22 फरवरी 2023, बुधवार, फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2079





22 फरवरी 2023, बुधवार, फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2079





निम्नलिखित परिपत्रक देखिए,

17206 काकीनाड़ा पोर्ट साइ नगर शिर्डी त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 01 मार्च से और 17205 साईं नगर शिर्डी काकीनाड़ा पोर्ट त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 02 मार्च से 11 द्वितीय श्रेणी शयनयान स्लीपर की जगह मात्र 02 स्लीपर रह जाएंगे।
ठीक इसी रैक, कोच संरचना के साथ 12755/56 काकीनाड़ा पोर्ट – भावनगर टर्मिनस – काकीनाड़ा पोर्ट साप्ताहिक एक्सप्रेस भी मार्च के 02 और 03 तारीख से मात्र 02 शयनयान स्लीपर के साथ चलेंगी।
मित्रों, रेल प्रशासन लगातार स्लीपर कोच गाड़ियोंकी संरचना से कम करते जा रही है। सर्व साधारण यात्री जो कम दूरी की यात्रा करता है, ऐसी संरचनाओं में इन गाड़ियोंमे यात्रा कतई नही कर पाएगा।
वातानुकूलित कोचोंमे न्यूनतम किराये ₹470/- से ₹625/- और न्यूनतम दूरी 300 किलोमीटर के रहते बताए भला कौन सा कम दूरी का यात्री इस तरह की संरचना में टिकट आरक्षित कर पाएगा और यात्रा भी कर पाएगा?
सही बात तो यह है, कम दूरी के यात्रिओंको लम्बी दूरी की गाड़ियोंसे दूर रखने का रेल प्रशासन का शायद यही तरीका है। हर्ज नही, मगर कम अन्तर की डेमू/मेमू, सवारी गाड़ियाँ, इंटरसिटी गाड़ियाँ इनकी बारम्बारता का ख्याल अवश्य रखा जाना चाहिए! अन्यथा फिलहाल जिस तरह आरक्षित स्लीपर कोचों की जनरल हालत हो रही है, कहीं वातानुकूलित कोचों की न होना शुरू हो जाये।
19 फरवरी 2023, रविवार, फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी, विक्रम संवत 2079
उत्तर रेल्वे NR के लखनऊ मण्डल में डालीगंज – मल्हौर स्टेशनों के मध्य रेल दोहरीकरण कार्य हेतु प्री-नाॅन इंटरलाॅक, नाॅन इंटरलाॅक व रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के परिपेक्ष में गाड़ियों का निरस्तीकरण, मार्ग परिवर्तन, शार्ट टर्मिनेशन/शार्ट ओरिजिनेशन, नियंत्रण व पुनर्निधारण किया गया है।
गाड़ियोंका पूर्णतः निरस्त्रीकरण :-


