11 जून 2025, बुधवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, पौर्णिमा/प्रतिपदा, विक्रम संवत 2082
तमाम विवादोंके बाद रेल प्रशासन ने सर्वसाधारण यात्रिओंके लिए ‘तत्काल’ टिकिटिंग में सकारात्मक बदलाव किया है।
दिनांक 01 जुलाई 2025 से केवल वही यात्री तत्काल टिकट बुक कर पायेंगे, जिन्होंने अपना आधार क्रमांक आईआरसीटीसी ऍप/वेबसाइट पर सत्यापित किया हुवा है। इसके साथ ही दिनांक 15 जुलाई 2025 से आधार द्वारा भेजे गए OTP वन टाइम पासवर्ड को दर्ज कराने के बाद ही तत्काल टिकट बुक किए जाएंगे।
दिनांक 15 जुलाई 2025 से, PRS (रेल आरक्षण खिड़की) पर अर्थात यात्री अथवा अधिकृत एजंटों को भी आधार प्रणाली द्वारा आए OTP, जो उनके द्वारा आरक्षण माँग पत्र में दर्ज मोबाइल क्रमांक पर भेजे जाएंगे, उस को दर्ज कराने के बाद ही तत्काल टिकट बनाया जा सकेगा।
तत्काल प्रणाली में शुरवात के आधे घण्टे, याने 30 मिनट तक किसी भी रेल विभाग द्वारा नियुक्त किए गए अधिकृत एजंटोंको तत्काल टिकट निकालने की अनुमति नही रहेंगी। वातानुकूलित टिकटों की तत्काल बुकिंग सुबह 10:00 बजे शुरू होती है और ग़ैरवातानुकूलित टिकटों की बुकिंग 11:00 बजे शुरू की जाती है। इसका अर्थ यह है, कोई भी अधिकृत रेल टिकट बुकिंग एजेंट सुबह 10:30 से पहले वातानुकूलित और 11:30 से पहले ग़ैरवातानुकूलित श्रेणी के ‘तत्काल’ टिकट की बुकिंग नही कर पाएगा।
रेल विभाग ने इस सम्बंध में निम्नलिखित सूचना जारी की है।
कुल मिलाकर यह समझ लें, आईआरसीटीसी की वेबसाइट के साथ साथ अब आधार की वेबसाइट भी दिनके दस और ग्यारह बजे जाम होने वाली है। चूँकि एक मिनट में अमूमन तीस हजार टिकट आईआरसीटीसी से निकलते है और करीबन दस गुना लोग उस वक्त तत्काल टिकट हेतु झुझते है तो …. ☺️
देवशयनी आषाढ़ी एकादशी निमित्त, रेल विभाग की ‘वारी विशेष’ गाड़ियाँ!
10 जून 2025, मंगलवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, पौर्णिमा, विक्रम संवत 2082
हेडिंग में दरअसल यह वारी में होनेवाला जयघोष लिखा गया है। सारे वारकरी वारी में जगह जगह से पैदल चलते हुए, यह जयघोष करते हुए पांडुरंग माउली के दर्शन हेतु देवशयनी एकादशी को पंढरपुर पहुंचने की चाह रखते है। मध्य रेल प्रशासन पंढरपुर के लिए आठ जोड़ी ‘वारी विशेष’ गाड़ियाँ चला रहा है। इन सेवाओं में कुछ गाड़ियाँ अनारक्षित भी चलाई जायेंगी।
1 : 01205/06 नागपुर – मिरज – नागपुर विशेष के 2 – 2 कुल 4 फेरे वाया भुसावल, मनमाड़, दौंड, कुर्डुवाड़ी, पंढरपुर
01205 विशेष नागपुर से दिनांक 4, 5 जुलाई को मिरज के लिए सुबह 08:50 रवाना होगी और सुबह 8:00 बजे पंढरपुर, 11:35 को मिरज पहुँचेंगी। वापसी में 01206 विशेष मिरज से दिनांक 5, 6 जुलाई को नागपुर के लिए दोपहर 12:55 रवाना होगी, शाम 17:00 बजे पंढरपुरसे रवाना होगी और अगले दिन, दोपहर 12:25 को नागपुर पहुँचेंगी।
