इस कैशलैस लेनदेन के दौर में अनारक्षित रेल टिकट खरीदने के लिए भारतीय रेलवे का “UTS” ऍप काफी उपयोगी और लोकप्रिय साबित हो रहा है। इस ऍप में आज से कन्नड़ और उड़िया भाषा उपलब्ध की गई है। अब तक UTS ऍप में अंग्रेजी, हिन्दी एवं मराठी भाषा का उपयोग किया जा सकता था।
UTS ऍप के जरिए प्लेटफार्म टिकट, द्वितीय श्रेणी का अनारक्षित टिकट और सीजन पास निकाले जा सकते है। UTS ऍप टिकट निकालने के लिए GPS सिस्टम का उपयोग करता है और निकटतम स्टेशन से टिकट रेल यात्रा शुरू करने का स्टेशन पकड़ता है।
UTS टिकिटिंग के बारे में जानकारियां यहाँ देना बेमानी होगा चूँकि यह सिस्टम से कई यात्री वाकिफ़ हो चुके है। फिर भी हम एक बार फिर यात्रिओंसे आग्रह करेंगे, अपने द्वितीय श्रेणी अनारक्षित टिकट, प्लेटफार्म टिकट और सीज़न पास डिजिटल स्वरुप में, अपने घर बैठे, बिना कतारोंमें भीड़भाड़ से बचते हुए UTS के जरिये लीजिए।
भारतीय रेल प्रशासन ने अपने रेलवे स्टेशनोंको यात्रिओंके लिए उन्नत सुविधायुक्त बनाने के लिए गतिशक्ति कार्यक्रम तहत “अमृत भारत स्टेशन” योजना शुरू की है।
यूँ तो भारतीय रेल में स्टेशन डेवलपमेंट का बड़ा कार्य जोरदार तरीकेसे किया जा रहा है। बड़ी निविदाएं निकाली जा रही है। रेल्वेकी IRSDC इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कम्पनी यह काम कर रही है। इसके अलावा “मॉडल स्टेशन” योजना के अंतर्गत भी बड़े जंक्शन के लिए बड़े निधि के आबंटन की घोषणाएं हो चुकी है। छोटे मगर महत्वपूर्ण स्टेशन के सुधारोंके लिए यह योजना लाई गई है। भारतीय रेल का प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय और उसके तहत आने वाले प्रत्येक मण्डल में यह योजना लाई गई है।
मध्य रेल में पांच मण्डल है। मुम्बई, पुणे, सोलापुर, भुसावल और नागपुर। अब तक सोलापुर मण्डल के 15 स्टेशनोंके नाम सामने आए है। सोलापुर मण्डल में, सोलापुर, जेऊर, दुधनी, कलबुर्गी, शहाबाद, गाणगापुर, दौंड, पंढरपुर, वाड़ी, उस्मानाबाद, लातुर, कुरडुवाड़ी, अहमदनगर, बेलापुर, और कोपरगाँव यह स्टेशन सुधार किए जाएंगे। अब तक मुम्बई, पुणे और नागपुर की कोई सूची जाहिर नही हुई है, भुसावल मण्डल की सूची जारी हो गयी है, आज हम इसका लेखाजोखा लेंगे
प्रत्येक मण्डल अपने महत्वपूर्ण 15 स्टेशन इसके लिए चुनेगा।
भुसावल मण्डल में इस योजना के लिए भुसावल से बड़नेरा खण्डपर; बड़नेरा, मुर्तिजापुर, शेगांव, नांदुरा और मलकापुर
भुसावल से इगतपुरी खण्डपर; पाचोरा, चालीसगांव, नांदगांव, मनमाड़, लासलगांव, देवलाली और धुळे
भुसावल से खण्डवा खण्डपर; नेपानगर, रावेर और सावदा यह स्टेशन चुने है।
