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पूर्व मध्य रेल ने भी जारी की 10 जोड़ी स्पेशल गाड़ियोंकी लिस्ट

अब तक हमने आपको पश्चिम रेलवे, दक्षिण पश्चिम रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे के चलाए जा सकने वाली ज़ोन से प्रस्तावित गाड़ियोंकी लिस्ट बताई थी। अभी अभी हमारे पास पूर्व मध्य रेलवे की जारी की गई लिस्ट भी आई है। इसमें पश्चिम रेलवे की भी कुछ गाड़ियाँ रिपीट हुई है खैर।

1: 03307/03308 धनबाद-फिरोजपुर गंगा सतलज डेली एक्सप्रेस (13307/13308) गोमोह, गया, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, वाराणसी, जौनपुर, शाहगंज, अयोध्या, फैज़ाबाद, लखनऊ, बरेली, मोरादाबाद, लक्सर, सहारनपुर, अम्बाला, लुधियाना, नाकोदर होकर

2: 09063/09064 उधना दानापुर उधना द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस (19063/19064) नंदुरबार, जलगाँव, भुसावल, जबलपुर, कटनी, सतना, प्रयागराज जंक्शन, वाराणसी, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, आरा, बक्सर होकर

3: 02561/02562 जयनगर नई दिल्ली जयनगर स्वतंत्रता सेनानी डेली एक्सप्रेस (12561/12562) दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, छपरा, बलिया, गाजीपुर सिटी, वाराणसी, ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, गाज़ियाबाद होकर

4: 20801/20802 इस्लामपुर नई दिल्ली इस्लामपुर मगध डेली एक्सप्रेस, पटना, दानापुर, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, टूंडला, अलीगढ़ होकर

5: 22355/22356 पाटलिपुत्र चंड़ीगढ़ पाटलिपुत्र द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस, दानापुर, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, वाराणसी, सुल्तानपुर, लखनऊ, बरेली, मोरादाबाद, रुड़की, सहारनपुर, अम्बाला होकर

6: 02355/02356 पटना जम्मूतवी पटना अर्चना द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस (12355/12356) दानापुर, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, वाराणसी, प्रतापगढ़, रायबरेली, लखनऊ, बरेली, मोरादाबाद, रुड़की, सहारनपुर, अम्बाला, लुधियाना होकर

7: 09053/09054 सूरत मुजफ्फरपुर सूरत साप्ताहिक एक्सप्रेस (19053/19054) वडोदरा, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मकसी, गुना, बिना, झाँसी, टूंडला, कानपुर, फैजाबाद, आजमगढ़, छपरा, हाजीपुर होकर

8: 09313/09314 इन्दौर राजेन्द्रनगर इन्दौर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस (19313/19314) उज्जैन, भोपाल, बिना, झाँसी, कानपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर, वाराणसी, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना होकर

# 19321/22 यह भी इन्दौर राजेन्द्रनगर इन्दौर गाड़ी चलती है, जो कि साप्ताहिक है, मगर लिस्ट में अभी साफ नही है की द्विसाप्ताहिक वाली 19313 चलेगी या यह। अतः रेल बोर्ड की फाइनल लिस्ट के बाद ही तय होगा, कौनसी गाड़ी चलाना है।

9: 02397/02398 गया नई दिल्ली गया महाबोधि डेली एक्सप्रेस (12397/12398) देहरी ओन सोन, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, अलीगढ़ होकर

10: 09051/09052 बलसाड़ मुजफ्फरपुर बलसाड़ साप्ताहिक श्रमिक एक्सप्रेस (19051/19052) हालांकि यह गाड़ी पश्चिम रेलवे की लिस्ट में भी है। यह गाड़ी उधना, नंदुरबार, जलगाँव, भुसावल, जबलपुर, प्रयागराज छिंवकी, वाराणसी, छपरा, हाजीपुर होकर चलेगी।

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और भी शुरू हो रही है, स्पेशल रेल यात्री गाड़ियाँ।