कोच संरचना : 02 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण जनरल, 02 एसएलआर, कुल 18 ICF कोच
2 : 01119/20 नई अमरावती – पंढरपुर – नई अमरावती विशेष के 2 – 2 कुल 4 फेरे वाया भुसावल, मनमाड़, दौंड, कुर्डुवाड़ी
01119 विशेष नई अमरावती से दिनांक 2, 5 जुलाई को पंढरपुर के लिए 14:40 पर रवाना होगी और सुबह 9:10 बजे पंढरपुर पहुँचेंगी। वापसी में 01120 विशेष पंढरपुर से दिनांक 3, 6 जुलाई को नई अमरावती के लिए 19:30 पर रवाना होगी और अगले दिन, दोपहर 12:50 को नई अमरावती पहुँचेंगी।
कोच संरचना : 02 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण जनरल, 02 एसएलआर, कुल 18 ICF कोच
3 : 01121/22 खामगांव – पंढरपुर – खामगांवविशेष के 2 – 2 कुल 4 फेरे वाया भुसावल, मनमाड़, दौंड, कुर्डुवाड़ी
01121 विशेष खामगांव से दिनांक 3, 6 जुलाई को पंढरपुर के लिए 13:30 पर रवाना होगी और प्रातः 3:30 बजे पंढरपुर पहुँचेंगी। वापसी में 01122 विशेष पंढरपुर से दिनांक 4, 7 जुलाई को खामगांव के लिए 05:00 पर रवाना होगी और अगले दिन, शाम 19:30 को खामगांव पहुँचेंगी।
कोच संरचना : 02 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण जनरल, 02 एसएलआर, कुल 18 ICF कोच
4 : 01159/60 भुसावल – पंढरपुर – भुसावलअनारक्षितविशेष के 1 – 1 कुल 2 फेरे वाया भुसावल, मनमाड़, दौंड, कुर्डुवाड़ी
01159 विशेष भुसावल से दिनांक 7 जुलाई को पंढरपुर के लिए 13:30 पर रवाना होगी और प्रातः 3:30 बजे पंढरपुर पहुँचेंगी। वापसी में 01160 विशेष पंढरपुर से दिनांक 8 जुलाई को भुसावल के लिए रात 22:30 पर रवाना होगी और अगले दिन, दोपहर 13:00 को भुसावल पहुँचेंगी।
01101 विशेष लातूर रोड से दिनांक 2, 4, 7, 8 और 9 जुलाई को पंढरपुर के लिए 07:30 पर रवाना होगी और 12:50 बजे पंढरपुर पहुँचेंगी। वापसी में 01102 विशेष पंढरपुर से दिनांक 2, 4, 7, 8 और 9 जुलाई को 13:50 पर रवाना होगी और शाम 19:30 को लातूर रोड पहुँचेंगी।
कोच संरचना : 08 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण जनरल, 02 एसएलआर, कुल 18 ICF कोच (04 वातानुकूलित कोच बन्द अवस्था मे)
6 : 01107/08 मिरज – कलबुर्गी – मिरज प्रतिदिन अनारक्षित विशेष के 10 – 10 कुल 20 फेरे वाया पंढरपुर, कुर्डुवाड़ी, सोलापुर
01107 विशेष मिरज से दिनांक 01 से 10 जुलाई तक प्रतिदिन पंढरपुर के लिए प्रातः 05:00 पर रवाना होगी और पंढरपुर होते हुए 13:30 बजे कलबुर्गी पहुँचेंगी। वापसी में 01108 विशेष कलबुर्गी से उसी तिथि को दोपहर 15:30 पर रवाना होगी और रात 23:50 को मिरज पहुँचेंगी।
कोच संरचना : 12 द्वितीय साधारण जनरल, 02 एसएलआर, कुल 14 ICF कोच
7 : 01209/10 कोल्हापुर – कुर्डुवाड़ी – कोल्हापुर प्रतिदिन अनारक्षित विशेष के 10 – 10 कुल 20 फेरे वाया मिरज, पंढरपुर
