय रेल के शर्तो और मानकों के अनुसार हो।

आशा है, आप भारतीय रेल पर निजी कम्पनियोंको अपनी गाड़ियाँ चलाने देने का उद्देश्य और मंशा समझ चुके होंगे। DFC कॉरिडोर उपलब्ध होने के बाद रेलवे के पास अतिरिक्त मार्ग हाजिर रहेगा जिस पर तीव्र गतिसे गाड़ियाँ चलाई जा सकती है। निजी कम्पनियोंको लीज पर गाड़ियाँ चलाने का अवसर देकर भारतीय रेल अपने स्टाफ़ को भी आंतरराष्ट्रीय दर्जे पर ले जाना चाहती है। विदेशी चल स्टॉक यहाँपर न सिर्फ ऑपरेट करेगी बल्कि उनका मेटेनन्स भी यहीं करेगी उससे रोजगार का और उन्नत तकनीक का सृजन होगा।

यात्रिओंको इंटरनेशनल क्वालिटी की बेहतर सेवा और तेज गति के रेल गाड़ियों से परिचय होगा। इससे भविष्य में भारतीय रेल और उनके यात्रिओंको फायदा ही होगा हाँ यात्रा करने के लिए प्रीमियम किराया चुकाने की तैयारी भी करनी होगी।

रही बात रेग्युलर गाड़ियोंकी तो यात्रिओंको इसमें जो गाड़ियाँ कम होने का डर लग रहा है वह वाजिब है। यह झीरो बेस टाइमटेबलिंग, पैसेंजर गाड़ियोंको एक्सप्रेस बनाना या जोन की कई गाड़ियोंका रद्द किया जाना यह निजी गाड़ियोंके लिए जगह बनाने की कवायद चल रही है। लेकिन हमें यह लगता है, यह सारे शुरवाती झटके है। जब यह सारी निजी गाडियाँ पटरी पर दौड़ना शुरू हो जाएगी, जरूरतोंके हिसाब से रेग्युलर गाड़ियाँ भी बढ़ेगी। निजी गाड़ियोंके यात्री प्रीमियम सेवाओंको प्राधान्य देने वाले रहेंगे और आम यात्रिओंको भी एक अतिरिक्त व्यवस्था चुनने के लिए उपलब्ध रहेगी। अपनी जरूरत के हिसाब से वह इन गाड़ियोंको यात्रा के लिए चुन सकता है। जब तीसरी और चौथी पटरियां काम करने लग जाएगी तो छोटे छोटे अन्तर के लिए इंटरसिटी गाड़ियाँ चलाई जा सकती है।

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मुम्बई क्लस्टर 2 : प्राइवेट गाड़ियोंकी डिटेल्स

मुम्बई के 2 क्लस्टर है, आज उसमे का दूसरा क्लस्टर समझते है। यह क्लस्टर मुम्बई की दूसरी याने पश्चिम रेल्वे के लिए बनाया गया है। इसमे सबसे ज्यादा 12 जोड़ी याने 24 गाड़ियां है।

इस क्लस्टर की पहली गाड़ी है, मुम्बई दिल्ली मुम्बई रोजाना , राजधानी रूट। यह डेली गाड़ी मुम्बई सेंट्रल से शाम 16:00 को चलेगी और नई दिल्ली मे दूसरे दिन सुबह 7 :00 बजे पोहोचेगी। वापसी मे नई दिल्ली से दोपहर 14:45 को निकल मुम्बई सेंट्रल को दूसरे दिन सुबह 6:00 बजे पोहोचेगी। 1384 किलोमीटर का यह मार्ग सीधा सूरत, वडोदरा, रतलाम कोटा वाला मार्ग है।

दूसरी गाड़ी मुम्बई अहमदाबाद मुम्बई रूट 483 किलोमीटर याने यह क्लियर है की यह गाड़ी बांद्रा टर्मिनस अहमदाबाद के बीच चलेगी। यह भी गाड़ी रोजाना और शताब्दी के समय जितना समय लेगी और वही स्पीड से चलेगी। मुम्बई से रोजाना 23:45 को निकल सुबह 6:00 बजे अहमदाबाद पोहोचेगी। वापसी मे अहमदाबाद से सुबह 7:40 को निकल कर दोपहर 13:55 को मुम्बई पोहोचेगी। मार्ग सूरत, वडोदरा होकर ही है। कुल मिलाकर यह रिवर्स शताब्दी लग रही है।

