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मध्य रेल द्वारा मुंबई और बलिया/गोरखपुर के बीच 182 समर स्पेशल ट्रेनें

मध्य रेल ने गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए लोकमान्य तिलक टर्मिनस, मुंबई और बलिया / गोरखपुर के बीच 182 समर स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। यूँ समझिये की लोकमान्य तिलक टर्मिनस से मऊ के बीच हर रोज चलेगी यह विशेष गाड़ी। विवरण इस प्रकार हैं:

  1. मुंबई-बलिया त्रिसाप्ताहिक स्पेशल (78 सेवाएं)

01025 स्पेशल गाड़ी लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को दिनांक 01.04.2022 से 29.06.2022 तक 14.15 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन 01.45 बजे बलिया पहुंचेगी।

01026 स्पेशल गाड़ी दिनांक 03.04.2022 से 01.07.2022 तक प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार एवं रविवार को 15.15 बजे बलिया से प्रस्थान कर तीसरे दिन 03.35 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।

हॉल्ट: कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, हरदा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, ललितपुर, टीकमगढ़, खरगापुर, महाराज छत्रसाल स्टेशन छतरपुर, खजुराहो, महोबा, बांदा, चित्रकूटधाम करवी, मानिकपुर, प्रयागराज, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी, औंरिहार , मऊ और रसरा

2: मुंबई-गोरखपुर सप्ताह में 4 दिन स्पेशल (104 सेवाएं)

01027 स्पेशल (सप्ताह में 4 दिन) लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को दिनांक 02.04.2022 से 30.06.2022 तक 14.15 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 02.45 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।

01028 स्पेशल (सप्ताह में 4 दिन) दिनांक 04.04.2022 से 02.07.2022 तक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को 14.25 बजे गोरखपुर से प्रस्थान कर तीसरे दिन 03.35 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।

हॉल्ट: कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, हरदा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, ललितपुर, टीकमगढ़, खरगापुर, महाराज छत्रसाल स्टेशन छतरपुर, खजुराहो, महोबा, बांदा, चित्रकूटधाम करवी, मानिकपुर, प्रयागराज, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी, औंरिहार ,मऊ,भटनी व देवरिया सदर

01025/01026 और 01027/01028 की संरचना: 1 एसी 2-टियर, 4 एसी 3-टियर, 11 स्लीपर क्लास और 6 सामान्य द्वितीय श्रेणी जिसमें गार्ड ब्रेक वैन शामिल है।

आरक्षण: स्पेशल ट्रेन संख्या 01025 और 01027 के लिए विशेष शुल्क पर बुकिंग दिनांक 27.03.2022 को सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों और वेबसाइट http://www.irctc.co.in पर शुरू होगी।

समय और हाल्ट की विस्तृत जानकारी के लिए कृपया http://www.enquiry.indianrail.gov.in देखें या एनटीईएस ऐप डाउनलोड करें

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रतलाम – आगरा किला – यमुना ब्रिज और कोटा – वडोदरा के बीच चलनेवाली सवारी विशेष पहली अप्रैल से एक्सप्रेस बनेगी।

05911/12 रतलाम – आगरा किला – यमुना ब्रिज – रतलाम सवारी विशेष गाड़ी के दिनांक 01 अप्रेल से 19817 रतलाम आगरा किला एक्सप्रेस और 19818 यमुना ब्रिज रतलाम एक्सप्रेस यह नए गाड़ी क्रमांक रहेंगे। साथ ही 05831/31 कोटा – वडोदरा – कोटा सवारी विशेष के गाड़ी क्रमांक भी 19819/20 01 अप्रेल से ही बदल जाएंगे।

गौरतलब यह है, यह दोनों गाड़ियाँ 59811/12 और 59831/32 पहले सवारी यात्री किरायोंमे चलती थी। शून्याधारित समयसारणी के अनुशंसा में कुछ सवारी गाड़ियोंको एक्सप्रेस में तब्दील किया जाना है अतः यह दोनों गाड़ियाँ एक्सप्रेस क्रमांक से चलेगी। वैसे भी संक्रमण काल के बाद जब से चली है, विशेष श्रेणी के कारण इन गाड़ियोंकी यात्रा करने हेतु एक्सप्रेस किराया ही देना पड़ता था।

यात्रिओंको और भी शून्याधारित समयसारणी के झटके लगने है, वैसे शुरवात स्टेशन स्किपिंग, लिंक एक्सप्रेस बन्द, सवारी किराये बन्द, रियायतोंका लागू न होना इत्यादि। कहते है, रात के बाद सुबह होती है। रेल यात्री भी आशा कर रहे है, शून्याधारित समयसारणी के फ़ायदोंकी ‘वो सुबह कभी तो आएगी।’

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क्यों बिकती है 15 की पानी बोतल 20 मे?