पूरे भारत भर में से फिलहाल 230 यात्री गाड़ियाँ चलाई जा रही है, जिसमें कई क्षेत्र ऐसे है, जिसमे कोई भी गाड़ी नही चल रही। इन्ही असमानताओं को मद्देनजर रखते हुए रेल प्रशासन ने अपने विविध क्षेत्रीय रेल विभाग को गाड़ियोंकी लिस्ट बनाने कहा है। यज्ञपि यह गाड़ियोंके समय उनके पुराने टाइमटेबल के अनुसार होंगे, मगर नम्बर 0 से स्पेशल कैटेगरी के होंगे। इन गाड़ियोंमे केवल आरक्षित यात्रा ही की जा सकेगी। याने वर्तमान ने जो 230 स्पेशल्स चल रही है, ठीक उसी प्रकार से यह गाड़ियाँ यात्री सेवाओं में उतारी जा रही है।

हमारे पास पश्चिम रेलवे और दक्षिण पश्चिम रेलवे की संभावित गाड़ियोंकी लिस्ट आयी है, जो आपके लिए प्रस्तुत है।

पश्चिम रेलवे की शुरू की जानेवाली, सम्भावित गाड़ियोंकी लिस्ट
दक्षिण पश्चिम रेलवे की शुरू की जानेवाली, सम्भावित गाड़ियोंकी लिस्ट

पश्चिम रेलवे ने अपनी 9 जोड़ी गाड़ियोंकी लिस्ट तैयार की है। ब्रेकैट में वह ट्रेन नम्बर, जिस के स्टापेजेस, सेवा के दिन और समयसारणी नुसार स्पेशल गाड़ी चलेगी।

1: 09263/09264 पोरबंदर दिल्ली सराय रोहिल्ला पोरबंदर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस अहमदाबाद, मारवाड़ जंक्शन, अजमेर, जयपुर, रेवाड़ी होकर (19263/19264)

2: 09269/09270 पोरबन्दर मुजफ्फरपुर पोरबंदर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस अहमदाबाद, मारवाड़ जंक्शन, अजमेर, जयपुर, रेवाड़ी, दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, नरकटियागंज होकर(19269/19270)

3: 02921/02922 बांद्रा टर्मिनस गोरखपुर बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, अछनेरा, मथुरा, कासगंज, कानपुर, लखनऊ गोण्डा होकर (22921/22922)

4: 09051/09052 बलसाड़ मुझफ़रपुर बलसाड़ साप्ताहिक श्रमिक एक्सप्रेस उधना, नंदुरबार, जलगाँव, भुसावल, जबलपुर, कटनी, सतना, वाराणसी, छपरा, हाजीपुर होकर(19051/19052)

5: 02913/02914 बांद्रा टर्मिनस सहरसा बांद्रा टर्मिनस हमसफ़र साप्ताहिक एक्सप्रेस (22913/22914) उधना, नंदुरबार, भुसावल, जबलपुर, कटनी, सतना, प्रयागराज छिंवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना, खगड़िया होकर

6: 02971/02972 बांद्रा टर्मिनस पटना बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस (22971/22972) उधना, नंदुरबार, भुसावल, जबलपुर, कटनी, सतना, प्रयागराज छिंवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, होकर

7: 02961/02962 मुम्बई सेंट्रल इन्दौर मुम्बई सेंट्रल अवंतिका डेली स्पेशल (12061/12962) सूरत, वडोदरा, रतलाम, नागदा, उज्जैन होकर

8: 02911/02912 इन्दौर हावड़ा इन्दौर क्षिप्रा स्पेशल त्रै साप्ताहिक (22911/22912) उज्जैन, भोपाल, बिना, कटनी मुड़वारा, सतना, प्रयागराज छिंवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, गया, गोमोह, आसनसोल, दुर्गापुर होकर

9: 09115/09116 दादर भुज दादर डेली स्पेशल (19115/19116) सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, गांधीधाम होकर