तीसरी गाड़ी मुम्बई सूरत मुम्बई है। जिसका रूट किलोमीटर 263 दिया गया है। याने सीधा सीधा मुम्बई सेंट्रल से सूरत का अंतर है। यह गाड़ी भी रोजाना चलेगी। सूरत से सुबह 7:00 बजे निकल कर मुम्बई सेंट्रल सुबह 10:00 बजे और वापसी मे मुम्बई सेंट्रल से 15:30 को निकल सूरत 18:30 को पोहोचेगी। तीन घंटे का रनिंग टाइम और यात्रीओंके लिए बेहद उपयुक्त टाईमटेबल दिया है। यह गाड़ी यात्रीओंकी पसंदीदा रहनेवाली है।

चौथी गाड़ी मुम्बई वडोदरा मुम्बई रूट किलोमीटर 386 है। जिससे लगता है की दादर या बांद्रा से चलाई जा सकती है या फिर वडोदरा के स्थान पर छायापुरी या प्रत्यपनगर टर्मिनल का गंतव्य लिया जा सकता है। मुम्बई से 11:50 को निकल कर वडोदरा 16:05 को पोहोचेगी वापसी मे वडोदरा से 18:05 को निकल मुम्बई मे 23:00 को पोहोचेगी। मार्ग सूरत होकर शताब्दी की तरह स्पीड ऐसा रहेगा। टाईमटेबल थोड़ा अजीब है। डेली कम्यूटर्स के लिए खास नहीं।

पाचवी गाड़ी थोड़ी अजीब है। मुम्बई अकोला मुम्बई रूट किलोमीटर 713 याने जाहीर सी बात है की गाड़ी बांद्रा से चलकर उधना बाइपास करके जलगाव भुसावल होकर अकोला जायगी। सप्ताह मे दोनों ओरसे तीन दिन याने त्रिसाप्ताहिक चलेगी। मुम्बई से सुबह 6:10 को हर मंगलवार, शुक्रवार और रविवार पर निकलेगी और दूसरे दिन अकोला मे दोपहर 14:00 बजे पोहोचेगी। वापसी मे यह गाड़ी अकोला से बुधवार, शनिवार और सोमवार को दोपहर 15:15 को निकल कर दूसरे दिन सुबह 5:05 को मुम्बई पोहोचेगी। यह वापी वलसाड एरिया को शेगाव अकोला एरिया के लोगोको सीधे कनेक्ट करवाएगी।

छठी गाड़ी है मुम्बई नंदुरबार मुम्बई, सप्ताह मे 4 दिन मुम्बई से हर मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार और रविवार को सुबह 6:10 को चलकर नंदुरबार दोपहर को 13:10 को पोहोचेगी वापसी मे नंदुरबार से उसी दिन दोपहर मे 15:50 को निकलकर 23:15 को पोहोचेगी। यह इंटरसीटी गाड़ी लग रही है। इसका रूट किलोमीटर 410 से वही उधना बाइपास भेसतान होकर लग रहा है।

सातवी गाड़ी सूरत वाराणसी सूरत साप्ताहिक गाड़ी है। रूट किलोमीटर 1370 बताया गया है यह क्लियर है की यह गाड़ी उधना वाराणसी के मार्ग से ही चलेगी। सूरत से हर सोमवार को सुबह 8 20 को निकलकर दूसरे दिन सुबह 7:20 को वाराणसी पोहोचेगी वापसी मे वाराणसी से मंगलवार को सुबह 9:00 बजे निकल दूसरे दिन सुबह 8:45 को सूरत पोहोचेगी। इसका मार्ग जलगाव भुसावल जबलपुर प्रयागराज छिवकी होकर रहेगा। यह भी यात्रीओंके पसंद की गाड़ी रहेगी और फेरे भी बढ़ेंगे।

