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महामारी के साइड इफेक्ट, ‘द्वितीय श्रेणी साधारण’, रेल्वे से नदारद!

आज भारतीय रेल प्रशासन ने एक परिपत्रक निकाला और अपनी सारी विशेष गाड़ियोंको नियमित करने का फ़ैसला जारी किया। MSPC/HSP मतलब मेल/एक्सप्रेस विशेष और त्यौहार विशेष गाड़ियाँ और उनके 1.3 गुना ज्यादा किराया वसूली से आम यात्रियों की मुक्ति।

मगर इस घोषणा के साथ साथ रेल प्रशासन ने कुछ ऐसी बातें भी जता दी जो आम यात्रिओंको पचने में समय लग सकता है। आइए समझाते है,

पहले फायदे की बात समझते है, अब त्यौहार विशेष और तत्काल किरायोंमे चलने वाली विशेष किराया श्रेणी वाली गाड़ियोंसे छुटकारा मिल जाएगा। अब तक जो भी नियमित गाड़ियाँ 0 गाड़ी क्रमांक लगकर विशेष कर चल रही थी सभी गाड़ियाँ नियमित गाड़ी क्रमांक में बदली जाएगी और किराया श्रेणी भी रेलवे की किराया सूची के अनुसार किराया चार्ज करेगी।

अब साइड इफेक्ट्स देखते है। मित्रों, साधारण द्वितीय श्रेणी मतलब ₹10/- वाली सवारी गाड़ी के किराया श्रेणी के दिन लद गए ऐसा लगता है। क्योंकि डेमू/मेमू गाड़ियोंमे भी मेल/एक्सप्रेस की मिनिमम ₹30/- द्वितीय श्रेणी किराया दर लग रही है।

लम्बी दूरी की गाड़ियोंमे आरक्षित द्वितीय श्रेणी मतलब 2S श्रेणी यथवत रखने की बात कही गयी है। बशर्ते किसी गाड़ी में अनारक्षित द्वितीय श्रेणी डिब्बे नामित न किए हो। मतलब लम्बी दूरी की कई गाड़ियोंमे अनारक्षित यात्री, MST धारकोंको यात्रा करने की अनुमति नही रहेगी।

यज्ञपी उपरोक्त पत्र में गाड़ियोंके नियमितीकरण की कोई विशिष्ट तिथि की घोषणा नही है परंतु जब भी यह बात लागू हो जाएगी, रेल प्रशासन अब तक आबंटित टिकटोंका कोई भी फ़र्क, डिफरेंस न तो वसूल करेगी और ना ही अदा करेगी।

कुल मिलाकर यह समझ ले, रेल प्रशासन ने अनारक्षित यात्रा केवल शॉर्ट डिस्टेन्स या डेमू/मेमू गाड़ियोंके लिए सीमित कर दी है। अब यह निर्णय लम्बी दूरी के यात्रिओके लिए बढ़िया तो है वही शॉर्ट डिस्टेन्स और MST धारकोंके लिए कठिन। रेलवे को चाहिए की शॉर्ट डिस्टेन्स यात्रा के लिए समुचित गाड़ियाँ जैसे डेमू/मेमू और इंटरसिटी के फेरे बढाए।

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मध्य रेल की अनारक्षित गाड़ियाँ 15 नवम्बर से बहाल होने जा रही है।

भुसावल – खण्डवा – इटारसी, भुसावल – बड़नेरा, बड़नेरा – नरखेड, नागपुर – आमला – इटारसी, आमला – छिंदवाड़ा, बड़नेरा – अमरावती के बीच प्रतिदिन अनारक्षित गाड़ियाँ दिनांक 15 नवम्बर से, मेल/एक्सप्रेस किराया श्रेणी में, संक्रमण के सारे एहतियात का पालन करते हुए चल पड़ेगी।

1: 01183 भुसावल इटारसी अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 15 नवम्बर से और 01184 इटारसी भुसावल अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 19 नवम्बर से चलना शुरू करेगी।