दक्षिण पश्चिम रेलवे की 5 जोड़ी सम्भावित गाड़ियाँ

1: 06587/06588 यशवंतपुर बीकानेर यशवंतपुर द्विसाप्ताहिक स्पेशल (16587/16588) हुब्बाल्ली, सोलापुर, पुणे, कल्याण, वसई रोड, सूरत, वड़ोदरा, अहमदाबाद, मारवाड़, जोधपुर, मेड़ता रोड होकर

2: 06535/06536 मैसुर सोलापुर मैसुर गोल गुम्बज डेली स्पेशल (16535/16536) बेंगालुरु, हुब्बाल्ली, बागलकोट, विजयपुरा, होतगी होकर

3: 02253/02254 यशवंतपुर भागलपुर यशवंतपुर अंग स्पेशल साप्ताहिक एक्सप्रेस (12253/12254) जोलारपट्टी, काटपाडी, रेनिगुंटा, गुडुर, विजयवाड़ा, विसाखापट्टनम, हावड़ा, आसनसोल, मधुपुर, जसीडीह, जमालपुर होकर

4: 02627/02628 बेंगालुरु नई दिल्ली बेंगालुरु कर्णाटक डेली स्पेशल (12627/12628) धर्मावरम, गुंटकल, वाड़ी, सोलापुर, दौंड, मनमाड़, भुसावल, भोपाल, झाँसी, मथुरा होकर

5: 06539/06540 बेंगालुरु मैसूरु बेंगालुरु सप्ताह में 6 दीन रविवार छोड़कर # यह नई गाड़ी की घोषणा है, इसके टाइमटेबल की प्रतीक्षा करनी होगी।

पश्चिम मध्य रेलवे की 2 जोड़ी गाड़ियाँ

पश्चिम मध्य रेलवे की 2 जोड़ी गाड़ियाँ भी शुरू की जाने का प्रस्ताव है ऐसी खबर है, लेकिन उसका कोई आधार हमारे पास नही है। वह विशेष गाड़ियाँ, 22981/82 कोटा श्रीगंगानगर कोटा एक्सप्रेस सप्ताह में 4 दिन और 12181/82 जबलपुर अजमेर दयोदय एक्सप्रेस हो सकती है।

वैसे इन 14 जोड़ी गाड़ियोंके अलावा और 36 जोड़ी और गाड़ियोंकी घोषणा अपेक्षित है, जो की बचे 15 क्षेत्रीय विभाग की लिस्ट जारी होते ही कि जाएगी।

एक बात का ध्यान यात्री और विशेष रूप से रखे, यज्ञपि यह स्पेशल गाड़ियाँ उनके पुराने पाथ और स्टापेजेस के अनुसार चलनी है, मगर कुछ स्टापेजेस सम्बंधित राज्य शासन संक्रमन जाँच सुविधाओं के अभाव के चलते रद्द भी कर सकती है, अतः गाड़ियों की घोषणा रेल विभाग से होने के बाद समय समय पर जो भी बदलाव किए जाएंगे उन पर नजर रख कर ही अपनी रेल यात्रा का नियोजन कीजिए।

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झुक झुक गाड़ी

सही मायने में झुक झुक गाड़ी!

आज कल के बच्चोंने तो शायद ही भाँप से चलनेवाले इंजिन और रेल गाड़ियाँ देखी होंगी। मुझे याद है, 1990 तक मेरे घर के सामने से दिन में 3 बार भुसावल – सूरत ट्रेन जाती थी और 3 बार आती थी। इन के समय सुबह 8 से 9 के बीच 1 जोड़ी, शाम 6 से 7 के बीच दूसरी और रात 1 से 2 के बीच तीसरी। अब आप यह पूछोगे यही 3 जोड़ी गाड़ियोंकी बात क्यों? भई, यह गाड़ियाँ तब भी स्टीम याने भाँप के इंजिन स चलती थी। चूँकि भुसावल मुम्बई विद्युतीकरण हो गया था और भुसावल इटारसी, नागपुर खण्ड पर भी डीजल इंजिन्स चलने लगे थे, लेकिन भुसावल जलगाँव होकर सूरत जानेवाली सवारी गाड़ियाँ तब भी स्टीम इंजिनसे ही चलती थी और मेरा घर भुसावल जलगाव रेल लाइन से पास ही है।