मार्ग परिवर्तन कर चलाई जानेवाली गाड़ियाँ :-


अंशतः रद्द अर्थात शॉर्ट टर्मिनेट/ओरिजिनेट रहनेवाली गाड़ियाँ :-

निर्धारित समय बदलकर या बीच स्टेशनोंपर रोक कर चलाये जानेवाली गाड़ियाँ :-


यात्रीगण से निवेदन है, अपनी रेल यात्रा का नियोजन रेल हेल्पलाइन 139, रेल्वेकी अधिकृत वेबसाइट NTES पर देखकर, पूछताछ कर कीजिएगा।
18 फरवरी 2023, शनिवार, फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी/चतुर्दशी, विक्रम संवत 2079
1: पश्चिम मध्य रेलवे WCR ने कोटा मंडल के बयाना स्टेशन पर सेंट्रल इंटरलॉकिंग चालू करने के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग/नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण निम्नलिखित यात्री सेवाओं को रद्द करने की सूचना दी है।
• 22 फरवरी, 2023 को एर्नाकुलम जंक्शन से 05.15 बजे छूटने वाली ट्रेन संख्या 22655 एर्नाकुलम – हजरत निजामुद्दीन साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द रहेगी।
• 24 फरवरी, 2023 को हजरत निजामुद्दीन से 05.00 बजे छूटने वाली ट्रेन संख्या 22656 हजरत निजामुद्दीन – एर्नाकुलम जंक्शन साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द रहेगी।
• 22 फरवरी, 2023 को 14.40 बजे को तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से छूटने वाली ट्रेन संख्या 22633 तिरुवनंतपुरम – हजरत निजामुद्दीन साप्ताहिक एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द रहेगी।
• 24 फरवरी, 2023 को 22.15 बजे हजरत निजामुद्दीन से छूटने वाली ट्रेन संख्या 22634 हजरत निजामुद्दीन – तिरुवनंतपुरम सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द रहेगी।
• 25 फरवरी, 2023 को तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से 00.50 बजे छूटने वाली ट्रेन संख्या 22653 तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – हजरत निजामुद्दीन साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द रहेगी।
• 27 फरवरी, 2023 को हजरत निजामुद्दीन से 05.00 बजे छूटने वाली ट्रेन संख्या 22654 हजरत निजामुद्दीन – तिरुवनंतपुरम सेंट्रल वीकली सुपरफास्ट एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द रहेगी।
2: दक्षिण पश्चिम रेलवे SWR ने बेंगलुरु मंडल के हीलालिगे-कार्मेलाराम सेक्शन के बीच ट्रैक दोहरीकरण कार्य को सुविधाजनक बनाने के लिए प्री नॉन इंटरलॉकिंग / इंटरलॉकिंग कार्यों के कारण निम्नलिखित यात्री सेवाओं के परिचालन में बदलाव को अधिसूचित किया है।
ट्रेन नंबर 16529 सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनस बेंगलुरु – कराइकल एक्सप्रेस 19 और 20 फरवरी, 2023 को 07.30 बजे सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनस बेंगलुरु से रवाना होगी, इसे बैयप्पनहल्ली, बंगारपेट, जोलारपेट्टई जंक्शन, तिरुपत्तूर और सेलम के रास्ते चलाया जाएगा। बेलान्दूर रोड, होसुर, केलामंगलम, पेरियानागथुनई, रायक्कोट्टई, मारंडहल्ली, पालक्कोडु, धर्मपुरी, सिवाडी, मुत्तमपट्टी, तोपुर, करुवल्ली, सेम्मनदपट्टी और ओमालुर यह स्टोपेजेस रद्द होंगे।
19 और 20 फरवरी 2023 को 05.20 बजे कराईकल जंक्शन से छूटने वाली ट्रेन संख्या 16530 कराईकल – सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनस बेंगलुरु एक्सप्रेस को सलेम, तिरुपत्तूर, जोलारपेट्टई जंक्शन, बंगारापेट और बैयप्पनहल्ली के रास्ते ओमालुर, सेम्मनदपट्टी, करुवल्ली, तोपुर पर रोक कर चलाया जाएगा। मुट्टमपट्टी, सिवाडी, धर्मपुरी, पलक्कोडु, मारनदहल्ली, रायक्कोट्टई, पेरियानागथुनै, केलामंगलम, होसुर, अनेकल रोड, हीलालिगे, कार्मेलाराम और बेलंदूर रोड यह स्टोपेजेस रद्द होंगे।
