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द म रेल SCR का काजीपेट – बल्हारशाह खण्ड पर 16 दिनोंका रेल ब्लॉक, यात्री गाड़ियाँ रहेंगी बाधित

दक्षिण मध्य रेलवे के काजीपेट – बल्हारशाह खण्ड पर रेल लाइन के तिहरीकरण का तकनीकी काम चल रहा है। दिनांक 30 अक्तूबर से 14 नवंबर तक यह काम माणिकगढ़ विहिरगांव और विरुर स्टेशनोंके बीच चलेगा। इस दौरान कुछ यात्री गाडियाँ रद्द/परावर्तित/नियंत्रित की जाएगी। यात्रीगण कृपया इस परिपत्रक को समझ ले और अपनी यात्रा का नियोजन करे।

रद्द की गई गाड़ियाँ :-

02277 तिरुपति जम्मूतवी साप्ताहिक हमसफ़र दिनांक 09 नवम्बर को तिरुपति से और 02278 जम्मूतवी तिरुपति साप्ताहिक हमसफ़र दिनांक 12 नवम्बर को जम्मूतवी से नही चलेगी, रद्द रहेगी।

02521 बरौनी एर्नाकुलम साप्ताहिक विशेष दिनांक 01 एवं 08 नवम्बर को बरौनीसे और 02522 एर्नाकुलम बरौनी साप्ताहिक विशेष दिनांक 05 एवं 12 नवम्बर को एर्नाकुलम से नही चलेगी, रद्द रहेगी।

परावर्तित मार्ग से चलाई जानेवाली गाड़ियाँ : यूँ चार अलग अलग मार्गोंसे गाड़ियाँ परावर्तित की जाने वाली है। यात्रीगण कृपया JCO जर्नी कमिनसिंग डे अर्थात गाड़ी के शुरुवाती स्टेशन से छूटने की तिथि पर ध्यान दे कर अपनी यात्रा का नियोजन करें।

परावर्तित मार्ग 1 : 5 गाड़ियाँ 02806 नई दिल्ली विशाखापट्टनम प्रतिदिन विशेष, 06318 श्री माता वैष्णो देवी कटरा कन्याकुमारी साप्ताहिक विशेष, 02647 कोरबा कोचुवेळी द्विसाप्ताहिक विशेष, 02648 कोचुवेळी कोरबा द्विसाप्ताहिक विशेष, 06152 हज़रत निजामुद्दीन चेन्नई सेंट्रल गरीबरथ साप्ताहिक विशेष यह गाड़ियाँ विजयवाड़ा, दुवाड़ा, सिम्हाचलम नार्थ, विजयनगरम, रायागड़ा, टीटीलागढ़, रायपुर, गोंदिया, नागपुर होकर परावर्तित की जाएगी। कृपया गाड़ियोंके JCO तिथि पर और स्किपिंग स्टेशनोंपर ध्यान दीजिएगा

परावर्तित मार्ग 2 : 10 गाड़ियाँ, 0761/62 रेनिगुंटा हज़रत निजामुद्दीन रेनिगुंटा दूध दुरंतो कार्गो द्विसाप्ताहिक विशेष, 0763/64 रेनिगुंटा हज़रत निजामुद्दीन रेनिगुंटा दूध दुरंतो कार्गो त्रिसाप्ताहिक विशेष, 02589/90 गोरखपुर सिकंदराबाद गोरखपुर साप्ताहिक विशेष, 07007/08 सिकंदराबाद दरभंगा सिकंदराबाद द्विसाप्ताहिक विशेष, 02645/46 इन्दौर कोचुवेळी इन्दौर साप्ताहिक विशेष यह गाड़ियाँ सिकंदराबाद, निजामाबाद, मुदखेड़, पिम्पलकुट्टी, माजरी होकर परावर्तित की जाएगी। यात्रीगण कृपया JCO और स्किपिंग स्टेशन जांच ले।

परावर्तित मार्ग 3 :- 02791/92 सिकंदराबाद दानापुर सिकंदराबाद प्रतिदिन विशेष, 06593 यशवंतपुर दिल्ली सराय रोहिल्ला साप्ताहिक विशेष, 02576 गोरखपुर हैदराबाद साप्ताहिक विशेष, 05023 गोरखपुर यशवंतपुर साप्ताहिक विशेष यह गाड़ियाँ सिकंदराबाद, निजामाबाद, मुदखेड़, नान्देड, पूर्णा, अकोला, खण्डवा, इटारसी मार्ग से परावर्तित की जाएगी। यात्रीगण कृपया JCO और स्किपिंग स्टेशन जांच ले।

