Stories/ News Alerts

Uncategorised

नई यात्री गाड़ी : बाड़मेर जयपुर के बीच 29/30 मार्च से सप्ताह में पांच दिन चलेगी 20489/90 एक्सप्रेस

ताजा जानकारी यही है, उपरोक्त गाड़ी का नमहर 20489/90 यह है।

एक और परिपत्रक सोशल मीडिया में प्राप्त हुवा है,

गाड़ी नम्बर क्या है, यह गाड़ी मालक NWR ही जाने। अब कहा जा रहा है 20489/90 यही सही नम्बर है। कभी कभी रेल प्रशासन से गलती से मिस्टेक हो जाती है। जय हो!!

Uncategorised

यह है सूची, सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस में बदले जाने की।

यूँ तो यह सूची लगभग डेढ़-दो वर्ष पुरानी है, मगर न सिर्फ रेलवे बोर्ड से बल्कि सम्बन्धित सभी क्षेत्रीय रेल से भी सम्मति प्राप्त है। वैसे कई बार देखने मे भी यह सूची आ गयी है और जितनी बार देख लिए उतनी बार मे जो झटका पहले देखने मे लगा था, उसकी तीव्रता लगातार कम कम होते गयी है। यह ठीक वैसा है, जैसे हम से हमारे परिजनों के बिछड़ने का गम धीरे धीरे कम होते चलता है।

दोबारा इसे यहांपर लाने की वजह यह है, मार्च 31 से संक्रमण के सारे निर्बन्धों को साधारण करने की चर्चा सुनने में है और ऐसी स्थिति में बन्द पड़ी या विशेष श्रेणी में चलाई जा रही सभी गाड़ियोंके नियमितीकरण के आदेश निकलने की सम्भावना दिखाई दे रही है। बहुत सी मेमू गाड़ियोंमे मेल/एक्सप्रेस के किराए वसूले जा रहे है। आम यात्री इस पेशोपेश में है, यह गाड़ी सवारी है या शुद्ध मेल/एक्सप्रेस? आशा तो यही है, की रेल प्रशासन भी अब यात्रिओंसे ‘नॉर्मल’ तरीकेसे पेश आएंगी ☺️ और यात्रिओंको इस उलझन से निकाल देगी, की उसे अब सवारी जैसी 35 kmph की गति वाली और हरेक छोटे से छोटे स्टेशनपर भी रुकने वाली गाड़ियोंको भी मेल/एक्सप्रेस मान लेना होगा।

Uncategorised

मध्य रेल द्वारा मुंबई और बलिया/गोरखपुर के बीच 182 समर स्पेशल ट्रेनें

मध्य रेल ने गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए लोकमान्य तिलक टर्मिनस, मुंबई और बलिया / गोरखपुर के बीच 182 समर स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। यूँ समझिये की लोकमान्य तिलक टर्मिनस से मऊ के बीच हर रोज चलेगी यह विशेष गाड़ी। विवरण इस प्रकार हैं:

  1. मुंबई-बलिया त्रिसाप्ताहिक स्पेशल (78 सेवाएं)

01025 स्पेशल गाड़ी लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को दिनांक 01.04.2022 से 29.06.2022 तक 14.15 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन 01.45 बजे बलिया पहुंचेगी।

01026 स्पेशल गाड़ी दिनांक 03.04.2022 से 01.07.2022 तक प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार एवं रविवार को 15.15 बजे बलिया से प्रस्थान कर तीसरे दिन 03.35 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।

हॉल्ट: कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, हरदा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, ललितपुर, टीकमगढ़, खरगापुर, महाराज छत्रसाल स्टेशन छतरपुर, खजुराहो, महोबा, बांदा, चित्रकूटधाम करवी, मानिकपुर, प्रयागराज, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी, औंरिहार , मऊ और रसरा

2: मुंबई-गोरखपुर सप्ताह में 4 दिन स्पेशल (104 सेवाएं)

01027 स्पेशल (सप्ताह में 4 दिन) लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को दिनांक 02.04.2022 से 30.06.2022 तक 14.15 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 02.45 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।

01028 स्पेशल (सप्ताह में 4 दिन) दिनांक 04.04.2022 से 02.07.2022 तक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को 14.25 बजे गोरखपुर से प्रस्थान कर तीसरे दिन 03.35 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।

हॉल्ट: कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, हरदा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, ललितपुर, टीकमगढ़, खरगापुर, महाराज छत्रसाल स्टेशन छतरपुर, खजुराहो, महोबा, बांदा, चित्रकूटधाम करवी, मानिकपुर, प्रयागराज, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी, औंरिहार ,मऊ,भटनी व देवरिया सदर

01025/01026 और 01027/01028 की संरचना: 1 एसी 2-टियर, 4 एसी 3-टियर, 11 स्लीपर क्लास और 6 सामान्य द्वितीय श्रेणी जिसमें गार्ड ब्रेक वैन शामिल है।

आरक्षण: स्पेशल ट्रेन संख्या 01025 और 01027 के लिए विशेष शुल्क पर बुकिंग दिनांक 27.03.2022 को सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों और वेबसाइट http://www.irctc.co.in पर शुरू होगी।

समय और हाल्ट की विस्तृत जानकारी के लिए कृपया http://www.enquiry.indianrail.gov.in देखें या एनटीईएस ऐप डाउनलोड करें

Uncategorised

रतलाम – आगरा किला – यमुना ब्रिज और कोटा – वडोदरा के बीच चलनेवाली सवारी विशेष पहली अप्रैल से एक्सप्रेस बनेगी।