अमृत भारत स्टेशन के अंतर्गत इन स्टेशनोंपर मान्यताप्राप्त वास्तुकार संस्थाओं से EOI एक्सप्रेशन ऑफ इन्टरेस्ट, अभिव्यक्ति स्वारस्य अर्थात निश्चित की गई मदों के तहत वे उपरोक्त स्टेशन में किस तरह सुधारणाएं निर्माण कर सकते है इसकी सलाह, कार्य कर सकते है।
अमृत भारत स्टेशन योजना में उपरोक्त स्टेशनोंमें निम्नलिखित यात्री सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
वर्तमान प्लेटफार्म की लंबाई इतनी की जाएगी की 21/24 कोच की यात्री गाड़ी सहजता से रुक सकें।
प्लेटफार्म की रेल पटरी की बेडिंग गिट्टी विरहित, कॉन्क्रीट की बनाई जाएगी।
प्लेटफार्म पर यात्रिओंके लिए इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराना।
यात्रिओंकी सुविधा हेतु प्लेटफार्म पर FOB फुट ओवर ब्रिज यात्री पैदल पुल का निर्माण करना।
गाड़ी पार्किंग सुविधाओं का निर्माण करना।
प्लेटफार्म पर छत, यात्रिओंके लिए आसन और पेयजल की उचित व्यवस्था बनाना।
उन्नत प्रतीक्षालयों का निर्माण करना।
दिव्यांग जनोंके लिए उचित साधन उपलब्ध कराना और व्यवस्थाओंका निर्माण करना।
इस सम्बंध में एक आदेश CRS द्वारा महाप्रबंधक, मध्य रेल के नामें जारी किया गया है, सोशल मीडिया RailPost.in से प्राप्त हुवा जिसे हम यहाँ प्रस्तुत कर रहे है।
15 जानेवारी 2023, माघ, कृष्ण पक्ष, अष्टमी, विक्रम संवत 2079
20833/34 विशाखापट्टनम सिकंदराबाद विशाखापट्टनम वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में 6 दिन प्रत्येक रविवार को छोड़कर, दिनांक 16 जनवरी से दोनोंही ओरसे चलना शुरू हो जाएगी। दोनों दिशाओं के दौड़ में यह गाड़ी राजामुंदरी, विजयवाड़ा, खम्मम और वरंगल इन स्टेशनोंपर ठहराव लेगी। ज्ञात रहे, यह गाड़ी पूर्णतः आरक्षित है।
यह है समयसारणी
आज दिनांक 15 जनवरी को वन्देभारत एक्सप्रेस की उद्धाटन विशेष 02844 सिकंदराबाद से विशाखापट्टनम के लिए चलाई जाएगी, जिसकी समयसारणी निम्नलिखित है।
साथ ही वन्देभारत एक्सप्रेस के उद्धाटन विशेष गाड़ी को देखने हेतु आज दिनांक 15 जनवरी को, स्कूली बच्चों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों के लिए राजामुंदरी से विजयवाड़ा और वरंगल से सिकंदराबाद के बीच एकल विशेष गाड़ियोंका आयोजन किया गया है। यह गाड़ियाँ उद्धाटन विशेष वन्देभारत एक्सप्रेस की तरह केवल निमंत्रितोंके लिए ही है, इनका अलगसे टिकट उपलब्ध नही किया जाएगा।
14 जानेवारी 2023, माघ, कृष्ण पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2079