2: 01365 भुसावल बड़नेरा अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 15 नवम्बर से और 01366 बड़नेरा भुसावल अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 17 नवम्बर से चल पड़ेगी।

3, 4: 01367/01368 बड़नेरा नरखेड बड़नेरा अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 15 नवम्बर से और 01369/01370 बड़नेरा नरखेड बड़नेरा अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 16 नवम्बर से चलना शुरू करेगी।

5: 01323/24 नागपुर आमला नागपुर अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 18 नवम्बर से चलना शुरू करेगी।

6: 01318 इटारसी आमला अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 16 नवम्बर से चलना शुरू करेगी। 01317 आमला इटारसी अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 19 नवम्बर से चलना शुरू करेगी।

7: 01371 अमरावती वर्धा अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 16 नवम्बर से चलना शुरू करेगी। 01372 वर्धा अमरावती अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 17 नवम्बर से चलना शुरू करेगी।

8: 01319/20 आमला छिंदवाड़ा आमला अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 17 नवम्बर से चलना शुरू करेगी।

9: 01379 बड़नेरा अमरावती अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 16 नवम्बर से चलना शुरू करेगी। 01380 अमरावती बड़नेरा अनारक्षित प्रतिदिन मेमू दिनांक 17 नवम्बर से चलना शुरू करेगी।

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द म रेल SCR के नान्देड मण्डल की अकोला – पूर्णा एवं आदिलाबाद – परली के बीच प्रतिदिन अनारक्षित विशेष गाड़ियाँ

07573 अकोला पूर्णा प्रतिदिन विशेष गाड़ी दिनांक 21 नवम्बर से चलना शुरू हो जाएगी। ऐसे ही 07574 पूर्णा अकोला प्रतिदिन विशेष गाड़ी दिनांक 23 नवम्बर से चलेगी। उपरोक्त गाड़ी में 8 द्वितीय श्रेणी सामान्य एवं 2 एसएलआर डिब्बे लगेंगे और यात्री किराया अनारक्षित श्रेणी मेल / एक्सप्रेस का लागू होगा।

07775 आदिलाबाद परली वैजनाथ प्रतिदिन विशेष गाड़ी दिनांक 21 नवम्बर से चलना शुरू हो जाएगी। ऐसे ही 07852 परली वैजनाथ आदिलाबाद प्रतिदिन विशेष गाड़ी दिनांक 23 नवम्बर से चलेगी। उपरोक्त गाड़ी में 8 द्वितीय श्रेणी सामान्य एवं 2 एसएलआर डिब्बे लगेंगे और यात्री किराया अनारक्षित श्रेणी मेल / एक्सप्रेस का लागू होगा।

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चल ग सखे, चल ग सखे पंढरी ला…

देव उठनी ग्यारस अर्थात कार्तिकी एकादशी निमित्त मध्य रेलवे ने तीर्थक्षेत्र पंढरपुर के लिए विशेष गाड़ियोंका नियोजन किया है।

विठ्ठल भक्तोंके लिए मध्य रेल की यह अनुपम भेट है।

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आखिर यह म. रे. सुनती क्यों नहीं ?

महाराष्ट्र राज्य का बहुतांश रेल मार्ग मध्य रेल के कार्यक्षेत्र मे पड़ता है। चूंकि संक्रमण काल मे तमाम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के नियोजन की जिम्मेदारी राज्य प्रशासन के तहत आनेवाले ‘आपदा प्रबंधन समिति’ के जिम्मे है, तो रेल्वे मे यात्री किस तरह यात्रा कर सकेंगे इस पर भी उनका ही नियंत्रण है। जब जब उन्होंने निर्बंध लगाए या छूट दी उसी प्रकार से रेल प्रशासन अपनी यात्री व्यवस्था मे बदलाव करते जा रहा था, यात्री गाडियाँ भी आपदा नियंत्रण समिति की निगरानी मे ही बढाई गई और टिकट आबंटन भी उसी प्रकार शुरू किए गए। लेकिन रेल प्रशासन ने आपदा नियंत्रण समिति के 30 अक्टूबर के पत्र का अनव्यार्थ अपने हिसाब से लिया है, उसे केवल मुम्बई उपनगरीय क्षेत्र में ही लागू किया है। वह पत्र क्या है, जरा आप भी देखीए,

