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Longest electrified tunnel on Indian Railways commissioned

South Central Railway has commissioned the longest electrified tunnel, measuring 6.6 Kms between Cherlopalli and Rapuru stations and is part of the recently completed Obulavaripalli – Venkatachalam new railway line.

The tunnel has been completed in a record time of 43 months.

Two freight trains have successfully run on 25th June, 2019 marking the full-scale Operation of the newly built electrified railway line between the two stations, thereby opening up viable rail connectivity between Krishnapatnam Port and its hinterland for Goods train services, South Central Railway (SCR) said in a statement.

Completion of this tunnel has enabled Railways to start freight operations on this important railway line, which has reduced the distance between Krishnapatnam Port and hinterland areas by 60 kms. At present, the average travel time taken by goods train from Krishnapatnam Port to Obulavaripalli is 10 hrs. On the newly commissioned line, the travel time gets reduced to about 5 hours.

The construction of this tunnel paved the way to operate freight trains in Obulavaripalli – Venkatachalam – Krishnapatnam Port new railway line for a distance of 113 Kms. The section is now notified for commercial freight operations as well.

Salient Features of Tunnel

  1. Located between Cherlopalli to Rapuru stations and constructed in shape of ‘Horse Shoe’.

 

  1. New Australian Tunneling Method(NATM) is used and the cost incurred is Rs.460 crores

 

  1. Length of the tunnel is 6, 660 mts and is in straight alignment.

 

  1. The height of tunnel (rail level to roof) is 6.5 meters and the minimum height of contact wire is maintained at 5.2 meters.

 

  1. Ballast less Track is constructed with Bi-block sleepers and Vaslo fittings

 

  1. Full length lining is provided with 300 mm thickness

 

  1. Two nos. of traction power supply substations are provided near Cherlopalli and near Adurupalli with necessary switching stations in between.

 

  1. OHE maintenance depot is provided at Rapuru along with tower-car shed.

 

  1. LED lighting provided at 10 m intervals inside the tunnel.

 

  1. Conventional OHE has been provided with a maximum span of 36 m and maximum tension length of 1206 m. Brackets for supporting OHE have been fixed on wall mounted type plate fittings, which are fixed to the tunnel lining concrete.

 

  1. Spring type Auto Tensioning Device (ATD) of South Korean make is adopted in place of conventional type ATD for maintaining necessary tension in OHE wires, for the first time in SCR.

 

  1. Fail safe earthing arrangements are provided for safety of personnel working in tunnel.

 

  1. This longest electrified tunnel is pivotal in the new railway line between Venkatachalam and Obulavaripalli and is a game changer in the freight operations of the zone.

 

  1. This new line facilitates direct & viable connectivity between South Coast and West Coast and enhances the freight basket of South Central Railway.

It is a matter of pride for the zone to have such remarkable structure. The newly  constructed railway line is also helpful for decongestion of traffic on Vijayawada – Gudur Main line, said Gajanan Mallya, General Manager, SCR.

 

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News source : Zee News

Pictures : Times of India

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Magazine PDF, Uncategorised

Western Railway new time table highlights

पश्चिम रेलवे का नया टाइम टेबल जो एक जुलाई से लागु हो रहा है ।

उसकी हाइलाइट्स यहाँ पर दे रहे है ।

निचे दी गयी लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड करे.

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Upcoming ventures on Central Railways

आइए ढूंढते है विकास
यहाँपर हम एक नक्शा दे रहे है, जो मध्य रेल का इंजीनियरिंग सर्वे का मैप है। आप सोच सकते है, आने वाले दिनोंमें क्या कुछ हो सकता है।
Let’s find out development, here, we have provided you with the survey map of Central Railways.Check, the map, what all developments you can see in the coming days.

Editorials, Uncategorised

मिलेनियम एक्सप्रेस की वह रात…

यह आर्टिकल अंग्रेजी में पढ़ने के लिए लिंक पे क्लिक करे – https://railduniya.in/2019/04/12/the-dark-night-on-millennium-express/

भारतीय लोगोंके जीवन मे रेलवे का एक अटूट सम्बन्ध रहा है। हमारे सुख दुख की साथी है यह रेलवे। लाखों लोग अपने रोजगार की जगह पर जाने के लिए रेलवे का ही उपयोग करते है। कुल मिलाकर भारत मे घूमने, फिरने और रोज की यातायात के लिए रेलवे को कोई भी अन्य और यथायोग्य पर्याय आज तो नही है।

आज अचानक ही पुराने रिकार्ड में ग्वालियर के फार्मसी कॉलेज के अध्यापक महोदय का एक प्रशंसा पर पत्र हाथ लग गया। पत्र पढ़ते ही उस रात की याद ताज़ा हो गई। यह किस्सा है तो काफी पुराना लेकिन है बड़ा ही रोमांचक।

उन दिनों रेलवे के ट्वीटर और फेसबुक अकाउंट नही थे और नाही आप रेलवे के अधिकारियों से सीधे संपर्क कर पाते थे, तो एक रात करीबन दो बजे का वक्त रहा होगा, रेलदुनिया का लैंडलाइन फोन घनघना उठा। सामने से एक बड़ी डरी सहमी सी आवाज़ में एक व्यक्ति बोल रहा था, ” साहब, आधी रात को तकलीफ़ देने के लिए माफी चाहता हूँ, लेकिन प्लीज हमारी मदद कीजिए”

