दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 6 जोड़ी ऐसी गाड़ियाँ शुरू की है, जो कर्णाटक राज्य अंतर्गत चलेगी। इनमेसे 4 जोड़ी गाड़ियाँ आगे सूचना मिलने तक शुरू रहेगी और 2 जोड़ी गाड़ियाँ परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु 4 से 15 सितंबर तक चलेगी। कृपया निम्नलिखित परीपत्रक में गाड़ियोंके समय और स्टापेजेस कि सूचनाओं पर ध्यान दे।
दक्षिण पूर्व रेल्वेने 30 सितंबर तक 3 जोड़ी स्पेशल्स चलाने की घोषणा की है। दुर्ग अम्बिकापुर दुर्ग, रायपुर केवटी रायपुर और रायपुर कोरबा रायपुर। निम्नलिखित परीपत्रक देखिए।
आप के कानोंपर रेलवे टाइमटेबल के संदर्भ में हमेशा पड़नेवाला शब्द “जीरो बेस टाइमटेबल” जो की इस संक्रमण काल की उत्पत्ति है। अब यह उपलब्धि है या आपत्ति या एक अलग परेशानी यह तो आनेवाला काल ही बताएगा।
दरअसल 22 मार्च से रेलवे की सारी यात्री गाड़ियाँ बन्द कर दी गयी थी। तमाम रेलवे नेटवर्क खाली हो गए थे। धीरे धीरे केवल जरूरत के हिसाब से जीवनावश्यक वस्तुओं की माल यातायात शुरू की गई और 12 मई से 30 राजधानी गाड़ियाँ, 1 जून से 200 मेल एक्सप्रेस गाड़ियाँ यात्रिओंकी आवाजाही के लिए पटरी पर उतारी गई। वर्षों पुराने यात्री टाइमटेबल मे मौलिक रूप से बदलाव करने की यह आदर्श स्थिति थी।
रेल प्रशासन ने इस आपत्ति का चुनौती के स्वरूपमे स्वीकार किया और अपने बुनियादी ढांचे को जो वर्षोंसे “रिक्त स्थानोंकी पूर्ति” के समायोजन पर काम किए जा रहा था, ज़ीरो बेस टाइमटेबलिंग के लिए तैयार हो गए। आज यह स्थिति है, की रेलवे अपने माल भाड़े से कमाए हुए धन को यात्री गाड़ियोंमे एडजस्ट करती चली आ रही है। 1 रुपिया अर्जित करने के लिए 98.5 पैसे लग रहे है। ऐसी स्थिति में यह जरूरी हो जाता है, की अपने व्यवस्थाओंके के ढांचे पर नजर डाले और जरूरी, एवं आवश्यक बदलाव करें, अन्यथा सारा ढाँचा ही चरमरा न जाए। इसके लिए रेल प्रशासन ने अपने कुछ तज्ञ और IIT मुम्बई से सहयोग लिया और ज़ीरो बेस टाइमटेबल की रचना की शुरवात की। मुख्य उद्देश्य यह था, की यात्री गाड़ियाँ, मालगाड़ियाँ चलने की सुव्यवस्था हो, मरम्मत किए जाने के लिए अलग से वक्त मिले।
जब यह ज़ीरो बेस टाइमटेबल साकार होते आ रहा है तो एक कड़ा सारांश भी नजर आ रहा है, पूरे रेल नेटवर्क से नियमित चलनेवाली करीबन 500 गाड़ियोंको अपने घर बैठना है, याने रद्द होना है और लम्बी दूरी की गाड़ियोंके कुल मिलाकर 10,000 स्टापेजेस को हरी झंडी दिखानी है याने स्किप करना है, हाँ भाई, याने इतने सारे स्टापेजेस रद्द किए जा सकते है।
अब इससे होगा क्या, तो इससे रेल नेटवर्क पर 15% मालगाड़ियाँ बढाई जायेगी। जो गाड़ियाँ अभी नियमित रूपसे चल रही है, उनका अभ्यास किया जा चुका है। उनमेसे जिन गाड़ियोंमे 50% से कम यात्री बुकिंग्ज हो रही है, उनको रद्द किया जाएगा। लम्बी दूरी की गाड़ियोंके स्टॉपेज में कमसे कम 200 किलोमीटर का अंतर होगा, याने यह गाड़ियाँ किसी स्टेशन से छूटने के बाद 200 किलोमीटर तक नही रोकी जाएगी ताकी इन गाड़ियोंकी अपनी एवरेज तेजी बरकरार रखी जा सके। दस लाख से ज्यादा आबादी के शहर, औद्योगिक शहर, तीर्थ या पर्यटन स्थल इनके स्टापेजेस बरकरार रखे जा सकते है।
