सिकन्दराबाद से दरभंगा और रक्सौल के लिए स्पेशल गाड़ियाँ चलाई जा रही है, यह गाड़ियाँ नागपुर रायपुर होते हुए या बल्हारशाह गोंदिया रायपुर होते हुए चल रही है। यह नई हॉलिडे स्पेशल नागपुर इटारसी जबलपुर होते हुए चलेगी।

सिकन्दराबाद से दरभंगा और रक्सौल के लिए स्पेशल गाड़ियाँ चलाई जा रही है, यह गाड़ियाँ नागपुर रायपुर होते हुए या बल्हारशाह गोंदिया रायपुर होते हुए चल रही है। यह नई हॉलिडे स्पेशल नागपुर इटारसी जबलपुर होते हुए चलेगी।

यात्रिओंकी सुविधा के लिए अब सिर्फ 1 हेल्पलाइन नंबर 139 और रेल मदत ऐप।
आज नववर्ष के पहले दिनसे, रेल प्रशासन ने अपने अलग अलग हेल्पलाइन नंबर बंद कर के उसकी जगह 139 और रेल मदत इस ॲप के जरिए यात्री की विविध सहायता और शिकायतोंका निवारण किया जाएगा।
इसके पहले रेल्वे द्वारा शुरू किये गए 139, केटरिंग सर्विसेस (1800111 321), जनरल शिकायत नंबर 138, सावधानता (152210)(सतर्कता) सुविधा, दुर्घटना संरक्षण( 1072), क्लीन माय कोच सुविधा (58888 / 138), लघु संदेश ( 97176 30982) (एसएमएस) के जरिए की जाने वाली विविध शिकायत और कंप्लेट मॅनेजमेंट सिस्टम सहायता पोर्टल हे सब टोल फ्री नंबर और पोर्टल 1 जानेवारी 2020 से बंद किये जाएंगे।
139 यह सहायता केंद्र नंबर शुरू रखा जायेगा, रेल्वे द्वारा यात्रिओंकी सेवा में नया पोर्टल रेल मदत जारी किया जा रहा है। इस सहाय्यता पोर्टल का यात्री अपनी हर शिकायत या समस्या का समाधान पाने जे लिए कर पाएंगे।
वैसे तो रेल प्रशासन ने दिनांक 15 जुलै 2019 से ही सेंटर फोर रेल्वे इन्फॉर्मेशन सिस्टीम (CRIS) इसे लॉन्च कर दिया है। शिकायतोंका वर्गीकरण कर रेल्वे ने हर तरह की शिकायत के लिए अलग नम्बर या अलग कोड तैयार किए थे। ये लगभग तीस से भी ज्यादा सहायता नंबर (हेल्पलाइन नंबर) यात्रिओंके सामने रख दिए गए थे। लेकिन इससे यात्री अपनी शिकायत करना भूल नम्बर डायल करने में ही उलझ जाता और कही कोई गलती हो गयी तो फोन डिस्कनेक्ट हो जाता। यह ठीक उस तरह की हालत हो जाती, क्यों हमने शिकायत करने की सोची? आखिरकार रेलवे ने सीधे 139 यह नंबर और एक यूनिक पोर्टल यात्रिओंकी सेवा में जारी किया।
यह व्यवस्था तो अब बन्द हो गयी है, लेकिन आपकी जानकारी के लिए बताते है की एक आम यात्री को शिकायत करना हो तो कितनी गम्भीर समस्या उसको सहन करनी पड़ती थी।
हेल्पलाइन नंबर –
रेल्वे गाडीमध्ये पानी, बिजली, और वातानुकुलित यंत्रणा सुविधा हेतु शिकायत के लिये, औऱ गाडी का स्टेट्स, सीट्स की स्थिति के लिए 139 नम्बर।
गाडीमें सुरक्षा संबंधित सहायता के लिए 182, छोटे बच्चोंके सहायता हेतु 1098, रेल्वे अपघात होने की अवस्था मे 1072, चलती हुई गाड़ी में साफसफाई के लिये 58888, सतर्कता सहायता के लिए 155210 सामान्य शिकायत दर्ज कराने के लिये नंबर 138
कुछ नम्बर्स फिलहाल शुरू है, इसीमे 139, केटरिंग सर्विसेस (1800111 321), सावधानता (152210)(सतर्कता) सुविधा, दुर्घटना संरक्षण( 1072), क्लीन माय कोच सुविधा ( 58888), लघु संदेश ( 9717630982)(एसएमएस) कंप्लेट मॅनेजमेंट सिस्टम सहायता पोर्टल यह सब टोल फ्री नंबर और पोर्टल एक जानेवारीपासून एक एक करके बंद किए जा रहे है।
सभी दुःखोंकी एक दवा – रेल मदत ॲप –
