पूर्व रेल ER में हावडा – न्यू जलपाईगुड़ी के बीच सप्ताह में छह दिन चलाई जाने वाली वन्देभारत एक्सप्रेस की तैयारियॉं ज़ोरोंपर है।


पूर्व रेल ER में हावडा – न्यू जलपाईगुड़ी के बीच सप्ताह में छह दिन चलाई जाने वाली वन्देभारत एक्सप्रेस की तैयारियॉं ज़ोरोंपर है।


09051 मुम्बई सेंट्रल डोन्डाईचे त्रिसाप्ताहिक विशेष दिनांक 23 दिसम्बर 2022 से 31 मार्च 2023 तक प्रत्येक रविवार, मंगलवार एवं शुक्रवार को चलेंगी और वापसी में 09052 डोन्डाईचे मुम्बई सेंट्रल त्रिसाप्ताहिक विशेष दिनांक 24 दिसम्बर 2022 से 01 अप्रैल 2023 तक प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शनिवार को चलेंगी।

09053/54 डोन्डाईचे उधना डोन्डाईचे त्रिसाप्ताहिक विशेष दिनांक 24 दिसम्बर 2022 से 01 अप्रैल 2023 तक प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शनिवार को चलेंगी।

चूँकि उपरोक्त परिपत्रक में दोनोंही गाड़ियाँ प्रस्तावित कहीं जा रही है अतः परिचालन में समय बदलाव या तिथि में बदल सम्भव है।
गाड़ियोंकी संरचना : 01 वातानुकूल टू टियर, 02 वातानुकूल थ्री टियर, 06 स्लीपर, 03 द्वितीय अनारक्षित एवं 02 एसएलआर कुल 14 कोच रहेंगे।
अजमेर – सोलापुर के बीच विशेष साप्ताहिक गाड़ी जयपुर, कोटा, रतलाम, वडोदरा, वसई रोड, पुणे, दौंड होकर चलाई जाएंगी। इस गाड़ी के पाँच फेरों के चलाए जाने की घोषणा उपरे NWR की ओरसे की गई है।
09627 अजमेर सोलापुर विशेष दिनांक 28 दिसंबर से 25 जनवरी तक प्रत्येक बुधवार को चलेगी। वापसी में 09628 सोलापुर अजमेर विशेष दिनांक 29 दिसंबर से 26 जनवरी तक प्रत्येक गुरुवार को चलेगी।

04640 अमृतसर नान्देड़ विशेष दिनांक 22 और 23 दिसम्बर को रवाना होगी और वापसी में 04639 नान्देड़ अमृतसर विशेष दिनांक 23 और 24 दिसम्बर को रवाना होगी।
गाड़ी की डिब्बा संरचना में द्वितीय श्रेणी स्लीपर, वातानुकूल तृतीय और द्वितीय श्रेणी अनारक्षित इस तरह के वर्ग के कुल 20 कोचेस रहेंगे।


04737 श्रीगंगानगर नान्देड़ विशेष दिनांक 23 दिसंबर को रवाना होगी और वापसी में 04738 नान्देड़ श्रीगंगानगर विशेष दिनांक 27 दिसंबर को रवाना की जाएगी। गाड़ी की डिब्बा संरचना में द्वितीय श्रेणी स्लीपर, वातानुकूल तृतीय और द्वितीय श्रेणी अनारक्षित इस तरह के वर्ग के कुल 20 कोचेस रहेंगे।


महाराष्ट्र के 20 सांसदों ने रेलवे समिति से इस्तीफा दिया, कारण यह कहा जा रहा है की महाराष्ट्र में रेल परियोजनाओं को बैक ट्रैक और उपेक्षित किया गया है।
महाराष्ट्र के पुणे, सोलापुर मण्डल के साँसदोंकी बैठक में पीछे भी काफी हंगामे की खबर थी। दरअसल साँसद नई गाड़ियाँ, नए ठहराव की मांग करते है जो की मण्डल अधिकारी के कार्यक्षेत्र में नही आते। मण्डल अधिकारी महज मण्डल के स्टेशनोंपर सुविधाओं का उन्नयन करा सकते है। स्टॉपेज या गाड़ियाँ शुरू करवाने का प्रस्ताव रेल बोर्ड को भेजा जाता है और वह उसपर निर्णय कर उसे कार्यान्वित करने का आदेश जारी करते है।
चूंकि लोकप्रतिनिधि पर जनता का सीधा दबाव रहता है। खास कर संक्रमण के बाद रद्द की गई गाड़ियाँ, रद्द किए गए ठहरावों और शून्याधारित समयसारणी के तहत बदले गए गाड़ियोंके समय से रेल संगठन खासे परेशानी में है। रेल संगठन में अक्सर रोजाना अप डाउन करनेवाले यात्री होते है। अब इनकी रोजमर्रा की गाड़ियोंके समय बदल जाने से इन्हें अपने ड्यूटी पर जाने आने के समय बदलने पड़े है।
दूसरा विषय प्रोजेक्ट्स का है, उसमे देरी का विषय राज्योंके निधि से या अन्य जमीनी कार्रवाई से प्रलंबित हो सकता है। कुल मिलाकर मण्डल अधिकारी इन प्रश्नों पर उचित हल निकालने में असमर्थ रहते है और लोकप्रतिनिधि उनके उत्तर सुनकर असहज हो जाते है।
आगे चर्चा यह भी सुनने में है, रेल मंत्री खुद इस विषयपर संज्ञान ले कर साँसदोंकी समझाईश करेंगे।