





आपने कभी रेल सफर के दौरान एखाद कप चाय पी है? हाँ भाई वही मोनोपल्ली वाली, यूनिक टेस्ट वाली, गर्म और चाय के रंग जैसे दिखनेवाली जिसको वह बेचने वाला वेंडर ही सिर्फ चाय बोल सकता है, वही जो हर रेलवे स्टेशन के IRCTC के वेंडरोके पास मिलती है।
भाईसाहब, ईतना बुरा मुँह न बनाइये, हमने सिर्फ नाम ही लिया है, कोई रेलवे की चाय थोड़े ही पिलाई है आपको। आज हम उसी चाय और उसको बेचने वाली एकमात्र कम्पनी IRCTC की बात करते है, लेकिन पहले आपको एक ताजी खबर सुनाते है। अब इस खबर का हमारे लेख का कैसा सम्बन्ध है, आप कैसे जोड़ते है उसपर निर्धारित है।
एकसौ अठहत्तर वर्ष पुरानी ब्रिटिश पर्यटक कम्पनी थॉमस कुक डूब गई, बन्द कर दी गयी। इस कम्पनी का कामकाज 16 देशोंसे, 22,000 कर्मचारियों साथ चल रहा था। थॉमस कुक कम्पनी के डूबने के कई कारण है, लेकिन यहांपर हमारे इस लेख के लिए प्रमुख कारण है, व्यवसायोंमे नई तकनीक के चलते जो स्पर्धा निर्माण हो रही है, और उस वजह से ग्राहकोंको किस तरह से अच्छे अच्छे ऑप्शन्स मिलते है, और जो कम्पनी, व्यवसाय को अपना एकाधिकार समझ के चलती है, वह है।
इस कम्पनी का व्यवसाय का मुख्य आधार पर्यटन ही था। यात्रिओंको विभिन्न प्रकार के टूर पैकेज स्वरूप में उपलब्ध कराना। जैसे की यात्री टिकट, होटल में कमरे, पर्यटन स्थल पर सैर सपाटे की व्यवस्था मुहैय्या कराना। आजकल इंटरनेट पर पर्यटन से सम्बंधित हर प्रकार की सहायता मौजूद है। टिकट से लेकर होटल बुकिंग, टैक्सी से लेकर ट्रेवल गाईड तक सभीयोंने अपने व्यवसाय इंटरनेट के जरिए वेबसाइट और ऐप पर, कम्प्यूटर, मोबाइल पर उपलब्ध कर दिए है।
पर्यटन व्यवसाय में गज़ब की स्पर्धा बन गयी। पर्यटकोंके लिए ढेरों ऑप्शंस सामने आने लग गए। ऐसेमें कोई पर्यटक किसी एक कम्पनी को अपनी पूरी यात्रा सौपना पसंद नही कर रहा है, उसीके चलते धीरे धीरे थॉमस कुक कम्पनी का भट्टा बैठते चला गया।
आजकल IRCTC और रेल प्रशासन की ओरसे यात्रिओका ओपिनियन याने राय ली जाती है। साफसफाई, कर्मचारियोंका यात्रिओंके साथ व्यवहार इसके बारे में पूछताछ की जाती है। हम सोचते है, एखाद बार IRCTC खुद अपने कैटरिंग सर्विसेज के बारे में क्यों नही पूछ लेती, खास कर के चाय के बारे मे।
IRCTC जिसका फूल फॉर्म इण्डियन रेल्वेज कैटरिंग एंड टूरिजम कॉर्पोरेशन है और भारतीय रेलवे की वाणिज्यिक इकाई है। IRCTC के तमाम मेनू पर चाय के कप का रेट ₹ 5/- मात्र है, और शायद ही किसी यात्री ने रेलवे में ₹ 5/- में चाय पीया हो। हर कोई 10 ₹ में ही एक कप चाय बेचते है। खास बात तो यह है पूरे भारतीय रेलवे मे आपको एक ही क्वालिटी की चाय मिलेगी। इतनी स्तरहीन चाय, जिसको चाय कहना चाय की तौहीन है, बेचारे यात्रिओंको केवल मजबूरी में पीनी पड़ती है। दस रुपए वाली चाय क्या होती है, यह रेलवे वाले पुणे में चाय की CCD जैसी येवले चाय चेनस्टोर कम्पनी की चाय पी के देखें तो पता चलेगा।
यहां बात किसी कम्पनी की नही है, बात है ग्राहकोंकी मजबूरी की और कम्पनी के मोनोपोली, एकाधिकार की। जब तक रेलवे में IRCTC का एकाधिकार है, तब तक उनकी मनमानी से ही काम चलेगा। टिकटोंमे सर्विस चार्ज देना पड़ेगा, स्तरहीन पानीकम चाय ही पीनी पड़ेंगी।
रेल प्रशासन यदि चाहें तो IRCTC को कॉम्पिटिशन में उतार के देख ले। स्टेशनोपर कोई टी स्टॉल IRCTC को नही मिलेगा, गुणवत्ता के मामले में तो एक भी नही।
राजस्थान के लिए कई स्पेशल ट्रेनोंकी घोषणा की गई है। आइए परिपत्रक देखते है-







Winter holiday special trains has been announced. Lokmanya Tilak Terminus to Karmali, Thivim and Panvel to Tivim. Jabalpur to Tirunelvelli.
Kindly check the circular.