यह वाकई में यात्रिओंकी सभी दुविधाओं का समाधान करने वाला ऐप साबित होगा। यात्री की किसी भी शिकायत को इस ऐप के जरिए दर्ज करने के उपरांत, तुरन्त सम्बंधित विभाग को वह शिकायत वर्ग की जाएगी और यात्री का समस्या के निराकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। यात्री को अपनी शिकायत के लिए अलग अलग दरवाजा खटखटाने की जरूरत ही नही पड़ेगी। इसके साथही सुरक्षा हेतु 182 नम्बर फ़िलहाल शुरू रखा जा रहा है।
आज नया साल शुरू हो रहा है, थोड़ा हास्य व्यंग्य कर लिया जाय –
😂😂😂😂😂😂😂😂
आपको तो पता है, पूछताछ वाली खिड़की पर किस कदर भीड़ रहती है और कैसे कैसे वाकए घटित हो जाते है।
रेलवे स्टेशन की भीड़ भरी पूछताछ वाली खिड़की पर जैसे तैसे एक महिला पहुँची।
पहले से ही परेशान क्लर्क : ” मैडम, कोहरे के कारण सभी ट्रेनें लेट हैं, इसके अलावा कुछ और पूछना चाहती है आप? ”
महिला : ” चलिए, यही बता दें, क्या इस ड्रेस में मैं मोटी तो नहीं लग रही हूँ ? ”
😃😃😃
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रेल मंत्रालय द्वारा निर्धारित किया गया है की दिनांक – 01.01.20 से यात्री किराए में निम्न प्रकार से बढ़ोतरी की गई है।
1) उपनगरीय ( सिंगल यात्रा किराया ) – कोई बदलाव नहीं
2) मासिक टिकट ( उपनगरीय और गैर उपनगरीय) – कोई बदलाव नहीं
3) साधारण गैर वातानुकूलित (गैर उपनगरीय )
a) द्वितीय श्रेणी साधारण – 01 पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
b) शयनयान श्रेणी साधारण – 01 पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
c) प्रथम श्रेणी साधारण – 01 पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
4) मेल एक्सप्रेस गैर वातानुकूलित
a) द्वितीय श्रेणी (मेल एक्सप्रेस) – 02पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
b) शयनयान श्रेणी(मेल एक्सप्रेस)- 02पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
c) प्रथम श्रेणी(मेल एक्सप्रेस)- 02पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
5) वातानुकूलित श्रेणी
a) वातानुकूलित चेयर कार – 04 पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
b) वातानुकूलित तृतीय श्रेणी – 04 पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
c) वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी – 04 पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
d) वातानुकूलित प्रथम श्रेणी – 04 पैसे , प्रति यात्री ,प्रति किलोमीटर
दिनांक – 31.12.19 तक बुक किये गए आरक्षित टिकट पर किराये का अंतर नही लिया जायेगा।
यह फ्लैट किराया वृद्धि है, रिजर्वेशन चार्जेस, सुपरफास्ट चार्जेस में कोई बदलाव नही।

सीज़न टिकट : याने एक ऐसा एडवांस प्रीपेड टिकट जो निर्धारित अवधि, वर्ग और अंतर के लिए जारी किया गया है।
सीजन टिकट मासिक और त्र्यमासिक अवधिके लिए जारी किया जा सकता है। इसके जारी करने के, इस्तेमाल करने के लिए नियम बनाए गए है।
सीजन टिकट जारी करवाने के लिए अर्जी करनी पड़ती है। रेलवे सीजन टिकट के साथ अपना एक पहचान पत्र भी देगी जिसका नम्बर आपके सीजन पास पर डला रहेगा। यात्रा के दौरान आपको रेलवे द्वारा जारी किया गया पहचान पत्र अपने सीजन पास के साथ दिखाना जरूरी है। सीजन टिकट खरीदते वक्त, आपके किसी भी फोटो सहित पहचान पत्र की आवश्यकता होगी। आपने जो भी पहचान पत्र अपने सीजन पास के लिए अर्जी के साथ जोड़ा है, उसका उल्लेख रेलवे द्वारा दिए गए पहचान पत्र पर रहेगा।
