
Cancellation / diversion / regulation of trains running through WR, due to FARIDABAD rail block.


Due to non-interlocked work programme at Faridabad railway station in Mathura – Hazrat Nizamuddin section of Northern Railway, trains will be cancelled / diverted / rescheduled as detailed.
A. Full Cancellation of Train Services
B. Diversion of Train Services
C. Rescheduling of Train Services
दक्षिण मध्य रेलवे के नान्देड डिवीजन में अकोला – पूर्णा प्रमुख रेल मार्ग में आता है। 207 किलोमीटर और सिंगल लाइन वर्किंग वाले इस मार्ग का दोहरीकरण और विद्युतीकरण दोनोंही काम द.म. रेलवे के प्रमुख कार्य लिस्ट में है।
अकोला पूर्णा के बीच 6 सकरी गाड़ियाँ, आने जाने वाली रोजाना चलती है, इसके अलावा 28 एक्सप्रेस / सुपरफास्ट गाड़ियाँ और 3,4 स्पेशल गाड़ियाँ इस मार्ग पर चलती है। किसी जमाने मे यह मार्ग मीटर गेज छोटी लाइन और दक्षिण के हैदराबाद से महाराष्ट्र के पूर्णा, अकोला, आकोट मध्यप्रदेश के खण्डवा, इंदौर, रतलाम राजस्थान के भीलवाड़ा, चित्तौड़, अजमेर, जयपुर को जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग हुवा करता था। हैदराबाद के काचेगुड़ा स्टेशन से जयपुर के लिए मिनाक्षी एक्सप्रेस चला करती थी जो यात्रिओंकी बेहद पसंदीदा गाड़ी हुवा करती थी।
पूर्व रेल मंत्री सी. के. जाफ़र शरीफ के कार्यकाल में यूनिगेज नामक देशभर में एकही गेज, ब्रॉड गेज करने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू हुवा और इस मार्ग की पटरियाँ उखड़नी शुरू हुई। अलग अलग सेक्शन बनाकर काम शुरू हुवा। काचेगुड़ा से मुदखेड़, मुदखेड़ से पूर्णा, पूर्णा से अकोला ऐसे लाईनें ब्रॉड गेज होती गयी और इस गेज कन्वर्शन में मीनाक्षी एक्सप्रेस कहीं खो गयी। हालांकी इन दोनों स्टेशनोंको जोड़ने वाली हैदराबाद जयपुर एक्सप्रेस दो अलग मार्गोंसे सप्ताह में दो दिन हैदराबाद – नान्देड – अकोला – भुसावल बाईपास – खण्डवा – इटारसी – भोपाल – उज्जैन – रतलाम – चित्तौड़गढ़ – अजमेर – जयपुर तो दूसरी सप्ताह में एक दिन हैदराबाद – नान्देड – परभणी – औरंगाबाद – मनमाड़ – भुसावल – खण्डवा होते हुए चलाई जाती है।
दोनों ओरसे याने जयपुर और काचेगुड़ा से गेज कन्वर्शन शुरू किया गया था। आज की यह स्थिति है, जयपुर – अजमेर – चित्तौड़गढ़ – रतलाम – इन्दौर – महू यह मार्ग बड़ी लाइन में बदल चुका है और कई एक्सप्रेस / सुपरफास्ट गाड़ियाँ चल रही है। महू – खण्डवा – आकोट यह सेक्शन वन क्षेत्र, पहाड़ी जमीन के चलते गेज कन्वर्शन का कार्य रुक रुक कर चल रहा है तो आकोट – अकोला लगभग पूर्णत्व के मार्ग पर है, आशा है अप्रेल मई में शुरू हो जाएगा। आगे अकोला – पूर्णा – नान्देड – निजामाबाद – काचेगुड़ा बड़ी लाइन है और अब उन्नति की ओर करवट बदल रही है। बीच के छोटे छोटे सेक्शनपर दोहरीकरण और अकोला से पूर्णा का विद्युतीकरण किया जा रहा है। रेल प्रशासन का आग्रह है की देशभर के सभी रेल मार्ग का विद्युतीकरण वर्ष 2023 तक पूरा हो जाना चाहिए। अतः इस मार्ग पर निर्धारित समय मे यात्रिओंको अपनी पुरानी मीनाक्षी एक्सप्रेस जरूर दौड़ती नज़र आनेवाली है।
बांद्रा से बरौनी के लिए, उधना, नंदुरबार, जलगाँव, भुसावल, इटारसी, जबलपुर, प्रयागराज छिवकी, दीनदयाल उपाध्याय जं, पाटलिपुत्र होते हुए बरौनी और बांद्रा से गया के लिए, उधना, नंदुरबार, जलगाँव, भुसावल, इटारसी, जबलपुर, प्रयागराज छिवकी, सासाराम, देहरी ऑन सोन होते हुए गया के लिए हमसफ़र विशेष गाड़ियाँ चलाई जा रही है। कृपया विस्तृत जानकारी परिपत्रक में देखे।


दानापुर मंडल के किउल स्टेशन पर प्रि एन आई, एन आई और पोस्ट एन आई काम दिनांक 14 फरवरी से लेकर 02 अप्रैल 2020 तक होना है। यार्ड रीमॉडलिंग संबंधी कार्य के कारण दिल्ली की ओर जाने वाली गाड़ियोंका निरस्त / आंशिक निरस्त / मार्ग परिवर्तन और रेग्युलेट किया जाएगा।
यात्रिओंसे निवेदन है, निम्नलिखित परिपत्रक को देखें और अपनी रेल यात्रा का समुचीत नियोजन करे।
