25 मार्च 2023, शनिवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2080
अभी की ताज़ा खबर है,
12290/89 नागपुर मुम्बई नागपुर प्रतिदिन दुरन्तो दोनों ओरसे बड़नेरा रुकेंगी, 12753/54 मराठवाड़ा सम्पर्क क्रांति साप्ताहिक एक्सप्रेस, भुसावल में और 11025/26 हुतात्मा प्रतिदिन एक्सप्रेस म्हसावद स्टेशन पर ठहराव लेना शुरू कर रही है। उपरोक्त स्टोपेजेस छह माह के प्रयोगात्मक ठहराव है और कहा गया है, रेल प्रशासन इनकी समीक्षा कर इन्हें स्थायी करनेपर विचार करेगा।
ज्ञात रहे, यह खबर अब तक रेल विभाग के अधिकृत हैंडल से जारी नही की गई है, अपितु सोशल मीडिया में वायरल हुई है। जैसे ही इस खबर की विस्तृत जानकारी हम तक आये, हम फिर परिपत्रक के साथ हाजिर होंगे।
24 मार्च 2023, शुक्रवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, तृतीया, विक्रम संवत 2080
एक निरन्तर प्रक्रिया के तहत सभी मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंको पुराने ICF कोच संरचना से नई LHB कोच संरचना में बदला जा रहा है। इस बदलाव में लगभग सभी गाड़ियोंमे अधिकतम कोच वातानुकूलित रहेंगे और मात्र 2,3 स्लीपर और उतने ही द्वितीय श्रेणी अनारक्षित कोच रहेंगे।
आरक्षण कोच के यात्री कुल संख्या 589.6 दशलक्ष
आम रेल यात्रिओंमें स्लीपर कोच बहुत लोकप्रिय है। यह आरक्षित श्रेणी यात्रिओंको लम्बे, मंझौले रेल यात्रा के लिए काफी किफ़ायती और ज्यादा सुविधाजनक लगती है। वहीं द्वितीय श्रेणी अनारक्षित कोच का लम्बे अंतर की रेल यात्रा में क्या औचित्य है यह समझ से बाहर है। जब हम रेल विभाग द्वारा जारी आँकड़े देखते है तो पता चलता है, तकरीबन 90% रेल यात्री अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा करते है। निम्नलिखित चार्ट देखिए,
विभिन्न क्षेत्रीय रेल पर यात्री संख्या, दशलक्ष में (अप्रैल 2022 से फरवरी 2023)
मध्य रेल CR, पश्चिम रेल WR, पूर्व रेल ER और दक्षिण रेल SR इन क्षेत्रीय रेल के आँकड़े बहुत इतर रेल मुख्यालयोंसे कई बड़े है। उसका कारण है, इन क्षेत्रीय रेल्वेमे चलने वाली उपनगरीय यातायात। इसके बावजूद महानगर मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई की ओर चलनेवाली लम्बी दूरी की गाड़ियोंमे अनारक्षित यात्रिओंकी संख्या कम नही है। उपरोक्त सारे संख्या की मिलाया जाए तो कुल 5864 दशलक्ष यात्रिओंने विगत वर्ष 22-23 में रेल से यात्रा की है। अब निम्नलिखित कथन देखिए,
रेल प्रशासन कहती है, हर रोज 96,000 यात्री प्रतिक्षासूची में रह जाते है।
इस बयानपर एक क्या कई प्रश्न और उपस्थित किये जा सकते है,
1: 96000 प्रतिक्षासूची यात्रिओंमें से PRS काऊंटर्स के छपे टिकट धारक कितने और ई-टिकट धारक कितने यात्री होंगे?चलिए, एक और सांख्यिकी बताती है, आजकल लगभग 80% आरक्षण डिजिटल प्रक्रिया से हो रहा है, अर्थात कुल प्रतिक्षासूची के 20% अर्थात करीबन 19,000 यात्री PRS टिकट धारक है जो प्रतिक्षासूची में रह गए।
2: ई-टिकट प्रतिक्षासूची का रिफण्ड ऑटोमैटिक हो जाता है मगर जो 19 हजार PRS प्रतिक्षासूची यात्री है उनमें से कितने धनवापसी के लिए रेल प्रशासन के पास पहुंचते है?
