Stories/ News Alerts

Uncategorised

पुणे लोणन्द फलटण लोणन्द पुणे डेमू पुनर्स्थापित की जा रही है।

01535/36 पुणे फलटण पुणे और 01537/38 लोणन्द फलटण लोणन्द डेमू गाड़ियाँ सप्ताह में छह दिन, प्रत्येक रविवार के सिवाय दिनांक 10 फरवरी से चलाई जाएगी।

Uncategorised

नया टर्मिनल, नयी रेलगाड़ी

कोटा स्टेशन के समीप नया टर्मिनल स्टेशन ‘सोगरिया’ बनाया गया है जिसका हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिर्ला और रेल राज्य मन्त्री दर्शना जरदोष ने उद्घाटन किया था। अब दिनांक 14 फरवरी को यहांसे दिल्ली के लिए प्रतिदिन इंटरसिटी गाड़ी की शुरुआत होने जा रही है। फिलहाल यह उद्धाटन विशेष गाड़ी की संक्षिप्त समयसारणी की सूचना है। विस्तृत समयसारणी भी आपके लिए जरूर ले आएंगे।

Uncategorised

लीजिए, एक और रेल रोड के सर्वे की घोषणा

निम्नलिखित पत्र, रेलवे बोर्ड से महाव्यवस्थापक मध्य रेल और पूर्वतटीय रेलवे के नामे आया है। पत्र में पूर्वतटीय रेलवे के बोलनगीर से नौपाडा पाटनागढ़ होकर 100 किलोमीटर के नए रेल मार्ग के सर्वे की बात की गई है और मध्य रेलवे में जालना से जलगाँव 174 किलोमीटर के भी सर्वे की बात लिखी है।

औरंगाबाद – भुसावल, औरंगाबाद – खामगांव अब जालना – जलगाँव कहते है न, ‘दिल बहलाने के लिए, खयाल अच्छा है ग़ालिब‘ चलिए हम तो आम खाने के शौकीन है, पेड़ काहे गिनेंगे? अच्छा है, जालना – जलगाँव भी महत्वपूर्ण जोड़ मार्ग रहेगा रेलवे का।

😄

Uncategorised

रेल बजट मे क्षेत्रीय रेल्वे की पिंक बुक के कुछ मर्म

हमारे देश मे रेल प्रेमियों की कोई कमी नहीं है और ऐसे बहुत कम ही लोग होंगे जिन्होंने रेल ही ना देखी हो या उसमे कभी यात्रा ही न की हो। लेकिन रेल प्रेमियों की बात ही कुछ निराली होती है। यह लोग अपने क्षेत्र के लिए दिन रात लगे रहते है। फिर वह गाडियाँ चलवाने की बात हो या ठहराव दिलवाने की। वॉट्स ऐप पर ग्रुप बने रहते है। ट्विटर खोलिए, लगभग हर क्षेत्रीय, हर मण्डल के यूजर आइडी आप को मिल सकते है। यही लोग होते है जो क्षेत्र के यात्रीओं के लिए रेल्वे के अधिकारियों से बहस करते रहते है। सांसदों और क्षेत्र के अन्य राजनीतिक संबंधों से रेल्वे की यात्री सुविधाएं अपडेट कराते रहते है और विशेषता यह है की यह सारे काम वह अपने व्यक्तिगत पसंद से और जुनून के साथ करते है। जब भी हम ऐसे ग्रुप्स के ट्वीट देखते है, तो उनके कार्य और जुनून को सलाम करने की इच्छा होती है।

आज हम यह पोस्ट उनके लिए ही लाए है। पिंकबुक देखते वक्त उसकी कई सारी मदें इतनी पेचीदा होती है की उनसे इन ग्रुप्स मे आपस मे ही विवाद खड़े हो जाते है। रेल बजट मे किसको क्या मिला इस पर चर्चा करते वक्त एक पॉइंट सब के जहन मे अक्सर आता है, वह है पूँजी की जगह रुपये 1000/- का आबंटन। प्रोजेक्ट की कीमत हजारों करोड़ की है और निधि आबंटन मे सिर्फ रु1000/- क्यों? समझने की बात यह है की जो निधि उस प्रोजेक्ट को दिया जाना है वह हो सकता है EBR IF या EBR P से आना हो? अब EBR IF या EBR P यह क्या बला है? EBR याने एक्स्ट्रा बजेटरी रिसीट्स, IF याने इंस्टीट्यूशनल फाइनांस और P याने प्राइवेट। अब जब किसी परोजकत को EBR IF या EBR P का निधि मिलने वाला हो तो उस प्रोजेक्ट को रेल्वे की बुक्स मे हाजिर रखे जाने के लिए रु 1000/- का प्रावधान दिया जाता है और मुख्य निधि की व्यवस्था की जा रही होती है।