उपरोक्त पत्र के दूसरे पैराग्राफ के दूसरे वाक्य पर गौर कीजिए, ‘As one time ticketing was allowed on long distance passenger trains before too, this relaxation means that all fully vaccinated citizens may travel in local and passenger trains on all routes and through all kind of tickets that may be issued by railways, including daily ticketing.’ इसका रेल प्रशासन क्या अर्थ निकालती है? चलिए इसे हिन्दी मे रूपांतरण करते है, “चूंकि लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों में पहले भी एक बार टिकटिंग की अनुमति थी, इस छूट का मतलब है की, सभी पूरी तरह से टीकाकरण वाले नागरिक, सभी मार्गों पर स्थानीय (उपनगरीय) और यात्री ट्रेनों में यात्रा कर सकते हैं और दैनिक टिकट (साधारण द्वितीय श्रेणी) सहित रेलवे द्वारा जारी किए जा सकने वाले सभी प्रकार के टिकटों के माध्यम से यात्रा कर सकते हैं।”

क्या राज्य प्रशासन की आपदा नियंत्रण समिति मुम्बई के लिए अलग और मुम्बई के अलावा राज्य के लिए अलग नियम लगाकर, अलग से और पत्र जारी करेगी?

गैर उपनगरीय क्षेत्रों मे मेल/एक्स्प्रेस और सवारी /डेमू / मेमू गाडियाँ ही चलाई जाती है, जब सभी मार्ग और सभी तरह के टिकटिंग जारी करने की सूचना दे दी गई है तो और कौन सी अलग से अनुमति की राह रेल प्रशासन तक रही है?

डेली टिकटिंग का अर्थ है ‘साधारण द्वितीय श्रेणी’ टिकट। क्या राज्य आपदा समिति को प्रत्येक अनुमति शब्दश:, रेल्वे की परिभाषा मे देनी होंगी?

महाराष्ट्र की सर्व साधारण जनता यातायात के लिए बहुत परेशान है, मेल/एक्स्प्रेस के 1 या 2 साधारण डिब्बों मे आरक्षण नहीं मिल पाता, अनारक्षित टिकट रेल प्रशासन ने शुरू ही नहीं किए, MST बंद है, साधारण सवारी गाडियाँ नहीं चल रही बची खुची कसर राज्य परिवहन निगम के हड़ताल ने पुरी कर दी। अब बेचारा यात्री क्या करें?

रेल प्रशासन आपदा नियंत्रण समिति के पत्र को अपने हिसाब से परिभाषित कर रही ही। पूरे देश भर मे अनारक्षित टिकट शुरू हो गए है, MST पास जारी हो गए है, अनारक्षित गाडियाँ डिब्बे खोले जा चुके है और यहाँ महाराष्ट्र मे मध्य रेल पता नहीं क्या करना चाहती है? राज्य आपदा नियंत्रण समिति ने अपने परिवहन के लगभग सारे निर्बंध मे छूट दे दी है बसों मे, टैक्सीयोंमे पूर्ण यात्री क्षमता से चलाने की अनुमति है, रेल मे कहाँ से निर्बंध रहँगे?

मध्य रेल प्रशासन को चाहिए की, मिली अनुमति का पुनर्वलोकन करे और महाराष्ट्र के सर्वसाधारण यात्रीओं पर कृपा कर अनारक्षित टिकट और अनारक्षित गाड़ियाँ अपने कार्यक्षेत्र मे जल्द से जल्द चलवाए।