गाड़ियाँ रद्द किए जाने में सेक्शन्स का भी अभ्यास किया जा रहा है। यदि कोई गाड़ी अपने किसी खण्ड में खाली चलती है तो उस यात्रा खण्ड को रद्द कर के उसे पहले ही टर्मिनेट याने शार्ट टर्मिनेट कर के उसकी यात्रा समाप्त की जाएगी। (ज़ीरो बेस टाइमटेबल में टर्मिनलों का बदलाव) लम्बी दूरी की गाड़ियोंके स्टापेजेस रद्द किए जाने या किसी छोटे स्टेशनपर गाड़ियोंकी उपलब्धि न रहने के सूरत में दो स्टेशनोंके बीच कनेक्टिंग ट्रेन डेमू या मेमू के स्वरूप में शुरू की जाएगी।
यात्री स्टापेजेस के लिए भी टिकट बुकिंग्ज का तत्व अपनाया जाएगा। जिन स्टेशनोंपर बुकिंग्ज कम है, वहांके स्टापेजेस स्किप याने रद्द किए जा रहे है। तमाम लिंक एक्सप्रेस को रद्द किया जा रहा है, जिन से गाड़ियाँ अनावश्यक रूप से ज्यादा समय खड़ी की जाती है, साथ ही रेल लाइनें भी एंगेज रहती है। इन लिंक एक्सप्रेस के बदले ब्रांच लाइन्स और मेन लाइन के स्टेशनोंके बीच कनेक्टिंग ट्रेन्स की व्यवस्था की जाएगी।
सभी गाड़ियोंको LHB रैक्स में परावर्तित किया जा रहा है। हर एक्सप्रेस गाड़ी कमसे कम 22/24 डिब्बों की रहेगी। जिस मार्ग की गाड़ी रद्द हो रही है, उन स्टेशनोंकी कनेक्टिविटी पर नजर रखी जाएगी। इन सारी कवायदोंका सबर्बन गाड़ियोंपर कोई असर नही होगा, यह परिवर्तन केवल मैन लाइनोंकी गाड़ियोंमे ही किया जा रहा है।
अब आप सोच रहे होंगे आखिर यह धमाकेदार “ज़ीरो बेस टाइमटेबल” आ कब रहा है? तो मित्रों, रेल प्रशासन ने इसकी पक्की तारीख तो फ़िलहाल नही दी है, लेकिन अगले वर्ष के शुरवाती महीनोंमें ही इसे जारी करने की तैयारी रेलवे ने कर ली है। तो तैयार हो जाइए, रेलवे के नए बदलावों के लिए, ज़ीरो बेस टाइमटेबल के लिए।
डिलिंकिंग ऑफ लिंक एक्सप्रेस ट्रेन्स आइए आपको बताते है, विस्तार से-
1: 11057/58 मुम्बई अमृतसर पठानकोट एक्सप्रेस के 4 मुम्बई धुलिया कोचेस जो की चालीसगांव में कट कर 51116/51111 चालीसगांव धुलिया सवारी में लगते थे, बन्द किए जा रहे।
2: 12139/40 मुम्बई नागपुर मुम्बई सेवाग्राम एक्सप्रेस के 6 मुम्बई बल्हारशाह मुम्बई कोचेस, जो की वर्धा में कट कर 51195/51196 वर्धा बल्हारशाह सवारी को लगते थे, बन्द किए जा रहे है।
3: 11027/28 मुम्बई चेन्नई मुम्बई मेल में लगनेवाला 11039/40 गोंदिया कोल्हापुर गोंदिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस का एक कोच जो की गोंदिया से दौंड तक आकर दौंड से सोलापुर के लिए मेल में लगता था, बन्द किया जा रहा है।
4: 11039/11040 कोल्हापुर गोंदिया कोल्हापुर महाराष्ट्र एक्सप्रेस के कोल्हापुर से चालीसगांव तक दो स्लिप कोच आते थे और 51113/51116 चालीसगांव धुलिया सवारी गाड़ी से धुलिया जाते थे, वह सेवा बन्द की जा रही है।
5: 11067/68 लोकमान्य तिलक टर्मिनस फैज़ाबाद लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में पाँच रायबरेली कोच लगते थे जिसे अलग नम्बर 21067/21068 से बुकिंग भी थी, बन्द की जा रही है।