दूसरा जो निधि के आँकड़े होते है उनमे भी कई लोग उलझ जाते है। सहज गणित है, जो आंकड़ा दिखाई दे रहा है उसे 1000 से गुना कर लीजिए तो कितना निधि मिला है यह समझ जाएगा। जो बुक की सबसे छोटी इकाई है वही दी गई होती है। आपने देखा होगा, “आँकड़े हजार रुपए मे” यह उसका कारण है। एक विवाद यह भी है S FUND याने क्या? S FUND याने SINKING FUND, यह राखीव निधि होता है जो रेल विभाग की असेट, मालमत्ता को सुरक्षित करने हेतु निकाल गया अतिरिक्त निधि है। यह निधि सरकारी बॉंडस के रूप मे हो सकता है। कोई इसे सेफ़्टी फंड कहता है, ठीक है मगर निधि है यह महत्वपूर्ण बात है। DRF याने घसारा आरक्षित निधि और DF याने डेवलपमेंट फंड SRSF याने स्पेशल रेल्वे सेफ़्टी फंड ऐसे ही RRSK राष्ट्रीय रेल संरक्षण कोश कुल मिला कर अलग अलग मद मे निधि उपलब्ध कराया जाता है।

आम यात्री बहुतांश उसे कितनी गाडियाँ नई मिलनेवाली है यह जानने के लिए ज्यादा उत्सुक रहता है, वही स्थिति रेल फैन ग्रुप्स की भी होती है। पहले 75 वन्दे भारत गाड़ियों की घोषणा हुई थी और अब बजट मे 400 की। यात्रीओं के मन मे सबसे पहला सवाल यही की हमारे क्षेत्र से कितनी वन्दे भारत चलेंगी? भैय्या वन्दे भारत की संहिता समझिए, यह ज्यादातर शताब्दी की जो संहिता है की किसी दो प्रमुख स्टेशनों के बीच जहाँ सीधे चलने की मांग है वहीं चलाई जाती है। सीधे चलना अर्थात कम ठहराव और कम समय मे दो शहरों को जोड़ना। बताइए कौन से स्टेशनों को, क्षेत्रों को वन्दे भारत की ज्यादा जरूरत है? तेज गतिसे गाडियाँ चलाने की कवायद शुरू हो गई है, 110 – 120 – 130 और अब 160 kmph की गति प्राप्त करने का विश्वास है, मगर प्लेटफ़ॉर्म यह बुनियादी सुविधा, इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है? आज भी बहुतांश जंक्शनों पर गाडियाँ, स्टेशनों के प्लेटफ़ॉर्म खाली नहीं होने की वजह से आउटर सिग्नलों पर खड़ी रहती है। यात्री गाडियाँ प्लेटफ़ॉर्म के बाहर खड़ी रहना यह असामाजिक तत्वों को सीधा सीधा बुलावा है। आज भी यात्री गाड़ियों मे अवैध विक्रेता की कोई न कोई खबर सोशल मीडिया मे आती ही रहती है। यह लोग प्लेटफ़ॉर्म के बाहर से ही आवागमन करते रहते है। मुख्य कारण यह भी है जब तक यात्री इनसे सामान खरीदना नहीं छोड़ेंगे यह हर वह छुपे तरीकों से रेलों मे अवैध विक्री करने का प्रयत्न करते रहेंगे।

खैर, यह सब हमारी अपनी बातें है, आशा करते है आप को अच्छी लगी होगी।

Uncategorised

पश्चिम रेल्वे WR को रेल बजट से मिले 9149 करोड़

आम बजट मे एकमुश्त रकम रेल विभाग को दी जाती है और पिंक बुक के प्रकाशित किए जाने के बाद ही प्रत्येक क्षेत्रीय रेल विभाग को कितना आबंटन हुवा है यह पता चलता है। पश्चिम रेल्वे को कुल 9148.76 करोड़ रुपए का आबंटन हुवा है, जिसमे पूंजी निधि 6053.69 करोड़, घसारा आरक्षित निधि DRF 135.1 करोड़, डेवलपमेंट फंड DF 142 करोड़, सिंकींग फंड या सुरक्षा निधि SF 1748 करोड़, RRSK मे 1069.47 करोड़ ऐसे कुल 9148.76 करोड़ का निधि मिला है। हम कुल आबंटन के मुख्य मद देख रहे है।

नई लाइनें :-

इंदौर दाहोद वाया झाबुआ, धार 200 किलोमीटर के लिए 265 करोड़, छोटा उदेपुर – धार 157 किलोमीटर 100 करोड़, नीमच – बड़ी सादडी 48 किलोमीटर 50 करोड़ ऐसी 415 करोड़ की पूँजी दी गई है। वहीं मुम्बई – अहमदाबाद HSR हाई स्पीड रेल के लिए 5000 करोड़ का प्रावधान EBR(S) एक्स्ट्रा बजेटरी रिसीट्स स्पेशल के तहत किया गया है।