परावर्तित मार्ग 4 : 06249/50 यशवंतपुर हज़रत निजामुद्दीन यशवंतपुर सप्ताह में 5 दिवसीय कर्नाटक सम्पर्क क्रांति विशेष, 05015/16 गोरखपुर यशवंतपुर गोरखपुर साप्ताहिक विशेष, 02591 गोरखपुर यशवंतपुर गोरखपुर साप्ताहिक विशेष यह गाड़ियाँ रायचूर, वाड़ी, सोलापुर, दौंड, मनमाड़, भुसावल, इटारसी इस मार्गसे परावर्तित की जानेवाली है। यात्रीगण कृपया JCO और स्किपिंग स्टेशन जांच ले।

रिशेड्यूलिंग याने कुछ देरीसे, समय बदलकर चलाए जाने वाली गाड़ियाँ : – यात्रीगण कृपया ध्यान देंगे, यज्ञपी यह गाड़ियाँ अपने शुरवाती स्टेशन से देरी से चलेंगी मगर अपने देरीसे चलने के समय की भरपाई कर सकती है, अतः समयसारणी और परिचालन की जानकारी रेलवे हेल्पलाइन से लेते रहकर अपनी यात्रा का नियोजन करे।

निम्नलिखित पार्सल विशेष गाड़ियाँ समयसारणी के समयों के अलावा नियंत्रित कर चलाई जाएंगी।

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मुम्बई और महाराष्ट्रवासियों के लिए बड़ी खबर : एकल यात्रा टिकट शुरू

“नो टिकट, ओनली पास” वाले संकल्पना पर यात्रिओंकी बड़ी नाराजी के बाद महाराष्ट्र राज्य शासन ने पूर्णतयः टीकाकरण हो कर 15 दिन हो चुके किसी भी यात्री को मुम्बई और लम्बी दूरी की गाड़ियोंमे एकल यात्रा टिकट देने की अनुमति दे दी है।

इससे मुम्बई उपनगरीय यात्रिओंकी समस्या तो हल हो गयी, लेकिन पूरे महाराष्ट्र राज्य के लोग अभी भी रेलवे की केवल आरक्षित यात्रा की पॉलिसी से बेहद परेशान है। जितने भी गैर-उपनगरीय रेल खण्ड है, वहाँपर देशभर केवल महाराष्ट्र राज्य ही शायद बचा है, जिसमे अनारक्षित रेल यात्रा शुरू नही की गई है। महाराष्ट्र राज्य प्रशासन ने अपनी बात रेल प्रशासन को कह दी है, अब गेंद जो है, मध्य रेल के पाले में है और उनको निर्णय लेना है की लम्बी दूरी की एकल यात्रा में भी राज्य प्रशासन ने अनुमति दे दी है तो अपनी सभी सवारी गाड़ियाँ, अनारक्षित गाड़ियाँ, मेल/एक्सप्रेस में अनारक्षित डिब्बे, UTS/ATVM द्वितीय श्रेणी काउंटर आदि आम यात्रिओंके लिए जो की पूर्णतयः टीकाकरण हो चुके है, अनुमति दे दी जाए।

अब राज्य प्रशासन रेलवे की तकनीकी भाषा का एक एक शब्द तो नही न कहेगा, यह रेलवे प्रशासन की मानसिकता होना चाहिए की अब पूरे देशभर के रेल क्षेत्रोंमें अनारक्षित टिकिटिंग शुरू हो चुकी है सिवाय मध्य रेल CR के तो अब तो लोकाभिमुख निर्णय लेकर अनारक्षित टिकट शुरू कर देना चाहिए।

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प.बंगाल राज्य में दोनोंही क्षेत्रीय रेलवे द पु SER और पूर्व रेल ER अपनी सारी उपनगरीय गाड़ियाँ शुरू कर रही है।