आठवी गाड़ी सूरत पटना सूरत, साप्ताहिक और रूट किलोमीटर 1679 से यह जान सकते है की यह गाड़ी भुसावल होकर नही जायगी इसका मार्ग वडोदरा, नागदा, बीना, कटनी, प्रयागराज, वाराणसी होकर चलेगी। सूरत से सुबह 8:20 को हर शुक्रवार को निकल शनिवार को दोपहर 13:00 बजे पटना पोहोचेगी। वापसी मे यह गाड़ी पटना से शनिवार को 14:45 को निकल कर सूरत को दूसरे दिन शाम मे 17:55 को पोहोचेगी।

अगली नौवी गाड़ी मुम्बई सेंट्रल से नई दिल्ली के बीच रोजाना चलनेवाली गाड़ी है। मार्ग मैंन लाइन वडोदरा, रतलाम कोटा होकर 1384 किलोमीटर का बताया गया है। मुम्बई सेंट्रल से हर रोज 15:25 को निकल नई दिल्ली को सुबह दूसरे दिन 6:40 को पोहोचेगी। वापसी मे नई दिल्ली से हर रोज दोपहर 13:25 को खुलकर मुम्बई सेंट्रल सुबह 5:00 बजे टीका देगी।

दसवीं गाड़ी है, इंदौर दानापुर सप्ताह मे चार दिन और रूट किलोमीटर 1256 यह जाहीर करता है की यह गाड़ी खजुराहो, प्रयागराज, वाराणसी होकर दानापुर जायगी। इंदौर से सोम, बुध, गुरु, शुक्र को 14:25 को निकल कर दूसरे दिन दोपहर मे 16:00 बजे दानापुर पोहोचेगी। वापसी मे यह गाड़ी दानापुर से हर मंगल, गुरु, शुक्र, और रविवार को 17:40 को निकल कर दूसरे दिन को रात 20:30 को पोहोचेगी।

ग्यारहवी गाड़ी यदि पश्चिम रेल्वे चलाती है तो इसका स्टार्टिंग पॉइंट गजब रहने वाला है। यह गाड़ी है मुम्बई एरिया से साइनगर शिर्डी एक्स्प्रेस, रूट किलोमीटर यह बताता है की गाड़ी वाया पुणे चलेगी। अब यह दादर से चलेगी या कहा से यह कहना मुश्किल लग रहा है। गाड़ी रोजाना चलनेवाली है। मुम्बई से रात 20:00 बजे निकल शिर्डी को सुबह 4:15 को पोहोचेगी और वापसी मे शिर्डी से 7:50 को निकल कर मुम्बई मे दोपहर को 15:55 को पोहोचेगी।

आखरी बारहवी गाड़ी मुम्बई इंदौर मुम्बई ट्राई वीकली गाड़ी है, रूट किलोमीटर 830 से अवन्तिका एक्स्प्रेस का ही मार्ग लग रहा है। मुम्बई से हर सोम बुध शुक्र को रात 20:00 को निकल कर इंदौर सुबह 10:00 बजे पोहोचेगी और वापसी मे इंदौर से हर मंगल गुरु शनिवार को शाम 17:00 बजे निकल कर मुम्बई को दूसरे दिन सुबह 7:00 बजे पोहोचेगी।

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दक्षिण रेलवे के टाइमटेबल के बदलाव

वर्ष 2020/21 के रेलवे टाइमटेबल बदलाव के परीपत्रक आने शुरू हो गए है। दक्षिण रेलवे क्या कुछ होनेवाला है यह देखते है।

टर्मिनल्स में बदलाव

12829/30 भुबनेश्वर एम जी आर चेन्नई सेंट्रल भुबनेश्वर एक्सप्रेस अब ताम्बाराम तक विस्तारित होकर वहां टर्मिनेट / ओरिजिनेट होगी।

22841/42 सांतरागाछी एम जी आर चेन्नई सेंट्रल सांतरागाछी अन्त्योदय एक्सप्रेस भी ताम्बाराम से शुरू / खत्म होगी।

2 जोड़ी गाड़ियोंको एम जी आर चेन्नई सेंट्रल बाईपास कर पैरामबुर होकर चलाया जाएगा।

12295 / 12296 दानापुर बेंगलुरु दानापुर एक्सप्रेस और 12687 / 12688 मदुरै चंडीगढ़ मदुरै एक्सप्रेस

