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भारतीय रेल : यात्री यातायात या पण्यवहन; प्राधान्य किसे?

यह कैसा सवाल? सभी यात्रिओंके मन मे यह बात जरूर आ गयी होगी। भई, भारतीय रेल भले ही साइड बाई साइड, पण्यवहन चलता रहे लेकिन रेल मे यात्रिवहन यह तो प्रत्येक भारतीय अपना मूलभूत अधिकार समझता है और इतना अधिक समझता है की कभी कभी उसे टिकट निकालना जरूरी है, आरक्षण करना जरूरी है, गाड़ी में व्यवसाय करने हेतु अनुमति लगती है, गाड़ी में साफसफाई रखनी होती है ऐसी छोटी छोटी बातें उसके ख्याल में आती ही नही।

भारत में रेलवे की नींव, अंग्रेजोंने रखी थी और उसका विस्तार भी व्यापक तरीके से किया गया। दरअसल अंग्रेजोंको भारत से कृषि उत्पाद की यातायात करने के लिए सस्ता और टिकाऊ संसाधन चाहिए था जो उन्हें रेलवे में दिखाई दिया। उस वक्त उन्होंने अपने देश से कई औद्योगिक इकाइयों को रेल निर्माण हेतु आमंत्रित किया और बड़ी तेजी से रेलवे का विस्तार किया। भरपूर जगह, बहुतायत मनुष्यबल और सीधी अनुमति रेल विस्तार के लिए और क्या चाहिए? (आजकल रेल प्रोजेक्टमें यही मदें अड़ंगे लगाती है) जहाँ से कृषिउपज, खनिज उठाने की आवश्यकता थी लाइनें वही डलती चली गयी। फिर अगला विचार श्रमिकों और सैन्य यातायात का आया तो लम्बी दूरी की यात्री गाड़ियोंको खोला गया। धीरे धीरे यात्री यातायात के लिए रेल भारतोयोंके बीच लोकप्रिय होती गयी। उस वक्त रेलवे दो स्तरों में बँटी थी, मैन लाइन और ब्रांच लाइन। मुख्य रेल मार्ग और दो अलग दिशाओंके मुख्य मार्ग के बीच जोड़ने वाली शाखा, ब्रांच लाइन और जिस स्टेशन पर यह मैन और ब्रांच लाइन जुड़ती थी वह स्टेशन जंक्शन स्टेशन कहलाया जाता था।

सीधा हिसाब था, जंक्शनोंपर ज्यादातर सभी लम्बी दूरी की गाड़ियाँ रुकेंगी। ब्रांच लाइन की गाड़ी मैन लाइनोंपर, सम्बन्धित जंक्शनोंके आगे नही जाएगी। जरूरत है तो ब्रांच लाइन गाड़ी को मैन लाइन की गाड़ी से जोड़ा जाएगा ( लिंक एक्सप्रेस ) या कुछ डिब्बों को जोड़ा जाएगा ( स्लिप कोचेस ) इससे रेलवे का परिचालन बेहद साफसुथरा, सरल था। कोई राजनीतिक दखल या पड़ावों की खींचतान नही थी। मेल गाड़ियाँ सर्वोच्च प्राथमिकता पर चलाई जाती थी, फिर एक्सप्रेस, पार्सल मिक्स और सवारी गाड़ियाँ यह क्रम था। पण्यवाहन अर्थात मालगाड़ियोंके के लिए भी पर्याप्त जगह होती थी, क्योंकि यात्री गाड़ियोंकी संख्या सीमित थी।

