



DFCCIL याने डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड भारतीय रेल की उपकम्पनी है। यह कम्पनी भारतीय रेलवे के लिए ऐसा महत्वकांक्षी फ्रेट कॉरिडोर बना रही है जो पूरे भारतीय रेलवे के ट्रैफिक के मायने बदल देगा।
इस कॉरिडोर पर 120 km प्रति घंटे से मालगाड़ियाँ चलाई जाएगी। इससे न सिर्फ मालगाड़ियोंकी मुव्हमेंट तेजीसे होगी बल्कि मौजूदा लाइनपर जो अतिरिक्त ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और अलगसे यात्री गाड़ियाँ भी जरूरत के हिसाब से चलाई जा सकेगी।
DFC का पूर्व कॉरिडोर पंजाब के लुधियाना से बेंगाल के कोलकाता दानकुनी तक 1839 km का है। पंजाब, लुधियाना से चलकर हरियाणा, दादरी होते हुए खुर्जा उत्तरप्रदेश बिहार, झारखण्ड तक होते हुए बंगाल तक जाएगा। लुधियाना से खुर्जा 400 km का विद्युतीकरण वाला ट्रैक पर गाड़ियाँ चल पड़ी है। इसमें जो दादरी स्टेशन है वह WDFC याने पश्चिम फ्रेट कॉरिडोर का एक सिरा है। वहाँसे WDFC की शुरुवात होती है जो देश की राजधानी दिल्ली को आर्थिक राजधानी मुम्बई से जोड़ता है। यह 1483 km का मार्ग दादरी हरियाणा से राजस्थान, गुजरात होते हुए महाराष्ट्र मुम्बई के JNPT तक आएगा। आइये कुछ तस्वीरों से समझे,









जलगाँव : कोयलेसे भरी मालगाड़ी के एक डिब्बेमे आज दोपहर साढ़े बारह बजे जलगाँव से छूटने के बाद धुँवा दिखाई दिया। उपरोक्त गाड़ी भुसावल से सूरत की ओर जा रही थी। जलगाँव महापालिका के अग्निशमन विभाग के कर्मचारिओं ने तत्परतासे मामला आग तक जाने से बचा लिया।




केंद्रीय बजट के सन्दर्भ में चल रही चर्चाओंमें, रेलवे बोर्ड अध्यक्ष व्ही के यादव ने इस बजट में रेलवे के योगदान की खबर देते हुए बताया, मुम्बई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन दिसम्बर 2023 तक शुरू कर दी जाएगी।
मुम्बई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के जैसे छह और बुलेट ट्रेनोंके रेल मार्गोंका निर्माण किया जाएगा। जिसमे दिल्ली – नोएडा – आग्रा – लखनऊ – वाराणसी (865km), दिल्ली – जयपुर – उदयपुर – अहमदाबाद (886 km), मुम्बई – नाशिक – नागपुर (753), मुम्बई – पुणे – हैदराबाद (711km), चैन्नई – बेंगलुरू – मैसूरु (435km), दिल्ली – चंड़ीगढ़ – लुधियाना – जलंधर – अमृतसर (459km) इन छह मार्गोंका रेलवे प्रथमतः सर्वे करेगी, सभी वाणिज्यिक और व्यवहारिक दृष्टिकोण पर कसा जाएगा और परिणामस्वरूप निष्कर्ष के आधार पर तय किया जाएगा। देश के सभी प्रमुख रेल मार्ग भी सेमी हाई स्पीड करने की योजना है। इस योजना के तहत मौजूदा रेल मार्गोंका मजबूतीकरण करके उसपर 160km प्रति घण्टा रफ्तार से गाड़ियाँ चलाई जाएगी।
महाराष्ट्र में से दो रेल मार्ग बुलेट ट्रेन के सर्वे के लिए चुने गए है। मुम्बई – अहमदाबाद के अलावा यह दो मार्ग है। जिसमे एक मुम्बई – पुणे – हैदराबाद है और दूसरा मुम्बई – नाशिक – नागपुर है। इस दूसरे मार्ग की लम्बाई 711km बताई गई है, जो मौजूदा मुम्बई – नासिक – भुसावल – बडनेरा – नागपुर (833km)से अलग जान पड़ती है, और मुम्बई – नागपुर समृद्धि महामार्ग की लम्बाई 701km से मिल रही है। सम्भवतः यह बुलेट ट्रेन मार्ग भी इसी समृद्धि महामार्ग के एलोंग विथ याने समान्तर चलाया जा सकता है।
समृद्धि महामार्ग परियोजना महाराष्ट्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। यह मार्ग ठाणे, नाशिक, अहमदनगर, जालना, औरंगाबाद, बुलढाणा, वाशिम, अमरावती, वर्धा, नागपुर ऐसे 10 ज़िलोंसे होते हुए गुजरने वाला है।
मध्य रेलवे के भुसावल मंडल की तरफ से यात्री सुविधा के लिए भुसावल – बडनेरा के बिच में दिनांक 01.02.2020 से मेमू ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है और गाड़ी क्रमांक में बदल भी किया जाने वाला है।
गाड़ी क्रमांक – 51183 / 51184 भुसावल नरखेर भुसावल पैसेंजर का क्रमांक अब नया रहने वाला है वह इस प्रकार से है,
गाड़ी क्रमांक – 61101 भुसावल – बडनेरा मेमू ट्रेन यह दिनांक 01.02.2020 से मेमू ट्रेन के रूप में यात्री सेवा में हाजिर होगी। समय 06.30 बजे अपने पुराने समय में ही प्रस्थान करेगी और बडनेरा को 11.25 बजे पहुचेगी। उसी प्रकार गाड़ी क्रमांक – 61102 बडनेरा – भुसावल मेमू ट्रेन यह दिनांक 03.02.2020 से मेमू ट्रेन के रूप में यात्री सेवा दाखल होगी .प्रस्थान समय 13.30 बजे रहेगा।
पहले यह गाड़ी भुसावल से सीधी नरखेर जाती थी लेकिन अब यह गाड़ी बडनेरा तक जाएगी और नरखेर के लिए दुसरे क्रमांक से गाड़ी नरखेर जाएगी लेकिन यात्रीयो को गाड़ी बदल करनी की जरूरत नहीं रहेगी केवल टेक्निकल चेंज होगा जो की गाड़ी नम्बर का रहेगा। आगे की गाड़ी क्रमांक – 61103 बडनेरा – नरखेर यह रहेगा और प्रस्थान समय 12.15 बजे का रहेगा। यह गाड़ी में कुल 08 मेमू कोच रहेगे।
नरखेर – बडनेरा के लिए गाड़ी क्रमांक – 61106 यह रहेगा अपने समय से 09.15 बजे प्रस्थान करेगी और बडनेरा में 13.10 बजे आगमन होगा और वही मेमू ट्रेन भुसावल के लिए रवाना होगी गाड़ी क्रमांक 61102 के साथ भुसावल आएगी।
यात्रीगण कृपया ध्यान दे, जो भी परिवर्तन हुवा है वह केवल गाड़ी के क्रमांक में है। समय और पैसेंजर के किराए वही रहेंगे जो यात्री भुसावल नरखेड़ गाड़ी के लिए देते थे। यात्रिओंको उसी सवारी गाडीके किरायोंमे आधुनिक मेमू गाड़ीमे यात्रा करते आएगी।