तो जब यह गाड़ियाँ घर के सामने से निकलती थी, मैं दौड़ के इसकी आवाज सुनने दरवाजेपर पोहोंच जाता था। कु ssss क कर के सिटी और झुक झुक कर के चलना बड़ा मजा आता था। खास तो जब, जब इंजिन स्पीड लेने की कोशिश करता और उसके पहिए जोर से घूम जाते थे, व्वा!

देखिए आज की वीडियो। थोड़ा मजा आप को मिलेगा क्योंकी अब यह चीजें फोटो और व्हिडियो में ही देखना पड़ती है।

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रेलवे ने किया कमर्चारियों की पासेस का डिजिटलाइजेशन।

बड़े गाजेबाजेसे यह खबर तमाम रेलवे ज़ोन अपने ट्विटर हैंडल से दिए जा रहे है, की अब रेलवे कर्मचारियोंको डिजिटल पास मिलेंगे और फलाँ दिन तक ही लिखित कागजी पास चलेंगे।

पास डिजिटलाइज होने के काफी फायदे है, कर्मचारियोंको पास निकालने दफ्तर के चक्कर नही काटने पड़ेंगे और न ही ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। किसी भी जगह से, अपने मोबाईल के सहायता से कर्मचारी अपनी पास जारी करवा सकेगा। सबसे महत्व का फायदा यह है, की मैन्युअल पास में उसे ई-टिकट नही बनाते आता था, काउंटर पर ही जाकर आरक्षण बनाया जा सकता था। लेकिन डिजिटल पास में वह आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर से अपनी पास पर आरक्षण कर सकता है।

आगे यह विचार और भी है, क्या यह पास के गैरकानूनी इस्तेमाल पर अंकुश है? तो इसका उत्तर है, कुछ अंश में हाँ। जब पासेस डिजिटलाइज कर दिए जाएंगे तो उसका सारा हिसाब किताब एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगा। कौनसा कर्मचारी कहाँसे कहाँ तक का पास ले रहा है, कब यात्रा कर रहा है यह बात रेल बोर्ड से लेकर आखरी लेवल तक जाहिर रहेगी। दूसरा पास के हस्तांतरण पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। चूँकि पास को पढ़ने के लिए QR कोड का इस्तेमाल होने से सम्बंधित कर्मचारी का सारा रिकॉर्ड सामने पढा जा सकेगा। बिना आरक्षण के यात्रा की अनुमति न होने के कारण डिजिटल पास में एक बार यात्रा करने से पास समाप्त हो जाएगी अतः एक ही पास पर उसकी वैलिडिटी तक आसपास में सफर करने पर भी बन्धन आ जाएंगे।

कई कर्मचारी अनावश्यक रूप से लम्बी लम्बी दूरी के पास लेते है। यदि यह पास अतिरिक्त लम्बे मार्ग के हुए तो कर्मचारियोंको रिकवरी की नोटिसें भी मिलती है, इस डिजिटल सेवा में इसका हिसाब भी तुरतफुरत हो सकता है। जो की कर्मचारियोंके लिए ध्यान में रखने योग्य बात है।

रेल प्रशासन अपने सारे काम डिजिटलाइजेशन की ओर ले जा रही है, ऐसे में इस संक्रमण काल मे भी केवल कर्मचारियोंके और VIP टोकन के आरक्षण हेतु रेल्वेज को अपनी मैन्युअल सिस्टम फिर से शुरू करना पड़ी थी अतः रेलवे का कर्मचारियोंके पासेस और पीटीओ का डिजिटल करने में यह भी दृष्टिकोण समझ आता है।