मार्ग बदलाव

22659 / 22660 कोचुवेली देहरादून कोचुवेली एक्सप्रेस अब उसके एर्नाकुलम टाउन, कोटयायम, कयानकुलं के बजाय एर्नाकुलम जंक्शन, अलापुझा, कयानकुलं होकर जाएगी।

सेवा के दिनोंमें बदलाव

16181 चेन्नई एगमोर सेनगोत्तई सिलाम्बु एक्सप्रेस सोम, बुध, शनिवार के जगह गुरु, शुक्र, शनिवार को चलेगी।

16182 सेनगोत्ताई चेन्नई एग्मोर सिलाम्बु एक्सप्रेस मंगल, गुरु, रविवार की जगह शुक्र, शनि, रविवार को चलेगी।

22657 ताम्बाराम नागरकोईल एक्सप्रेस सोम, मंगल, बुधवार की जगह रविवार, सोमवार और बुधवार को चलेगी।

22658 नागरकोईल ताम्बाराम एक्सप्रेस मंगलवार, बुधवार, गुरुवार की जगह सोमवार, मंगलवार और गुरुवार को चलेगी।

16353 काचेगुड़ा नागरकोईल एक्सप्रेस बुधवार की जगह रविवार और 16354 नागरकोईल काचेगुड़ा एक्सप्रेस मंगलवार की जगह शनिवार को चलेगी।

22622 कन्याकुमारी रामेश्वरम एक्सप्रेस रविवार मंगलवार शुक्रवार के स्थानपर रविवार, मंगलवार, और गुरुवार को चलेगी उसीतरह वापसीमे 22621 रामेश्वरम कन्याकुमारी एक्सप्रेस शनिवार, सोमवार, गुरुवार की जगह शनिवार, सोमवार, बुधवार को रामेश्वरम के रवाना होगी।

16779 तिरुपति रामेश्वरम एक्सप्रेस रविवार, मंगलवार, शुक्रवार की जगह सोमवार, बुधवार और शनिवार को तिरुपति से रामेश्वरम के लिए छूटेगी वापसी में 16780 रामेश्वरम तिरुपति एक्सप्रेस सोमवार, गुरुवार, शनिवार के स्थानपर मंगलवार, शुक्रवार, रविवार को रामेश्वरम से तिरुपति के लिए रवाना होगी।

शार्ट टर्मिनेशन

22655 / 22656 तिरुवनंतपुरम निजामुद्दीन तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस अब सिर्फ एर्नाकुलम तक ही चलाई जाएगी याने अब यह गाड़ी एर्नाकुलम निजामुद्दीन एर्नाकुलम एक्सप्रेस रहेगी।

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पश्चिम रेलवे के समयसारिणी होगा व्यापक बदलाव

यज्ञपि रेग्युलर गाड़ियाँ अभी शुरू नही की गई है, लेकिन रेल प्रशासन का जो झीरो बेस टाइमटेबल बनाने का आदेश सभी क्षेत्रीय रेल्वेज को दिया गया है उस आधार पर अलग अलग क्षेत्रिय रेलवे अपने टाइमटेबल मिनिट्स बना रही है।

हमारे पास पश्चिम रेलवे और दक्षिण रेलवे के मिनिट्स आए है। पश्चिम रेलवे में काफी परिवर्तन किए है। 4 गाड़ियोंका विस्तार किया है।

1: 12267 / 68 मुम्बई राजकोट मुम्बई दुरन्तो अब जामनगर तक जाएगी

2: 19217 / 18 बांद्रा जामनगर बांद्रा एक्सप्रेस अब वेरावल तक जाएगी।

3: 19039 / 40 बांद्रा मुजफ्फरपुर अवध एक्सप्रेस अब बरौनी तक जाएगी।

4: 19401 / 19402 बांद्रा लखनऊ बांद्रा एक्सप्रेस अब गोरखपुर तक जाएगी।

सेवाओंके दिन बदले

12475 हापा श्री माता वैष्णोदेवी कटरा अब हापा से बुधवार की जगह मंगलवार को रवाना होगी। और 12476 जामनगर श्री माता वैष्णोदेवी कटरा अब जामनगर से मंगलवार की जगह बुधवार को रवाना होगी।