ट्रेन नंबर 12677 क्रांतिवीर सांगोल्ली रायण्णा बेंगलुरु – एर्नाकुलम जंक्शन सुपरफास्ट एक्सप्रेस 19 और 20 फरवरी, 2023 को केएसआर बेंगलुरु से 06.10 बजे छूटने के बाद बैयप्पनहल्ली, बंगारपेट, जोलारपेट्टई जंक्शन, तिरुपत्तूर और सलेम के रास्ते चलेगी और कार्मेलाराम, होसुर और धर्मपुरी स्टोपेजेस रद्द रहेंगे।
ट्रेन नंबर 12678 एर्नाकुलम जंक्शन- क्रांतिवीर सांगोल्ली रायण्णा बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस 19 और 20 फरवरी, 2023 को एर्नाकुलम जंक्शन से 09.10 बजे प्रस्थान करती है, इसे सलेम, तिरुपत्तूर, जोलारपेट्टई जंक्शन, बंगारापेट और बैयप्पनहल्ली के रास्ते चलाया जाएगा। धर्मपुरी, होसुर और कार्मेलाराम यह स्टोपेजेस रद्द रहेंगे।
3: पुदुकाड और त्रिशूर स्टेशनों में इंजीनियरिंग कार्यों के लिए ट्रैफिक ब्लॉक को ध्यान में रखते हुए, निम्नलिखित यात्री सेवाओं के परिचालन में बदलाव किए गए हैं।
ट्रेन सेवाओं का पूर्ण रद्दीकरण:
26 फरवरी, 2023 को 14.50 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से छूटने वाली ट्रेन संख्या 12082 तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – कन्नूर जन शताब्दी एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द रहेगी।
27 फरवरी, 2023 को कन्नूर जंक्शन से 04.50 बजे छूटने वाली ट्रेन संख्या 12081 कन्नूर – तिरुवनंतपुरम सेंट्रल जनशताब्दी एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द रहेगी।
26 फरवरी, 2023 को 17.35 बजे एर्नाकुलम जंक्शन से छूटने वाली ट्रेन संख्या 06018 एर्नाकुलम – शोरानूर मेमू एक्सप्रेस स्पेशल पूरी तरह रद्द रहेगी।
26 फरवरी, 2023 को 19.40 बजे एर्नाकुलम जंक्शन से छूटने वाली ट्रेन संख्या 06448 एर्नाकुलम – गुरुवयूर एक्सप्रेस स्पेशल पूरी तरह रद्द रहेगी।
4: पहले यह घोषणा की गई थी कि, मैंगलोर जंक्शन के पास किए जा रहे इंजीनियरिंग कार्यों की सुविधा के लिए, ट्रेन नंबर 22476 कोयम्बटूर – हिसार साप्ताहिक एक्सप्रेस 18.02.2023 को परावर्तित मार्ग – सालेम, बंगारपेट, कृष्णराजपुरम, येलहंका, धर्मावरम, गुंटकल, रायचूर, वाडी, सोलापुर, पुणे और वसई रोड के रास्ते चलेगी मगर आंध्र प्रदेश में चिगिचेर्ला – धर्मावरम रेलवे स्टेशनों के बीच इंजीनियरिंग कार्यों के कारण इस प्रस्तावित मार्ग को बदल दिया गया है।
तदनुसार, ट्रेन संख्या 22476 कोयंबटूर-हिसार साप्ताहिक एक्सप्रेस 18.02.2023 को सालेम, बंगारपेट, धर्मावरम मार्ग के बदले सलेम, जोलारपेट्टई, रेनिगुंटा, गुंतकल, वाडी, सोलापुर, पुणे और वसई रोड के रास्ते चलाया जाएगा।
17 फरवरी 2023, शुक्रवार, फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, एकादशी, विक्रम संवत 2079
हाल ही में 12779/80 वास्को डि गामा हज़रत निजामुद्दीन वास्को डि गामा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के LHB करण और गाड़ी संरचना के मानकीकरण की खबर आई थी। 15 जून 2023 से यह कोच मानकीकरण लागू होगा। मानकीकरण में गोवा एक्सप्रेस के 09 स्लीपर और 03 द्वितीय श्रेणी की संख्या घटकर मात्र 02 स्लीपर और 02 ही द्वितीय श्रेणी कोच रह जायेगी।