3: और जो प्रतीक्षा सूची टिकट धारी यात्री, धनवापसी नही लेते है, क्या रेल प्रशासन बता सकती है, उनके टिकट के धन का विवरण क्या है? रेल प्रशासन ऐसे धन को किस खाते में दिखाती है?चूँकि यह PNR गाड़ी के प्रस्थान समय से 30 मिनट उपरान्त ड्रेन अर्थात रद्द हो जाते है।
4: रेल प्रशासन क्या यह मान्य करती है, जो PRS प्रतिक्षासूची टिकट धारक रिफण्ड नही लेते, वह स्लीपर या अन्य कोचों में अपनी यात्रा पूर्ण करते है?
5: क्या इस तरह रद्द PNR के साथ यात्रा करता वह यात्री अधिकृत है? यदि नही, तो सम्पूर्ण रेल यात्रा में उसे अभियोजित क्यों नही किया जाता?
6: सबसे महत्वपूर्ण निरीक्षण ; रेल प्रशासन द्वारा जारी किए अमर्याद अनारक्षित द्वितीय श्रेणी टिकट लेकर जो यात्री, रेल प्रशासन के ही पुरस्कार प्राप्त टिकट जाँच दल द्वारा दण्ड/जुर्माना रसीद लेकर (जिसे आम यात्री रेल के आरक्षित कोच में यात्रा करने का परमिट बताते है) आरक्षित कोच में यात्रा करते है उनकी गिनती रेल प्रशासन कौनसी श्रेणी में करती है? आरक्षित, अनारक्षित, अनाधिकृत या टिकट जाँच दल द्वारा आरक्षित कोच में लादे गए विशेष टिकटधारी यात्री? *क्योंकी उनके हाथ रसीद देख कर उन्हें न कोई चेकिंग स्टाफ पूछता है न ही कोई सुरक्षा बल का सिपाही।*
इन सारे अनारक्षित, अनधिकृत यात्रिओंको स्लीपर के आरक्षित यात्री अक्षरशः झेलते है। स्लीपर कोच की ऊपरी बर्थस पर, साइड बर्थ के कोनोंपर, पैसेज में, टॉयलेट के बरामदे में यह यात्री ठूंसे भरे रहते है। न कोई चल टिकट निरीक्षक, न रेल सुरक्षा बल का जवान इन्हें अभियोजित करता है। ऐसी स्थिति में रेल प्रशासन अब लम्बी दूरी की गाड़ियोंमे अनारक्षित द्वितीय श्रेणी और स्लीपर के कोच लगातार कम करते जा रही है। लेकिन केवल इतना ही करने से इन अवैध यात्रिओंपर कोई खास असर नही पड़ने वाला है।
रेल प्रशासन को चाहिए,
द्वितीय श्रेणी टिकटों का आबंटन 500 km से ज्यादा दूरी का बन्द किया जाए।
स्लीपर टिकटों का प्रतिक्षासूची टिकट का आबंटन केवल और केवल डिजिटल अर्थात ई-टिकट के रूप में ही किया जाए, ताकी चार्ट बनने के बाद प्रतिक्षासूची में टिकट रह जाये तो अपनेआप धनवापसी हो कर रद्द हो जाये।
इंटरसिटी, डेमू, मेमू गाड़ियोंका परिचालन अभ्यासपूर्ण तरीके से बढाया जाए और द्वितीय श्रेणी टिकट पर गाड़ी प्रस्थान की समय सीमा अंकित हो। टिकट पर मेल/एक्सप्रेस में यात्रा करनेपर “प्रतिबंधित” ऐसे छपना चाहिए।
अग्रिम रेल आरक्षण की समय सीमा को 120 दिनोंसे घटाकर 30/45 दिन की जाए। या तत्काल वर्ग के आसनोंकी संख्या सीधे 75% की जाए।