पश्चिम बंगाल राज्य के मुख्य सचिव और आपदा नियंत्रण समिति के चेयरमैन ने राज्य में कार्यरत दोनों क्षेत्रीय रेल्वेज को पत्र देकर अपनी सभी उपनगरीय सेवाएं तत्काल प्रबगव से शुरू करने की सूचना दी। इसी पत्र के आधारपर दक्षिण पूर्व रेलवे और पूर्व रेल्वेने अपने सारे उपनगरीय खण्डोपर सारी गाड़ियाँ दिनांक 31 अक्टूबर से शुरू करने का निर्णय लिया है। अनारक्षित टिकट आबंटन की सारी व्यवस्था मतलब टिकट काउंटर्स, UTS, ATVM आदि खोलने की भी सूचना जारी हो गयी है। साथमे पत्र दिए गए है।

यज्ञपी सारे उपनगरीय खण्ड और उनकी सारी सेवाए चलाने की अनुमति दे दी गयी है, मगर संक्रमण कालीन निर्बन्धोंका अनुपालन करने की भी सूचना दी गयी है और केवल 50% यात्री क्षमता से गाड़ियाँ चलाई जाए यह भी कहा गया है।

लगभग इसी अन्दाज का क्रियाकलाप कल महाराष्ट्र राज्य में भी हुवा। उसी तरह मुख्य सचिव का पत्र, दो क्षेत्रीय रेलवे के मुख्यालय मध्य रेल CR और पश्चिम रेल WR मगर असर पूरा विपरीत। जो एकल यात्रा टिकट शुरू थे वह भी बन्द कर दिए गए और केवल पास धारकोंको ही यात्रा की अनुमति रह गयी।

प्रदेश और मुम्बई शहर के आम जन अभी भी कुछ सकारात्मक निर्णय होने की प्रतीक्षा कर रहे है। वैसे तमाम मीडिया, जनप्रतिनिधि एक स्टार पुत्र के जमानत पर रिहाई के “मेगा इवेन्ट” में बेहद व्यस्त है और उपनगरीय यात्रिओंकी व्यथा और परेशानी में उनकी दिलचस्पी फिलहाल देर है।

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आईआरसीटीसी IRCTC : जनाब, आखिर मसला रोजीरोटी का है! 😊

आईआरसीटीसी IRCTC यह भारतीय रेल की उप कम्पनी भारतीय शेयर बाज़ारोंमें लिस्टेड है। 14 अक्टूबर 2019 को करीबन 315-320 रुपयों में लिस्ट हुई यह कम्पनी आज करीबन 4250 रुपए कीमत पर चल रही है। बीचमे इसकी क़ीमत 6200 के ऊपर जाकर एक लाख करोड़ के मार्केट कैपिटल के पार हो गयी थी।

खैर, हमे शेयर बाजार की बातें नही करनी है मगर जो उतार – चढ़ाव इस कम्पनी के शेयरोंमें हुए है उसके पीछे मसला क्या है यह जानना है। दरअसल इन झटकोंके पीछे है, इस कम्पनी की होने वाली कमाई। आईआरसीटीसी की तगड़ी कमाई भारतीय रेलवे के इकलौते ऑनलाइन टिकिटिंग व्यवस्था में लगाई जानेवाली कन्विनियन्स फीस या यूँ कहिए सर्विस चार्ज से होती है। वैसे रेल नीर, पर्यटन गाड़ियाँ, पर्यटन पैकेज, रिटायरिंग रूम, कैटरिंग के ठेके आदि मद भी है जो आईआरसीटीसी को कमाई देते है, मगर जिनकी सर्विस चार्ज वाली कमाइसे बराबरी कतई नही हो सकती।

आईआरसीटीसी वातानुकूल टिकट पर ₹30/- और गैर-वातानुकूल टिकट पर ₹15/- सर्विस चार्ज वसूलती है। सबसे पहले मतलब 2014 से यह चार्ज ₹40/- और ₹20/- ऐसा था और रेल प्रशासन उसमे 20% हिस्सा लेती थी। कुछ अरसे बाद यह हिस्सा रेल प्रशासन ने बढाकर 50% करवा लिया। चूँकि रेलवे की बहुतांश टिकट ऑनलाइन याने आईआरसीटीसी के हिस्से जा रही थी। वर्ष 2016 की नोटबन्दी के बाद ढाई वर्षोंतक अर्थ मंत्रालय ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलें इसलिए इस सर्विस चार्ज को पूरा ही बन्द कर दिया था। जब आईआरसीटीसी अपने सर्विस चार्ज के नुकसान का हर्जाना लेने रेल प्रशासन के पास पहुंची तो रेल प्रशासन ने उसे मांग के कुछ आधा हर्जाना देकर फिर से सर्विस चार्ज वसूली शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी और रेवेन्यू शेयरिंग से आज़ाद कर दिया। 2019 में गाड़ियाँ दी-ढाई महीने बन्द रही मगर जब शुरू हुई तो आईआरसीटीसी की कमाई फिर जोर शोर से चल पड़ी। यही शायद उसके शेयर बाजार में मूल्यवान होने का भी राज था।

