22 फरवरी 2024, गुरुवार, माघ, शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, विक्रम संवत 2080
छोटे स्टेशनोंको रेल सुविधा देनेवाली डेमू / मेमू और सवारी गाड़ियोंका संक्रमण पूर्व किराया यात्रिओंको दोबारा बहाल किया जा रहा है।
निम्नलिखित परिपत्रक देखिए,
यज्ञपी यह परिपत्रक SWR दक्षिण पश्चिम रेल द्वारा जारी किया गया है, मगर यह जरूर रेल मुख्यालय से सभी क्षेत्रीय रेल कार्यकालोंमें जारी हुवा है।
अब जल्द ही सभी क्षेत्रीय कार्यालय अपने क्षेत्र की डेमू, मेमू गाड़ियोंका वर्गीकरण सवारी गाड़ियोंमे हुवा है, मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमें रखा गया है और उन में कौन- कौनसी गाड़ियोंमे यह द्वितीय श्रेणी पैसेंजर किराए लागू रहेंगे, इसकी सूची जारी कर सकते है।
ज्ञात रहे, हम हमारे ब्लॉग के जरिए लगातार इस विषय पर अपने विचार रखते गए है। दरअसल संक्रमणपूर्व सवारी गाड़ियोंके नियमित कोच की जगह डेमू, मेमू रैक चलाए गए और उन्हें मेल/एक्सप्रेस की श्रेणी के किराए लागू कर दिए गए। स्टोपेजेस लगभग वहीं के वहीं, पहले जितने ही। समयसारणी भी अमूमन वहीं पुरानी, यात्रा समय भी पहले जितना ही मगर किराए पहले से तिगुने। यह इन गाड़ियोंमे यात्रा करने वाले यात्रिओंके साथ सीधी प्रताड़ना थी। और यह व्यवस्था संक्रमण काल से आज तक चली आ रही थी। जबकि सारी रेल कार्यप्रणाली यथावत कर दी गयी थी। खैर, देर आयद, दुरुस्त आयद!
‘0’ शून्य क्रमांक से शुरवात किए गए गाड़ी क्रमांक की डेमू/मेमू गाड़ियोंमे यह सवारी गाड़ियोंवाले किराए लागू हो सकते है। जिन गाड़ियोंका ‘अपग्रेडेशन’ सवारी गाड़ियोंसे मेल/एक्सप्रेस में हो चुका है, जिन्हें नियमित गाड़ी क्रमांक मिल चुका है वह गाड़ियाँ मेल/एक्सप्रेस किरायोंसे ही चलती रह सकती है। संबन्धित क्षेत्रीय रेल विभाग के परिपत्रक की प्रतिक्षा है। 😊
21 फरवरी 2024, बुधवार, माघ, शुक्ल पक्ष, द्वादशी, विक्रम संवत 2080
20642 कोयम्बटूर बेंगलुरु कैंट वन्देभारत जो फिलहाल प्रातः 5:00 बजे कोयम्बटूर से रवाना हो रही है, उसे जल्द ही नई समयसारणी के अनुसार सुबह 7:35 पर रवाना किया जाएगा। इससे इसके बेंगलुरु पहुंचने का समय 11:30 की जगह 13:50 हो जाएगा अर्थात समयसारणी के बदलाव के साथ यह गाड़ी अपना परिचालनिक समय मे पांच मिनट, पूरे तीन सौ सेकन्ड (😊) की बचत कराएगी।
वापसीमे 20641 बेंगलुरु कैंट कोयम्बटूर वन्देभारत एक्सप्रेस अपने फिलहाल समय 13:40 की जगह 14:20 को रवाना की जाएगी और कोयम्बटूर को 20:00 बजे की जगह 20:45 को पहुँचेंगी। यहाँ रेल विभाग ने पाँच मिनट, पूरे तीन सौ सेकंड्स अपने खाते में रख लिए। स्पीड-अप का हिसाब बराबर ☺️
कृपया रेल मुख्यालय से पारित, निम्नलिखित परिपत्रक देखें,
रेल मुख्यालय के उपरोक्त आदेश पर सम्बंधित क्षेत्रीय रेल जल्द ही निर्णय ले कर यात्रिओंके लिए उपयुक्त समयसारणी और उसे लागू करने के तिथि की सूचना जारी करेगा।
20 फरवरी 2024, मंगलवार, माघ, शुक्ल पक्ष, एकादशी, विक्रम संवत 2080
महाराष्ट्र के चन्द्रपुर क्षेत्र को राज्य की राजधानी मुम्बई से प्रतिदिन सम्पर्कता प्रदान करने हेतु 11401/02 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस – आदिलाबाद – मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस नंदीग्राम एक्सप्रेस को पिम्पलखुटि, वणी, भद्रक एवं चन्द्रपुर होते हुए बल्हारशाह तक विस्तार घोषित किया गया है। रेल प्रशासन ने सम्बंधित क्षेत्रीय रेलवे दमरे एवं मरे को उपर्युक्त व्यवस्थाओं को जल्द लागू करने की आदेश दिया है।