जनता राज में सुपरफास्ट नामक यात्री गाड़ी का अविष्कार लाया गया। यात्री गाड़ियोंकी प्राथमिकता बदलने लगी। आगे ‘यूनिगेज’ याने देशभर में एक ही तरह के रेल मार्ग की मांग उठी और छोटी गेज की लाइनें जो अक्सर ब्रांच लाइन्स श्रेणी में थी उन्हें बड़ी लाइनों में बदलने का राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित किया गया। यात्री गाड़ियाँ बढ़ने की यह शुरवात थी। जनसंख्या बढ़ रही थी, यातायात संसाधन में रेलवे ही प्रमुख और आरामदायी थी, मुख्यतः किफायती थी। राजनीति ने भी करवट बदली। यकायक राजनयिकोंके जनसेवा एजेंडे में रेल सेवा आ गयी। यात्री, जनता की सुविधा बढाने हेतु ब्रांच लाइन्स की गाड़ियोंको मैन लाइनोंपर और मैन लाइनोंकी गाड़ियोंको ब्रांच लाइनोंपर विस्तारित किया जाने लगा। चलस्टोक अर्थात डिब्बे के कमी थी तो नए गाड़ियोंके साप्ताहिक, द्विसाप्ताहिक परिचालन की घोषणा की जाने लगी। हेतु यह, भले ही सप्ताह में एक दिन चले मगर अपने क्षेत्र से सीधी गाड़ी चलाने का श्रेय तो मिलना ही चाहिए। इन सब जद्दोजहद में रेलवे का मुख्य उद्देश्य पण्यवहन कहीं छूटता, नजरअंदाज होता चला गया।

तब भी और आज के इस अत्याधुनिक रेल परिचालन में भी रेलवे का सारा अर्थकारण इस पण्यवहन की आय पर ही टिका है। रेलवे की कमाई न के बराबर है अपितु खर्चा भी बड़ी मुश्किलों से निकलता है और जो भी निकलता है उसकी वजह यह पण्यवहन गाड़ियाँ है। कोयला, लोहा, लोहअयस्क, सीमेन्ट, कच्चा तेल इसकी यातायात कर रेल अपना और हम, आपके लिए की जानेवाली यात्री यातायात का खड्डा भरती है। जी, हाँ! यदि पण्यवहन रेल की कमाई है तो यात्री यातायात यह रेल के लिए खर्चे की खाई ही है।

वर्षों यात्री यातायात की लोकप्रिय घोषणाओंके के बाद, हर तरह के पैतरे अपनाने के बाद भी रेल विभाग यात्री यातायात से कमाई तो क्या खर्च तक निकालने में असफल हो रही है। सीधा यात्री किराया बढाये तो राजनीति आड़े आती है। मतों की गिनती में सेंध लगती है। अतः यात्री किरायोंमे अलग अलग भार खोजे जाते है, स्टेशनोंपर मूलभूत सुविधाओं का महिमामंडन कर उससे उगाही करने का प्रयास किया जाता है। कभी निजी गाड़ियाँ FTR फूल टैरिफ दर का अविष्कार, तो कभी स्टेशन पर निजी नाम डलवाने का वादा, पूरे गाडीके डिब्बों को भद्दे आवरणोंमें लपेटकर कुछ खर्चा निकालने की कवायद, तो इंजीनोको इधर उधर से ‘उधार के सिन्दूर’ जैसी सजावट कर पैसा कमाने का जुगाड़। कितनी और किस तरह की दयनीय छटपटाहट!!

हाल ही के वर्षोंसे रेल विभाग ने इस बात को अच्छी तरह से समझा है की इस तरह खुरच खुरच कर रेलवे का पेट भरना नामुमकिन है और पण्यवहन जो कमाई की एकमेव मद बची है उस पर ही ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। रेलवे ने अब इस बातपर अंमल करना शुरू कर दिया है। पण्यवहन के लिए देशभर में DFC समर्पित मालगाड़ियोंके गलियारों का निर्माण कर के, EDFC और WDFC लगभग पूरे हो चुके है, बाकियोंपर काम शीघ्रता से किया जा रहा है। हाल ही की बात बताऊं, SECR दपुमरे, भारतीय रेल के एक झोन ने एक माह के लिए अपनी नियमित 11 जोड़ी गाड़ियोंको एक माह तक मालगाड़ियां यथास्थित चलाई जा सके इसके लिए रदद् कर दिया है।

