





पूर्वोत्तर रेलवे के कामख्या कोचिंग डिपो ने रेग्युलर डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड के उपयुक्त बनाया है।
यह डिब्बे इस तरहसे मॉडीफाई किए गए है कि जिसमे मेडीकल इक्विपमेंट, पर्दे, स्नानघर, वैद्यकीय सुविधा प्रदान करने के लिए पर्याप्त जगह, मरीज के लिए उपयुक्त एकान्तवास जो कोरोना संक्रमण के फैलने से उसे बचाए रख सके।








मित्रों, आपको लग रहा होगा जब गाड़ियाँ चल ही नही रही है तो यह बिनामतलब की बातें क्यों? न गाड़ियाँ चल रही है, न कोई यात्री, वेंडर्स प्लेटफॉर्म्स पर है तो अनुशासन का पाठ किसे पढ़ाना है?
ऐसा है, 14 अप्रेल तक गाड़ियाँ बन्द है, लेकिन 15 अप्रेल से आगे की अग्रिम आरक्षण तो IRCTC पर शुरू हो गयी है और वेटिंग लिस्ट के आँकड़े भी 500 – 600 नम्बर्स छूने लग गए है। हम यात्रिओंको आग्रह करते है, आपका बेहद जरूरी काम हो तो ही रेल में, रोडपर यात्रा करने का विचार करें। हो सके जितना घर से बाहर निकलना टालना है। पर्यटन, छुट्टियां, गेट टुगेदर को अगली छुट्टियोंतक पोस्टपोन कर दे।
रेल प्रशासन से भी पूर्ण विनम्रतासे आग्रह है, कृपया प्रतिक्षासूचीवाली व्यवस्था बिल्कुल बन्द कर कीजिए। कोई भी आरक्षित टिकट RAC या वेटिंगलिस्ट जारी नही किया जाना चाहिए। साथ ही सभी गाड़ियोंमे से अनारक्षित द्वितीय श्रेणी बन्द कर दीजिए। सभी यात्री गाड़ियाँ केवल आरक्षित डिब्बे वाली ही रहे, द्वितीय श्रेणी में भी आरक्षित कुर्सियान की व्यवस्था हो।कोई भी यात्री बिना आइडेंटिटी के यात्रा नही करना चाहिए और यह तभी मुमकिन है, जब गाड़ियोंमे केवल आरक्षित डिब्बे ही उपलब्ध कराए जाएं। न ही गाड़ियोंमे बल्कि रेलवे के अहाते में, प्लेटफॉर्म्स पर भी बिना परिचयपत्र के कोई भी व्यक्ति नही घूमना चाहिए। इससे रेल प्रशासन को यह पता रहेगा रेलवे एरिया, प्लेटफार्म पर, गाड़ियोंमे कितने यात्री है, कौन है, उनकी यात्रा की हिस्ट्री क्या है। यह कोरोना संक्रमण को नियंत्रित रखने का सबसे उपयुक्त तरीका रहेगा।
यह 14 अप्रेल तक जो अनुशासन हम भारतीय जनता ने अपने अपने घरोंमें रहकर, व्यक्तिगत सम्पर्क टालकर सीखा है उस अनुशासन को आगे भी शुरू रखना जरूरी है।
Wash your hands, without touching tap.
