02 जून 2023, शुक्रवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, विक्रम संवत 2080

22229/30 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मडगांव मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन प्रत्येक शुक्रवार छोड़कर चलाई जाएगी।
02 जून 2023, शुक्रवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, विक्रम संवत 2080

22229/30 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मडगांव मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन प्रत्येक शुक्रवार छोड़कर चलाई जाएगी।
01 जून 2023, गुरुवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, द्वादशी, विक्रम संवत 2080
जी। बस दो दिन और…! और कोंकण रेलवे पर भी दौड़ने लगेगी वन्देभारत एक्सप्रेस।

रेल मन्त्री अश्विनी वैष्णव जी का ताज़ा ट्वीट है, बस दो दिन बचे है, कोंकण रेलवे पर मध्य रेल के मुम्बई और कोंकण रेल के मडगांव स्टेशन को वन्देभारत से जुड़ने में। हमे कुछ परिपत्रक मीले है, लेकिन उन में समयसारणी तो है, मगर अभी गाड़ी क्रमांक जाहिर नहीं हुवा है। तो हम और थोडासा इंतज़ार कर लेते है, तब तक आप निम्नलिखित समयसारणी देख अपनी वन्देभारत की सवारी प्रोग्राम सेट कर लीजिए!😊


31 मई 2023, बुधवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, एकादशी, विक्रम संवत 2080
भारतीय रेल की सबसे पुरानी गाड़ी, पंजाब मेल ने गौरवशाली 111 वर्ष पूर्ण कर दिनांक 1.6.2023 को 112 वें वर्ष में कदम रखे हैं। 22 मार्च, 2020 से कोविड -19 लॉकडाउन के दौरान सभी यात्री ट्रेन सेवाओं को बन्द कर दिया गया था, धीरे-धीरे सेवाओं को दिनांक 1.5.2020 से अनलॉक के बाद स्पेशल ट्रेनों के रूप में फिर से शुरू किया गया। दिनांक 1.12.2020 से पंजाब मेल स्पेशल ने एलएचबी कोचों के साथ अपनी यात्रा शुरू की है। इस गाड़ी की नियमित सेवा दिनांक 15.11.2021 से शुरु की गई।

पंजाब मेल के इतिहास की बात करते है तो मुम्बई तत्कालीन बॉम्बे से पेशावर जो अब पाकिस्तान में है,निश्चित रूप से कब शुरु हुई यह स्पष्ट नहीं है। वर्ष 1911 के अख़बार और लगभग 12 अक्टूबर 1912 को एक नाराज यात्री की शिकायत के आधार पर, ‘दिल्ली में ट्रेन के देर से आगमन’ के बारे में, कमोबेश यह अनुमान लगाया गया है की पंजाब मेल ने 1 जून 1912 को बैलार्ड पियर मोल GIPR ग्रेट इण्डियन पेनांझुला रेलवे का पहला टर्मिनल स्टेशन, से यात्रा शुरू की है।
पंजाब मेल, सुप्रसिद्ध फ्रंटियर मेल से 16 वर्ष से चलने लगे गयी थी। वास्तव में बैलार्ड पियर मोल स्टेशन जीआईपीआर सेवाओं का केंद्र था। पंजाब मेल, तब पंजाब लिमिटेड, इस नाम से जानी जाती थी, 1 जून 1912 को आरंभ हुई। भारत में ब्रिटिश राज के अधिकारी अपनी पोस्टिंग पर पी एंड ओ स्टीमर मेल में ब्रिटेन से अपने परिवार के साथ यात्रा करते थे। साउथेम्प्टन और बॉम्बे के बीच स्टीमर यात्रा तेरह दिनों तक चलती थी। चूंकि ब्रिटिश अधिकारियों के पास ब्रिटेन से बंबई की अपनी यात्रा के साथ-साथ भारत मे अपनी पोस्टिंग के स्थान तक जाने के लिए रेल से अपनी अंतर्देशीय यात्रा के लिए संयुक्त टिकट रहते थे। इसलिए वे जहाज से मुम्बई उतरने के बाद, आगे मद्रास, कलकत्ता या दिल्ली के लिए जाने वाली ट्रेनों में सवार हो कर आगे बढ़ते थे।