रेलवे से राजनीतिक दखल हटें जो रेल विभाग में लिए जाने वाले उचित निर्णय में सबसे बड़ी बाधा होते है, तो भारतीय रेलवे की प्रगति, उन्नति के लिए आसमान खुला है। जिस तरह कच्चा तेल बन्धन मुक्त किया गया है आवश्यक है कि यात्री किराया वृद्धि के निर्णय भी बन्धनमुक्त किये जायें। हजारों हैक्टेयर खाली पड़ी रेल विभाग की जमीनोंके वाणिज्यिक उपयोग से भी यह भरपाई कुछ मात्रा में की जा सकती है बशर्ते उन जगहोंपर से अतिक्रमण हटें और रेल विभाग को निर्णय लेने की शक्ति हो। ऐसी और भी बाते है, जो आप, हम, हमारे नेतागण, रेल सम्बन्धित तज्ञ जानते है, समझते है, बस रेलवे जैसे बहुउपयोगी, लोकप्रिय सार्वजनिक परिवहन को यथासंभव सम्भाल ले तो बहुत अच्छा होगा।

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मध्य रेल की दो जोड़ी छुट्टी विशेष गाड़ियाँ ; मुम्बई से मऊ और रीवा के बीच चलेगी।

01051 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से मऊ के लिए प्रत्येक गुरुवार को दिनांक 28 अप्रेल से 30 जून तक चलेगी और वापसीमे 01052 मऊ से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए प्रत्येक शनिवार को दिनांक 30 अप्रेल से 02 जुलाई तक रवाना की जाएगी। गाड़ी की समयसारणी एवं डिब्बा संरचना के लिए निम्नलिखित परिपत्रक देखे।

02187 रीवा से मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के लिए प्रत्येक गुरुवार को दिनांक 28 अप्रेल से 30 जून तक चलेगी और वापसीमे 02188 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से रीवा के लिए प्रत्येक शुक्रवार को दिनांक 29 अप्रेल से 01 जुलाई तक रवाना की जाएगी। गाड़ी की समयसारणी एवं डिब्बा संरचना के लिए निम्नलिखित परिपत्रक देखे।

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SECR दपुमरे की 22 यात्री गाड़ियाँ लगभग 30 दिनों तक रदद् रहेंगी।

यह निम्नलिखित 11 जोड़ी यात्री गाड़ियाँ SECR रेल प्रशासन ने पण्यवहन गाड़ियोंका मार्ग अबाधित रखने हेतु रदद् की है, जो लगभग 24 अप्रेल से 23 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से रदद् रहेगी।

इन गाड़ियोंमे 3 जोड़ी प्रतिदिन चलनेवाली गाड़ियाँ है। 18237/38 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, 08861/62 गोंदिया झारसुगुड़ा गोंदिया विशेष, 08709/10 रायपुर डोंगरगढ़ रायपुर विशेष। 12807/08 समता एक्सप्रेस सप्ताह में 5 दिन, 12771/72 सिकन्दराबाद रायपुर सिकन्दराबाद त्रिसाप्ताहिक। 4 जोड़ी द्विसाप्ताहिक गाड़ियाँ, 12880/79 भुबनेश्वर लोकमान्य तिलक टर्मिनस भुबनेश्वर एक्सप्रेस, 12812/11 हटिया लोकमान्य तिलक टर्मिनस हटिया एक्सप्रेस, 20843/44 बिलासपुर भगत की कोठी बिलासपुर एक्सप्रेस, 20845/46 बिलासपुर बीकानेर बिलासपुर एक्सप्रेस। 2 साप्ताहिक गाड़ियाँ, 22866/65 पूरी लोकमान्य तिलक टर्मिनस पूरी साप्ताहिक एक्सप्रेस और 22847/48 विशाखापट्टनम लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशाखापट्टनम साप्ताहिक एक्सप्रेस गाड़ियाँ है।