6: 13141/42 सियालदह न्यू अलीपुरद्वार सियालदह तीस्ता तोर्षा एक्सप्रेस के पांच स्लिप कोचेस जो कि 23141/23142 इस अलग नम्बरसे बुकिंग की जाती रही, नए टाइमटेबल आने पर बन्द की जा रही है।
7: 13153/54 सियालदह मालदा टाउन सियालदह गौर एक्सप्रेस के सात कोचेस मालदा टाउन से बालुरघाट के लिए चलते थे, अब बन्द किए जाएंगे।
8: 13345/46 वाराणसी सिंगरौली वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस के सात कोचेस शक्तिनगर के लिए चलाए जाते थे, बन्द किए जाएंगे और शक्तिनगर वाराणसी के बीच सप्ताह में 3 दिनोंके लिए एक अलग गाड़ी चलाई जाएगी।
9: 18309/10 सम्बलपुर जम्मूतवी सम्बलपुर और 18101/02 टाटानगर जम्मूतवी टाटानगर यह दोनों गाड़ियाँ लिंक बनकर चलती थी जिन्हें अब अलग अलग दो गाड़ियोंमे चलाया जाएगा। सम्बलपुर जम्मूतवी के बीच 4 दिन और टाटानगर जम्मूतवी के बीच 3 दिन यह गाड़ियाँ चलेगी।
10: 12053/54 अमृतसर ऊना अमृतसर हिमाचल एक्सप्रेस के हरिद्वार कोचेस भी बन्द किए जा रहे है।
11: 12487/88 आनंदविहार जोगबनी आनंदविहार सीमांचल एक्सप्रेस के राधिकापुर लिंक को बन्द किया जाएगा।
12: 14041/42 दिल्ली देहरादून दिल्ली मसूरी एक्सप्रेस की नजीबाबाद में कटने वाली हरिद्वार लिंक कोचेस को बन्द किया जाएगा, गाड़ी केवल दिल्ली देहरादून के बीच ही चलेगी।
13: 17247/48 नरसापुर धर्मावरम नरसापुर एक्सप्रेस की मच्छलिपटनाम लिंक को बन्द कर गाड़ी केवल धर्मावरम नरसापुर के बीच ही चलेगी।
14: उसी प्रकार 57264/65 नरसापुर विसाखापट्टनम नरसापुर सवारी गाड़ी की मच्छलिपटनाम लिंक को भी समाप्त किया जा रहा है, गाड़ी केवल नरसापुर विसाखापट्टनम के बीच चलेगी।
15: 13351/52 धनबाद अलापुझा धनबाद की 18189/90 टाटानगर लिंक चलती थी। दोनोंही गाड़ियोंको अलग कर 13351/52 को सीधी धनबाद अलापुझा धनबाद एक्सप्रेस और 18189/90 को टाटानगर एर्नाकुलम टाटानगर एक्सप्रेस ऐसी सेपरेट गाड़ियोंमे चलाया जाएगा।
पार्ट 2 में 10 जोड़ी लिंक गाड़ियाँ ऐसी है, जिन पर अभी कोई फैसला नही किया गया है।
1: 12311/12 हावड़ा कालका मेल के कालका कोचेस
2: 13009/10 हावड़ा देहरादून हावड़ा दून एक्सप्रेस के हरिद्वार कोचेस
3: 12687/88 मदुराई देहरादून मदुराई एक्सप्रेस के 22687/22688 मदुराई चंड़ीगढ़ मदुराई कोचेस
4: 14095/96 दिल्ली सराय रोहिल्ला कालका दिल्ली सराय रोहिल्ला हिमालयन क्वीन एक्सप्रेस के नौ कोचेस भिवानी कालका के बीच चलते है।
5: 14265/66 वाराणसी देहरादून वाराणसी के हरिद्वार कोचेस
6: 22659/60 कोचुवेली देहरादून कोचुवेली के हरिद्वार कोचेस
7: 19565/66 ओखा देहरादून ओखा उत्तरांचल एक्सप्रेस के हरिद्वार कोचेस
8: 15013/14 जैसलमेर रानीखेत जैसलमेर एक्सप्रेस के 25013/25014 रामनगर लिंक कोचेस
9: 15035/36 दिल्ली काठगोदाम दिल्ली उत्तर सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस की रामनगर लिंक जो 25035/25036 नम्बर से चलती है।
10: 12779/89 हजरत निजामुद्दीन वास्को हजरत निजामुद्दीन गोवा एक्सप्रेस के हुबली कोचेस