आये दिन ट्विटर पर यात्रिओंकी, रेल अधिकारियों के लिए ‘ओवर चार्जिंग’ की शिकायतें मौजूद रहती है। उन में सबसे ज्यादा शिकायतें पानी बोतल सबन्धी होती है।

रेलवे स्टेशनोंपर या रेल गाड़ी में पानी की बोतलें खूब बिकती है। प्लेटफार्म पर, खानपान विभाग के प्रत्येक जंक्शन स्टेशनोंके स्टॉल पर अमूमन 5,000 बोतल बिकती है। यानी छपी कीमत के मूल्य से 75,000 की सेल। प्रशासन की मान्यता प्राप्त बोतलोंमें करीबन 20% की मार्जिन होती है तो अनब्रांडेड बोतलोंमें 40% कमीशन मिलती है। ठंडा करने का खर्च और स्टॉल के किराए, वेण्डर की पगार आदि जोड़े तो भी 7 से 10% कमाई कहीं नही गयी। कुल मिलाकर यह सारा खेल 5 से 7 हजार रोजाना का है।

जब तक ईमानदारी से छपे मूल्य से सामान या बोतले बिकती है तब तक का यह हिसाब ठीक है, मगर यही बात कट प्रैक्टिस में चला जाये तो अनब्रांडेड बोतलें, प्लेटफार्म के नलों, वॉटर कूलर्स को बन्द करवाना या अवैध वेंडरोंसे काम करवाना शामिल किया तो कमाई दुगुनी, चौगुनी हो जाती है। न कोई बिल है न ही कोई हिसाब किताब। दिनभर पानी बोतलों की खेप आते रहती है और बिकते रहती है। कहा जाता है, प्लेटफॉर्म से लेकर रेल गाड़ी तक और उच्च पदस्थों से लेकर सिपाही तक सबको इसका जमा गुना भाग बँटाई सब पता होता है।

गलती कहाँ होती है? सच्चा, झूठा जो भी व्यवहार है, यात्री तक आकर सर्कल कम्प्लीट होता है। यात्री यदि ₹15/- पर अड़ जाए तो… क्या यह सम्भव हो सकता है? कई बार यात्री के पास कोई ऑप्शन नही होता और वह दिखती आंखों से इस लूट में बकरा बनता है। कहीं गाड़ी छूटने को हो रही होती है तो कहीं प्यास की आस लगी रहती है, कहीं अपने परिवार का ख्याल होता है। कुल मिलाकर मजबूरी यात्री को बेबस कर देती है। स्टॉल धारकोंकी न ही नीति बची है न ही अधिकारियोंका डर। हालांकि इस गोरखधंधे में कई स्टॉल अपवाद भी है, जो अपनी नीति अब भी बरकरार रखे हुए है। छपी कीमत से ज्यादा चार्ज नही करते।

यात्रीगण से क्या कहे, बस यह समझिये की मजबूर वाली स्थिति न आने दे। पीने के पानी का स्टॉक सदैव साथ रखा रहने दे या छुट्टा पैसा साथ रख खरीदारी करें या रकम राउण्ड ऑफ हो ऐसी एडजस्टमेंट करें ताकि वेन्डर्स को भी कोई असुविधा का सामना न करना पड़े। ज्यादातर रेल प्रशासन की ओरसे प्लेटफार्म पर पेयजल की व्यवस्था हेतु वॉटर कूलर या वॉटर वेंडिंग मशीने लगी होती है।एक बात का विशेष ख्याल रखे, अवैध वेण्डरों से किसी तरीके की कोई चीज न खरीदे। यह न सिर्फ आपकी सेहत को नुकसान दे सकती है, अपितु किसी विवाद का कारण भी बन सकती है।

Image courtesy : http://www.indiarailinfo.com

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क्या बात है! महाराष्ट्र एक्सप्रेस में दो कोच बढाये जाएंगे।

जी हाँ ‘महाराष्ट्र’ के रेल यात्रिओंके लिए राहतभरी खबर है।

खबर यह है, 11039 कोल्हापुर गोंदिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस में दिनांक 01 मई से दो वातानुकूलित थ्री टियर कोच स्थायी रूप से बढाये जाएंगे। वापसी में यही सेवा 11040 गोंदिया कोल्हापुर महाराष्ट्र एक्सप्रेस में दिनांक 03 मई से शुरू हो जाएगी।

मध्य रेल की ‘प्रेस रिलीज’