अवैध यात्रिओंपर लगने वाला दण्ड/जुर्माना ₹250/- से बढ़ाकर ₹500 से 1000/- तक किया जाए। जुर्माना वसूल करने के बाद भी यात्री को रेल में यात्रा करने की अनुमति नही होनी चाहिए। जुर्माने की रसीद लेकर यात्री दोबारा यात्रा करते धरा जाता है, या गन्तव्य पर धरा जाता है तो जुर्माने की रकम दुगनी या यात्री को अभियोजित करने की प्रक्रिया की जानी चाहिए।
मान्यवर रेल प्रशासन, अपने ही कानून, नियम में लूप होल्स निकाल यात्रिओंको अवैध तरीक़े से यात्रा करने देते है जो सर्वथा अधिकृत आरक्षित यात्रिओंके साथ अन्याय, अत्याचार है।
एक और सांख्यिकी यह दर्शाती है, रेल्वेज में वातानुकूलित वर्ग मे यात्रिओंका रुझान बढ़ा है। इसे रेल प्रशासन यात्रिओंकी मजबूरी समझे न की यात्रिओंका रुझान। आम यात्री ग़ैरवातानुकूल कोच के अवैध, अनाधिकृत यात्रियों, विक्रेताओं से बेहाल हो चुका है और बेचारा सोचता है, वातानुकूलित श्रेणी में वह सुरक्षित यात्रा कर पायेगा। मगर अवैध यात्रिओं, विक्रेताओं का अतिक्रमण अब इन कोचेस को भी नही बख्शता है, इधर भी हालात बदतर हो रहे है। रेल प्रशासन को जागना, मुस्तैदी दिखाना अब आवश्यक हो गया है।
23 मार्च 2023, गुरुवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2080
मध्य रेल CR, भुसावल मण्डल के शेगाँव स्टेशन को 3 जोड़ी गाड़ियोंके स्टोपेज की बड़ी अच्छी सौगात मिली है। हालाँकि इन अस्थायी, छह महीनेवाले परीक्षण ठहरावोंको स्थायी स्टोपेजेस में बदलने जितना यात्रिओंका आवागमन शेगाँव स्टेशन पर सहज है। आइए वह 3 जोड़ी गाड़ियाँ देखते है,
1: 22141/42 नागपुर पुणे नागपुर वातानुकूलित साप्ताहिक सुपरफास्ट दिनांक 31 मार्च से रुकना शुरू हो जाएगी।
2: 12421 नान्देड़ अमृतसर साप्ताहिक सुपरफास्ट दिनांक 28 औऱ 12422 अमृतसर नान्देड़ साप्ताहिक सुपरफास्ट दिनांक 29 मार्च से रुकना शुरू हो जाएगी।
3: 12751 नान्देड़ जम्मूतवी साप्ताहिक हमसफर एक्सप्रेस दिनांक 31 मार्च से और 12752 जम्मूतवी नान्देड़ साप्ताहिक हमसफर एक्सप्रेस दिनांक 27 मार्च से रुकना शुरू करेगी।
11039/40 गोंदिया कोल्हापुर गोंदिया प्रतिदिन महाराष्ट्र एक्सप्रेस दिनांक 27/28 मार्च से जलम्ब स्टेशनपर रुकना शुरू कर देगी।
यात्रीगण से निवेदन है, इन स्टोपेजेस का अपनी रेल यात्रा में उपयोग ले।
21 मार्च 2023, मंगलवार, चैत्र, कृष्ण पक्ष, अमावस्या, विक्रम संवत 2079
वन्देभारत एक्सप्रेस भारतीय रेल की महत्वाकांक्षी परियोजना है। हमारे प्रधानमंत्री खुद इसमे रस ले रहे है। साथ ही प्रत्येक रेल यात्री, विभिन्न क्षेत्र के सांसद अपने अपने क्षेत्र में वन्देभारत एक्सप्रेस चलें इसके लिए आग्रही है। संसद में वन्देभारत एक्सप्रेस के परिचालन के बारे में चर्चाएं, प्रश्नोत्तर भी आते रहते है। हाल ही में, राज्यसभा सांसद जी वी एल नरसिम्हा राव जी ने रेल मंत्रालय से वन्देभारत एक्सप्रेस के बारे में कुछ प्रश्न किये। यह प्रश्न सभी रेल यात्रिओंके मन मे भी उठते रहते है। आशा है, रेल मंत्रालय के विस्तृत उत्तर के कारण, हम सभी रेल यात्री और रेल और रेल प्रेमियों की उत्सुकता का शमन होगा।