भारतीय रेलवे में हर रोज करीबन 2.5 करोड़ यात्री यात्रा करते है। जिसमे 35% टिकटें रेल्वेके PRS काउन्टर्स पर बुक होती है और बाकी 11 लाख से भी ज्यादा टिकटें हर रोज, रेल्वे के ऑनलाइन प्लेटफार्म आईआरसीटीसी के द्वारा बुक की जा रही है। ऑनलाइन आरक्षण प्रणाली अपने चरम पर काम कर रही है। काउन्टर्स की टिकटोंमें और ऑनलाइन टिकटों में सर्विस चार्ज का फर्क है, फिर भी ऑनलाइन टिकटोंका प्रचलन दिनोंदिन बढ़ते ही जा रहा है। हालांकि रोजाना करोडों यात्रीयोंमे 50% यात्री तो आरक्षण कर यात्रा निश्चित ही करते होंगे। अनारक्षित यात्रिओंकी संख्या उपनगरीय सेवाओंकी वजह से बढ़ जाती है। खैर, आज हमारा विषय टिकट बुकिंग की संख्या का नही उसमे लाये जाने के सुधारों का है।
रेल यात्रियों और रेल फैन में आजकल अनावश्यक रूप से आरक्षित यानोंमें अनारक्षित यात्री का जबरन यात्रा करना बड़ा चर्चा का विषय है। आरक्षित स्लीपर कोचों में, आमतौर पर दिन की यात्रा में ऐसी कुव्यवस्था हमेशा ही देखी जाती रही है, मगर यह चलन अब वातानुकूल थ्री टियर, टु टियर कोचेस में भी सहज हो गया है। आरक्षित यात्रिओंके लिए ऐसा मन्जर बेहद परेशानी भरा रहता है। रेल मदत के ट्विटर अकाउंटपर आपको इस तरह की शिकायतें हर रोज दिखाई देंगी। जिसमे भी 90% यात्री इन परेशानियोंसे समझौता कर यात्रा कर लेते है। वैसे बचे 10% शिकायतकर्ताओंको भी यही अमूमन यही करना पड़ता है।
संक्रमण काल मे रेल विभाग ने सभी यात्री गाड़ियाँ आरक्षित कर दी थी। द्वितीय श्रेणी अनारक्षित कोचों को ‘2S’ आरक्षित द्वितीय सिटिंग में बदल दिया गया था। जिस यात्री के पास कन्फ़र्म टिकट है, केवल उसे ही प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया जा रहा था। इससे विना आरक्षण यात्रिओंकी संख्या में उल्लेखनीय कमी दिखाई दी थी और आरक्षित कोच के यात्रिओंको काफी राहत होती थी, उन की रेल यात्रा सही मायनों में सुखद, सुरक्षित और आनंददायी हो रही थी।
रेल विभाग सीजन टिकट आबंटन के वक्त जता देता है, उपरोक्त टिकट पर आरक्षित कोच में यात्रा करने की अनुमति नही है, इसके बावजूद MST यात्री आरक्षित कोच धड़ल्ले से यात्रा करते है। PRS काउन्टर्स के वेटिंग लिस्ट टिकट धारक भी आरक्षित कोच में जमे रहते है। अब टिकट जाँच दल भी इन यात्रिओंसे केवल जुर्माना वसूलता है, इन्हें आरक्षित कोच से उतारता नही है। इस विषयमे काफी शिकायतें रेल विभाग के पास पहुंचती है और शायद ही कार्रवाई होती है। इधर रेल की आय में जुर्माने से मिलने वाली रकमोंमे रिकॉर्ड दर्ज कराए जा रहे, जाँच दल को इसके ऐवज में पुरस्कृत किया जा रहा है।
कुल मिलाकर आरक्षित यात्रिओंको होनेवाली सारी परेशानी, PRS काउन्टर्स के वेटिंग लिस्ट यात्रिओं, MST धारक और बेतहाशा आबंटित अनारक्षित द्वितीय श्रेणी टिकट धारकोंकी वजह से हो रही है। रेल प्रशासन को इन मदों पर नियंत्रण करना अब आवश्यक हो गया है। टिकट जाँच दल आरक्षित कोचोंमे इन अवांछनीय यात्रिओंपर नियंत्रण रखने में बिलकुल अक्षम मालूम पड़ रहा है। रेल विभाग इसे टिकट बुकिंग में निम्नलिखित सुधार कर नियंत्रित कर सकता है।