01209 विशेष कोल्हापुर से दिनांक 01 से 10 जुलाई तक प्रतिदिन पंढरपुर के लिए प्रातः 06:10 पर रवाना होगी और पंढरपुर होते हुए 13:30 बजे कुर्डुवाड़ी पहुँचेंगी। वापसी में 01210 विशेष कुर्डुवाड़ी से उसी तिथि को दोपहर 16:30 पर रवाना होगी और रात 22:30 को कोल्हापुर पहुँचेंगी।
कोच संरचना : 12 द्वितीय साधारण जनरल, 02 एसएलआर, कुल 14 ICF कोच
8 : 01207/08 पुणे – मिरज – पुणे प्रतिदिन अनारक्षितविशेष के 8 – 8 कुल 16 फेरे वाया दौंड जंक्शन, कुर्डुवाड़ी, पंढरपुर
01207 विशेष पुणे से दिनांक 03 से 10 जुलाई तक प्रतिदिन मिरज के लिए प्रातः 08:40 पर रवाना होगी और पंढरपुर होते हुए 18:45 बजे मिरज पहुँचेंगी। वापसी में 01208 विशेष मिरज से उसी तिथि को 19:30 पर रवाना होगी और अगले दिन प्रातः 04:30 को पुणे पहुँचेंगी।
कोच संरचना : 12 द्वितीय साधारण जनरल, 02 एसएलआर, कुल 14 ICF कोच
09 जून 2025, सोमवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, विक्रम संवत 2082
फिरोजपुर से नान्देड़ के लिए यात्रिओंकी माँग के चलते रेल प्रशासन ने पूर्वचलित विशेष गाड़ी 04661/62 को अब नियमित करने का विचार किया है। हालाँकि विशेष गाड़ी भटिंडा, दिल्ली सफदरजंग, भोपाल, इटारसी, नरखेड़, नवी अमरावती, अकोला इस मार्ग से चलती थी मगर अब नई गाड़ी मुख्य मार्ग भुसावल, मनमाड, औरंगाबाद होकर नान्देड़ जाएगी। इसके साथ ही फिरोजपुर – हरिद्वार के बीच एक साप्ताहिक सेवा का भी प्रस्ताव था। इन दोनों गाड़ियोंको रेल प्रशासन से मंजूरी प्राप्त हो चुकी है और अब संक्षिप्त समयसारणी भी जारी हो चुकी है।
14622/21फिरोजपुर कैंट – हुजुरसाहिब नान्देड़ – फिरोजपुर कैंट साप्ताहिक एक्सप्रेस वाया दिल्ली सफदरजंग, भोपाल, भुसावल, मनमाड़
14622 फिरोजपुर कैंट – हुजुरसाहिब नान्देड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार, दोपहर 13:25 को फिरोजपुर से निकल कर, रविवार प्रातः 3:30 को हुजुरसाहिब नान्देड़ पहुँचेंगी। वापसी में 14621 एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार सुबह 11:50 को नान्देड़ से निकल कर मंगलवार प्रातः 4:30 को फिरोजपुर पहुँचेंगी।
14626/25 फिरोजपुर कैंट – हरिद्वार – फिरोजपुर कैंट साप्ताहिक एक्सप्रेस
14626 फिरोजपुर कैंट – हरिद्वार साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार, रात 22:40 को फिरोजपुर से निकल कर, गुरुवार सुबह 8:30 को हरिद्वार पहुँचेंगी। वापसी में 14625 एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार दोपहर 14:45 को हरिद्वार से निकल कर गुरूवार देर रात अर्थात शुक्रवार को 0:35 को फिरोजपुर पहुँचेंगी।
04 जून 2025, बुधवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, नवमी, विक्रम संवत 2082
जी हाँ! फाइनली, मोस्ट अवेटेड!!