टर्मिनल स्टेशन में बदलाव

12901 / 12902 मुम्बई सेंट्रल अहमदाबाद मुम्बई सेंट्रल एक्सप्रेस मुम्बई सेंट्रल के बजाय दादर से सेवाए देगी। याने यह गाड़ी अब दादर अहमदाबाद दादर एक्सप्रेस बन जाएगी।

12927 / 12928 मुम्बई सेंट्रल वडोदरा मुम्बई सेंट्रल एक्सप्रेस अब मुम्बई सेंट्रल के बजाय दादर से शुरू / समाप्त होगी।

15269 / 15270 अहमदाबाद मुजफ्फरपुर अहमदाबाद एक्सप्रेस अहमदाबाद की जगह साबरमती से शुरू / खत्म होगी।

गाड़ियाँ रद्द

17 गाड़ियाँ रद्द की जा रही है। कृपया परीपत्रक देखे।

मार्ग परिवर्तन

17 जोड़ी याने 34 गाड़ियोंका मार्ग परिवर्तन किया जा रहा है। जिसमे सबसे उल्लेखनीय मार्ग परिवर्तन 22909/22910 बलसाड़ पूरी बलसाड़ एक्सप्रेस का है। सूरत, वड़ोदरा, रतलाम, भोपाल होकर चलनेवाली यह गाड़ी अब जलगाव खण्डवा इटारसी भोपाल होकर चलेगी। साथ ही 22913/14 बांद्रा सहरसा बांद्रा, 22971/72 बांद्रा पटना बांद्रा, 15068/67 बांद्रा गोरखपुर बांद्रा, 19051/52 बलसाड़ सोनपुर बलसाड़ श्रमिक, 12943/43 बलसाड़ कानपुर बलसाड़ उद्योगकर्मी यह गाड़ियाँ उधना नही जायगी बल्कि चल्थन भेस्तान होकर उधना को बाईपास कर निकल जाएगी। 19413/14 अहमदाबाद कोलकाता अहमदाबाद एक्सप्रेस पालनपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़ संत हिरदाराम नगर के बजाय गोधरा, रतलाम, संत हिरदाराम नगर होते हुए आगे जाएगी। और भी गाड़ियोंके मार्ग में बदलाव है, कृपया परीपत्रक देखे।

10 गाड़ियोंके लिंक एक्सप्रेस की व्यवस्था बन्द होगी। याने यह 10 गाड़ियाँ केवल अपनी मुख्य मार्ग पर ही चलेगी, इनके हिस्से को काट कर लिंक एक्सप्रेस बनकर अब नही चलेगी।

1: 12905/06 हावड़ा पोरबंदर हावड़ा की लिंक 22905/06 राजकोट ओखा लिंक एक्सप्रेस बन्द की जाएगी।

2: 12995/96 बांद्रा अजमेर बांद्रा एक्सप्रेस की लिंक 22995/96 चित्तौड़गढ़ उदयपुर चित्तौड़गढ़ लिंक एक्सप्रेस बन्द होगी।

3: 22901/02 बांद्रा उदयपुर बांद्रा एक्सप्रेस की लिंक 20901/02 चित्तौड़गढ़ अजमेर चित्तौड़गढ़ लिंक वन्द की जाएगी।

4: 22945/46 मुम्बई ओखा मुम्बई सौराष्ट्र एक्सप्रेस में 19569/70 राजकोट वेरावल का स्लीप कोच लगना बन्द किया जाएगा।

5: 12925/26 बांद्रा अमृतसर बांद्रा पश्चिम एक्सप्रेस में 22925/26 अम्बाला कालका अम्बाला लिंक एक्सप्रेस बन्द होगी।

6: 12945/46 सूरत महुवा सूरत एक्सप्रेस में 59271/59230 बोटाद भावनगर बोटाद पैसेंजर का डिब्बा लगना बन्द होगा।

7: 19019/20 बांद्रा देहरादून बांद्रा एक्सप्रेस में 29019/20 मंदसौर मेरठ मंदसौर लिंक एक्सप्रेस का जुड़ाव बन्द किया जाएगा।

8: 19579/80 राजकोट दिल्ली सराय रोहिल्ला राजकोट एक्सप्रेस में 59272/59233 भावनगर सुरेंद्रनगर पैसेंजर का डिब्बा लगना बन्द होगा।

