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दो नई पूर्वघोषित रीवा – पुणे और जबलपुर – रायपुर गाड़ियोंकी समयसारणी एवं शुभारम्भ तिथी आ गई।

31 जुलाई 2025, गुरुवार, श्रावण, शुक्ल पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2082

02152/51 रीवा – पुणे – रीवा सुपरफास्ट का उद्धाटन फेरा

02152 रीवा पुणे सुपरफास्ट विशेष दिनांक 03 अगस्त को रीवा से सुबह 11:00 को रवाना होकर अगले दिन दोपहर 13:30 पुणे पहुँचेंगी। वापसी में 02151 पुणे रीवा सुपरफास्ट विशेष दिनांक 04 अगस्त को दोपहर 15:15 को पुणे से रवाना होकर अगले दिन, शाम 17:30 को रीवा पहुँचेंगी।

20152/51 रीवा – पुणे – रीवा साप्ताहिक सुपरफास्ट की नियमित सेवा

20152 रीवा पुणे सुपरफास्ट दिनांक 06 अगस्त से प्रत्येक बुधवार को रीवा से सुबह 06:45 को रवाना होकर अगले दिन 09:45 पुणे पहुँचेंगी। वापसी में 20151 पुणे रीवा सुपरफास्ट दिनांक 07 अगस्त से प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 15:15 को पुणे से रवाना होकर अगले दिन, शाम 17:30 को रेवा पहुँचेंगी।

कोच संरचना : 02 वातानुकूलित टू टियर, 03 वातानुकूलित थ्री टियर, 03 वातानुकूलित थ्री टियर इकोनोमी, 06 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 01 जनरेटर कार, 01 एसएलआर कुल 20 LHB कोच

11702/01 जबलपुर – रायपुर – जबलपुर प्रतिदिन इण्टरसिटी

01702 जबलपुर रायपुर उद्धाटन विशेष दिनांक 03 अगस्त को सुबह 11:00 जबलपुर से रवाना होगी और उसी दिन शाम 19:40 को रायपुर पहुँचेंगी।

11702/01 जबलपुर – रायपुर – जबलपुर इण्टरसिटी के नियमित फेरे

11701 रायपुर जबलपुर इण्टरसिटी दिनांक 04 अगस्त से रायपुर से प्रतिदिन दोपहर 14:45 को रवाना होकर रात 22:45 को जबलपुर पहुँचेंगी। वापसी में 11702 जबलपुर रायपुर  इण्टरसिटी दिनांक 05 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 6:00 जबलपुर से रवाना होकर दोपहर 13:50 को रायपुर पहुँचेंगी।

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छह राज्यों के तेरह जिलों में लगभग 574 किलोमीटर रेल लाइनों की बढ़ोतरी के निर्माण कार्य को अनुमति दी गई।

31 जुलाई 2025, गुरुवार, श्रावण, शुक्ल पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2082

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 574 किलोमीटर की वृद्धि करते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड राज्यों के 13 जिलों को कवर करने वाली चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को अनुमति दी।

कुल 11,169 करोड़ रुपये (लगभग) की अनुमानित लागत वाली ये परियोजनाएं वर्ष 2028-29 तक पूर्ण होंगी।

परियोजनाओं के निर्माण के दौरान लगभग 229 लाख मानव दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज रेल मंत्रालय की कुल 11,169 करोड़ रुपये (लगभग) लागत वाली चार परियोजनाओं को अनुमति प्रदान की। इन परियोजनाओं में सम्मिलित हैं:

इटारसी – नागपुर चौथी लाइन
औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) – परभणी दोहरीकरण
अलुआबारी रोड- न्यू जलपाईगुड़ी तीसरी और चौथी लाइन
डांगोपोसी- जारोली तीसरी और चौथी लाइन

बढ़ी हुई लाइन क्षमता गतिशीलता में काफी वृद्धि करेगी, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव संचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़ को कम करने के लिए निर्मित किए गए हैं। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नवीन भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो क्षेत्र में व्यापक विकास के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को “आत्मनिर्भर” बनाने के साथ-साथ रोजगार/स्वरोजगार के अवसर भी सृजित करेंगी।

परियोजनाओं की योजना पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर बनाई गई है, जिसमें एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श के माध्यम से मल्टी-मोडल संपर्कता और रसद दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ये परियोजनाएं लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्कता प्रदान करेंगी।

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड राज्यों के 13 जिलों को कवर करने वाली चार परियोजनाओं से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 574 किलोमीटर की वृद्धि होगी।

प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना लगभग 2,309 गांवों तक संपर्कता बढ़ाएगी, जिनकी जनसंख्या लगभग 43.60 लाख है।