गौरतलब यह है, चन्द्रपुर वासियोंकी मुम्बई की सम्पर्कता दो साप्ताहिक गाड़ियाँ, आनन्दवन एक्सप्रेस एवं ताडोबा एक्सप्रेस को शून्याधारित समयसारणी कार्यक्रम में रद्द कर दिया गया था। बीते 4-5 वर्षोँसे यहां के यात्री वर्धा जंक्शन होकर मुम्बई जा आ रहे थे। यह बात और है, वर्धा होकर जाने में उन्हें तेज गति की गाड़ियाँ उपलब्ध थी और अमूमन 13, 14 घण्टों में मुम्बई पहुंचा जा सकता था। नन्दीग्राम के बल्हारशाह विस्तार के बाद उन्हें गाड़ी सीधी तो मिल जाएगी, सीधा संपर्क उपलब्ध हो जाएगा मगर यह मार्ग एकहरा रेल लाइन मार्ग है और इसमे 18 घंटे का समय लग रहा है। खैर, आगे चलकर समयसारणी में गति बढ़ सकती है। फिलहाल संतोष की बात यह है, सीधा संपर्क तो उपलब्ध हुवा!
यह विशेष गाड़ी TOD अर्थात ट्रेन ऑन डिमाण्ड है, अतः इसके यात्री किराए नियमित गाड़ियोंके किरायोंसे ज्यादा रहेंगे। इस गाड़ी की कोच संरचना में द्वितीय श्रेणी एवं स्लिपर कोच ही रहेंगे।
समयसारणी :
04125/26 सूबेदारगंज बान्द्रा टर्मिनस सूबेदारगंज सुपरफास्ट साप्ताहिक विशेष वाया कानपुर सेंट्रल, आग्रा फोर्ट, सवाई माधोपुर, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत
04125 दिनांक 26 फरवरी 2024 से 25 मार्च 2024 तक प्रत्येक सोमवार को सूबेदारगंज से प्रातः 5:20 को बान्द्रा के लिए रवाना होगी
वापसीमे 04126 दिनांक 27 फरवरी 2024 से 26 मार्च 2024 तक प्रत्येक मंगलवार को बान्द्रा टर्मिनस से सुबह 11:00 को सूबेदारगंज के लिए रवाना होगी। गाड़ी की समयसारणी एवं कोच संरचना का विवरण निम्नप्रकार है,
लगातार ग़ैरवातानुकूलित कोचों की कमी के कारण आम रेल यात्री आजकल अपनी रेल यात्रा में भारी परेशानियों से गुजरता है। टिकट खरीदने के बावजूद उसे सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की शाश्वती नही है। यात्रा के दौरान गाड़ी में बैठने की जगह तो क्या चढ़ने भी मिलेगा या नही, यह हाल और परिस्थितियां है।
19 फरवरी 2024, सोमवार, माघ, शुक्ल पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2080
रेल प्रशासन कोच संरचना के मानकीकरण के नामे लगातार अपनी नियमित मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंकी कोच संरचना से ग़ैरवातानुकूलित कोच कम करते जा रहा है। पवन और कामायनी एक्सप्रेस गाड़ियाँ कम अंतर की, 200 से 400 किलोमीटर की रेल यात्रा करने वाले यात्रिओंमें लोकप्रिय और उपयोगी गाड़ियाँ है। पूरे 22 कोच की संरचना में वैसे ही द्वितीय श्रेणी अनारक्षित जनरल कोच की संख्या मात्र 03 कोच की है और आरक्षित, ग़ैरवातानुकूलित स्लिपर भी अब लगातार घटाए जा रहे है।
11061/62 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – जयनगर – लोकमान्य तिलक टर्मिनस पवन प्रतिदिन एक्सप्रेस, 11071/72 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – बलिया – लोकमान्य तिलक टर्मिनस कामायनी प्रतिदिन एक्सप्रेस, 11055/56 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – गोरखपुर – लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोदान एक्सप्रेस ( सप्ताह में चार दिन), 11059/60 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – छपरा – लोकमान्य तिलक टर्मिनस त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस इन सभी LHB कोच से परिचालित गाड़ियोंकी कोच संरचना में मार्च 2024 के पहले सप्ताह में बदलाव किया जा रहा है। निम्नलिखित परिपत्रक देखिए,