9: 19711/12 जयपुर भोपाल जयपुर एक्सप्रेस में 59306/07 इंदौर उज्जैन पैसेंजर का डिब्बा लगना बन्द होगा।

10: 59441/42 अहमदाबाद मुम्बई अहमदाबाद पैसेंजर में 59075/76 भुसावल सूरत भुसावल पैसेंजर का डिब्बा लगना बन्द होगा।

यह स्लिप कोच, लिंक एक्सप्रेस इनका जंक्शन स्टेशन्स पर शंटिंग करना ब्रिटिश कालीन व्यवस्था थी। जो मेन लाइन और ब्रांच लाइन्स के यात्रिओंके लिए सीधी सुविधा रखने के लिए जारी थी। लेकिन आजकल ब्रांच लाइन और मेन लाइन ऐसा भेद नही रहा और न ही अलग अल्ग गेज की गाड़ियाँ। शंटिंग करना बेमानी हो गया है। उसमे वक़्त की भी बरबादी होती है अतः पूरे भारतीय रेल व्यवस्था में स्लिप कोचेस और लिंक एक्सप्रेस का कंसेप्ट बन्द किया जा रहा है।

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प्राइवेट निजी गाड़ियोंके मार्ग, समय का विस्तृत विवरण। आज पहला क्लस्टर मुम्बई – 1

कल हमने आपको पूरे 12 क्लस्टर में कौनसी निजी गाड़ियोंकी चलाने घोषणा की गई है, इस बात से अवगत करा दिया था। मगर उसे गन्तव्योंको मुम्बई एरिया, दिल्ली एरिया ऐसे दिया गया था और किस मार्ग से जाएगी इसकी भी जानकारी नही थी। परीपत्रक में उन गाड़ियोंके टोटल रनिंग किलोमीटर दिए गए थे, जिससे हम अंदाज लगा सकते है की फलाँ एरिया के कौनसे टर्मिनल और मार्ग से यह गाड़ी चलेगी। थोड़े अभ्यास की जरूरत है, इसीलिए लिए हम रोज एक एक क्लस्टर की गाड़ियाँ की चर्चा करेंगे। आज मुम्बई – 1 क्लस्टर लेते है, जो कि मध्य रेलवे के लिए निर्धारित किया गया है।

पहली गाड़ी है, कलबुर्गी मुम्बई कलबुर्गी। यह गाड़ी कलबुर्गी से सप्ताह में 6 दिन ( बुधवार को नही ) रात 9 बजे चलेगी और सुबह 6 बजे मुम्बई पहुचेंगी। 15 मिनट बाद याने 6:15 को इसकी वापसी यात्रा मुम्बई से कलबुर्गी शुरू हो जायेगी ( गुरुवार को नही ) जो दोपहर 14:55 को कलबुर्गी पहुंचा देगी। 497 किलोमीटर की यह यात्रा करीबन 9 घंटे में पूरी होगी। अन्तर से यह समझ आता है कि यह गाड़ी पनवेल – कलबुर्गी के बीच चलेगी मार्ग सीधा ही कर्जत, पुणे होकर रहेगा।

दूसरी गाड़ी है मुम्बई नागपुर मुम्बई। यह गाड़ी भी दोनों ओरसे सप्ताह में 6 दिन चलेगी।
मुम्बई से सुबह 7:35 को निकलकर नागपुर शाम 18:05 को पहुंचेगी ( गुरुवार को नही ) और उसी दिन ( गुरुवार को नही ) रात 20:55 को नागपुर से निकल कर दूसरे दिन सुबह 8:00 बजे मुम्बई पोहोचेगी।
कुल अन्तर 820 किलोमीटर का है जो की लोकमान्य तिलक टर्मिनस से नागपुर के बीच का सीधे भुसावल होकर है जिसे 10.5 से 11 घंटे में पूरा किया जा रहा है। अभी इस स्पीड में मुम्बई नागपुर मुम्बई दुरन्तो चल रही है।

