08804 गोंदिया बल्हारशहा मेमू विशेष दिनांक 05 अप्रेल से और 08803 बल्हारशहा गोंदिया मेमू दिनांक 06 अप्रेल से प्रतिदिन चलेगी। रेल प्रशासन ने इस मेमू गाडीसे यात्रा करने के इच्छुक यात्रिओंको, राज्यनिहाय संक्रमण के सभी नियमोंका पालन करने का आग्रह किया है।


08804 गोंदिया बल्हारशहा मेमू विशेष दिनांक 05 अप्रेल से और 08803 बल्हारशहा गोंदिया मेमू दिनांक 06 अप्रेल से प्रतिदिन चलेगी। रेल प्रशासन ने इस मेमू गाडीसे यात्रा करने के इच्छुक यात्रिओंको, राज्यनिहाय संक्रमण के सभी नियमोंका पालन करने का आग्रह किया है।


मुम्बई नागपुर सेवाग्राम एक्सप्रेस में मुम्बई से वर्धा होकर 4 कोच बल्हारशहा के लिए चलते थे। मगर रेल प्रशासन की नई नीति के तहत सारे स्लिप कोच और लिंक गाड़ियाँ बन्द कर दी गयी और उसी में यह बल्हारशहा कोच भी बन्द हो गए। यूँ तो साप्ताहिक आनन्दवन एक्सप्रेस और ताडोबा एक्सप्रेस इन दो स्टेशनोंको जोड़ती है मगर रोजाना चलनेवाली सेवाग्राम की बात उन साप्ताहिक गाड़ियोंमे कहाँ? समयसारणी भी मेल नही खाती थी।
अब रेल प्रशासन ने चन्द्रपुर वासियोंकी गुहार पर गौर किया है। 10 अप्रेल से तीन महीनोंके लिए दादर से बल्हारशहा के बीच लगभग सेवाग्राम जैसे ही आकर्षक समयसारणी के साथ यह विशेष गाड़ी सप्ताह में तीन दिन चलाई जाएगी। बल्हारशहा से दादर के लिए प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को निकल अगले दिन दादर को पहुंचेगी। और वापसीमे दादर से प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को निकल अगले दिन बल्हारशहा को पहुंचेगी। निम्नलिखित पत्र कार्यालयीन पूछताछ के है, चूंकि गाड़ी 10 अप्रेल से चलने वाली है तो उचित जानकारी के साथ फिर आपसे मिलेंगे।





ताजा जानकारी यही है, उपरोक्त गाड़ी का नमहर 20489/90 यह है।


एक और परिपत्रक सोशल मीडिया में प्राप्त हुवा है,

गाड़ी नम्बर क्या है, यह गाड़ी मालक NWR ही जाने। अब कहा जा रहा है 20489/90 यही सही नम्बर है। कभी कभी रेल प्रशासन से गलती से मिस्टेक हो जाती है। जय हो!!
यूँ तो यह सूची लगभग डेढ़-दो वर्ष पुरानी है, मगर न सिर्फ रेलवे बोर्ड से बल्कि सम्बन्धित सभी क्षेत्रीय रेल से भी सम्मति प्राप्त है। वैसे कई बार देखने मे भी यह सूची आ गयी है और जितनी बार देख लिए उतनी बार मे जो झटका पहले देखने मे लगा था, उसकी तीव्रता लगातार कम कम होते गयी है। यह ठीक वैसा है, जैसे हम से हमारे परिजनों के बिछड़ने का गम धीरे धीरे कम होते चलता है।
दोबारा इसे यहांपर लाने की वजह यह है, मार्च 31 से संक्रमण के सारे निर्बन्धों को साधारण करने की चर्चा सुनने में है और ऐसी स्थिति में बन्द पड़ी या विशेष श्रेणी में चलाई जा रही सभी गाड़ियोंके नियमितीकरण के आदेश निकलने की सम्भावना दिखाई दे रही है। बहुत सी मेमू गाड़ियोंमे मेल/एक्सप्रेस के किराए वसूले जा रहे है। आम यात्री इस पेशोपेश में है, यह गाड़ी सवारी है या शुद्ध मेल/एक्सप्रेस? आशा तो यही है, की रेल प्रशासन भी अब यात्रिओंसे ‘नॉर्मल’ तरीकेसे पेश आएंगी ☺️ और यात्रिओंको इस उलझन से निकाल देगी, की उसे अब सवारी जैसी 35 kmph की गति वाली और हरेक छोटे से छोटे स्टेशनपर भी रुकने वाली गाड़ियोंको भी मेल/एक्सप्रेस मान लेना होगा।









