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भुसावल – नासिक मेमू के लिए आज सांसद रेल राज्य मंत्री से मिलेंगे

जलगांव सांसद उन्मेष पाटील क्षेत्र की तीव्र जनभावना को लेकर आज रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे पाटील से दिल्ली के रेलमंत्रालय मे विशेष बैठक करने जा रहे है। भुसावल मण्डल की बडनेरा मेमू, इटारसी मेमू विगत 15 नवंबर से यात्री सेवा मे दाखल हो चुकी है, मगर भुसावल – ईगतपुरी खण्ड पर स्थानीय यात्रीओंके लिए ऐसी कोई सेवा शुरू नहीं की गई। भुसावल, जलगाव, पचोरा, भड़गाव, चालिसगाव, नाँदगाव, मनमाड, लासलगाव, निफाड़, नासिक, ईगतपुरी तक के यात्री परेशान है।

वैसे समूचे मध्य रेल मे मेल / एक्सप्रेस की अनारक्षित द्वितीय श्रेणी की टिकटें भी खोली नहीं गई है। केवल मुम्बई की उपनगरीय गाडियाँ, पुणे से दौंड और पुणे से लोनावला उपनगरीय खण्ड पर अनारक्षित मेमू चलाई जा रही है। यात्रीओं की जोरदार मांग पर गैर-उपनगरीय खंड पर भुसावल मण्डल की बडनेरा, इटारसी, इटारसी – आमला – नागपूर, अमरावती – नागपूर, और पुणे – दौंड -सोलापूर, पुणे – सातारा – कोल्हापूर, सोलापूर – वाडी, दौंड – मनमाड – निजामाबाद, निजामाबाद – पंढ़रपुर, कुरडुवाडी – मिरज इन मार्गों पर एक – एक मेमू गाडियाँ 15 नवंबर से शुरू की गई लेकिन इतनी गाडियाँ यात्रीओं की संख्या के अनुपात मे पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा भुसावल – मुम्बई खण्ड पर एक भी मेमू गाड़ी का परिचालन शुरू नहीं किया गया। इस मार्ग पर संक्रमण पूर्व काल मे भुसावल – देवलाली शटल, भुसावल – मुम्बई सवारी और मनमाड – ईगतपुरी शटल चल रही थी।

कल दिनांक 13 दिसंबर को चालिसगाव – धुले मेमू का परिचालन शुरू हुवा तो क्षेत्र के यात्री, भुसावल – मनमाड – नासिक – मुम्बई मार्ग के लिए मेमू गाड़ी की मांग को लेकर आग्रही हो गए है। इस मार्ग की प्रतिदिन चलने वाली, बहु लोकप्रिय भुसावल – पुणे – भुसावल हुतात्मा के भी चलाने की मांग जोर पकड़ रही है। यह गाड़ी प्रदेश के स्थानीय लोगों मे नासिक, पनवेल, मुम्बई और पुणे की यात्रा करने के लिए बहुत उपयोगी गाड़ी है। देवलाली शटल और हुतात्मा एक्सप्रेस के शुरू किए जाने की मांग को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उन्मेष पाटील जब रेल मंत्रालय पहुचेंगे तो तमाम अप डाउन करनेवाले यात्रीओं की आशाएं उनपर टिकी रहेगी।

गौरतलब यह है, नियोजित शून्याधारित समयसारणी प्रस्तावों मे देवलाली शटल को एक्सप्रेस मे बदल दिया गया है और समयसारणी मे भी व्यापक बदलाव प्रस्तावित है। साथ ही भुसावल मुम्बई भुसावल सवारी को ईगतपुरी तक ही सीमित करने और भुसावल पुणे भुसावल हुतात्मा एक्स्प्रेस को फिलहाल स्थगित रखने का भी प्रस्ताव रखा गया है ऐसी चर्चा है। ऐसे मे रेल मंत्रालय की इस बैठक मे सांसद उन्मेष पाटील किस तरह रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे जी को मना पाते है यह देखने लायक होगा।

Photo courtesy : indiarailinfo.com

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चालीसगांव – धुळे – चालीसगांव मेमू गाड़ियोंके परिचालन का उद्घाटन सम्पन्न

