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बेंगलुरू की आठ जोड़ी गाड़ियोंका टर्मिनल स्टेशन बदल कर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनस होने वाला है।

आठ जोड़ी अर्थात 16 गाड़ियाँ अपना बेंगलुरु की दिशा का गन्तव्य / प्रारम्भिक स्टेशन औसतन 10 अगस्त से बदलेंगी। जिसमे यशवंतपुर और बेंगलुरु कैंट स्टेशन की गाड़ियाँ है। JCO याने गाड़ी के प्रारम्भिक स्टेशन से चलने की तिथि के लिए निम्नलिखित परिपत्रक देखें।

टर्मिनल बदलाव के चलते इन आठ गाड़ियोंकी समयसारणी में जो मामूली बदलाव हो रहा है वह निम्नप्रकार से है।

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रीवां – उदयपुर सिटी – रीवां साप्ताहिक विशेष गाड़ी

दिनांक 31 जुलै को मा. रेल मन्त्री रीवा – उदयपुर सिटी उद्धाटन विशेष गाड़ी को विडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान हरी झंडी बताएंगे।

उद्धाटन विशेष गाड़ी

नियमित विशेष गाड़ी

02181 रीवा उदयपुर सिटी साप्ताहिक विशेष दिनांक 07 अगस्त से 28 अगस्त तक प्रत्येक रविवार को रीवा से निकल अगले दिन सोमवार को उदयपुर सिटी को पहुंचेगी। वापसीमे 02182 उदयपुर सिटी रीवा साप्ताहिक विशेष दिनांक 08 अगस्त से 29 अगस्त तक प्रत्येक सोमवार को उदयपुर सिटी से निकल अगले दिन मंगलवार को रीवा पहुंचेगी।

गाड़ी की संरचना : 2 एसएलआर, 04 द्वितिय श्रेणी, 11 स्लीपर, 05 वातानुकूलित थ्री टियर, 01 वातानुकूलित टू टियर और 01 वातानुकूलित प्रथम ऐसे कुल 24 कोच रहेंगे।

गौरतलब यह है, उपरोक्त उदयपुर सिटी साप्ताहिक विशेष गाड़ी 02188/87 रीवा मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रीवा साप्ताहिक विशेष के रैक के लाय ओवर पीरियड अर्थात रैक के खाली समय पड़े रहने के अवधि में चलाई जा रही है।

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बड़ी सादड़ी – उदयपुर सिटी के बीच चलेगी विशेष गाड़ी ; उद्धाटन विशेष 31 जुलाई को, नियमित सेवा 01 अगस्त से

उद्धाटन विशेष गाड़ी

नियमित सेवा :-

बड़ी सादड़ी और उदयपुर सिटी दोनों ओरसे 01 अगस्त से नियमित सेवा शुरू हो जाएगी। 7 द्वितिय श्रेणी और 2 एसएलआर ऐसे कुल 09 कोच की गाड़ी रहेगी।

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बुजुर्गों की रेल किराया रियायत फिर चालू हो रही है?

एक बार फिर न सिर्फ सोशल मीडिया बल्कि मेन स्ट्रीम मीडिया मे भी वरिष्ठ नागरिक रेल किराया रियायत चर्चा मे है। उम्र के 58 वर्ष और उससे आगे की महिलाओं को 50% एवं उम्र मे 60 वर्ष और उससे आगे के पुरुषों को 40% की रेल किराया रियायत रेलवे के सभी वर्गों और सभी प्रकार की गाड़ियोंमे दी जा रही थी। इसमे केवल सवारी गाड़ियों मे किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाती क्योंकी उन गाड़ियोंके मूल किराये अपने आप मे रियायती है।

अब तमाम चर्चाओं यहाँतक की संसद के सदन मे तक इस विषय पर बहस की जा चुकी है और मा. रेल मंत्री जी की ओरसे यह मांग खारिज भी की जा चुकी है तब यह मुद्दा फिर से अलग हवा पकड़ रहा है। सूत्रों (?) के आधार पर यह चर्चा है की रेल प्रशासन फिर से यह किराया रियायत अर्थात रद्द की जा चुकी अन्य भी रियायतें जिसमे खिलाड़ी और पदक प्राप्त व्यक्ति सम्मिलित है, शुरू करने पर विचार कर रही है।

गौरतलब यह है की, रेल प्रशासन के विचार मे, वरिष्ठ नागरिकों की उम्र 58/60 की जगह 70 वर्ष और उससे ऊपर के व्यक्ति पात्र समझे जाए और सभी रियायतें केवल गैरवातानुकूलित श्रेणियों अर्थात स्लीपर और द्वितीय श्रेणी तक सीमित कर दी जाए।

हमारा यह मानना है, की रेल प्रशासन की सोच यदि सचमुच इस दिशामे जा रही है तो यह एक प्रकार से वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराया रियायत स्वीकार करने के लिए हतोत्साहित करना ही है। भारतीय रेल्वे के द्वितीय श्रेणी और स्लीपर वर्ग की हालत किसीसे भी अछूती नहीं है, और शायद ही कोई मध्यम वर्ग का यात्री अपने बुजुर्गों को द्वितीय श्रेणी रियायत मिल रही है इसलिए यात्रा करने के लिए बाध्य करेगा। शयनयान स्लीपर वर्ग तो फिर भी ठीक है मगर वह भी केवल कम दूरी की यात्राओं के लिए। आगे प्रश्न यह भी है, लंबी दूरी की गाड़ियों मे रैक के मानकीकरण के चलते गैरवातानुकूलित डिब्बे दिन ब दिन कम किए जा रहे है और 12-13 कोच से घटते घटते इन की संख्या मात्र 5 या 6 रह गई है।

खैर यह सारी मीडिया मे चर्चित बातें है और रेल प्रशासन ने अभी तक किसी बात की पुष्टि नहीं की है।

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उत्तर रेलवे NR अगस्त के पहले सप्ताह में निम्नलिखित गाड़ियाँ पुनर्स्थापित करने जा रहा है।

हाल ही में रेल प्रशासन ने जो संक्रमनकाल मे रद्द की हुई गाड़ियोंको पुनर्बहाली करने का जो निर्णय लिया था उसी आधार पर उत्तर रेलवे निम्नलिखित गाड़ियोंको शरू करने जा रहा है।