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आगे भविष्य में भारतीय रेल पर बहुतांश वन्देभारत एक्सप्रेस की तरह ट्रेनसेट ही चलाये जा सकते है।

मित्रों, आप अमूमन हर माह में एक वन्देभारत एक्सप्रेस शुरू होने की खबर पढ़ते जा रहे है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2024 तक 400 वन्देभारत चलाने की घोषणा की है। अभी तक जो भी वन्देभारत गाड़ियाँ चली है, किसी भी नियमित गाड़ी के ऐवज में नही अपितु नई सेवा के तौर पर चलाई गई है। अब आगे हम भविष्य की संकल्पनाए समझने का प्रयत्न करते है।

माना की कोई भी नियमित गाड़ी वन्देभारत में बदली नही है मगर 400 की संख्या में जरूरी नही की यही व्यवस्था बदस्तूर जारी रहेगी। यज्ञपी रेल मार्ग इकहरे से दोहरे, तिहरे और चौपदर किये जा रहे, सिग्नलिंग अद्ययावत की जा रही है, विद्युतीकरण ज़ोरोंपर है फिर भी गन्तव्यों प्लेटफार्म बढ़े नही है। समर्पित मालगाड़ियों के गलियारे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अभी भी पूर्णत्व तक नही पहुंचे है। शून्याधारित समयसारणी के कई मद पूरे करने में रेल प्रशासन असमर्थ रहा है, इसके भी कई कारण है, कहीं यात्रिओंकी मांग का दबाव तो कहीं जनप्रतिनिधियों का, रेल प्रशासन को अपने निर्णय बदलने को मजबूर होना पड़ रहा है।

इन सब बातोंके बीच यदि हम यह मानकर चलते है,   भविष्य में वन्देभारत नियमित लम्बी दूरी की गाड़ियोंको बदल कर चलाई जाती है तो क्या होगा? समझिए की आपके रेल यात्रा करने हेतु गाड़ियाँ तो है मगर बहुतांश गाड़ियाँ वन्देभारत ही है तब? दिन की यात्रा के लिए सिटिंग वन्देभारत और ओवरनाइट यात्रा के लिए शायिका वाली वन्देभारत। सारी गाड़ियाँ वातानुकूलित और प्रीमियम किराया दरोंवाली! कुछ कुछ एहसास हो रहा है न? जी, बहुतसी नियमित गाड़ियोंकी डिब्बा संरचना बदली गयी है और बदली जा रही है। पूरी गाड़ी में गिनकर केवल चार कोच ग़ैरवातानुकूल रहेंगे। अर्थात यात्रिओंकी मानसिकता में बदलाव करना शुरू हो गया है। आनेवाले दिनोंमें आपको किराया ज्यादा खर्च कर के वातानुकूल कोचेस में ही रेल यात्रा करनी पड़ सकती है।

भारतीय रेलोंमें ट्रेनसेट लाने का यह प्रयोग अब शुरू हो चुका है। इसमे सबसे पहले लिंक कोचेस, लिंक ट्रेन्स बन्द की गई। सम्पूर्ण विद्युतीकरण के जरिये लोको बदलने का झंझट खत्म होगा। बाईपास लाइनें डलवाई जा रही जिससे लोको रिवर्सल बन्द हो जाएगा। सवारी गाड़ियोंको डेमू/मेमू में बदला जा रहा है। यह डेमू/मेमू भी तो वन्देभारत की तरह ट्रेनसेट ही है बस फर्क वातानुकूलन और लक्जरी का ही है। जैसे जैसे वन्देभारत के शायिका वाली आवृत्तियाँ आयेंगी, हो सकता है की नियमित लम्बी दूरी की गाड़ियाँ इसमे तब्दील कीए जाना शुरू हो।

मित्रों, यह सब धारणा और अनुमान की बातें है। जिस तरह रेल प्रगति का कार्य चल रहा है, लग तो यही रहा है। देखते है, आगे चलकर किस तरह रेल यात्रा में बदलाव होने वाले है।

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किराया तत्कालवाला और यात्री सुविधाएँ नदारद! हाय प्रशासन की यह कैसी बेरुखी?

उपरोक्त विशेष गाड़ियोंवाला परिपत्र देखिए। खासकर मद क्रमांक C में की नोट; साफ साफ लिखा है, “यात्रिओंको पहले ही सूचित कर दीजिए, इस गाड़ी में ना ही लीनन मिलेंगी और न ही OBHS सेवाएं”

इसका अर्थ यह है, 20, 21 घंटे की यात्रा करने वाली, कहने को विशेष राजधानी सम्पुर्ण वातानुकूलित गाड़ी में किसी भी यात्री को चद्दर, तकिया, कम्बल उपलब्ध नही कराए जा सकेंगे। साथही OBHS अर्थात ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस, गाड़ी की साफसफाई, पेंट्रीकार इत्यादि सेवा भी नदारद रहेंगी।

अब बताइए, यात्री क्यों भला ऐसी गाड़ियाँ चुने, और क्यों भला 1.3 गुना किराया ज्यादा दे? जब बेसिक सुविधाएँ ही उपलब्ध ना कराई जा रही हो? रेल प्रशासन का तर्क यह है, उपरोक्त विशेष गाड़ियाँ, कुछ नियमित गाड़ियोंके “लाय ओवर पीरियड” को समाहित कर चलाई जा रही है। यानी नियमित गाड़ियोंके OBHS कर्मी अपने रेस्ट अवर्स में रहेंगे और लीनन साधन धुलने जाएंगे तब तक गाड़ियोंका यह अतिरिक्त फेरा हो जाएगा।

अब यह यात्री के विवेकपर छोड़ दिया गया है, की बिना बेडिंग और बिना OBHS सुविधा के बावजूद वह अतिरिक्त किराया देकर यात्रा करना चाहे तो उसके लिए यह विशेष गाड़ियाँ उपलब्ध है।

तो मित्रों, आगे किसी भी विशेष गाड़ी में आप रेल यात्रा करने हेतु टिकट बुकिंग करने का विचार कर रहे हो तो सुनिश्चित कर लीजिए, वातानुकूल कोच में बेड रोल्स उपलब्ध है या नही और क्या पुड़ी-सब्जी घर से ही बन्धवा लेना है या रेलवे स्टेशन से लेना है?☺️😊

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मुम्बई – दिल्ली के दरम्यान चलेगी विशेष राजधानी के तीन साप्ताहिक फेरे

09003 बांद्रा हज़रत निजामुद्दीन राजधानी साप्ताहिक विशेष दिनांक 23, 30 दिसम्बर 2022 और 06 जनवरी 2023 को रवाना होगी वापसी में 09004 हज़रत निजामुद्दीन बांद्रा राजधानी साप्ताहिक विशेष दिनांक 24, 31 दिसम्बर 2022 और 07 जनवरी 2023 को रवाना होगी।

गाड़ी की संरचना 01 वातानुकूल प्रथम, 02 वातानुकूल टु टियर, 08 वातानुकूल थ्री टियर एवं 02 एसएलआर रहेगा।

यात्रीगण ज्ञात रहे, गाड़ी भले ही वातानुकूल हो, किराये प्रीमियम दर से हो मगर लीनन … ना! नही मिलेगा।