देर से ही सही मगर आए दुरुस्त। बहुत दिनों से महाराष्ट्र एक्सप्रेस में कोच बढाकर यात्री क्षमता ज्यादा करने की माँग लगातार की जा रही थी। स्थितियाँ तो ऐसी है, चाहो तो आज, अभी से कोच बढ़ा दीजिये। गाड़ी पुणे से गोंदिया के बीच बहुत फूल चल रही है।

महाराष्ट्र एक्सप्रेस ऐसी गाड़ी है जो एवरेज 26 किलोमीटर पर ठहराव लेती है। कोल्हापुर से गोंदिया के 1342 किलोमीटर के बीच 51 स्टोपेजेस और इसीलिए छोटे अन्तर की यात्रा के लिए बहुत उपयुक्त। साथ ही पुणे से निकलने के लिए चालीसगांव से लेकर ठेठ अकोला, बडनेरा, अमरावती, विदर्भ तक के विद्यार्थियों में बेहद लोकप्रिय। पुणे महाराष्ट्र की ज्ञान की राजधानी है। यूँ तो देशभर से विद्यार्थि यहां पढ़ने के लिए आते है लेकिन महाराष्ट्रवासियोंको पुणे और कोल्हापुर से ‘कनेक्ट’ करने वाली यह एकमेव गाड़ी है।

जब लिंक और स्लिप कोच सेवा उपलब्ध थी तब महाराष्ट्र एक्सप्रेस में भुसावल से गोरखपुर कोच की शंटिंग, चालीसगांव में धुलिया के लिए 2 कोच की शंटिंग, दौंड में सोलापुर कोच की शंटिंग, पुणे में धुलिया कोच की शंटिंग ऐसे कोचों का जुड़ना निकलने का सिलसिला चलते रहता था। लेकिन जब से रेल प्रशासन ने शंटिंग बन्द कर दी, इन स्लिप कोच के यात्रिओंके बुरे हाल है। धुलिया से पुणे, कोल्हापुर का सम्पर्क और सबसे खास नागपुर से सोलापुर का सम्पर्क बिल्कुल कट सा गया है। यह स्लिप कोच के यात्री अब मुख्य गाड़ी महाराष्ट्र एक्सप्रेस के आरक्षण बुकिंग पर निर्भर हो गए है।

एक तो स्लिप कोचेस बन्द और उस वजह से यात्री क्षमता भी कम, कोच का बढ़ाए जाना बेहद आवश्यक था। कोल्हापुर – नागपुर के बीच दो साप्ताहिक गाडियाँ और भी चलती है मगर उनके मार्ग महाराष्ट्र एक्सप्रेस से भिन्न है। कोल्हापूर – पुणे – अहमदनगर – कोपरगाव – मनमाड – जलगाव – भुसावल – अकोला – बड़नेरा – वर्धा – नागपूर और गोंदिया इस मार्ग और उसके बीच आनेवाले छोटे छोटे शहर के यात्रीओं के लिए इस गाड़ी का ज्यादा यात्री क्षमता होना बहुत जरूरी है। यह तो दो वातानुकूल कोच बढ़ाने की खबर है, वास्तव मे 2 स्लीपर या 2 कुर्सी यान भी बढ़ाए जाए तो भी यात्री उसका स्वागत ही करेंगे।

मध्य रेल के माननीय महाव्यवस्थापक और पुणे मण्डल व्यवस्थापक को इस निर्णय के लिए ‘महाराष्ट्र’ के सभी यात्री धन्यवाद देते है। साथ ही दौंड जंक्शन के बजाय दौंड कॉर्ड स्टेशन से गाडियाँ निकलने लग गई है इस वजह से सोलापूर, कुरडुवाड़ी की ओर जानेवाले यात्रीओं की परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ गई है इसलिए ‘नागपूर – सोलापूर ‘ के बीच शीघ्र अतिशीघ्र सीधे सम्पर्क कराने वाली गाड़ी जल्द शुरू हो ऐसी मांग यात्रीओं से की जा रही है। आशा करते है, जिस तरह महाराष्ट्र एक्सप्रेस मे यह यात्री क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, सोलापूर के लिए गाड़ी का भी निर्णय जल्द हो जाए।

फ़ोटो Indiarailinfo.com के सौजन्य से

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दिल्ली बाड़मेर के बीच नई द्विसाप्ताहिक सेवा 25 मार्च से चल पड़ेगी

दो दिन हावड़ा – बाड़मेर, तीन दिन जम्मूतवी – बाड़मेर और यह नई द्विसाप्ताहिक सेवा दिल्ली – बाड़मेर के बीच। यूं किया जा रहा है, दिल्ली – बाड़मेर के बीच प्रतिदिन चलनेवाली मालाणी एक्सप्रेस की कमी को पूरा।