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नंदुरबार, अमलनेर को पुणे से जोड़ेगी पुणे बल्हारशाह पुणे पश्चिम रेलवे की हॉलिडे स्पेशल

पश्चिम रेलवे की एक अजब गजब रूट वाली हॉलिडे स्पेशल गाड़ी की घोषणा की है।

02049 पुणे बल्हारशहा हॉलिडे एक्सप्रेस यह गाड़ी दिनांक 03 मार्च से 31 मार्च तक हर मंगलवार को पुणे से शाम 17.30 को चलेगी और दूसरे दिन दोपहर 14.25 को बल्हारशहा पोहोंचेगी।

02050 बल्हारशहा पुणे हॉलिडे एक्सप्रेस दिनांक 04 मार्च से 01 अप्रेल तक हर बुधवार को शाम 18.15 को बल्हारशहा से चलेगी और दूसरे दिन शाम 17.00 बजे पुणे पोहोचेंगी।

इस गाड़ी में 4 द्वितीय श्रेणी, 8 स्लिपर क्लास, 1 वातानुकूल टू टियर, 5 वातानुकूल थ्री टियर, 2 एसएलआर ऐसे कुल 20 डिब्बे रहेंगे।

इसका गाड़ी का मार्ग काफी अलग है। पुणे से बल्हारशहा के बीच यह गाड़ी लोनावला, कल्याण, वसई रोड़, विरार, पालघर, वापी, नवसारी, भेस्तान, चलठान, नंदुरबार, अमलनेर, धरनगाव, जलगाँव, भुसावल, मलकापुर, शेगांव, अकोला, बडनेरा, धामनगाव, वर्धा, हिंगणघाट, चंद्रपुर स्टेशनोंपर रुकेगी।

1172 km के इस मार्गपर सूरत भुसावल ताप्ती सेक्शन पर चलाई जाने वाली पुणे को जोड़ने वाली यह पहली गाड़ी है।

इसकी समयसारिणी, परिपत्रक देखे।

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भुसावल पुणे भुसावल हुतात्मा एक्सप्रेस फिरसे अहमदनगर होकर

उदय जोशी, भुसावल द्वारा


भुसावल – पुणे / पुणे – भुसावल हुतामा एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन, और हफ्ते भर नही चलेगी अपने निर्धारित मार्गपर।

मध्य रेल दिनांक 06.03.2020 तक अप लाइन पर मंकी हिल और कर्जत के बीच दक्षिण-पूर्व घाट पर इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्य करेगा। इसके कारण गाड़ियों के चलने का पैटर्न निम्नानुसार होगा:

गाड़ियों का परावर्तित मार्ग, दौड़ कॉर्ड लाइन -मनमाड

मध्य रेलवे के सुत्रोंके हवाले से पता चलता है की,

• गाड़ी क्रमांक – 11025 अप भुसावल-पुणे एक्सप्रेस दिनांक 26.02.2020 से 06.03.2020 तक
• गाड़ी क्रमांक – 11026 डाउन पुणे-भुसावल एक्सप्रेस दिनांक – 26.02.2020 से 06.03.2020 तक पुणे – दौंड बाईपास – अहमदनगर – मनमाड़ – भुसावल इस मार्ग से चलना है। नासिक, इगतपुरी, कल्याण, पनवेल, कर्जत, लोनावला और चिंचवड़ के यात्रिओंको अब 06 मार्च तक इस गाड़ी का इंतजार करना होगा।

यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि वे इस पर ध्यान दें और इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्य के कारण होने वाली असुविधा के लिए रेल प्रशासन को सहयोग दें ।

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स्पीडअप होंगी गाड़ियाँ

भारतीय रेल पर चौतरफ़ा रेल अनुरक्षण, विस्तार, गेज बदलना, विद्युतीकरण ऐसे विकासात्मक कार्य शुरू है। कहीं आठ दिन, कहीं पन्द्रह दिन गाड़ियाँ बन्द है। कई मार्गोंपर पैसेंजर ट्रेन महीनों बन्द है तो कई गाड़ियाँ घूमकर, रुकवाकर चलाई जा रही है। यात्री भी जानते है, जब सुविधाओंका निर्माण किया जा रहा है तो कुछ परेशानी झेलनी पड़ेगी।

मित्रों, इस सब्र के फल बड़े मीठे मिलने वाले है। रेलवे का टाइम टेबल हमेशा जुलाई से बनता है। जो भी व्यापक परिवर्तन गाड़ियोंके समय मे किए जाते है, वह इसी वक्त किए जाते है।