3 जोड़ी प्रतिदिन चलनेवाली गाड़ियाँ

1: 18237 कोरबा अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस दिनांक 24 अप्रेल से 23 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी उसी प्रकार वापसी मे 18238 अमृतसर बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्स्प्रेस अपने प्रारम्भिक स्टेशन दिनांक 24 अप्रेल से 23 मई तक पूर्णतय: रद्द रहेगी। साथ ही 08210 बिलासपुर गेवरा रोड सवारी विशेष भी अपने प्रारम्भिक स्टेशन 24 अप्रेल से 23 मई तक पूर्णतय: रद्द रहेगी।

2: 08861 गोंदिया झारसुगुड़ा विशेष मेमू दिनांक 24 अप्रेल से 23 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी उसी प्रकार वापसी मे 08862 झारसुगुड़ा गोंदिया विशेष मेमू अपने प्रारम्भिक स्टेशन 25 अप्रेल से 24 मई तक पूर्णतय: रद्द रहेगी।

3: 08709/10 रायपुर डोंगरगढ़ रायपुर विशेष यह गाड़ी अब तक शुरू नहीं की गई है। जिसे अब 24 मई तक टाल दिया गया है।

4: 12807 विशाखापट्टनम अमृतसर समता एक्सप्रेस सप्ताह में 5 दिन दिनांक 26 अप्रेल से 22 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी वापसीमे 12808 अमृतसर विशाखापट्टनम समता एक्स्प्रेस 28 अप्रेल से 24 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी।

5: 12771सिकन्दराबाद रायपुर त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस 25 अप्रेल से 20 मई तक और वापसी मे 12772 रायपुर सिकन्दराबाद त्रिसाप्ताहिक एक्स्प्रेस दिनांक 26 अप्रेल से 21 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी।

4 जोड़ी द्विसाप्ताहिक गाड़ियाँ :-

6: 12880 भुबनेश्वर लोकमान्य तिलक टर्मिनस द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस 25 अप्रेल से 19 मई तक और वापसीमे 12879 लोकमान्य तिलक टर्मिनस भूबनेश्वर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस 27 अप्रेल से 21 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी।

7: 12812 हटिया लोकमान्य तिलक टर्मिनस द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस 29 अप्रेल से 21 मई तक और वापसीमे 12811 लोकमान्य तिलक टर्मिनस भूबनेश्वर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस 01 मई से 23 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी।

8: 20843 बिलासपुर भगत की कोठी द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस 25 अप्रेल से 17 मई तक और वापसीमे 20844 भगत की कोठी बिलासपुर एक्सप्रेस द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस 28 अप्रेल से 21 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी।

9: 20845 बिलासपुर बीकानेर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस 28 अप्रेल से 21 मई तक और वापसीमे 20846 बीकानेर बिलासपुर एक्सप्रेस द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस 01 मई से 24 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी।

2 जोड़ी साप्ताहिक गाडियाँ :-

10: 22866 पूरी लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस 26 अप्रेल से 17 मई तक और वापसीमे 22865 लोकमान्य तिलक टर्मिनस पूरी साप्ताहिक एक्सप्रेस 28 अप्रेल से 19 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी।

11: 22847 विशाखापट्टनम लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस 01 मई से 22 मई तक और वापसीमे 22848 लोकमान्य तिलक टर्मिनस पूरी साप्ताहिक एक्सप्रेस 03 मई से 24 मई तक अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पूर्णतय: रद्द रहेगी। विशाखापट्टनम साप्ताहिक एक्सप्रेस गाड़ियाँ है।

तिथियों की विस्तृत जानकारी के हेतु निम्नलिखित परिपत्रक देखिए,

SECR दपुमरे का अजीबोगरीब निर्णय : गर्मी के दिनोंमें एक तरफ रेल प्रशासन छुट्टी विशेष गाड़ियाँ चलाता है वहीं दूसरी ओर दपुमरे ने मालगाड़ियोंके लिए महीनाभर 11 जोड़ी यात्री गाड़ियाँ बन्द कर दी है। गौरतलब है, कोयले से लदी गाड़ियोंको औषणिक विद्युत केन्द्रोंपर पहुचाना भी उतना ही आवश्यक है।