दो दिन पहले रेल प्रशासन ने आईआरसीटीसी को सर्विस चार्ज में फिर से 50% हिस्से की मांग कर डाली और यही बात आईआरसीटीसी के निवेशकोंको नागवार गुजरी। भाई, क्यों न हो, यह तो सीधे ही आईआरसीटीसी की जेब आधी काटने की बात थी। अपने उच्चतम कीमत से शेयर धड़ाधड़ नीचे आते चला गया और फिर अचानक रेल प्रशासन ने अपनी माँगोपर पीछे मुड़ वाली स्थिति बना ली। अपनी रेवेन्यू शेयरिंग की मांग को बिल्कुल ही छोड़ दिया। शायद है, यह प्रशासन की PPP वाली संकल्पना को भी झटका देने वाली स्थिति बनने जा रही थी तो इसे रेल प्रशासन ने तुरन्त ही संवार लेना मुनासिब समझा।

तो आप भी समझ जाइए, आखिर कम्पनी के आटे-दाल का सवाल था। कमाई नही तो कुछ नही। 😊😊

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कहीं राज्य और रेलवे के आपसी समन्वय में गड़बड़ी तो नही?

मुख्य सचिव, महाराष्ट्र राज्य और राज्य आपदा नियंत्रण समिति के चेयरमैन का पत्र देखिए। इस पत्र का सारांश यह कहता है की राज्य में संक्रमण की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है और टीकाकरण भी बहुत तेजी से किया जा रहा है। ऐसी अवस्था मे मुख्य सचिव अपने जिम्मेदार पद क़ा हवाला देते हुए माननीय राज्यपाल से मांग कर रहे है की रेल प्रशासन अब सभी पूर्ण टिकाकरण हुए व्यक्तियोंको MST/QST मासिक, त्रि मासिक, अर्ध वार्षिक इत्यादी सीजन पासेस का आबंटन करने की अनुमति दें।

यहाँपर प्रश्न यह की राज्य प्रशासन द्वारा जारी इस पत्र में संक्रमण की स्थितियां काबू में है, टीकाकरण बेहतर चल रहा है तो निर्बंध में ढील दिए जाने की माँग मालूम पड़ती है और रेल प्रशासन ने उसे शब्दशः लेते हुए उपनगरीय यात्रा के सारे एकल टिकट जो अब तक शुरू थे, तत्काल प्रभाव से बन्द कर दिए और टिकट बुकिंग काउंटर पर “नो टिकट ओनली पासेस” की तख्ती लगा दी।

अब तक यह हो रहा था की लम्बी दूरी से मुम्बई आनेवाले या उपनगरीय गाड़ियोंसे मुख्य टर्मिनलों से लम्बी दूरी की गाड़ियोंमे रवाना होने वाले यात्री अपनी कन्फर्म आरक्षित टिकट दिखाकर एकल यात्रा टिकट लेकर उपनगरीय गाड़ी में यात्रा कर पा रहे थे, जो व्यवस्था अब बन्द हो गयी है।

क्या यह राज्य और रेल प्रशासन के आपसी तालमेल और समझ मे फर्क होने से घट रहा है? क्या सचमुच राज्य प्रशासन चाहता है की टिकट बन्द हो जाए और केवल पास धारक ही उपनगरीय गाड़ियोंमे यात्रा करें? आशा है, की जल्द ही उपरोक्त विषय का खुलासा हो जाए और यात्री राहत की सांस ले सके। गैर उपनगरीय क्षेत्रोंमें ऐसे ही रोजाना अप डाउन करने वाले यात्री, आसपास छोटे अन्तर की यात्रा करने वाले यात्री बिना MST और अनारक्षित टिकट की अनउपलब्धतता की वजह से बेहद परेशान है।