मासिक सीजन टिकट को MST और त्र्यमासिक सीजन टिकट को QST कहते है, आगे लेख में हम इन शॉर्ट फॉर्म्स का ही उपयोग करेंगे। MST केवल 150km के लिए ही जारी किया जाता है। इसके लिए अपवाद 1951 के पहलेसे जारी मुम्बई – पुणे 190km और मुम्बई – नासिक 183km के मार्ग है।
MST का किराया सवारी गाड़ियोंके 15 एकल यात्रा के लगभग रहता है और QST का किराया MST से 2.7 गुना ज्यादा रहता है। सीजन टिकट, सबर्बन खण्ड और नॉन सबर्बन खण्ड की सवारी गाड़ियोंके लिए केवल सेकन्ड क्लास और फर्स्ट क्लास के लिए ही जारी किए जाते है। चूँकि नॉन सबर्बन खण्ड में फर्स्ट क्लास नही होता इसलिए इन खण्डोंपर फर्स्ट क्लास सीजन टिकट जारी नही किए जाते।
नॉन सबर्बन खण्डोंपर भी सीजन टिकट केवल सवारी गाड़ियोंके लिए ही जारी किए गए है पर कुछ मेल / एक्सप्रेस गाड़ियोंको विविध जोनल रेलवे या डिवीजन अपने अधिकार में कुछ डिब्बों में सीजन टिकटधारी यात्रिओंको यात्रा करने की अनुमति देता है। इन अनुज्ञप्ति प्राप्त गाड़ियों, डिब्बोंके अलावा किसी भी दूसरे क्लास और गाड़ियोंमे सीजन धारकोंको यात्रा करनेकी अनुमति नही है।
सीजन पास धारक अपनी यात्रा सुपरफास्ट गाडीसे भी कर सकता है, जिसके लिए उसे अपनी यात्रा करनेसे पहले अपना सीजन टिकट दिखाकर सुपरफास्ट चार्जेस का ₹15/- का टिकट खरीदना होगा। यदि यात्री चाहे तो अपनी MST पास को सुपरफास्ट गाड़ी के 15 एकल यात्रा की रकम जो की 15 X ₹15=225/- और QST में 45 एकल यात्रा याने 45X₹15=675/- अलग से देकर सुनिश्चित कर सकता है।
सबर्बन खण्डोंपर जहाँ फर्स्ट क्लास उपलब्ध नही होनेसे वातानुकूलित कुर्सीयान लगाया जाता है, फर्स्ट क्लास के सीज़न टिकट धारी यात्री, उस मण्डलके रेल अधिकारियों की अनुमति के साथ वातानुकूलित कुर्सीयान में यात्रा कर सकते है।
आजकल सबर्बन खण्डोंपर वातानुकूलित EMU गाड़ियाँ चलाई जा रही है, जिसकी अलगसे किराया सूची है, उसीके अनुसार किराया देय रहेगा।
याद रहें, एक यात्री केवल एक ही सीजन टिकट खरीद सकता है। दो या ज्यादा सीज़न टिकटोंका क्लबिंग करना, अलग अलग पासेस से लम्बी यात्रा करना कानूनन जुर्म है। यदि इस तरह कोई यात्री करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके सीजन टिकट रद्द किए जाएंगे और दण्डित भी किया जा सकता है।
विद्यार्थियों के लिए रियायती सीजन टिकट उपलब्ध है। इसके अलावा इज्ज़त मंथली पास और अधिक रियायती सीज़न टिकट के लिए अपने पास के रेल टिकट बुकिंग कार्यालय से सम्पर्क करें।
सीजन टिकट यात्रिओंसे रेल प्रशासन का आग्रह है, वह केवल निर्देशित गाड़ियों और डिब्बों में ही यात्रा करे। रिस्ट्रिक्टेड याने वर्जित गाड़ियोंमें और आरक्षित डिब्बो में यात्रा न करें। इस प्रकारकी यात्रा के लिए उंन्हे दण्डित किया जा सकता है।
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मुम्बई मण्डल में और 15 जनवरी तक रेल ब्लॉक की सूचना है।
मुम्बईसे पुणे होकर पंढरपुर, विजयपुरा जानेवाली पैसेंजर, पुणे पनवेल पैसेंजर यह गाड़ियाँ रद्द रहेंगी।
जी हाँ, हुतात्मा एक्सप्रेस और 15 जनवरी तक दौंड बाईपास, अहमदनगर, कोपरगाँव होते हुए चलेगी। पनवेल, नासिक नही जाएगी।
मुम्बई कोल्हापुर के बीच चलनेवाली कोयना एक्सप्रेस 15 जनवरी तक पुणे कोल्हापुर के बीच ही चलेगी।
जानकारी के परिपत्रक देखे –