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जागो रेल प्रशासन, हम सब आपके द्वारा कुछ ठोस कार्रवाई हो यह अपेक्षा कर रहे है।

निम्नलिखित लोकप्रिय दैनिक की शीर्षक देखें,

कमोबेश पूरे भारतीय रेल में स्लीपर क्लास की यही अवस्था है। हम भारतीय इतने सहनशील है, की 80 यात्री क्षमता के कोच में दुगुने, तिगुने यात्री भी हो तो भी कानूनी कार्रवाई के लिए आग्रह नही करते और इसी ‘एडजस्टमेन्ट’ वाली पॉलिसी में यात्रा पूरी हो जाती है।

जाहिर सी बात है, आरक्षित वर्ग के इस स्लीपर क्लास में 8 शायिका/बैठक के 10 कप्पे याने कुल 80 यात्री अधिकृत होते है। समझ लीजिए 16 RAC यात्री भी कोच में अधिकृत किये गए है तो भी अधिकतम यात्री संख्या 88 से ज्यादा नही होनी चाहिए, और भी आधे टिकट वाले, 12 वर्ष से कम के 10-20 यात्री और गिन लीजिये जिन्होंने शायिका नही ली है, मगर वह अधिकृत यात्री है और उनके नाम चार्ट में दर्ज है। कुल मिला कर छोटे, बड़े 100 से अधिक यात्री तो स्लीपर कोच में दिखना ही नही चाहिए, फिर यह लोग कौन है और किस तरह सम्पूर्ण आरक्षित कोच में अनाधिकृत तरीके से घुसे रहते है?

ज्यादातर यह लोगोंके पास प्रतीक्षा सूची का PRS टिकट होता है और स्लीपर कोच के 4, 6 डिब्बों के बीच एक टी टी ई अपनी यात्री सुविधाओंकी ड्यूटी निभा रहा होता है, तो यह प्रतिक्षासूची टिकट धारक उस रेलवे टिकट जांच अधिकारी से बच कर डिब्बे में चढ़ जाते है। दिन की यात्रा के समय अक्सर स्लीपर कोच की अप्पर बर्थ पर कोई यात्री नही रहता, उस पर यह लोग कब्जा जमा लेते है। किसी आरक्षित यात्री ने आपत्ति भी उठायी तो उसे समझा दिया जाता है, की जब वह सोना चाहेगा बर्थ खाली कर दिया जाएगा।

कुछ यात्री कम दूरी की यात्रा करने वाले होते है, जो बस एक स्टेशन तो जाना है, थोडासा बैठ लेने दीजिये, अब घंटे भर में उतर जाएंगे और यह सिलसिला गाड़ी के आरंभिक स्टेशन से शुरू होकर गन्तव्य तक चलते रहता है। कुछ यात्री MST धारक, जो विशिष्ट स्टेशनोंके बीच रोजाना जाना आना करते है, बिल्कुल हक़ से, अधिकृत यात्री को सोये हुए को उठाकर उसकी जगह में धँस जाते है, किसी की क्या मजाल जो उन्हें मनाही कर दे, टी टी ई तो उनकी तरफ झाँकते ही नही। कुछ यात्री रेलवे के दामाद बने फिरते है। यह लोग रेलवे के आजी, माजी कर्मचारी होते है, जेब मे रेल मजदूर यूनियन का कार्ड फँसा कर बेखटके यात्रा करते है, जिन्हें रेलवे के सारे कोटे वगैरह मालूम रहते है और सीधे उन सीटों पर कब्ज़ा जमाए रहते है।

