09089 / 09090 अहमदाबाद गोरखपुर अहमदाबाद स्पेशल और 09083 / 09084 अहमदाबाद मुजफ्फरपुर अहमदाबाद स्पेशल इन गाड़ियोंके समय आजसे दिनांक 01 जुलाई से बदले है।


09089 / 09090 अहमदाबाद गोरखपुर अहमदाबाद स्पेशल और 09083 / 09084 अहमदाबाद मुजफ्फरपुर अहमदाबाद स्पेशल इन गाड़ियोंके समय आजसे दिनांक 01 जुलाई से बदले है।


भारतीय रेलवे की पैलेस ऑन व्हील्स, डेक्कन ओडिसी, रॉयल ओरिएंट एक्सप्रेस के लक्झरीयस के बारे में आपने सुना होगा। यह सभी पर्यटक रेल है। लेकिन ईरान रेलवे की ओवरनाइट चलने वाली नूर एक्सप्रेस के आलीशान यात्रा के बारे में आज हम बताने जा रहे है, जो कि आम यात्री गाड़ी है।
ईरान रेलवे में कई सारी लक्झरी ट्रेनें चलाई जाती है। उसमें नूर एक्सप्रेस, गझल एक्सप्रेस, पैराडाइस, साबा डबल डेक, ज़िंदगी लक्झरी, फड़क, पोलर सब्ज़, सब्ज़ आदी गाड़ियाँ ईरान रेलवे चलाता है और यह सब रेग्युलर गाड़ियाँ है।
हमारे आजकल के चलते दौर जैसे ही इरानियन रेलवे की सारी सीट्स फुल्ली रिजर्व्ड होती है, याने अनारक्षित टिकट्स का कोई मौका वहाँपर नही होता। गाड़ियोंमे सभी चार्जेस याने कैटरिंग, बेडिंग सम्मिलित होते है। 2 वर्ष से नीचे की आयु के लिए इंफन्ट टिकट जो कि 10% बिना किसी सीट के और यदि अलग से सीट होना हो तो वयस्क किराए के 50% किराया, 2 वर्ष से 12 वर्ष उम्र तक वयस्क किराए के 50% किराया लगता है। कुछ समय अग्रिम बुकिंग्ज के लिए 25 से 30% रियायत भी इरानियन रेलवे देती है।
कैंसलेशन के लिए गाड़ी छूटने के समय से 3 घंटे पहले तक 30% किराया काटा जाता है और गाड़ी छूटने के समय से 3 घंटे पहले से लेकर गाड़ी छूटने के आधे घंटे पहले तक 50% तो गाड़ी छूटने बाद कोई रिफण्ड नही ऐसी पद्धति है। सारे आरक्षित टिकट केवल ई मेल पर ही भेजे जाते है। टिकट आपको अपने ई मेल से प्रिंट कराने होंगे, रेलवे कोई प्रिंट नही देती।
यह तो हो गयी नियम और कायदोंकी बात, आइए इनकी लक्झरियस गाड़ियाँ देखते है।



















भारतीय रेल अपनी तीव्रतम गति पर, देखना है? पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा – नागदा सेक्शनपर हाल ही में रेलवे ने अपनी टॉप स्पीड टेस्ट की।
हमारे पास यह वीडियो आया है। इसमें रेल अपनी टॉप स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही है। यह ट्रायल्स चल रहे है पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा डिवीजन में और मार्ग है मुम्बई दिल्ली वाया रतलाम कोटा। वैसे नागदा स्टेशन पश्चिम रेलवे का इस मार्ग पर का आखिरी स्टेशन है। आगे पश्चिम मध्य रेलवे का कोटा डिवीजन शुरू हो जाता है।
अब बताइए, कैसा लग रहा है। है न आप तैयार इस स्पीड के लिए? घबराए नही, फिलहाल 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ही यात्री गाड़ियाँ चलेगी। लेकिन यह दौर भी जल्द आने वाला है। पहले वीडियो तो देख लीजिए।
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Revisiting the Nokia Classics modern Avtaar Nokia 5310 best for Music loversबढ़ते कोविड-19 के संक्रमण के चलते, दक्षिण रेलवे ने राज्य अंतर्गत चलनेवाली यह 7 जोड़ी स्पेशल गाड़ियाँ दिनांक 29 जून से 15 जुलाई तक रद्द कर दी है।

आज भारतीय रेल अपनी गाड़ियोंकी गति बढ़ाने पर तेजी से काम कर रहा है। उन्नत रेल मार्ग, रोलिंग स्टॉक याने डिब्बे, लोको, आधुनिक सिग्नल प्रणाली के चलते यह सम्भव हो रहा है। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण भूमिका रेल मार्गोंका विद्युतीकरण की भी है।
भारतीय रेलवे में विद्युतीकरण का इतिहास करीबन 95 वर्ष पुराना है। सन 1925 में भारत मे रेलवे इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन की शुरुवात हुई। इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से यातायात करना यह पर्यावरणपुरक है। रेलवे में विद्युतीकरण ईंधन की बचत और पर्यावरण की सुरक्षा यह मुख्य उद्देश्य है। आने वाले 4 वर्षोंमें रेलवे ने अपनी सभी बड़ी लाइनोंको विद्युतीकरण से लैस करने का लक्ष्य रखा है।
1925 से शुरू हुई यह विद्युतीकरण की रेलवे यातायात 1500 वोल्ट डायरेक्ट करन्ट याने DC से चलती थी। मुम्बई से पुणे और मुम्बई से इगतपुरी ऐसे दो मार्गोपर यह ट्रैक्शन था। 1957 में रेलवे ने DC विद्युतीकरण के बजाय 25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर काम करना शुरू किया और 1 अप्रैल 2020 तक भारतीय रेलवे का 39866 किलोमीटर मार्गका विद्युतीकरण हो चुका है। हमारे पास दो चार्ट है, पहला रेलवे का राज्यनिहाय विद्युतीकरण और दूसरा क्षेत्रीय रेलवे के अनुसार विद्युतीकरण। आइए देखते है। यह चार्ट्स भारतीय रेल की वेबसाइट से लिए गए है।