05911/12 रतलाम – आगरा किला – यमुना ब्रिज – रतलाम सवारी विशेष गाड़ी के दिनांक 01 अप्रेल से 19817 रतलाम आगरा किला एक्सप्रेस और 19818 यमुना ब्रिज रतलाम एक्सप्रेस यह नए गाड़ी क्रमांक रहेंगे। साथ ही 05831/31 कोटा – वडोदरा – कोटा सवारी विशेष के गाड़ी क्रमांक भी 19819/20 01 अप्रेल से ही बदल जाएंगे।

गौरतलब यह है, यह दोनों गाड़ियाँ 59811/12 और 59831/32 पहले सवारी यात्री किरायोंमे चलती थी। शून्याधारित समयसारणी के अनुशंसा में कुछ सवारी गाड़ियोंको एक्सप्रेस में तब्दील किया जाना है अतः यह दोनों गाड़ियाँ एक्सप्रेस क्रमांक से चलेगी। वैसे भी संक्रमण काल के बाद जब से चली है, विशेष श्रेणी के कारण इन गाड़ियोंकी यात्रा करने हेतु एक्सप्रेस किराया ही देना पड़ता था।

यात्रिओंको और भी शून्याधारित समयसारणी के झटके लगने है, वैसे शुरवात स्टेशन स्किपिंग, लिंक एक्सप्रेस बन्द, सवारी किराये बन्द, रियायतोंका लागू न होना इत्यादि। कहते है, रात के बाद सुबह होती है। रेल यात्री भी आशा कर रहे है, शून्याधारित समयसारणी के फ़ायदोंकी ‘वो सुबह कभी तो आएगी।’

Uncategorised

क्यों बिकती है 15 की पानी बोतल 20 मे?

आये दिन ट्विटर पर यात्रिओंकी, रेल अधिकारियों के लिए ‘ओवर चार्जिंग’ की शिकायतें मौजूद रहती है। उन में सबसे ज्यादा शिकायतें पानी बोतल सबन्धी होती है।

रेलवे स्टेशनोंपर या रेल गाड़ी में पानी की बोतलें खूब बिकती है। प्लेटफार्म पर, खानपान विभाग के प्रत्येक जंक्शन स्टेशनोंके स्टॉल पर अमूमन 5,000 बोतल बिकती है। यानी छपी कीमत के मूल्य से 75,000 की सेल। प्रशासन की मान्यता प्राप्त बोतलोंमें करीबन 20% की मार्जिन होती है तो अनब्रांडेड बोतलोंमें 40% कमीशन मिलती है। ठंडा करने का खर्च और स्टॉल के किराए, वेण्डर की पगार आदि जोड़े तो भी 7 से 10% कमाई कहीं नही गयी। कुल मिलाकर यह सारा खेल 5 से 7 हजार रोजाना का है।

जब तक ईमानदारी से छपे मूल्य से सामान या बोतले बिकती है तब तक का यह हिसाब ठीक है, मगर यही बात कट प्रैक्टिस में चला जाये तो अनब्रांडेड बोतलें, प्लेटफार्म के नलों, वॉटर कूलर्स को बन्द करवाना या अवैध वेंडरोंसे काम करवाना शामिल किया तो कमाई दुगुनी, चौगुनी हो जाती है। न कोई बिल है न ही कोई हिसाब किताब। दिनभर पानी बोतलों की खेप आते रहती है और बिकते रहती है। कहा जाता है, प्लेटफॉर्म से लेकर रेल गाड़ी तक और उच्च पदस्थों से लेकर सिपाही तक सबको इसका जमा गुना भाग बँटाई सब पता होता है।

गलती कहाँ होती है? सच्चा, झूठा जो भी व्यवहार है, यात्री तक आकर सर्कल कम्प्लीट होता है। यात्री यदि ₹15/- पर अड़ जाए तो… क्या यह सम्भव हो सकता है? कई बार यात्री के पास कोई ऑप्शन नही होता और वह दिखती आंखों से इस लूट में बकरा बनता है। कहीं गाड़ी छूटने को हो रही होती है तो कहीं प्यास की आस लगी रहती है, कहीं अपने परिवार का ख्याल होता है। कुल मिलाकर मजबूरी यात्री को बेबस कर देती है। स्टॉल धारकोंकी न ही नीति बची है न ही अधिकारियोंका डर। हालांकि इस गोरखधंधे में कई स्टॉल अपवाद भी है, जो अपनी नीति अब भी बरकरार रखे हुए है। छपी कीमत से ज्यादा चार्ज नही करते।

यात्रीगण से क्या कहे, बस यह समझिये की मजबूर वाली स्थिति न आने दे। पीने के पानी का स्टॉक सदैव साथ रखा रहने दे या छुट्टा पैसा साथ रख खरीदारी करें या रकम राउण्ड ऑफ हो ऐसी एडजस्टमेंट करें ताकि वेन्डर्स को भी कोई असुविधा का सामना न करना पड़े। ज्यादातर रेल प्रशासन की ओरसे प्लेटफार्म पर पेयजल की व्यवस्था हेतु वॉटर कूलर या वॉटर वेंडिंग मशीने लगी होती है।एक बात का विशेष ख्याल रखे, अवैध वेण्डरों से किसी तरीके की कोई चीज न खरीदे। यह न सिर्फ आपकी सेहत को नुकसान दे सकती है, अपितु किसी विवाद का कारण भी बन सकती है।

Image courtesy : http://www.indiarailinfo.com