आज दिनांक 13 दिसम्बर को रेल राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे पाटील द्वारा वीडियो लिंक के जरिए दिल्ली से किया गया। उनके साथ धुळे के सांसद सुभाष भामरे एवं जलगाँव लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद उन्मेष पाटील उपस्थित थे।

उद्धाटन प्रसंगपर सम्बोधन में रेल राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे पाटील ने संक्रमणकाल में रेल कर्मियों के अथक प्रयासों की सराहना की। इतने गम्भीर संकट के दौरान भी मालगाड़ियोंके जरिए रेल कर्मचारी देश सेवा में निरन्तर डटे रहे। रेल सेवा यह सड़क परिवहन के मुकाबले कई अधिक किफायती है। जहाँ चालीसगांव से धुळे के सड़कमार्ग से 80-90 रुपये लगते है, वहीं रेल का यात्री किराया 35 रुपए लगेगा, सिवाय यात्रा भी तेज गति से और आरामदायक होगी।

रेलवे महाराष्ट्र राज्य के प्रगति में अग्रसर है, निधि की कोई कमी नही है। महारेल के साथ मिलकर कई रेल मार्ग को साकार किया जा रहा है। अहमदनगर बीड रेल मार्ग, नागपुर मुम्बई हाई स्पीड रेल मार्ग के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट इसके उदाहरण है। आगे रेलराज्य मन्त्री ने महाराष्ट्र सरकार से अपील की, की वे जमीन उपलब्ध करा दे और प्रोजेक्ट की लागत में बराबर की हिस्सेदारी उठाए तो रेलवे राज्य में कहीं पर भी रेलवे मार्ग बिछाने के लिए तैयार है।

दो जोड़ी मेमू गाड़ियोंकी संक्षिप्त समयसारणी
उद्धाटन कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ

कार्यक्रम का समारोप भुसावल मण्डल व्यवस्थापक केड़िया ने रेल राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे, सांसद सुभाष भामरे एवं उन्मेष पाटील इनका आभार प्रगट कर किया। साथ ही उन्होंने चालीसगांव के उपस्थित नेतागण, मान्यवरों और सज्जनों के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया।

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उत्तर मध्य रेल NCR पर रेल ब्लॉक

आज दिनांक 12 से 22 दिसम्बर तक झाँसी – कानपुर रेल मार्ग रहेगा बाधित। 16 गाड़ियाँ रद्द और 21 गाड़ियाँ परावर्तित, 1 जोड़ी गाड़ी आंशिक रद्द रहेगी।

निम्नलिखित 16 गाड़ियाँ अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतयः रद्द रहेगी।

निम्नलिखित 21 गाड़ियाँ परावर्तित मार्ग से चलाई जाएगी।

निम्नलिखित गाडी आंशिक रद्द रहेगी।

01813/14 झांसी कानपुर सेंट्रल विशेष मेमू दिनांक 25 तक झाँसी उरई के बीच रद्द रहेगी।

और विवरण के लिए निम्नलिखित परिपत्रक देखें।

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‘सध्या मध्य रेलवे क़ाय करते?’

देशाभरात 15 नोव्हेम्बर पासून रेलवे गाड्यांची प्रवासी वाहतूक सामान्य करण्यात आलेली आहे. जवळपास प्रत्येक क्षेत्रीय रेलवे ने आपापल्या क्षेत्रातील प्रवाश्याना द्वितीय श्रेणीतिल अनारक्षित तिकिट उपलब्ध करून दिलेले आहेत आणि सामान्य गाड़यां ही सुरु केलेल्या आहेत. परंतु मध्य रेलवे म्हणजे म रे, ‘रोज मरे त्यास कोण रडे?’

कालच मध्य रेल्वेने आपल्या चाळीसगाव – धुळे मार्गावर 2 जोड्या अनारक्षित मेमू सेवा चालवण्याची घोषणा केली आहे आणि यामुळे संपूर्ण मध्य रेल्वेवर दररोज प्रवास करणाऱ्या प्रवाशांच्या मनात आशेचा किरण निर्माण झाला आहे. आजही मध्य रेल्वेच्या अनेक भागात स्थानिकांसाठी व रोज प्रवास करणाऱ्यासाठी गाड्या उपलब्ध नाहीत आणि जे काही आहे ते एकतर आरक्षित पद्धतीने चालवले जात आहे किंवा मोजक्याच सेवा दिल्या जात आहेत. उदाहरणार्थ भुसावळ बडनेरा भुसावळ ही एकच मेमू, भुसावळ बडनेरा नागपूर मार्गावर धावत आहे. दुसऱ्या भागात बडनेरा-नरखेड आणि अमरावती-नागपूर चालवण्यात येत आहे. संक्रमणपूर्व काळात भुसावल हुन भुसावळ ते नरखेड, वर्धा आणि नागपूर अशा तीन जोडी गाड्या धावत होत्या.