आने वाले जुलाई से तय है की कई गाड़ियोंके समय बदलेंगे और गाड़ियोंकी स्पीड बढनेसे गाड़ियोंका विस्तार भी होगा, मार्ग भी बदलेंगे, स्टोपेजेस भी कम किए जाएंगे और इन सब कारणोंसे गाड़ियोंके मार्ग समय भी कम होंगे।

इसका पहला रिजल्ट देख लीजिए, मध्य रेलवे ने चेन्नई की ओर चलने वाली तीनों गाड़ियोंके समय मे जुलाई से कमी कर नया टाइम जारी किया है।

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मध्य और पश्चिम रेलवे की होली के अवसर पर विशेष गाड़िया।

मध्य रेलवे प्रशासन की तरफ होली के अवसर पर अतिरिक्त यात्री की भीड़ भाड को कम करने के लिए विशेष गाड़िया चलाने का निर्णय लिया गया है। वह निम्न प्रकार से है।
1) लोकमान्य तिलक टर्मिनस – पटना विशेष गाड़ी ( 02 फेरी )
गाड़ी क्रमांक – 02041 डाउन लोकमान्य तिलक टर्मिनस – पटना विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर गुरुवार दिनांक – 05.03.2020 और दिनांक 12.03.2020 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुबह 05.10 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन सुबह 11.20 बजे पटना पहुचेंगी .
गाड़ी क्रमांक – 01104 अप पटना – लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर शुक्रवार को पटना से दिनांक – 06.03.2020 और दिनांक 13.03.2020 को 21.00 बजे प्रस्थान करके तीसरे दिन सुबह 04.10 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुचेंगी .
ठहराव
ठाणे , कल्याण , इगतपुरी , नासिक , भुसावल , हरदा , इटारसी , पिपरिया , गाडरवारा , नरसिंगपुर , मदनमहल , जबलपुर , कटनी , मैहर , सतना , मानिकपुर , अलाहबाद छोइकी , पंडित दिन दयाल उपाध्याय जंक्शन , बक्सर , आरा यह जगह रुकेगी .
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 3 वातानुकूलित 3 टियर , 14 कोच स्लीपर क्लास , 3 बोगी साधारण श्रेणी .
2) लोकमान्य तिलक टर्मिनस – वाराणसी विशेष गाड़ी ( 02 फेरी )

गाड़ी क्रमांक – 01117 डाउन लोकमान्य तिलक टर्मिनस – वाराणसी विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर रविवार दिनांक – 08.03.2020 और दिनांक -15.03.2020 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस 23.05 बजे प्रस्थान करके तीसरे दिन सुबह 06.15 बजे वाराणसी पहुचेंगी।
गाड़ी क्रमांक – 02048 अप वाराणसी – लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर मंगलवार दिनांक – 10.03.2020 और दिनांक -17.03.2020 को वाराणसी से सुबह 08.00 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन सुबह 08.20 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुचेंगी .
ठहराव
ठाणे , कल्याण , इगतपुरी , नासिक , भुसावल , खंडवा , हरदा , इटारसी , पिपरिया , गाडरवारा , नरसिंगपुर , मदनमहल , जबलपुर , कटनी , मैहर , सतना , मानिकपुर , अलाहबाद छोइकी यह जगह रुकेगी .
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 3 वातानुकूलित 3 टियर , 14 कोच स्लीपर क्लास , 3 बोगी साधारण श्रेणी .
3) लोकमान्य तिलक टर्मिनस – मऊ विशेष गाड़ी ( 2 फेरी )

गाड़ी क्रमांक – 02043 डाउन लोकमान्य तिलक टर्मिनस – मऊ विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर शनिवार को दिनांक – 07.03.2020 और दिनांक -14.03.2020 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुबह 05.10 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन सुबह 09.50 बजे मऊ पहुचनेगी .
गाड़ी क्रमांक – 01120 अप मऊ – लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर रविवार को दिनांक – 08.03.2020 और दिनांक -15.03.2020 को मऊ से 19.25 बजे प्रस्थान करके तीसरे दिन लोकमान्य तिलक टर्मिनस सुबह 05.00 बजे पहुचनेगी .
ठहराव
ठाणे , कल्याण , इगतपुरी , नासिक , भुसावल , खंडवा , हरदा , इटारसी , होशंगाबाद , भोपाल , विदिशा , बिना , सागर , दमोह , कटनी मुरवारा , मैहर , सतना , मानिकपुर , अलाहबाद छोइकी , वाराणसी , यह जगह रुकेगी
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 3 वातानुकूलित 3 टियर , 14 कोच स्लीपर क्लास , 3 बोगी साधारण श्रेणी