बदली हुई कोच संरचना (कंस में पुरानी कोच संरचना का उल्लेख किया गया है।)
1: 11061/62 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – जयनगर – लोकमान्य तिलक टर्मिनस पवन प्रतिदिन एक्सप्रेस इस 22 कोच की गाड़ी में अब 02 वातानुकूल टु टियर (01), 06 वातानुकूल थ्री टायर (03), 08 शयनयान स्लिपर (12)
2: 11071/72 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – बलिया – लोकमान्य तिलक टर्मिनस कामायनी प्रतिदिन एक्सप्रेस इस 22 कोच की गाड़ी में अब 07 वातानुकूल थ्री टायर (05), 09 शयनयान स्लिपर (10), वातानुकूल थ्री टायर इकोनॉमी रद्द किया गया (01)
3: 11055/56 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – गोरखपुर – लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोदान एक्सप्रेस ( सप्ताह में चार दिन) और
4: 11059/60 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – छपरा – लोकमान्य तिलक टर्मिनस त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस, इन 22 कोच की गाड़ियोंमें अब 07 वातानुकूल थ्री टायर (05), 09 शयनयान स्लिपर (10), वातानुकूल थ्री टायर इकोनॉमी रद्द किया गया (01)
कुल मिलाकर पवन एक्सप्रेस के 4 स्लिपर कोच परिचालन में से निकाले गए और कामायनी एवं गोदान एक्सप्रेस का एक स्लिपर और एक वातानुकूल थ्री टियर इकोनॉमी कोच परिचालन में से निकल गया।
एक तरफ अनारक्षित और ग़ैरवातानुकूलित कोच में कमी की जा रही है और दूसरी तरफ अनारक्षित टिकटोंकी बिक्री पर कोई सीलिंग, अंकुश नही है। मार्ग के प्रत्येक स्टेशनोंपर द्वितीय श्रेणी अनारक्षित टिकट बेचे जाते है जबकि गाड़ियोंके इस श्रेणी की यात्री क्षमता मात्र 100×3 कुल 300 यात्रिओंकी होती है। उपरोक्त परिस्थितियों में, अनारक्षित यात्री आरक्षित कोचों में चढ़ने के लिए मजबूर हो जाते है। आजकल तो स्लिपर कोच की कमी के चलते यह अनारक्षित टिकट धारक वातानुकूल कोच में भी सवार हो जाते है।
आगे ही स्लिपर वर्ग के आरक्षित यात्री मासिक पास धारकों, रेल विभाग के ड्यूटी पास / प्रिविलेज पास धारकोंकी कम अंतर की अतिक्रमित यात्राओंसे परेशान रहते थे। अब अमूमन यही स्थिति वातानुकूल कोचों में भी पाई जाने लगी है और रेल प्रशासन इन समस्याओं की तरफ देखता तक नही। यात्री की शिकायत पर सुरक्षाकर्मी कोच पर हाजिरी देते है, चलती गाड़ी में अवांछित यात्रिओंको आगे या पीछे के कोचों में खदेड़ते है और एखाद, दो घण्टों में स्थिति यथावत भी हो जाती है। आम यात्री शिकायत भी कितनी बार करेगा?
इन चिजोंका, स्थितियोंका स्थाई समाधान रेल प्रशासन को ढूंढना और उसे मुस्तेदी से लागू करना आवश्यक है। नियमित मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंमे से अनारक्षित द्वितीय श्रेणी को आरक्षित 2S में अनिवार्य रूप से बदलना आवश्यक है, ताकि द्वितीय श्रेणी अनारक्षित टिकटोंकी बिक्री पर बन्धन आए। साथ ही गैर-उपनगरीय मार्गोंके सीजन पास पर भी मेल/एक्सप्रेस के यात्राओंमें कुछ बन्धन लाना होगा। साथ ही ग़ैरवातानुकूलित क्षेत्रोंमें 300 से 500 किलोमीटर मार्ग की मेमू/इंटरसिटी गाड़ियोंकी आवृत्तियों में वृद्धि करनी होगी। इस तरह के कुछ सकारात्मक बदलाव किए जाए तो आम रेल यात्री अपनी रेल यात्रा शांतिपूर्वक कर पाएगा।