ये कोयला, सीमेंट, क्लिंकर, जिप्सम, फ्लाई ऐश, कंटेनर, कृषि उत्पाद और पेट्रोलियम उत्पादों आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों के परिणामस्वरूप 95.91 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) सामान की आवाजाही होगी। रेलवे, पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण, जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने, तेल आयात (16 करोड़ लीटर) कम करने और सीओ2 उत्सर्जन (515 करोड़ किलोग्राम) कम करने में मदद करेगा, जो 20 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

इटारसी – नागपुर के 297 किलोमीटर लम्बी चौथा रेल मार्ग

अनुमानित खर्च ₹5,451 करोड़

महाराष्ट्र के नागपुर एवं मध्यप्रदेश के बैतूल, नर्मदापुरम एवं पांढुर्णा जिले को लाभ

दिल्ली – चेन्नई ग्रैंट ट्रंक रेल मार्ग पर रेल आवाजाही को बड़ा फायदा

आलूबाड़ी रोड – न्यू जलपाईगुड़ी के 57 किलोमीटर के बीच नया तीसरा और चौथा रेल मार्ग

अनुमानित लागत ₹1,786 करोड़ पूर्वोत्तर राज्योंकी रेल सम्पर्कता बढ़ेगी।

बिहार के किशनगंज एवं पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और उत्तर दिनाईपुर जिलों को लाभ

छत्रपति संभाजीनगर – परभणी के बीच 177 किलोमीटर रेल दोहरीकरण

अनुमानित लागत ₹2179 करोड़

मराठवाड़ा के लिए महत्वाकांक्षी रेल परियोजना, मुम्बई – सिकंदराबाद के बीच पर्यायी रेल सम्पर्क

संभाजीनगर के बढ़ते औद्योगिक क्षेत्र को लाभ

छत्रपति संभाजीनगर, जालना एवं परभणी ज़िले लाभान्वित

दांगोंआपोसी – जारोली के बीच 43 किलोमीटर में रेल की तीसरी एवं चौथी लाईन का निर्माण

अनुमानित लागत ₹1752 करोड़

पोलाद उत्पादन में सहायक

ओडिशा के केंदुआझार एवं झारखण्ड के पश्चिम सिंगभूम जिले को लाभ

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में घोषित 31 रेल परियोजनाएं

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विविध खण्डोंपर, दस जोड़ी गाड़ियोंका मार्ग विस्तार किया जा रहा है।

31 जुलाई 2025, गुरुवार, श्रावण, शुक्ल पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2082

भारतीय रेल में जब से यात्री गाड़ियोंमे LHB करण किया गया, परिचालन में यह सुविधा हो गई की इन रैक्स का रखरखाव अवधी ज्यादा होने से उन्हें विस्तारित किया जा सकता है। इसी बात का लाभ लेते हुए, रेल प्रशासन कुछ गाड़ियोंको विस्तारित कर के अपने व्यस्ततम जंक्शन स्टेशनोंको भी राहत दे सकता है, अन्य नई गाड़ियाँ चलाने की गुंजाइश बना सकता है।

निम्नलिखित गाड़ियोंका विस्तार करने की घोषणा की गई है। कृपया रेल विभाग का परिपत्रक देखे।

1: 19045/46 सूरत छपरा सूरत तापी गंगा एक्सप्रेस का छपरा से आगे थावे तक विस्तार

विस्तारित मार्ग में यह गाड़ी मसरख एवं गोपालगंज स्टेशन पर स्टोपेज लेगी।

2 : 19167/68 अहमदाबाद वाराणसी अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस का वाराणसी से आगे छपरा तक विस्तार

विस्तारित मार्ग में यह गाड़ी वाराणसी सिटी, गाजीपुर सिटी एवं बलिया स्टेशन पर स्टोपेज लेगी।

3 : 12237/38 वाराणसी जम्मूतवी वाराणसी बेगमपुरा प्रतिदिन एक्सप्रेस वाराणसी की दिशा में बलिया तक विस्तार

विस्तारित मार्ग में यह गाड़ी गाजीपुर सिटी स्टेशन पर स्टोपेज लेगी।

4 : 14235/36 वाराणसी बरैली वाराणसी प्रतिदिन एक्सप्रेस का वाराणसी की दिशा में गाजीपुर तक विस्तार

5 : 22309/10 हावड़ा भागलपुर हावड़ा छह दिवसीय वन्देभारत एक्सप्रेस का समय परिवर्तन के साथ भागलपुर से आगे जमालपुर तक विस्तार

6 : 68760/61 रायपुर मानिकचौरी रायपुर मेमू का राजिम तक विस्तार एवं,

रायपुर राजिम रायपुर नई मेमू सेवा शुरू करने की घोषणा

7 : 20471/72 पुरी लालगढ़ पुरी साप्ताहिक एक्सप्रेस का लालगढ़ से आगे श्रीगंगानगर तक विस्तार