कश्मीर का श्रीनगर भारतीय रेल नेटवर्क से वन्देभारत के जरिए सीधा जुड़ने जा रहा है।
दिनांक 06 जून को जम्मूतवी – श्रीनगर के बीच दो जोड़ी वन्देभारत गाड़ियों का शुभारम्भ होने जा रहा है और यह माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करने जा रहे है। आज ही इसके लिए रेल मुख्यालय से परिपत्रक जारी हुवा है।
26401/02 जम्मूतवी श्रीनगर जम्मूतवी वन्देभारत एक्सप्रेस (सप्ताह में छह दिन, प्रत्येक मंगलवार छोड़कर)
और
26403/04 जम्मूतवी श्रीनगर जम्मूतवी वन्देभारत एक्सप्रेस (सप्ताह में छह दिन, प्रत्येक बुधवार छोड़कर)
समयसारणी निम्नलिखित है,
यह दोनों गाड़ियाँ जम्मूतवी से श्रीनगर के बीच, मार्ग में श्री माता वैष्णो देवी कटरा, बनिहाल स्टोपेजेस पर रुकेंगी।
वैसे इन गाड़ियोंके नियमित फेरों की घोषणा के लिए थोड़ा सा इंतज़ार करना होगा।
04 जून 2025, बुधवार, जेष्ठ, शुक्ल पक्ष, नवमी, विक्रम संवत 2082
इस सुपरफास्ट टेक्नोलॉजी के युग मे दुनिया मे कोई काम मुश्किल नही सिवाय एक के, और जिसपर हर कोई सहमत होगा वह है, भारतीय रेल का तत्काल टिकट बुक करना, वह भी खास कर के ई-टिकट प्रणाली पर। चूँकि PRS, टिकट खिड़की पर लम्बी लाइन में लगना सर्वसाधारण यात्री के बस का नही होता।
एक अग्रगण्य दैनिक में, देश के जानेमाने पैथोलॉजी कम्पनी के प्रमुख की ‘तत्काल बुकिंग’ पर ट्विटर पर की गई टिप्पणी पर लेख छपा है। वही बात लिखी गई है, बिल्कुल वही अनुभव उकेरा गया है, जिसे हम, आप और प्रत्येक यात्री आईआरसीटीसी के वेब या ऍप पर ई-टिकिटिंग वाला तत्काल बुकिंग करते समय अनुभूति पाता है। बिकट अनुभव प्राप्ति के पश्चात टिकट बुकिंग कम्पनी को कुछ सलाहें दी गई है, कुछ सहयोग प्रदान करने की मंशा भी जताई गई है। ट्विटर पर, अनेकों उपभोगकर्ताओंने अलग अलग सलाहें, मशविरे दिए है। यहाँ उनका उल्लेख कर कुछ सफल प्राप्ति नही होने जा रही है, अतः हम उन बातों को वहीं छोड़ते है।
एक बहुत साधारण सी बात है, प्रत्येक यात्री गाड़ी के कुल आसन संख्या से लगभग 30% आसन तत्काल बुकिंग्ज के लिए रोके जाते है और उसकी बुकिंग गाड़ी के प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान के एक दिन पहले खोली जाती है। इसमे भी श्रेणियोंका वर्गीकरण कर लिया गया है। अभी वातानुकूलित वर्गों की तत्काल बुकिंग सुबह 10:00 बजे और ग़ैरवातानुकूलित वर्गों की बुकिंग 11:00 बजे शुरू की जाती है।
गाड़ियोंमे कोच संरचना के मानकीकरण के बाद 04 अनारक्षित और 01 एसएलआर, 01 जनरेटर वैन छोड़े तो अमूमन 6, 7 वातानुकूलित और 7 से 8 ग़ैरवातानुकूलित कोच आरक्षण के लिए उपलब्ध रहते है। जिसमे वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में तत्काल टिकट उपलब्ध नही कराया जाता। वातानुकूलित टू टियर की 16 और वातानुकूलित थ्री टियर की 84 बर्थ और स्लिपर के लिए 192 बर्थ तत्काल के लिए उपलब्ध की जाती है। यह हमने वातानुकूलित टू टियर 1 कोच, वातानुकूलित थ्री टियर के 4 कोच और स्लिपर के 8 कोच की संरचना के निर्धारण से अनुमान लगाया है।