ठीक इसी तरह की कोच संरचना 12289/90 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई – नागपुर के बीच प्रतिदिन चलनेवाली दुरन्तो एक्सप्रेस और 121121/12 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई – अमरावती के बीच चलनेवाली प्रतिदिन अम्बा एक्सप्रेस के साथ होने जा रहा है। 15 जून 2023 से यह कोच मानकीकरण लागू होगा। मानकीकरण में दुरन्तो एक्सप्रेस के 08 स्लीपर की संख्या घटकर मात्र 02 स्लीपर कोच रह जायेगी। 12111/12 अम्बा एक्सप्रेस में 08 स्लीपर और 02 द्वितीय श्रेणी कोच की संरचना बदलकर मात्र 02 स्लीपर एवं 04 द्वितीय श्रेणी कोच की की जा रही है। निम्नलिखित परिपत्रक देखें,


मित्रों, क्या आपको नही लगता साधारण यात्रिओंकी सस्ती रेल यात्रा के दिन अब लदने लगे है? सबसे पहले संक्रमण काल मे बन्द की गई सवारी गाड़ियाँ काल की आगोश में चली गयी। गाड़ियोंके स्टोपेजेस वहीं के वहीं मगर उनके कपाल पर ठप्पा लग गया एक्सप्रेस का और किराये दनदनाते बढ़ गए। न्यूनतम ₹10/- से सीधे तिगुने न्यूनतम ₹30/- हो गए। जिन लोकप्रिय और सुविधाजनक गाड़ियोंमे स्लीपर के आरक्षण 120 पहले खुलते ही प्रतिक्षासूची लग जाती है, उनके स्लीपर कोच की आसन क्षमता 75% घटा दी गयी। यह कैसा तर्क है? क्या भारतीय रेल अपनी सारी मेल/एक्सप्रेस/सुपरफास्ट गाड़ियाँ लगभग पूर्णतः वातानुकूलित करने जा रही है?
आगे यह हाल है, यात्री द्वितीय श्रेणी टिकट लेकर यात्रा करने निकल पडते है और द्वितीय श्रेणी कोच की कमी के चलते मज़बूरन ही सही मगर आरक्षित स्लीपर कोच में चढ़ जाते है। स्लीपर कोच के आरक्षित यात्रिओंको परेशानियों का सामना करना पड़ता है, मगर क्या इसका हल यह है, की रेल प्रशासन नॉन एसी कैटेगरी के कोच संरचनाओं से ही हटा दें? एक आम रोजाना रेल यात्रा करनेवाले यात्री की मजबूरी है की वह मजबूरन लम्बी दूरी की गाड़ियोंमे में कम अन्तर की यात्रा करने के लिए बाध्य है। क्योंकी ग़ैरउपनगरीय क्षेत्रोंमें कम अंतर चलनेवाली गाड़ियोंकी आवृत्ति, बारम्बारता बेहद कमजोर है। सवारी गाड़ियोंके स्थान पर जो मेमू/डेमू गाड़ियाँ एक्सप्रेस के तौर पर लाई गई, उनकी आसन क्षमता पुरानी ICF गाड़ियोंसे सीधी आधी हो गयी है और यात्रिओंके बहुत असुविधाजनक सिध्द हो रही है। मेमू/डेमू गाड़ियोंके कोच मात्र 8 रहते है और वह भी केवल सीट्स। वहीं पारम्परिक ICF कोचेस बड़े और ऊपर बर्थ वाले होने से ज्यादा यात्री धारण क्षमता के होते है। कई स्थानोंपर रेल प्रशासन को नई मेमू/डेमू गाड़ियोंको बदलकर पुरानी ICF गाड़ियाँ लानी पड़ी है।
यह बात तय दिखती है, की रेल प्रशासन अब लम्बी दूरी की गाड़ियोंसे नॉन एसी कोचेस कम करते जा रही है। इसका कारण गाड़ियोंकी गति बढाना, लम्बी दूरी की रेल यात्रा को आरामदायक बनाया यह हो सकता है। मगर उनको चाहिए की सर्वप्रथम कम दूरी के स्थानीय यात्रिओंके गाड़ियोंकी आवृत्तियोंका अभ्यास किया जाए। कम दूरी की सवारी गाड़ियाँ भले ही वह अब एक्सप्रेस के रूप में आये या 300 से 500 किलोमीटर अन्तरों में चलनेवाली इंटरसिटी गाड़ियोंको अनिवार्य रूप से लाया जाये, ताकि कम अंतर के यात्री इन लम्बी दूरी की गाड़ियोंके तरफ अपने कदम न मोड़े।