8 : 12490/89 दादर बीकानेर दादर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस का श्रीगंगानगर तक विस्तार

9 : 14708/07 दादर लालगढ़ दादर राणकपुर प्रतिदिन एक्सप्रेस का हनुमानगढ़ तक विस्तार

10 : 12947/48 अहमदाबाद पटना अहमदाबाद अज़ीमाबाद द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस का पटना आगे राजगीर तक विस्तार

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समीक्षा : नई गाड़ी, काचेगुड़ा – भगत की कोठी – काचेगुड़ा प्रतिदिन एक्सप्रेस की

27 जुलाई 2025, रविवार, श्रावण, शुक्ल पक्ष, तृतीया, विक्रम संवत 2082

अपने भारत देश मे लोकसंख्या इतनी व्यापक है की, कहीं से कही की यात्री गाड़ी चला लो, वह संपूर्ण नकारा तो होई ही नही सकती। उसे मार्ग में किसी न किसी खण्ड पर समर्थन जरूर मिलेगा।
गौरतलब यह जाँचा जाए की, गाड़ी प्रारम्भिक स्टेशन से गन्तव्य स्टेशन के बीच कितनी उपयोगी है।

17605/06 ट्रेन की बात की जाए तो यह गाड़ी सिकंदराबाद से अजमेर के लिए बिल्कुल उपयुक्त है मगर आगे इसे भगत की कोठी तक खींचना केवल गाड़ी को जोधपुर तक ले जाने का अट्टाहास साबित होता है। चूँकि कोई भी यात्री गाड़ी, दोनों समान गंतव्यों के बीच यदि अलग मार्गसे चलने की वजह से 12 घण्टे से ज्यादा समय लगाती है तो कोई भला उससे सम्पूर्ण यात्रा करना क्यूँ पसन्द करे? इन्ही दो स्टेशनोंके बीच सम्पर्क करानेवाली 22737/38 हिसार – सिकंदराबाद द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस जो वाया अहमदाबाद चल रही है 30, 32 घण्टे में यह यात्रा सम्पन्न कराती है और 17605/06 एक्सप्रेस 44 घण्टे में।

Photo courtesy : http://www.indiarailinfo.com

रेल प्रशासन को को उक्त स्टेशनोंके बीच तुरन्त सम्पर्कता देनी थी और अहमदाबाद स्टेशन के पुनर्निर्माण का आरेखन तय हो चुका था। सारी गाड़ियाँ अहमदाबाद स्टेशन की जगह पासपड़ोस में सरका दी गई थी। उस आरेखन के ढांचे मे न ही हिसार – सिकंदराबाद की द्विसाप्ताहिक आवृत्ति को बढ़ा कर प्रतिदिन करने की गुंजाइश थी ना ही इस नई यात्री सेवा को उक्त मार्ग पर डाला जा सकता था। इस स्थिति में मध्यप्रदेश के खण्डवा, उज्जैन, भोपाल, रतलाम होकर नई गाड़ी चलाने यह एक सरल पर्याय उपलब्ध था जिसे उन्होंने स्वीकार किया और गाड़ी पटरी पर तुरतफुरत निकल पड़ी।

अब आगे अर्थात अहमदाबाद मार्ग सुचारू हो जावे तब क्या यह गाड़ी 17605/06 का मार्ग बदलना सम्भव है? रेल तकनीकी स्वरूप में हाँ मगर रेल यात्रिओंकी भावना समझें तो नही! ऐसा करने से मार्ग के यात्रिओंकी भावना सीधे तौर पर आहत होती है। गाड़ी एक बार चलने लगे तो मार्ग के यात्री उसे अपने रोजमर्रा कार्यकलापों में ढाल लेते है और फिर उसमे होनेवाले अप्रत्याशित बदलावों से सहमत होना उन्हें बड़ा असहज लगता है।

दरअसल किसी यात्री को हिसार – सिकंदराबाद में मौका न मिल पाए तब इस गाड़ी में प्रारम्भ से गन्तव्य तक यात्रा करना उसकी केवल मजबूरी होगी। कम अंतर वाले यात्री तो अपने मौके ढूंढ ही लेते है। इधर अहमदाबाद से जोधपुर तक के जालौर, मोकलसर, मोदरान, समदड़ी, भीलड़ी मार्ग के यात्री सिकंदराबाद से सीधे जुड़ने हेतु ताकते रह गए। आगे उन्हें आश्वासित किया गया है, उन्हें भी सीधे सम्पर्कता देने वाली सेवा अवश्य मिलेगी।