मा. सांसद जी के प्रश्नरेल मंत्रालय द्वारा प्राप्त उत्तर
चलिए, हम उपरोक्त विषयपर चर्चा करते है,
फिलहाल 10 जोड़ी वन्देभारत एक्सप्रेस भारतीय रेल नेटवर्क पर चलाई जा रही है। उनमेसे वाराणसी – नई दिल्ली, श्री माता वैष्णो देवी कटरा – नई दिल्ली, मुम्बई सेंट्रल – गांधीनगर कैपिटल, हावडा – न्यू जलपाईगुड़ी, विशाखापट्टनम – सिकंदराबाद इन शहरों के बीच चलने वाली वन्देभारत गाड़ियाँ लोकप्रिय है, यात्रिओंके अच्छे प्रतिक्रिया के साथ चल रही है। वहीं बिलासपुर – नागपुर, नई दिल्ली – अम्ब अंदुरा, चेन्नई – मैसूरु, मुम्बई – शिर्डी एवं सोलापुर के बीच की गाड़ियोंमे अभी यात्रिओंका प्रतिक्रिया थोड़ी कम है।
जिन गाड़ियोंमें यात्रिओंका रिस्पॉन्स कम है, उसके कारण विभन्न हो सकते है जैसे मार्ग पर अन्य कम किरायोंवाली गाड़ियोंकी उपलब्धि, यात्री अनुपूरक समयसारणी का न होना इत्यादि। एक अभ्यास यह बताता है, एसी चेयर कार में वंदे भारत एक्सप्रेस का मूल किराया शताब्दी ट्रेन की एसी चेयर कार के मूल किराए से 1.4 गुना ज्यादा है और एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया शताब्दी ट्रेन सेवाओं के एक्जीक्यूटिव क्लास के मूल किराए से 1.3 ज्यादा है। जब हम वन्देभारत एक्सप्रेस की तुलना शताब्दी एक्सप्रेस से करते है तो मुम्बई – सोलापुर, चेन्नई – मैसूरु इन मार्ग पर शताब्दी एक्सप्रेस चलती है मगर बिलासपुर – नागपुर, मुम्बई – शिर्डी या नई दिल्ली – अम्ब अंदुरा मार्ग पर शताब्दी जैसी कोई प्रीमियम इंटरसिटी गाड़ियाँ नही चलती, केवल मेल/एक्सप्रेस/सुपर गाड़ियाँ है। मगर वह गाड़ियाँ उन मार्गोंपर यात्रा करनेवाले यात्रिओंके लिए समुचित है और दूसरा कारण वन्देभारत का ज्यादा किराया भी है, जो सर्वसाधारण यात्री को वन्देभारत गाड़ियोंकी सवारी करने के लिए विचार करने मजबूर करता है।
कई रेल विशेषज्ञ का विचार है, देशभर के सभी मार्गोंपर वन्देभारत गाड़ी चलाने की जगह जहाँ यात्रिओंकी अत्याधिक माँग है, वहाँ वन्देभारत की आवृतियोंको बढ़ाना चाहिए। खैर! इस तरह के विचार जनमानस में वन्देभारत एक्सप्रेस के प्रति उत्सुकता को कम नही कर पायेगी। रेल प्रशासन वन्देभारत के स्लीपर और कम कोच की मिनी गाड़ियोंपर भी काम कर रहा है। जब यह आवृत्तियाँ पटरियोंपर आएंगी तब वन्देभारत एक्सप्रेस पर जो उच्च वर्ग की सुविधा वाली ट्रेन होने की, आम रेल यात्री की सोच को बदलकर रख देगी। हमारे देश मे रेल गाड़ियाँ जनसाधारण का मुख्य परिवहन है। स्लीपर वन्देभारत लम्बी दूरी के यात्रिओंमें खासी लोकप्रिय हो सकती है, वहीं मिनी वन्देभारत गाड़ियाँ लोकप्रिय मार्गोंपर कम यात्री संख्या ने, प्रीमियम सेगमेंट और तेज परिवहन को अद्यक्रम देनेवाले यात्रिओंके लिए बेहतर संसाधन मुहैया कराएगी।