आमान परिवर्तन (गेज कनवर्जन) :-

रतलाम – महू – खंडवा – अकोला 472 किलोमीटर के लिए 456 करोड़ कैपिटल निधि और 432 करोड़ सिंकींग फंड SF से कुल 888 करोड़ का निधि मिला है। भीलड़ी – वीरमगाम 157 किलोमीटर को 5 करोड़, अहमदाबाद – हिम्मतनगर – उदयपुर को EBR(IF) एक्स्ट्रा बजेटरी रिसीट्स इंस्टीट्यूशनल फाइनांस के जरिए 268 करोड़, भुज – नालिया 101 किलोमीटर 4 करोड़, मियागाम करजन – दभोई – समलाया 96 किलोमीटर 150 करोड़, अहमदाबाद – बोटाड 170 किलोमीटर कुल 56 करोड़, दभोई – चांदोद – केवड़िया 49 किलोमीटर कुल 100 करोड़ यह बड़े आबंटन है। इसके बाद प्रत्येक खंड को 1 हजार रुपए का प्रावधान कर उन्हे पिंक बुक मे स्थायी किया गया है, वह है राजकोट – वेरावल – वानसजालिया – जेतलसर, वेरावल – सोमनाथ, सोमनाथ – कोडिनार, धासा – जेतलसर, कलोल – कटोसन, अद्रज मोती – विजापुर, विजापुर – अंबलियासन, खिजड़िया- विसावदार, जूनागढ़ – विसावदार, वेरावल – तलाला, सामनी – जंबुसर, जंबुसर – विश्वामित्री, सामलिया – टिम्बा रोड, नडियाड – पेतलाद, पेतलाद – भद्रान, तलाला – देलवाड़ा, प्राची रोड – कोडिनार, हिम्मतनगर – खेडब्रम्हा

रेल दोहरीकरण :-

उधना – जलगाँव 70 करोड़, वीरमगाम – सामाखियाली 182 किलोमीटर को 75 करोड़, वटवा – अहमदाबाद को 1.5 करोड़, पालनपुर – सामाखियाली को डिपॉजिट फंड से 400 करोड़, सुरेन्द्रनगर – राजकोट को कुल 250 करोड़, नीमच – चित्तौड़ गढ़ को 100 करोड़, वटवा – अहमदाबाद – साबरमती चौथी लाइन को 73 करोड़, असलोदा – गंभीर पुल को 1 करोड़, इन्दौर – देवास – उज्जैन को कुल 200 करोड़, आनन्द – गोधरा 100 करोड़, नीमच – रतलाम को 50 करोड़, मेहसाना – पालनपुर को 72 करोड़, राजकोट – कानालूस को 150 करोड़, सूरत – कोसांबा को 1 हजार, अकोदिया – मुहम्मद खेड़ा – शुजालपुर को 1 हजार, भीलड़ी बाइपास को 1 हजार, वीरमगाम – सुरेन्द्रनगर को 10 लाख इसके अलावा उज्जैन फ्लाई ओवर को 10 करोड़ निधि का आबंटन किया गया है।

यातायात सुविधा बढ़ाने हेतु :- रतलाम यार्ड हेतु 1 करोड़, साबरमती टर्मिनल हेतु 10 लाख, बोरडी – दाहोद – धमराडा सिग्नलिंग हेतु 39 लाख, तराना रोड – ताजपुर सिग्नलिंग हेतु 15 लाख, वडोदरा – अहमदाबाद – गोधरा यार्ड हेतु 4.12 करोड़, वसई रोड क्रॉस ओवर के लिए 1.5 करोड़, साबरमती स्टेशन पर सवारी गाड़ियोंके टर्मिनल हेतु 4.78 करोड़। इसके अलावा विशेष देखा जाए तो नई दिल्ली – मुम्बई रेल मार्ग को स्पीड अप कर 160 किलोमीटर प्रति घण्टे के योग्य बनाने हेतु EBR(IF) एक्स्ट्रा बजेटरी रिसीट्स इंस्टीट्यूशनल फाइनांस के जरिए 450 करोड़, डाइमंड क्रॉस ओवर सुधार हेतु 3.5 करोड़, सिग्नलिंग अपग्रेडेशन हेतु कुल 90.5 करोड़ और अंबरेला वर्क घोषित किए प्रोजेक्ट्स के लिए 1.4 करोड़ रुपयों का आबंटन किया गया है।

और अन्य मदों के लिए आप पश्चिम रेल्वेज की पिंक बुक डाउन लोड कर विस्तृत जानकारी ले सकते है।