4) पुणे – दानापुर विशेष गाड़ी ( 02 फेरी )
गाड़ी क्रमांक – 01123 डाउन पुणे – दानापुर विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर रविवार को पुणे से दिनांक – 08.03.2020 और दिनांक -15.03.2020 को पुणे से 16.15 बजे प्रस्थान करके तीसरे दिन रात 01.30 बजे दानापुर पहुचनेगी .
गाड़ी क्रमांक – 01124 अप दानापुर – पुणे विशेष गाड़ी बुधवार और मंगलवार दिनांक – 11.03.2020 और दिनांक – 17.03.2020 को दानापुर से सुबह 06.30 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन 15.40 बजे पुणे को पहुचनेगी .
ठहराव
अहमदनगर , बेलापुर , कोपरगाँव , मनमाड , भुसावल , खंडवा , हरदा , इटारसी , पिपरिया , गाडरवारा , नरसिंगपुर , मदनमहल , जबलपुर , कटनी , मैहर , सतना , मानिकपुर , अलाहबाद छोइकी , पंडित दिन दयाल उपाध्याय जंक्शन , बक्सर , आरा यह जगह रुकेगी .
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 3 वातानुकूलित 3 टियर , 14 कोच स्लीपर क्लास , 3 बोगी साधारण श्रेणी .
5) पुणे – बल्लारशाह विशेष गाड़ी ( 05 फेरी )
गाड़ी क्रमांक – 02049 डाउन पुणे – बल्लारशाह विशेष गाड़ी यह गाड़ी दिनांक – 03.03.2020 से दिनांक – 31.03.2020 तक हर मंगलवार को पुणे से 17.30 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन 14.25 बजे बल्लारशाह पहुचेंगी।

गाड़ी क्रमांक – 01480 अप बल्लारशाह – पुणे विशेष गाड़ी यह गाड़ी दिनांक –04.03.2020 से दिनांक – 01.04.2020 तक हर बुधवार को बल्लारशाह से 18.15 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन 17.00 बजे पुणे स्टेशन पहुचेंगी .
ठहराव
लोनावाला , कल्याण , वसई रोड , पालघर , वापी , नवसारी , भेट , चलथान , नंदुरबार , अमलनेर , धरनगांव , जलगाँव , भुसावल , मलकापुर , शेगांव , अकोला , बडनेरा , धमनगाँव , वर्धा , हिगनघाट , चंद्रपुर यह जगह रुकेगी .
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 5 वातानुकूलित 3 टियर , 8 कोच स्लीपर क्लास , 4 बोगी साधारण श्रेणी।

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भारतीय रेल प्रबंधन :- ऐसा सब कुछ जो हर भारतीय को जानना चाहिए।

भारतीय रेलवे के प्रबंधन के बारे में कुछ भौतिक तथ्य,
जो सभी भारतीयों को ज्ञात होने चाहिए !
क्योंकि रेलवे भारत सरकार व विश्व का सबसे बड़ा उपक्रम है ॥

(०1.) इंजीनियरिंग विभाग :—

रेल चलाने के लिये सबसे पहले रेलवे लाइन डालनी होती है। यह काम रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग करता है। इस विभाग में तीन विंग हैं 1) पी वे (Permanent Way) इसका काम है रेल लाइन विछाना एवं उसका अनुरक्षण करना। 2) भवन निर्माण(works) इस विंग का काम है रेलवे के आफिस एवं कर्मचारियों के लिये क्वार्टर बनाना एवं उनका अनुरक्षण करना। 3) पुल (Bridge) रेल लाइन पर पड़ने वाली छोटी बड़ी सभी नदियों पर पुल बनाना एवं उसका अनुरक्षण करना।

(०2,) मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग :—

इस विभाग का काम है सवारी गाड़ी एवं मालगाड़ियों के डिब्बे बनाना एवं उनका अनुरक्षण करना। डीजल इंजन बनाना एवं उनका अनुरक्षण भी इसी विभाग का काम है। बिजली के एंजिन आने से इस विभाग का काम थोड़ा कम हुआ है क्योंकि यह काम बिजली विभाग में चला गया। ट्रेन एक्सीडेंट के समय जो एक्सीडेंट रिलीफ वैन ट्रेन आती है, वह इसी विभाग का काम है। इस काम के लिए बड़ी बड़ी क्रेनें और टूल्स एण्ड प्लांट खरीदे जाते हैं, जो कि स्टोर विभाग खरीदता है। उसके बारे में हम आगे बात करेंगे।