इस क्लस्टर की तीसरी गाड़ी है मुम्बई मडगाव मुम्बई, किलोमीटर 520 याने यह भी पनवेल – मडगांव के बीच चलेगी।
सप्ताह में 6 दिन, दोनों ओरसे याने मुम्बई से और मडगांव से बुधवार को नही चलेगी।
मुम्बई से दिन में 10:25 को निकल, मडगांव को 17:40 पर पोहोचेगी और वापसी यात्रा में मडगांव से उसी रात 21:40 को निकल दूसरे दिन सुबह 7:00 बजे मुम्बई पोहोचेगी। यह गाड़ी कोंकण रेल के मार्ग से चलेगी।

चौथी गाड़ी है मुम्बई नागपुर मुम्बई। यह गाड़ी दोनों ओरसे सप्ताहिक, वीकली चलेगी।
मुम्बई से सुबह 13:10 को निकलकर नागपुर रात 23:30 को पहुंचेगी ( बुधवार ) और वापसी यात्रा ( गुरुवार ) रात 20:55 को नागपुर से निकल कर दूसरे दिन सुबह 7:30 बजे मुम्बई पोहोचेगी।
कुल अन्तर 820 किलोमीटर का है जो की लोकमान्य तिलक टर्मिनस से नागपुर के बीच का सीधे भुसावल होकर है जिसे 10.5 घंटे में पूरा किया जा रहा है। अभी इस स्पीड में मुम्बई नागपुर मुम्बई दुरन्तो चल रही है।

पाँचवीं गाड़ी है, मुम्बई वाराणसी मुम्बई रोजाना, यह डेली गाड़ी अपना 1496 किलोमीटर अन्तर 25 घंटे में पूरा करेगी। जो इस मार्ग की गाड़ियोंमे बेस्ट एवरेज स्पीड रहेगा।
मुम्बई से सुबह 5:45 को निकल वाराणसी को दूसरे दिन सुबह 6:30 को पहुँचाएगी। वापसी यात्रा में वाराणसी से सुबह 8:40 को निकल मुम्बई दूसरे दिन सुबह 9:40 को पहुचेंगी।
यह गाड़ी उत्तर भारतीयों के लिए बढ़िया समय वाली है। मार्ग सीधा भुसावल, इटारसी, जबलपुर, प्रयागराज छिंवकी होकर रहेगा और जहाँतक है, गाड़ी लोकमान्य तिलक टर्मिनस मंडुआडीह के बीच चलेगी।

छठी गाड़ी है मुम्बई कानपुर मुम्बई रोजाना, कुल अन्तर 1340 किलोमीटर और यात्रा समय है 22 घंटे।
मुम्बई से हर रोज शाम 16:10 को निकल कर दूसरे दिन कानपुर 14:10 को पहुचेंगी। वापसी यात्रा कानपुर से हर रोज शाम 17:55 को चल दूसरे दिन सुबह 15:45 को पहुंचेगी।
यह गाड़ी भी लोकमान्य तिलक टर्मिनस कानपुर के बीच सीधे सीधे मार्ग भुसावल, भोपाल, झांसी होते हुए चलेगी।

सांतवीं गाड़ी है मुम्बई हावड़ा मुम्बई रोजाना, इसका अन्तर बताया गया है 1943 किलोमीटर याने लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सांतरागाछी के बीच वाया नागपुर चलेगी ऐसा दिखाई पड़ता है। यह अन्तर, यह गाड़ी कुल 25 घंटे में तय करेगी। जो की इसी मार्ग की दुरन्तो (26.5 घंटे ) से भी तेज है।
इसके समय मुम्बई से 14:15 और दूसरे दिन हावड़ा 15:15 वैसे ही वापसी यात्रा में हावड़ा से रात 22:40 और मुम्बई पहुंचेगी दूसरे दिन रात में 23:40 को।

इस क्लस्टर की आखरी और आठवीं गाड़ी है मुम्बई नान्देड मुम्बई सप्ताह में 3 दिन, किलोमीटर है 610 यानी मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से हुजुरसाहिब नान्देड के बीच चलेगी।
मुम्बई से हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को रात 23:00 को निकल दूसरे दिन सुबह 10:00 बजे नान्देड पोहोचेगी। वापसी यात्रा में नान्देड से हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को रात 23:30 को निकल दूसरे दिन सुबह 11:00 बजे मुम्बई पहुचेंगी।
मार्ग वही मनमाड़ औरंगाबाद होकर रहेगा।