कहानी इस प्रकार थी, वह व्यक्ति जो फोन कर रहे थे, वह ग्वालियर इलाके के फार्मेसी कॉलेज के अध्यापक थे। वे लोग अपने विद्यार्थिनीयोंके साथ, शैक्षणिक यात्रा से ऊटी से ग्वालियर की ओर लौट रहे थे। उनके शयनयान डिब्बे में करीबन 25 आरक्षण थे, डिब्बा इंजिन से दूसरा था और बगल वाला डिब्बा अनारक्षित याने सेकंड जनरल था। सबरीमाला के यात्रियों की बड़ी भीड़ गाड़ी में एकाएक चढ़ी और इन लोगोंके डिब्बे में कुछ असामाजिक तत्व उधम मचाने लगे। रात का वक्त, साथ मे लड़कियाँ, भाषा के कारण संभाषण की दिक्कतें , डिब्बे में कोई रेलवे का न तो RPF और न ही TTE, खतरे की जंजीर खिंचे तो काम नही कर रही थी।

अध्यापक महोदय ने हर सम्भव प्रयास कर लिया था। उन लोगोंसे बातचीत की, उनसे प्रार्थना की, की वे उन्हें अपने आरक्षित जगहों पर से ना उठाए चाहे तो आधी जगह में वो लोग ले ले और बची जगह में लड़कियों को एडजस्ट होने दे। लेकिन वे लोग से अब छेड़छाड़ होने की आशंका भी अध्यापक और उनके विद्यार्थिनीयोंको सताने लगी थी।

गाड़ी थी मिलेनियम एक्सप्रेस और हमारे टूरिस्ट चढ़े थे कोयम्बटूर से। उनकी सारी आरक्षित जगहे पहलेसे ही, एर्नाकुलम से लबालब भर भर के आयीं थी। डिब्बे में तो यह लोग चढ़ गए लेकिन हाल जो हो रहे थे उसका नजारा हमने आपको बताया।

रात मे ईन लोगोने गाड़ी में से लोकल पुलिस को भी फोन लगाने की कोशिशें की, लेकिन मदत नहीं पा सके। उन्होंने एक SOS तरीके की कोशिश करने की सोची और उनके पास रेलदुनिया की किताब में से उसका ऑफिस का नम्बर डायल किया।

अब आगे क्या हुवा, बताते है। रात दो, ढाई बजे जब रेलदुनिया के दफ्तर में कॉल आयी तो यहाँसे तुरन्त उन्हें दक्षिण मध्य रेलवे झोन के RPF के झोनल कमिश्नर का मोबाइल नम्बर दिया गया चूँकि ट्रेन अब तक दक्षिण रेलवे पर कर दक्षिण मध्य रेल पर आ गई थी और खुद रेलदुनिया द्वारा भी कमिश्नर को प्राप्त परिस्थितियों से अवगत कराया गया। उन्होंने फौरन ट्रेन की पोजिशन ली और मार्ग के RPF कार्यलय को सावधान कर दिया। उन्हें कहा गया की पूरे बन्दोबस्त से जाए और यात्रिओंको सुरक्षा प्रदान करे, साथ ही मुख्यालय से ताजा जानकारी साझा करते रहे।

फिर रेल सुरक्षा बल ने जो काम किया है, आप अचंभित हो जाओगे। काटपाड़ी स्टेशन पर गाड़ी रुकते ही RPF दल ने पूरे डिब्बे को घेरा और बल का इस्तेमाल करते हुए डिब्बे के दरवाजे खुलवाए, अंदर प्रवेश कर उन गुंडों को अपने कब्जे में लिया और हमारे यात्रिओंको सुरक्षित किया, उन्हें अपनी जगहों पर बिठवाए। और इतनाही नहीं चार RPF का एक दल हमारे यात्रिओंके साथ, उस डिब्बे में ऑन ड्यूटी तैनात किया जो की ग्वालियर तक उनके साथ चला।

पता नही, लेकिन सफर में किसे किस तरह के अनुभवों से गुजरना पड़ सकता है। खैर, यह तो उन दिनोंकी बात है, आज कल तो रेल विभाग सुरक्षा के प्रति बहोत चाक चौबंद हो गया है। स्टेशनोंपर, गाड़ियोंमें हथियारबन्द पुलिस मौजूद रहते है।

रेलवे पुलिस हेल्पलाइन नंबर १८२.

ऊपर लिखी कथा एक सत्य घटना है। रेल दुनिया सदैव आपकी सेवा में।

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New Train Index – Update

Dear members, we are sharing with you the updated train index with new trains started and announced.

The trains highlighted in yellow are the newly inaugurated, extension of existing trains, change in frequency and the trains details can be read as a comment by taking the cursor to the highlighted portion.

Kindly take advantage of the index and share with maximum number of your friends and family.

TRAIN INDEX FOR PDF 15 march 19