(०3.) इलैक्ट्रीकल इंजीनियरिंग विभाग:—

इस विभाग में चार विंग होते हैं।
(1) इलैक्ट्रीकल (जनरल):- इसमें आफिस एवं क्वार्टर की सामान्य बिजली व्यवस्था करना और उसका अनुरक्षण करना होता है।
(2) इलैक्ट्रीकल (टी आर डी) – इस विंग का काम रेलवे ट्रेन को बिजली के एंजिन से चलाने के लिए ट्रैक्शन उपरिउपस्कर का निर्माण एवं उसका अनुरक्षण करना होता है।
(3) इलैक्ट्रीकल (टी आर एस) – इस विंग का काम होता है बिजली के एंजिनों का अनुरक्षण और ई एम यू (EMU) ट्रेन के रैकों का अनुरक्षण।
(4) इलैक्ट्रीकल (परिचालन) – इस विंग का काम होता है बिजली के ट्रेन के एंजिनों एवं लोको पायलटों को ट्रेनों के लिए उपलब्ध कराना और बिजली की ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित करना।

(०4.) सिगनल एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग :-

ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए सिगनल और कम्युनिकेशन व्यवस्था चाहिए। यह काम इस विभाग के जिम्मे होता है। इस कार्य में भी दो विंग हैं।
(1) सिगनल – नये स्टेशनों पर सिगनल प्रणाली लगाना, पुराने स्टेशनों की पुरानी सिगनल प्रणाली का अपग्रेडेशन करना एवं उसका अनुरक्षण करना।
(2) टैलीकम्यूनिकेशन – इस विंग का काम रेलवे की अपनी संचार व्यवस्था का निर्माण करना और उसका अनुरक्षण करना। रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम के उपकरणों कम्प्यूटर, मानीटर वगैरह, इलोक्ट्रौनिक ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड को लगाना एवं उनका अनुरक्षण करना।

(०5.) परिचालन विभाग:—

इस विभाग का काम है सभी तरह की ट्रेनों का परिचालन करने की व्यवस्था करना। सभी जंक्शन स्टेशनों और रोड साइड स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर, पाइंट्स मैन आदि पोस्ट करना।

(०6.) वाणिज्य विभाग :—

इस विभाग का काम है रेलवे की समस्त वाणिज्यिक व्यवस्था की देख रेख करना जैसे – साधारण टिकट बुकिंग, आरक्षित टिकटों की बुकिंग, माल बुकिंग, पार्सल बुकिंग, रेलवे खान पान व्यवस्था आदि आदि।

(०7.) कार्मिक विभाग :—

जब इतने विभाग हैं तो उनमें कर्मचारी भी होंगे।
उन कर्मचारियों को भरती करने की प्रक्रिया आर आर बी के द्वारा करना। उनकी पोस्टिंग, ट्रांसफर, वेतन भत्तों की व्यवस्था करना इसी विभाग का काम है।

(०8.) लेखा विभाग :—

रेलवे के हर विभाग के आय व्यय की देखभाल करना इसी विभाग का काम है। यह देखना कि हर विभाग अपने बजट के अन्दर ही काम करे। कर्मचारियों के वेतन को पास करके उनके बैंक खातों में भिजवाना, ठेकेदारों के बिल पेमेण्ट करना भी इसी विभाग का काम है।

(०9.) स्टोर विभाग :—

रेलवे के सभी विभागों के लिए उनके द्वारा भेजे गये माँगपत्रों के अनुसार सामग्री खरीदना टेन्डर प्रक्रिया द्वारा। यह भी बहुत बड़ा काम है। कुछ बड़े और ज्यादा मंहगे सामानों की खरीद रेलवे बोर्ड करता है। छोटी खरीदें हर विभाग के डिविजनल प्रमुख अधिकारी भी करते हैं। इस सबके लिए ‘सैड्यूल आफ पावर’ किताब है, उस हिसाब से सब अपनी अपनी क्षमता के अनुसार सामग्री खरीदते हैं।

(10.) मेडीकल विभाग :—

रेलवे के अपने अस्पताल और डाक्टर होते हैं। रेलवे अपने कर्मचारियों का खुद इलाज करती है और समय समय पर कार्यरत कर्मचारियों की विभागीय मेडीकल परीक्षण भी होता है।