त्याचवेळी भुसावळ-खंडवा-इटारसी मार्गावर ही अशीच दुरावस्था झालेली आहे. मेमू एक्स्प्रेस म्हणून फक्त एक ट्रेन सुरू करण्यात आली आहे, तर आधी या मार्गावर दैनंदिन प्रवाशांसाठी 2 जोडी प्रवासी गाड्याही धावत होत्या. सर्वात वाईट अवस्था भुसावळ-मनमाड-मुंबई रस्त्याची आहे. या मार्गावर भुसावळ देवळाली ते भुसावळ मुंबई दरम्यान प्रत्येकी एक-एक गाड्या धावत होत्या, गेल्या पावणे दोन वर्षांपासून बंद असून आजतागायत सुरू होण्याची चिन्हे नाहीत. मनमाड इगतपुरी दरम्यानची शटलही बंद आहे. 11025/26 भुसावळ-पनवेल-पुणे दरम्यान दररोज धावणारी हुतात्मा एक्स्प्रेस अद्याप सुरू झालेली नाही. विशेष म्हणजे राज्य सरकारने दिलेल्या परवानगी पत्रातही ही गाड़ी सुरू करण्याचा उल्लेख होता.

स्थानिक प्रवाशांची अवस्था अत्यंत कठीण झालेली आहे. मुख्य मार्गावरील गाड्यांमध्ये द्वितीय श्रेणी अनारक्षित श्रेणी सुरू केली जात नाही. यामुळे सर्वसामान्य प्रवासी, रोजचा प्रवासी अखेर त्यांच्या रोजगारापर्यंत कसा पोहोचेल? महाराष्ट्रात तर राज्य परिवहनच्या बसेसही संपावर आहेत. एकीकडे भुसावळ मंडळच्या वाणिज्य विभागाला मध्य रेल्वेच्या मुख्यालयातून सुमारे आठ कोटींचा दंड वसूल करण्यात आला म्हणून मानाची ढाल का क़ाय ते बक्षीस देण्यात आले आहे. येथील सर्वसामान्य प्रवासीला तिकिटांअभावी दंड भरून प्रवास करावा लागत असून रेलवे तो वसूल करणाऱ्यांचा सत्कार व बक्षिसे वाटत आहे. मोठा लाजीरवाणा प्रकार आहे. हाच पुरस्कार प्रवासी सेवेसाठी दिला गेला असता तर किती अभिमान वाटला असता?

मनमाड-दौंड-पुणे, पुणे-सोलापूर-वाडी, पुणे-सांगली- कोल्हापूर या मार्गावरील प्रवाशांचीही किंबहुना हीच परिस्थिती आहे. म्हणजेच मध्य रेल्वेच्या या वृत्तीने मध्य रेल्वेच्या सर्वच गैर-उपनगरीय भागातील प्रवासी प्रचंड नाराज आहेत. विशेष म्हणजे अनेक प्रश्नांची उत्तरे न देण्याचा रेल्वे प्रशासनाचा स्वभाव बनला आहे.

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मध्य रेल अपने यात्रिओंके लिए द्वितीय श्रेणी अनारक्षित सेवा की सेवा आखिर कब जारी करेगी?