भारतीय रेलवे में आरक्षण प्रणाली में जिस तरह पूर्णतः अनारक्षित गाड़ियाँ सूचि में शामिल नही की जाती, उसी तरह जिन गाड़ियोंमे कन्फ़र्म टिकटें खत्म हो गयी हो वहॉं प्रतिक्षासूची टिकटोंका आबंटन बन्द करना चाहिए।
500 किलोमीटर से ज्यादा चलनेवाली गाड़ी में, (इंटरसिटी एक्सप्रेस गाड़ियाँ अर्थात केवल दिन में अपनी यात्रा पूर्ण करती हो उन्हें छोड़कर) द्वितीय श्रेणी अनारक्षित टिकट बुकिंग बिल्कुल बन्द की जानी चाहिए। यह गाड़ियाँ पूर्णतः आरक्षित ही हो। द्वितीय श्रेणी कोच को भी आरक्षित ‘2S’ में बदल देना चाहिए।
MST टिकट प्रणाली में पुनर्वलोकन की नितान्त आवश्यकता है। फिर यह अंतर 150 किलोमीटर के बंधन को घटाकर कम करना, केवल इंटरसिटी, डेमू, मेमू गाड़ियोंकी यात्रा के लिए अनुमति देना (चूँकि सवारी गाड़ियोंके परिचालन का निर्णय अब भी अनिर्णीत है), टिकट पर गाड़ी नम्बर अंकित करना इत्यादि हो सकते है। इसके अलावा MST धारक को टिकट का दुरुपयोग करते हुए पकड़े जानेपर दण्डित करने के बजाय उसे MST टिकट खरीदने के लिए समयोचित प्रतिबन्धित करना ज्यादा कारगर सिद्ध होगा।
आरक्षित टिकटोंकी फाइनल चार्टिंग में भी सुधार की एक सूचना है। हर गाड़ी के तत्काल जिस तरह एक फिक्स्ड समय याने गाड़ी के प्रारम्भिक स्टेशन से चलने के एक दिन पहले, सुबह 10 बजे वातानुकूल श्रेणियों और सुबह 11 बजे ग़ैरवातानुकूल श्रेणियोंमे शुरू किया जाता है। ठीक उसी तरह फाइनल चार्टिंग का समय देशभर की सभी गाड़ियोंके लिए फिक्स्ड, एक ही समय तय किया जाना चाहिए। इसके लिए रात 00:00 से लेकर दिन की 12:00 बजे तक शाम 18:00 बजे और दोपहर की 12:01 से लेकर रात 23:59 तक कि गाड़ियोंके लिए सुबह 06:00 बजे का समय तय होना चाहिए। फिलहाल सभी PRS चार्टिंग स्टेशन से गाड़ी छुटने के 4 घंटे पहले फाइनल चार्टिंग करते है। उनमें भी SR दक्षिण रेल्वे परिचालन समयसारणी से सटीक 4 घंटे पहले और बाकी PRS जिन गाड़ियोंका चार्टिंग समय रात 22:00 से सुबह 08:00 के बीच मे आता हो उन्हें रात 20:00 से 22:00 तक कभी भी अपनी सहूलियत अनुसार करते है जो यात्रिओंके लिए बेहद तकलीफ़देह साबित होता है। खैर, यदि प्रतिक्षासूची पर रेल विभाग कुछ मजबूती से निर्णय के लेता है तो इसकी ज्यादा आवश्यकता नही रहेगी।
रेलवे प्रशासन पर प्रतिक्षासूची के अनगिनत टिकटोंको जारी कर के अतिरिक्त धन उगाही का आरोप लगते रहता है। अब वक्त आ गया है, की रेल्वे प्रशासन अपनी नैतिकता शुद्ध रखते हुए अनावश्यक संख्या में जारी किए जानेवाले प्रतिक्षासूची के टिकट और द्वितीय श्रेणी टिकट पर लगाम लगाए।
लेख में ली गयी टिकटों की तस्वीरें इंटरनेट से ली गयी है और केवल प्रतीकात्मक है। इन अन्जान तस्वीरकर्ताओंके हम लेख में तस्वीरे उधृत करने के लिए आभार प्रकट करते है।