पंजाब लिमिटेड बंबई के बैलार्ड पियर मोल स्टेशन से जीआईपी रेल मार्ग से पेशावर तक, लगभग 2,496 किमी की दूरी तय करने के लिए 47 घंटे लेती थी। ट्रेन में छह डिब्बे होते थे, जिनमे तीन यात्रियों के लिए, और तीन डाक सामान के लिए रहते थे। तीन यात्री डिब्बोंमें केवल 96 यात्रियों को ले जाने की क्षमता थी, जो केवल ब्रिटिश अधिकारियों के लिए आरक्षित थी।
विभाजन के पूर्व की अवधि में पंजाब लिमिटेड ब्रिटिश भारत की सबसे तेज रफ्तार वाली गाड़ी थी। पंजाब लिमिटेड के मार्ग का बडा हिस्सा जीआईपी रेल पथ पर से भुसावल, इटारसी, आगरा, दिल्ली, अमृतसर तथा लाहौर से गुजरता था और पेशावर छावनी में समाप्त हो जाता था। इस गाडी ने 1914 से बंबई विक्टोरिया टर्मिनस (अब छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई) से आवागमन प्रारंभ किया। बाद में इसे पंजाब लिमिटेड के स्थान पर पंजाब मेल कहा जाने लगा और इसकी सेवाएं दैनिक कर दी गई।
1930 के मध्य में पंजाब मेल में तृतीय श्रेणी का डिब्बा लगाया गया। 1914 में बांबे से दिल्ली का जीआईपी रूट 1,541 किमी था, जिसे यह गाडी 29 घंटा 30 मिनट में पूरा करती थी। 1920 के प्रारंभ में इसके समय को घटाकर 27 घंटा 10 मिनट किया गया। 1945 में पंजाब मेल में वातानुकूलित शयनयान लगाया गया। 1972 में गाडी फिर से 29 घंटे लेने लगी। सन् 2011 में पंजाब मेल 55 अन्य स्टेशनों पर रूकने लगी।
भाँप के इंजिन से चलनेवाली पंजाब मेल, 1968 में डीजल इंजन से झॉंसी तक चलाया जाने लगा तथा बाद में डीजल इंजन नई दिल्ली तक चलने लगा। 1976 में यह गाड़ी फिरोजपुर तक जाने लगी। 1970 के अंत या 1980 के प्रारंभ में पंजाब मेल भुसावल तक विद्युत कर्षण पर डब्ल्यू सीएम/1 ड्यूल करंट इंजन द्वारा चलाई जाने लगी। जिसमें इगतपुरी में डीसी से एसी कर्षण बदलता था। पंजाब मेल मुंबई से फिरोजपुर छावनी तक की 1930 किमी तक की दूरी 32 घंटों 35 मिनट में पूरी करती है, मार्ग में 52 स्टेशनों पर रुकती है। अब इसमें रेस्टोरेंट कार के स्थान पर पेंट्रीकार लगाई जाती है।
वर्तमान में पंजाब मेल में एक फर्स्ट एसी सह वातानुकूलित टू टीयर, 2 -एसी टू टियर, 6-एसी थ्री टीयर, , 6 शयनयान, एक पैंट्रीकार, 5 सेकेंड क्लास के कोच तथा एक जनरेटर वैन है।
……
दिनांक 31/5/2023
पीआर नं. 2023/05/41
यह विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल , छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस द्वारा जारी की गई है।
30 मई 2023, मंगलवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2080
IRTTC अर्थात इंडियन रेलवे टाइमटेबल कमिटी, इस समिति की वार्षिक बैठक में आगामी समयसारणी के सम्बंधित प्रत्येक क्षेत्रीय रेल्वेके प्रतिनिधियों द्वारा विचार रखे जाते है। उक्त बैठक जून 2023 में प्रदतावित है, जिसमे पश्चिम रेलवे द्वारा निम्नलिखित प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाने की चर्चा है।
नई गाड़ियाँ : –
कुल 46 नई गाड़ियोंके प्रस्ताव तैयार है,
INDB-JP इन्दौर – जयपुर
UJN-COR उदयपुर सिटी – चित्तौड़गढ़
BRC-SVDK वडोदरा – श्री माता वैष्णो देवी कटरा
BRC-GKP वडोदरा – गोरखपुर
BRC-HW वडोदरा – हरिद्वार
ADI-SNSI अहमदाबाद – साईं नगर शिर्डी
GIMB-ASR ग़ांधीधाम – अमृतसर
GIMB-DDN ग़ांधीधाम – देहरादून
BVC-YNRK भावनगर – योगनगरी ऋषिकेश
BTD-GG बोटाद – गांधीग्राम
BVC-SBIB भावनगर – साबरमती
BTD-SUNR बोटाद – सुरेन्द्रनगर
UDN-BGP उधना – भागलपुर
UDN-DNR उधना – दानापुर
UDN-BSB उधना – वाराणसी
BDTS-SRE बान्द्रा टर्मिनस – सहारनपुर
BDTS-PURI बान्द्रा टर्मिनस – पूरी
BL-TPTY वलसाड़ – तिरुपति
BDTS-BME बान्द्रा टर्मिनस – बाड़मेर
ADI-RMM अहमदाबाद – रामेश्वरम
BL/ST – SFG/PCOI वलसाड़/सूरत – सूबेदारगंज/छिंवकी
OKHA-NHLN ओखा – नाहारलगुन
BL-ST MEMU वलसाड़ – सूरत मेमू
BHUJ-SBT भुज – साबरमती
PBR-RJT(via JLR) पोरबन्दर – राजकोट वाया जेतलसर
मुम्बई – अहमदाबाद के बीच विद्यमान समयसारणी से रिवर्सवाली वन्देभारत एक्सप्रेस
मुम्बई नई दिल्ली के बीच क्लोन राजधानी
मुम्बई – दिल्ली वाया असरवा, अहमदाबाद, हिम्मतनगर, उदयपुर
गन्तव्य / प्रस्थान स्टेशन में बदलाव :-
DDR-BGKT दादर – भगत की कोठी
DDR-BKN दादर – बीकानेर
DDR-BGKT(SF) दादर – भगत की कोठी (सुपरफास्ट)
DDR-AII दादर – अजमेर
DDR-BKN दादर – बीकानेर
DDR-BHUJ दादर – भुज
DDR-ADI Gujarat Mail दादर – अहमदाबाद गुजरात मेल
DDR-EKNR दादर – एकता नगर
DDR-PBR दादर – पोरबन्दर
उपरोक्त गाड़ियाँ दादर की जगह जोगेश्वरी टर्मिनल के लिए प्रस्तावित है।
मार्ग विस्तार (एक्सटेंशन)
12267/68 मुम्बई राजकोट दुरन्तो जामनगर तक
22939/40 बिलासपुर – हापा ओखा तक
महुवा – ढोला भावनगर तक
भावनगर – जेतलसर सोमन6/वेरावल तक
कामाख्या – भगत की कोठी ग़ांधीधाम तक
बांद्रा टर्मिनस – पटना भागलपुर टल्ड
मार्ग परिवर्तन
12719/20 हैदराबाद जयपुर द्विसाप्ताहिक और 17019/20 हैदराबाद जयपुर साप्ताहिक को उज्जैन, फतेहाबाद चन्द्रावती गंज, रतलाम होकर
नए स्टोपेजेस :-
रतलाम का दिल खुश कर दिद्दा, 😍 निम्नलिखित गाड़ियोंका रतलाम स्टेशन पर ठहराव
12431/32 तिरुवनंतपुरम निजामुद्दीन त्रिसाप्ताहिक राजधानी
22413/14 मडगांव निजामुद्दीन द्विसाप्ताहिक राजधानी
12908/07 बान्द्रा निजामुद्दीन द्विसाप्ताहिक महाराष्ट्र सम्पर्क क्रांति
30 मई 2023, मंगलवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2080
हाल ही में ट्वीट कर रतलाम सांसद मा. गुमानसिंह डामोर इन्होंने रतलाम वासियोंकी बहुप्रतीक्षित माँग पूरी होने की खुशखबर दी।
रतलाम यह पश्चिम रेलवे का महत्वपूर्ण मण्डल मुख्यालय है। मुम्बई – दिल्ली प्रीमियम रेल मार्ग का यह मण्डल, अपने लोको शेड के लिए जाना जाता रहा है। निम्नलिखित 4 जोड़ी गाड़ियाँ जून माह के पहले सप्ताह से छह माह के प्रायोगिक ठहराव लेना शुरू कर देंगी।
12217/18 कोचुवेळी चंडीगढ़ कोचुवेळी द्विसाप्ताहिक केरल सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस
12483/84 कोचुवेळी अमृतसर कोचुवेळी साप्ताहिक एक्सप्रेस
22659/60 कोचुवेळी योग नगरी ऋषिकेश कोचुवेळी साप्ताहिक एक्सप्रेस
12449/50 मडगांव चंडीगढ़ मडगांव द्विसाप्ताहिक गोवा सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस

दरअसल एक नीति के तहत सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस एवं दुरन्तो एक्सप्रेस गाड़ियाँ बिना किसी ठहरावों के चलाई जाती थी। बड़े जंक्शन, मण्डल मुख्यालय, रनिंग स्टाफ चेंजिंग स्टेशनोंपर पर भी आवश्यक होने पर टेक्निकल हॉल्ट दिया गया था। टेक्निकल होल्ट्स में गाड़ी ठहराव तो लेती थी मगर यात्रिओंको आवागमन की अनुमति नहीं रहती थी। यह बात तत्कालीन रेल मंत्री माननीय सुरेश प्रभु ने समझी और सभी टेक्निकल होल्ट्स को तत्काल प्रभावसे वाणिज्यिक ठहरावों में बदलने के आदेश दिए।
इन होल्ट्स से रतलाम और परिसर के यात्रिओंको काफी फायदा होगा। इन ठहरावों को लेकर स्थानीय “मालवा रेल फैन ग्रुप” प्रयासरत था। ग्रुप के शिवम राजपुरोहित, प्रमोद भण्डारी और अन्य सद्स्योंने हॉल्ट की घोषणा को लेकर हर्ष व्यक्त किया और साँसद गुमानसिंह डामोर जी के आभार प्रकट किए।