उत्तर रेलवे ने अपनी 30 सुपरफास्ट सहित मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमें द्वितीय श्रेणी अनारक्षित यात्री सेवा शुरू कर दी है। निम्नलिखित परिपत्रक में 30 गाड़ियोंकी सूची दर्ज है साथ ही उनके कौनसे और कितने कोच अनारक्षित निर्धारण किए गए है यह भी लिखा गया है।

यहाँपर चिन्तनीय बात यह है, मध्य रेलवे यह कदम अपने क्षेत्र के यात्रिओंके लिए कब ले रही है इसका स्थानीय यात्रिओंको बेसब्री से इंतजार है। जहाँतक प्रश्न इतर क्षेत्रीय रेलवे का आता है, देशभर के लगभग सभी जगहोंपर अनारक्षित द्वितीय श्रेणी यात्री टिकट सामान्य रूप से मिल रहा है। सुपरफास्ट सहित मेल/एक्सप्रेस यात्री गाड़ियोंमे भी सामान्य अनारक्षित टिकट उपलब्ध है।

कल ही मध्य रेलवे ने अपने चालीसगांव – धुळे मार्गपर 2 जोड़ी अनारक्षित मेमू सेवा चलाने की घोषणा की है और इससे पूरे मध्य रेल पर रोजाना अप डाउन करनेवाले यात्रिओंके मन मे आशा की किरण जगी है। आजतक भी मध्य रेल के कई क्षेत्र में स्थानियोंको के लिए गाड़ियाँ उपलब्ध नही और जो है वह या तो आरक्षित व्यवस्था में चलाई जा रही है या एक्का दुक्का सेवाएं दी जा रही है। उदाहरण के लिए भुसावल बड़नेरा नागपुर मार्ग पर केवल एक भुसावल बडनेरा भुसावल मेमू चल रही है। दूसरे हिस्से में बड़नेरा – नरखेड और अमरावती – नागपुर चलाई जा रही है। संक्रमणपूर्व काल मे सिर्फ भुसावल से नरखेड, वर्धा और नागपुर ऐसी 3 जोड़ी गाड़ियाँ चल रही थी।

वहीं हाल भुसावल -खण्डवा – इटारसी मार्ग का है। सिर्फ एक गाड़ी मेमू एक्सप्रेस रूप में शुरू की गई है, जब की इस मार्ग पर भी 2 जोड़ी सवारी गाड़ियाँ रोजाना यात्रिओंके लिए चलती थी। सबसे भयंकर हाल भुसावल – मनमाड़ – मुम्बई मार्ग का है। इस मार्ग पर भुसावल देवलाली और भुसावल मुम्बई के बीच प्रत्येकी एक जोड़ी गाड़ी चलती थी, जो विगत पौने दो वर्षोंसे बन्द है और अब तक भी शुरू किए जाने के कोई आसार दिखाई नही दे रहे है। मनमाड़ इगतपुरी के बीच शटल भी बन्द है। 11025/26 भुसावल – पनवेल – पुणे के बीच रोजाना चलनेवाली हुतात्मा एक्सप्रेस अब तक भी शुरू नही की गई। जबकी राज्य शासन द्वारा जारी किए गए अनुमति पत्र में इस गाड़ी के शुरू करने का भी जिक्र था।

स्थानीय यात्रिओंके बेहद हाल बेहाल है। मुख्य मार्ग की गाड़ियोंमे द्वितीय श्रेणी अनारक्षित खोला नही जा रहा है। इसके चलते आम यात्री, रोजाना वाला यात्री आखिर अपने रोजगार पर किस तरह पहुंचे? महाराष्ट्र में तो राज्य परिवहन के बसें भी हड़ताल में बन्द चल रही है। एक तरफ भुसावल मण्डल के वाणिज्य विभाग को तकरीबन 8 करोड़ जुर्माना वसूलने के लिए मध्य रेल मुख्यालय से पुरस्कृत किया गया है। यहाँ का आम यात्री बेबस और मजबूर है टिकट के अभाव में जुर्माना भर भर के यात्रा करने के लिए और वहाँ सत्कार और पुरस्कार बाँटे जा रहे है। बड़ी कोफ़्त होती है।

यही पुरस्कार यदि यात्री सेवा के लिए दिया जाता तो कितना गौरवपूर्ण होता? खैर! कुछ यही हाल मनमाड़ -दौंड – पुणे, पुणे – सोलापुर – वाड़ी, पुणे – सांगली – कोल्हापुर इन मार्गोंके यात्रिओंके भी हो रहे है। यूँ कहिए, मध्य रेल के सभी गैर-उपनगरीय क्षेत्र के यात्री मध्य रेल के इस रवैये से बेहद परेशान है। खास बात तो यह है, ढेर प्रश्नोंपर उत्तर ही नही देना यह रेल प्रशासन की फ़ितरत हो गयी है।