ऐसा नही है, की रेल प्रशासन ने इन अवान्तर यात्रिओंके रास्ते काटे है, रेल कर्मियों की पास डिजिटल कर दी है, जिससे पास का बारम्बार दुरुपयोग रुका है। MST धारकोंको संक्रमण के बाद से किसी भी आरक्षित कोच में यात्रा करने की अनुमति नही है। खैर, वह तो पहले भी नही थी। मगर अब लम्बी दूरी की गाड़ियोंसे MST धारकोंको दूर रखा गया है। लेकिन अब भी PRS टिकट की प्रतिक्षासूची के यात्रिओंपर रेलवे कड़ा निर्णय नही ले पाई है।

रेल प्रशासन को चाहिए की अब वे अपनी टिकिटिंग सिस्टम को सम्पूर्ण डिजिटल कर दे। ” नो कैश” बिना नगदी के व्यवहार होने से जो भी प्रतिक्षासूची के चाहे वह ई-टिकट धारक हो या PRS टिकट धारक उनके खाते में रिफण्ड कर दिया जाए। जब प्रतिक्षासूची का हर तरह का टिकट अपने आप रदद् हो जाएगा तो टिकट जाँच दल और रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों को उन अनाधिकृत यात्रिओंपर कार्रवाई करने हेतु नैतिक बल रहेगा। क्योंकि वह यात्री तत्त्वतः बिना टिकट ही यात्रा कर रहा होगा। यह निर्णय लेना नितांत आवश्यक है और जब गाँव तक के लोगोंके बैंकोमे ‘आधार’ युक्त और अलग अलग सब्सिडियोंके हेतु खाते खोले जा चुके है, तब क्यों न इस तरह की योजना भारतीय रेल अपना नही सकती?

समस्या है, तो उसके समाधान भी है। बस, आवश्यकता है निर्णय लेने की और उसके कड़ाई से पालन करने की।

Photo courtesy : Dainik Jagran

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SWR द प रेल के हुबली मण्डल मे रेल गाड़ियोंका परिचालन दो सप्ताह तक बाधित रहेगा।

दक्षिण पश्चिम रेल के हुबली मण्डल मे, बेलगावी में तकनीकी कार्य के चलते दो सप्ताह तक रेल गाड़ियोंका परिचालन बाधित रहेगा।

सम्पूर्ण रदद् गाड़ियाँ

17326 मैसुरु बेलगावी विश्वमानव प्रतिदिन एक्सप्रेस दिनांक 22 अप्रेल से 04 मई तक 13 फेरे नही चलेगी, वापसीमे 17325 बेलगावी मैसुरु विश्वमानव प्रतिदिन एक्सप्रेस दिनांक 23 अप्रेल से 05 मई तक 13 फेरे रदद् रहेगी।

17317 हुबली दादर प्रतिदिन एक्सप्रेस दिनांक 23 अप्रेल से 04 मई तक 12 फेरे नही चलेगी और वापसी मे 17318 दादर हुबली प्रतिदिन एक्सप्रेस दिनांक 24 अप्रेल से 04 मई तक 12 फेरे नही चलेगी।

07335/36 बेलगावी शेड़बल बेलगावी प्रतिदिन विशेष एक्सप्रेस दिनांक 28 अप्रेल से 4 मई तक अपने 7 फेरे के लिए रदद् रहेगी।

अंशतः रदद् गाड़ियाँ

1: 17415 तिरुपति कोल्हापुर प्रतिदिन हरिप्रिया एक्सप्रेस JCO ( गाड़ी प्रस्थान स्टार्टिंग स्टेशन की तिथि ) दिनांक 23 अप्रेल से लेकर 04 मई तक अपने बारा फेरे केवल तिरुपति से हुबली तक ही करेंगी, आगे हुबली से कोल्हापुर के बीच रदद् रहेगी।

2: 17416 कोल्हापुर तिरुपति प्रतिदिन हरिप्रिया एक्सप्रेस JCO ( गाड़ी प्रस्थान स्टार्टिंग स्टेशन की तिथि ) दिनांक 24 अप्रेल से लेकर 05 मई तक अपने बारा फेरे केवल हुबली से शुरू होकर तिरुपति तक ही करेंगी, कोल्हापुर से हुबली के बीच रदद् रहेगी।