रेल मंत्रालय के उत्तर में एक बात गौर करने लायक है, “गाड़ी सेवाएं राज्यवार आधार पर नही शुरू की जाती, क्योंकी रेल नेटवर्क राज्यों के आरपार फैला होता है” यह क्षेत्रिय रेल्वेके दफ्तरों, उनके कार्यक्षेत्रोंको और कार्यकलापों को सम्बंधित राज्य के अधीन समझ लिया जाता है। उनके निर्णयों पर विवाद भी छेड़ा जाता है। अमुक मण्डल को अमुक क्षेत्र में स्थानांतरित करने या अमुक क्षेत्रीय रेल का कार्यक्षेत्र किसी राज्य से जोड़ कर अनावश्यक बखेड़ा किया जाता है, उन रेल एक्टिविस्ट के लिए यह सीधा और कोरा जवाब है।
21 मार्च 2023, मंगलवार, चैत्र, कृष्ण पक्ष, अमावस्या, विक्रम संवत 2079
1:17208 विजयवाड़ा – शिर्डी साप्ताहिक आरक्षण 4 अप्रैल के बाद निलंबित,
2: 17225 विजयवाड़ा – हुब्बाली प्रतिदिन अमरावती आरक्षण 9 अप्रैल के बाद निलंबित
3: 22702 विजयवाड़ा – विशाखापट्टनम पाँच दिवसीय उदय आरक्षण 29 मार्च के बाद निलंबित
4: 19714 सिकंदराबाद – जयपुर साप्ताहिक आरक्षण 9 अप्रैल के बाद सस्पेंड
5: 12862 काचेगुड़ा – विशाखापट्टनम प्रतिदिन आरक्षण 8 अप्रैल के बाद निलंबित
6: 17014 हैदराबाद – हड़पसर (पुणे) त्रिसाप्ताहिक आरक्षण 8 अप्रैल के बाद निलंबित
7: 17663 तांदुर – परभणी प्रतिदिन आरक्षण 13 मार्च के बाद निलंबित
ध्यान दें उपरोक्त सभी गाड़ियोंको विभिन्न प्रस्थान स्टेशनोंसेविस्तारित किया गया है। आइए, हम इससे जुड़े परिपत्रक देखते है।
यूँ तो इस सम्बन्ध का परिपत्रक वर्ष 2022 दिसम्बर, का है, मगर जब लागू होता है तब ही हलचल मचती है😊 जब यात्रिओंको अप्रैल से आगे की तिथियों के आरक्षण गायब दिखे तो पूछताछ होने लगी। हमारी टेक्निकल टीम ने पुराने परिपत्रक खंगाले तो उन्हें निम्नलिखित सामग्री मिली,
उपरोक्त परिपत्रक में गाड़ियोंका विस्तार दिखाया गया है और उन्हें क्षेत्रीय रेल्वेके सुविधानुसार लागू कराने की बात कही गयी है। लगता है, इन विस्तार को लागू करने का समय अप्रैल में जो निलंबित तिथियाँ है उसके बाद से लागू हो जाएगा। यूँ तो अभी भी इनके विस्तारित आवृत्तियोंकी रेल्वेकी ओर से कोई खबर जारी नही की गई है। लेकिन, सबन्धित गाड़ियोंके आरक्षण विशिष्ट तिथियोंसे सस्पेंड है, इसका कारण हम आपके समक्ष रख रहे है और यथासंभव इनके विस्तार, आरक्षण शुरू होने की खबर भी आपको अवश्य ही देंगे।