  1. सुरक्षा विभाग (RPF) – रेलवे की सम्पत्ति की देखभाल और रक्षा करना इस विभाग का कार्य है। चलती गाड़ी में भी RPF स्टाफ चलता है। रेलवे यात्रियों के साथ हुई वारदातों (क्राइम) के लिए राज्य सरकार से रेलवे की ड्यूटी हेतू पुलिस ली जाती है, जिसे GRP – Government Railway Police कहते हैं।

इन 11 विभागों से रेलवे का संचालन होता है। और इसके प्रबंधन के लिए हर विभाग में एक डिवीजनल प्रबंधक या इंजीनियर होता है। उसको सहायता करने के लिए 4–6 और सहायक अधिकारी होते हैं। इन सारे विभागों को एक अधिकारी कमाण्ड करता है उसे मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कहते हैं। मंडल में एक या दो ADRM भी होते हैं जो DRM की सहायता करते हैं।

यह तो हुई रेलवे के एक मंडल (डिवीजन) की प्रबंधन व्यवस्था। रेलवे में इस प्रकार के 73 डिविजन हैं।
इन डिवीजनों को भूगोलीय स्थिति के हिसाब से 17 जोन्स (क्षेत्र) में बाँटा गया है।
एक जोन में 3 से 6 तक डिवीजन होते हैं।

रेलवे के हर एक जोन का सबसे बड़ा अधिकारी महाप्रबंधक (General Manager) होता है। महाप्रबंधक को 11 विभागों के विभाग प्रमुख सहायता करते हैं। जोनल आफिस का काम अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले हर डिवीजन की देखभाल करना है। प्रत्येक DRM अपने GM को रिपोर्ट करता है। GM आफिस के अधिकारियों के अधिकार ज्यादा होते हैं।

प्रत्येक GM आफिस रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट करता है। रेलवे बोर्ड नई दिल्ली में स्थित रेलवे का सबसे बड़ा आफिस है। रेलवे बोर्ड में सबसे बड़ा अधिकारी चेयरमैन रेलवे बोर्ड होता है। उसके अन्डर में 5 मेम्बर रेलवे बोर्ड होते हैं। एक फायनेनसियल कमिश्नर होता है। इन सबको सहायता करने के लिए हर विभाग के कई लेवल के कई अधिकारी होते हैं। क्लैरीकल स्टाफ होता है। CRB भारत सरकार के रेल मंत्री को रिपोर्ट करता है।

इसके अलावा पूरे भारत भर में कई प्रोडक्शन यूनिट हैं, जिनमें से कुछ मुख्य के नाम में नीचे लिख जा रहा है ।

1) इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ICF- पेरम्बूर चेन्नई में।
यहाँ सवारी डिब्बे बनते हैं।

2) रेल कोच फैक्ट्री RCF- कपूरथला में।
यहाँ भी सवारी डिब्बे ही बनते हैं।

3) मॉडर्न कोच फैक्ट्री MCF- रायबरेली
यहाँ भी सवारी डिब्बे बनते है।
4) डीजल लोकोमोटिव वर्कशॉप DLW – वाराणसी
पहले डीजल और अब विद्युत इंजन बनते हैं ।

5) चितरंजन इलैक्ट्रिक लोकोमोटिव वर्कशाप CLW – चितरंजन।

6) वहील एण्ड प्लाण्ट वर्कशॉप RWF – बैंगलोर।

7) स्प्रिंग फैक्ट्री – सिथोली, ग्वालियर।

8) डीजल इंजन कम्पोनेंट वर्कशॉप DMW- पटियाला।

इसके अलावा हर जोन के पास अपने रिपेयरिंग वर्कशॉप होते हैं। जोनल ट्रेनिंग सेन्टर होते हैं, जहाँ स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाती है। अधिकारियों के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट अलग है। अधिकारियों के लिए वडोदरा में रेलवे स्टाफ कालेज है। लखनऊ में RDSO – रिसर्च डिजाइन एवं स्टैण्डर्ड आर्गेनाइजेशन है।
अभी पिछले कुछ वर्षों में मधेपुरा (बिहार) में भी वर्कशॉप खुले हैं।

रेलवे एक बहुत बड़ा संगठन है उसके प्रबंधन के लिए अपने अल्प ज्ञान से ऊपर जो कुछ भी लिखा गया है, वह बहुत कम है। हर विभाग के ऊपर एक नहीं, कई-कई किताबें लिखी जा सकती हैं। लेकिन एक आम भारतीय को इतना समझ लेना भी काफी है।