3: 20653 के एस आर बेंगलुरु बेलगावी प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस JCO ( गाड़ी प्रस्थान स्टार्टिंग स्टेशन की तिथि ) दिनांक 27 अप्रेल से लेकर 03 मई तक अपने सात फेरे केवल बेंगलुरु से धारवाड़ तक ही करेंगी, आगे धारवाड़ से बेलगावी के बीच रदद् रहेगी।

4: 20654 बेलगावी के एस आर बेंगलुरु प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस JCO ( गाड़ी प्रस्थान स्टार्टिंग स्टेशन की तिथि ) दिनांक 28 अप्रेल से लेकर 04 मई तक अपने सात फेरे केवल धारवाड़ से शुरू होकर बेंगलुरु तक ही करेंगी, बेलगावी से धारवाड़ के बीच रदद् रहेगी।

मार्ग परिवर्तन कर चलनेवाली गाड़ियाँ

1: 16508 के एस आर बेंगलुरु से जोधपुर के बीच चलनेवाली द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 25/4, 27/4 एवं 02/5 तिथियोंको अपने नियमित मार्ग धारवाड़, बेलगावी, लौंडा, घाटप्रभा, मिरज, सांगली, कराड, सातारा इन पड़ावों को रद्द करते हुए हुबली, गदग, बागलकोट, विजयपुरा, सोलापुर, पुणे होकर आगे जोधपुर के लिए रवाना होगी।

2: 16533 जोधपुर के एस आर बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 27/4 एवं 04/5 को पुणे के बाद अपने नियमित मार्ग पुणे, सातारा, मिरज, बेलगावी, लौंडा, धारवाड़ इन पड़ावों को रद्द करते हुए पुणे, सोलापुर, होटगी, विजयपुरा, बागलकोट, गदग होते हुए हुबली पहुचेंगी और आगे बेंगलुरु के लिए रवाना होगी।

3: 16507 जोधपुर से के एस आर बेंगलुरु के बीच चलनेवाली द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 23, 28 एवं 30 अप्रेल को जोधपुर से पुणे तक अपने नियमित मार्ग से आने के बाद अपने नियमित मार्ग पुणे, सातारा, मिरज, बेलगावी, लौंडा, धारवाड़ इन पड़ावों को रद्द करते हुए पुणे, सोलापुर, होटगी, विजयपुरा, बागलकोट, गदग होते हुए हुबली पहुचेंगी और आगे बेंगलुरु के लिए रवाना होगी।

4: 16210 मैसूरु अजमेर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 26/4, 28/4 एवं 03/5 को मैसूरु से हुबली तक आकर आगे अपने नियमित मार्ग धारवाड़, बेलगावी, लौंडा, घाटप्रभा, मिरज, सांगली, कराड, सातारा इन पड़ावों को रद्द करते हुए हुबली, गदग, बागलकोट, विजयपुरा, सोलापुर, पुणे होकर आगे अजमेर के लिए रवाना होगी।

5: 16209 अजमेर मैसुरु द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 24/4, 29/4 एवं 01/5 को अजमेर से पुणे तक अपने नियमित मार्ग से आने के बाद अपने नियमित मार्ग पुणे, सातारा, मिरज, बेलगावी, लौंडा, धारवाड़ इन पड़ावों को रद्द करते हुए पुणे, सोलापुर, होटगी, विजयपुरा, बागलकोट, गदग होते हुए हुबली पहुचेंगी और आगे बेंगलुरु के लिए रवाना होगी।

6: 16532 के एस आर बेंगलुरु से अजमेर के बीच चलनेवाली साप्ताहिक गरीब नवाज़ एक्सप्रेस JCO 29 अप्रेल तिथि को बेंगलुरु से पुणे तक आकर अपने नियमित मार्ग धारवाड़, बेलगावी, लौंडा, घाटप्रभा, मिरज, सांगली, कराड, सातारा इन पड़ावों को रद्द करते हुए हुबली, गदग, बागलकोट, विजयपुरा, सोलापुर, पुणे होकर आगे अजमेर के लिए रवाना होगी।