अब मजे की बात और आगे है। अमूमन प्रत्येक मेल/एक्सप्रेस और सुपरफास्ट गाड़ियोंमे कुल तत्काल आसनोंसे आधे अर्थात 50% आसन ‘प्रीमियम तत्काल’ के लिए रखे जाते है। जिसके लिए 50% टिकट के बाद, डायनामिक किराए लगने शुरू हो जाते है। गाड़ियोंके सम्पूर्ण मार्ग में प्रमुख स्टेशनोंके लिए जनरल GNWL, पुलिंग PQWL और रिमोट लोकेशन RLWL प्रकार के कोटे निर्धारित रहते है। अतः तत्काल आसनों के लिए जो जनरल एवं पुलिंग कोटे के स्टेशनों का गुट होता है उनके लिए तत्काल और प्रीमियम तत्काल दोनों तरह की बुकिंग्ज उपलब्ध होती है और रिमोट लोकेशन कोटे के स्टेशनोंके लिए केवल तत्काल टिकट बुकिंग उपलब्ध रहती है। हालाँकि गाड़ी से सम्बंधित क्षेत्रीय रेलवे तत्काल और प्रीमियम तत्काल आसनोंकी संख्या का निर्धारण करता है। कई सर्वसाधारण एक्सप्रेस गाड़ियोंमे प्रीमियम तत्काल बन्द कर सारे निर्धारित आसन तत्काल के लिए रखे जाते है तो कुछ गाड़ियोंमे तत्काल बुकिंग भी बन्द किया रहता है। आम तौर पर सभी विशेष गाड़ियोंमे तत्काल बुकिंग उपलब्ध नही रहता क्योंकि उनकी आम बुकिंग ही तत्काल दर से कराई जाती है।
अब हम मुख्य मुद्दे पर आते है। किसी एक गाड़ी के तत्काल बुकिंग की बात करते है तो सभी वातानुकूलित कोच में कुल मिला कर 100 बर्थ है। जिसमे अमूमन 40, 50 बर्थ प्रीमियम कोटे की निकल गई तो बची हुई मात्र 50 बर्थ के लिए ठीक 10:00 बजे लाखों यात्री टिकट बुक करने की कोशिश करते है। आईआरसीटीसी की बुकिंग्ज साइट पर एक मिनट में लगभग चौबीस हजार टिकट बुक होती है। अब आप खुद अपने टिकट बुक होने की सम्भावना जाँच लीजिए की मात्र 50 बर्थ और उस निर्धारित मिनट में 24000 टिकट छपने है। मान लीजिए, किसी एक मार्ग पर निर्धारित दिन के लिए दस गाड़ियाँ चल रही है। फिर भी 500 बर्थ और एक मिनट में 24000 हिट। समझ लीजिए कितना मुश्किल टास्क है, कन्फ़र्म टिकट का बुक हो जाना! जिसमे देश भर से लाखों PRS पर से भी उसी वक़्त और उतनी ही सीटों के लिए जद्दोजहद लगी रहती है।
मित्रों, चाहे बुकिंग्ज में कुछ गड़बड़ी होती है, भ्रष्टाचार है, कुछ और भी बाईपास मार्ग निकाल टिकट बुकिंग्ज चलती है, फिर भी ‘एक अनार और सौ बीमार’ वाली गती है, यह बात निश्चित है। जिसमे रेल प्रशासन हमेशा गैरकानूनी टिकट दलालोँ पर कार्रवाई करते रहता है।
दरअसल यह परेशानी अपार यात्री संख्या और उस अनुपात में गाड़ियोंकी कम उपलब्धता, रेल किराए इतने सस्ते की यात्री प्रीमियम तत्काल के डायनामिक रेट्स से भी नही हिचकता। क्योंकि परिवहन व्यवस्था में रेलवे ही सबसे सस्ता और सुरक्षित, आरामदायक परिवाहन है। कई समान मार्गोंपर चलने वाली बसेस के किराए इतने महंगे है कि रेलवे के डायनामिक प्रीमियम तत्काल के किरायों से मेल खाते है। इससे टिकट बुकिंग एजेन्ट्स, फर्जी दलालों की पौ बारह होती है। टिकटों की गारण्टी के मद्देनजर यात्री इन गैरकानूनी दलालों की तरफ मुड़ता है या जाली टिकट बुकिंग पर यात्रा करने पर उतारू हो जाता है। निर्धारित टिकट मूल्य से कई अतिरिक्त मूल्य देने के लिए भी तैयार हो जाता है।
इन सारी विद्यमान परिस्थितियों को देखते हुए इस बिकट तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था का तुरन्त हल निकलना बहुत मुश्किल है। जब परिवाहन साधनों, बुनियादी निर्माणों में बढ़ोतरी होगी और यात्री गाड़ियाँ बढ़ेंगी तभी इसका कुछ हल निकल पाएगा। आधुनिक भारत तीव्र गति से सड़कों का निर्माण कर रहा है। रेल मार्ग इकहरे से दोहरे, तिहरे और चौपदरी किए जा रहे है। रेलवे के कमाऊं पूत, मालगाड़ियों के लिए समर्पित मार्ग अलगसे बनाए जा रहे है ताकि यात्री गाड़ियाँ बढाई जा सके। हवाई क्षेत्र के परिवाहन में भी यात्री संख्या के नए कीर्तिमान बन रहे है। हर तरह के परिवाहन व्यवस्था को चाकचौबंद करने की तमाम कोशिशें की जा रही है। मगर इनको जितना वक़्त लगना है, जरूर लगेगा और तब तक ‘तत्काल टिकट’ मिलना एक तरह की लॉटरी ही रहेगी।