हमारे रेलवे स्टाफ़ द्वारा , नल को हाथ लगाये बिना हाथ ऐसे धोये जा सकते हैं इसकी तकनीक बनाई है।
शादी ब्याह का सीजन था, तो किसी की छुटियोंमें घूमने की प्लानिंग। सब धरी की धरी रह गयी। बच्चे और बच्चोंकी मम्मियाँ अलग कान खा रही, हमारी तो धुपकाले की छुट्टियाँ ही गोल हो गयी। इतनी परेशानियाँ कम थी की टिकट कैंसिल कराने का झमेला अलग ही दिमाग की दही कर रहा है।
भाईयों, परेशान होने की कौनो जरूरत नाही, हम हियां तोहार वास्ते ही बइठे रहल। हाँ जी, हम आपको सारी बाते समझा देते है, की क्या करना होगा अपनी टिकटोंका रिफण्ड के लिए।
देखिए सबसे पहले यदि आपकी ई टिकट है तो आप बिलकुल ही बिल्कुल चिंतामुक्त हो जाइए। गाड़ी कैंसिल होगी तो अपने आप ही आपका सारा पैसा आपने जिस अकाउंट से टिकट बनवाया था उसमें जमा कर दिया जाएगा। क्योंकी ई टिकट का लेनदेन डिजिटल होता है, आपका अकाउंट IRCTC के पास है। इधर गाड़ी कैंसिल हुई और 2-4 दिनोंमें आपका रिफण्ड खातोंमें जमा। बस आपको यह करना है खुद ई टिकट को कैंसिल नही करना है। जो आप करने का प्रयत्न करोगे तो कैंसलेशन चार्जेस लग जाएंगे। जब गाड़ियाँ तो रद्द की ही गयी है, तो रिफण्ड भी अपने आप आने दे, समझे?
अब रही PRS टिकट की बात। इसमें भी आप को अपने यात्रा की तारीख तक इंतजार करना है। उसके बाद 139 रेलवे पूछताछ नम्बर पर अपने आरक्षण फॉर्म भरते वक्त जो फोन नम्बर दर्ज करवाया था उसी नम्बर से डायल करें। जैसे जैसे आपको हिदायतें मिलेंगी वैसा कीजिए। IRCTC की ओरसे आपको PNR पूछा जाएगा और ट्रेन नम्बर भी पूछा जाएगा। उसके बाद आपके मोबाइल पर एक ओटीपी ( वन टाइम पासवर्ड ) आएगा जिसे आपको IRCTC को बताना होगा। बस हो गया। आपको मैसेज आ जायेगा की आपकी टिकट कैसल हो चुकी है आपको काउन्टर पर जाकर रिफण्ड का पैसा ले लीजिए।
139 पर SMS के जरिए भी टिकट कैंसलेशन होतया है। अपने वहीं मोबाइल नम्बर से जो आरक्षण फॉर्म में दर्ज है, आपको 139 को SMS करना है। अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स में CANCEL एक स्पेस अपना PNR नम्बर एक स्पेस अपना गाड़ी नम्बर लिखिए और भेज दीजिए। फौरन आपको एक ओटीपी आएगा, उसे भी कैपिटल में OTP एक स्पेस जो ओटीपी आया है उसे लिखेंगे और भेज दीजिए। जबाब में आपको टिकट कैंसिल का मैसेज आ जाएगा। बस उसे काउन्टर पर दिखाए और अपना रिफण्ड का पैसा ले लीजिए। ध्यान रहे, 14 तारीख तक की रद्द गाड़ियोंका पैसा रिफण्ड लेने के लिए लम्बी अवधि दे दी गयी है। अपनी यात्रा की तिथि से 3 माह तक आप अपना रिफण्ड ले सकते है तो वहाँ जाकर भीड़ करने की बिल्कुल भी जरूरत नही है। इत्मिनान से जाइये और आराम से अपना पैसा रिफण्ड ले लीजिए। रेलवे की ओर से रद्द की गई गाड़ियोंमे कोई भी रद्दीकरण शुल्क नही कटेगा, पूरा की पूरा पैसा वापिस होगा।
एक TDR भी पद्धति है। TDR याने टिकट डिपॉजिट रिसीट। इसके लिए आपको आरक्षण ऑफिस जाना होगा। वहाँपर आपको आपका टिकट देख कर TDR दर्ज कराने कहा जाएगा और एक फॉर्म दिया जाएगा। यह वही TDR फॉर्म है। इसको गाड़ी नम्बर, PNR नम्बर वगैरा लिख कर वाणिज्य स्टेशन मास्टर के पास स्टैम्प करा के सम्बंधित CCM याने झोन के मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक को भेजना होगा। उसके बाद आपको आपके रिफण्ड की मनी रिसीट मिलेगी जो काउन्टर पर कैश की जा सकेगी।