7: 16506 के एस आर बेंगलुरु से गांधीधाम के बीच चलनेवाली साप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 30 अप्रेल को बेंगलुरु से पुणे तक आकर अपने नियमित मार्ग धारवाड़, बेलगावी, लौंडा, घाटप्रभा, मिरज, सांगली, कराड, सातारा इन पड़ावों को रद्द करते हुए हुबली, गदग, बागलकोट, विजयपुरा, सोलापुर, पुणे होकर आगे गांधीधाम के लिए रवाना होगी।

8: 16534 के एस आर बेंगलुरु से जोधपुर के बीच चलनेवाली साप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 24/4 एवं 01/5 तिथि को बेंगलुरु से पुणे तक आकर अपने नियमित मार्ग धारवाड़, बेलगावी, लौंडा, घाटप्रभा, मिरज, सांगली, कराड, सातारा इन पड़ावों को रद्द करते हुए हुबली, गदग, बागलकोट, विजयपुरा, सोलापुर, पुणे होकर आगे अजमेर के लिए रवाना होगी।

9: 16531 अजमेर से के एस आर बेंगलुरु के बीच चलनेवाली साप्ताहिक गरीब नवाज़ एक्सप्रेस JCO 30 अप्रेल को अजमेर से पुणे तक अपने नियमित मार्ग से आने के बाद अपने नियमित मार्ग सातारा, मिरज, बेलगावी, लौंडा, धारवाड़ इन पड़ावों को रद्द करते हुए पुणे, सोलापुर, होटगी, विजयपुरा, बागलकोट, गदग होते हुए हुबली पहुचेंगी और आगे बेंगलुरु के लिए रवाना होगी।

10: 11098 एर्नाकुलम पुणे पूर्णा साप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 25/4 एवं 02/5 को एर्नाकुलम से मडगांव तक आकर आगे सनवेदरम चर्च, कुलेम, कैसल रॉक, बेलगावी, लौंडा, धारवाड़, घाटप्रभा, मिरज, सातारा, सांगली, कराड इन पड़ावों को रद्द करते हुए कोंकण रेलवे मार्ग से रोहा, पनवेल, कर्जत, लोनावला होकर पुणे पहुचेंगी।

11: 12782 हजरत निजामुद्दीन मैसुरु स्वर्णजयंती साप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 25/4 एवं 02/5 को निजामुद्दीन से पुणे तक जाकर आगे अपने नियमित मार्ग सतारा, सांगली, मिरज, बेलगावी, धारवाड़ को रद्द करते हुए दौंड, सोलापुर, विजयपुरा, बागलकोट गदग होते हुए हुबली जाकर आगे मैसुरु पहुचेंगी।

12: 16505 गांधीधाम बेंगलुरु के बीच चलनेवाली साप्ताहिक एक्सप्रेस JCO 26/4 एवं 03/5 को गांधीधाम से पुणे तक अपने नियमित मार्ग से आने के बाद अपने नियमित मार्ग पुणे, सातारा, मिरज, बेलगावी, लौंडा, धारवाड़ इन पड़ावों को रद्द करते हुए पुणे, सोलापुर, होटगी, विजयपुरा, बागलकोट, गदग होते हुए हुबली पहुचेंगी और आगे बेंगलुरु के लिए रवाना होगी।

17416 कोल्हापुर तिरुपति हरिप्रिया एक्सप्रेस JCO 22 अप्रेल, गाड़ी को 80 मिनट तक नियंत्रित कर चलाया जाएगा।

उपरोक्त मार्ग से रेल यात्रा करनेवाले यात्रीगण से निवेदन है, कृपया ब्लॉक की तिथियां और मार्ग परिवर्तन इत्यादि समझकर अपनी रेल यात्रा का नियोजन करे। अतिरिक्त जानकारी हेतु रेलवे हेल्पलाइन 139 का उपयोग करे।