राजस्थान वासियोंके लिए बड़ी खुशखबर है। मुम्बई के दादर से भगत की कोठी के बीच एक नई त्रिसाप्ताहिक यात्री सेवा शुरू किए जाने की घोषणा हुई है।
14807 भगत की कोठी दादर त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस 25 सितम्बर से प्रत्येक मंगलवार, शुक्रवार एव रविवार को चलेगी, वापसीमे 14808 दादर भगत की कोठी त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 26 सितम्बर से प्रत्येक बुधवार, शनिवार एवं सोमवार को रवाना होगी। उक्त गाड़ी की संरचना में 2 एसएलआर, 4 द्वितिय श्रेणी, 7 स्लीपर, 4 वातानुकूल थ्री टियर, 1 टू टियर वातानुकूल कोच रहेंगे। गाड़ी का मार्ग समदड़ी, भीलड़ी, मेहसाणा, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत होकर रहेगा। गाड़ी की संक्षिप्त समयसारणी निम्नलिखित पत्रक में आई है और विस्तृत समयोंके लिए थोड़ा सा इंतजार!
आगे खबर यह भी 14021/22 दिल्ली जयपुर दिल्ली सैनिक एक्सप्रेस के गाड़ी क्रमांक में 06 जनवरी 2023 से बदल होने जा रहा है। यह गाड़ी अब उपरे के स्वामित्व में जाने से इसका गाड़ी क्रमांक 19701 जयपुर दिल्ली एवं 19702 दिल्ली जयपुर सैनिक एक्सप्रेस ऐसे होने जा रहा है।
निम्नलिखित मध्य रेल द्वारा जारी परिपत्रक देखिए। हालांकि “डबलडेकर एक्सप्रेस के फेरे साप्ताहिक से बढ़कर सप्ताह में 4 दिन होने जा रहे है”, यह खबर हम 2 दिन पहले दे भी चुके है, मगर परिपत्रक देख कर थोड़ा मजा आया। डबलडेकर एक्सप्रेस अब डबलडेकर नही रहेगी, उसे नियमित LHB कोचों में बदला जा रहा है। परिपत्रक की पहली लाइन ही यह भेद खोल रही है की डिब्बा संरचना बदलने जा रही है, मगर सीधा एक फ़्लोर गायब? ☺️☺️
चलिए, कुछ तो तकनीकी मामलात होंगे, इसके चलते डबलडेकर अब सिंगल डेक हो रही है।
आजकल मेल/एक्स, सुपरफास्ट या अन्य यात्री गाड़ियोंके, मार्ग के, स्टेशनोंके स्टोपेजेस को लेकर बड़ा हंगामा चल रहा है। दरअसल यह मुद्दा संक्रमण काल के बाद गाड़ियोंके पुनर्स्थापित किये जाने के बाद हुवा है। संक्रमण काल मे कई गाड़ियोंके बीच मार्ग के स्टोपेजेस रद्द किए गए थे और जब गाड़ियाँ लौटी तो उन्हें पुनर्स्थापित नही किया गया। यात्री, यात्री संगठन और स्थानीय राजनियिक अपना दमखम लगाकर इन सारे रद्द हुए स्टोपेजेस को फिर से लौटाने के जद्दोजहद में लग गए। चूंकि रेल प्रशासन का शून्याधारित समयसारणी कार्यक्रम भी चल रहा है और उसी के अंतर्गत कुछ स्टोपेजेस रद्द किए जाने है।
जब राजनयिक इन मुद्दों को लेकर रेल प्रशासन से भिड़ने लगे तो रेल प्रशासन ने अपनी नीति ज़ाहिर कर दी। निम्नलिखित पत्र देखिए,
रेल प्रशासन यह बताने का प्रयत्न कर रहा है, “दो मिनट का कोई एक स्टोपेज यात्री गाडीको कितने में पड़ता है” रेल विभाग ने एक गणित बनाया है। एक गाड़ी के स्टोपेज के लिए उक्त स्टेशन की, वांछित गाड़ी की टिकट बिक्री अनुमानित रकम ₹16672/- से लेकर ₹ 22442/- तक होना आवश्यक है।
प्रपत्र का अगला हिस्सा यह समझाता है, उपरोक्त लागत किस तरह आंकी गयी है। रेल यात्री गाड़ियोंमे दो तरह के लोको अर्थात इंजिन लगाए जाते है। जिस मार्ग का ऊपरी विद्युतीकरण हुवा है, वहाँ इलेक्ट्रिक लोको और अन्य मार्ग पर डीज़ल लोको। यात्री गाड़ी जिनके 18, 20 या 24 डिब्बा संरचना है और अनुमानित गती 100 – 120 प्रति घंटा है, जिसके 2 मिनट के होल्ट के लिए गती को कम करना, रुकना और फिर चल कर अपनी निर्धारित गति को धारण करना इसके लिए 8 मिनट की आवश्यकता पड़ेगी। अर्थात 2 मिनट का हॉल्ट और गति के उतार-चढ़ाव के 8 मिनट ऐसे कुल 10 मिनट के लिए डीज़ल लोको वाली गाड़ी को 106 से 118 लीटर इन्धन लगेगा और वही इलेक्ट्रिक लोको के 130 से 182 यूनिट खर्च होंगे।
इसके अलावा हॉल्ट का दूसरा पहलू है, गाड़ी के गति की निरन्तरता का टूटना। यदि गाड़ी हॉल्ट न लेते हुए निकल जाती तो कमसकम 10 किलोमीटर आगे चली जाती। अतः रेल विभाग उसे परिचालन हानि में गिनता है और उसकी भी रकम उपरोक्त खर्च में जोड़ता है। आप निम्नलिखित चार्ट देख सकते है,
कुल मिलाकर जिन स्टेशनोंके यात्रिओंका, अपने पुराने होल्ट्स पुनर्स्थापित करने का प्रयास चल रहा है, उन्हें रेल विभाग का यह नियम बड़ा ही भारी जानेवाला है।
यूँ तो इसी दोनों समान स्टेशनोंके बीच दो डबलडेकर गाड़ियाँ अलग अलग गाड़ी क्रमांक से चलाई जा रही है। 11085/86 जो द्विसाप्ताहिक चल रही है और 11099/11000 यह गाड़ी साप्ताहिक रूप में चल रही है। रेल प्रशासन इन दोनों के रैक को मिलाकर 11099/11000 को अब सप्ताहमें 4 दिन चलाने का निर्णय ले रहा है और इस निर्णय को अमल में लाने के लिए मध्य रेलवे उचित समय चुनने के लिए कह दिया गया है। मध्य रेल प्रशासन अपने कर्मीयोंका, रैक और उसके रखरखाव की सुव्यवस्था लगा कर जल्द ही उसे पटरी पर ले आएगा। रेलवे बोर्ड ने इसकी सम्भावित समयसारणी भी जारी कर दी है, निम्नलिखित पत्रक में देखिए।